Ganne Ke Khet Mein

बात पिछले साल की है, जब हमारे खेतों में गन्ने की बिजाई चल रही थी और मैं अपने ट्यूबबैल पर गया तो देखा कि जोमज़दूर काम करने के लिए आए थे, उनमें दो लोकल लड़कियाँ भी थीं, पास गवाण्ड की होंगी ! वैसे तो दोनों ही बहुत सुंदर थीं,पर शायद घर की हालत की वजह से उन्हें काम भी करना पड़ता था।
उन्हें देखते ही मेरा तो मन करने लगा कि उन्हें अभी पकड़ कर चोद डालूँ, पर वहाँ और लोगों के मौज़ूद होने के कारण मैंने कुछनहीं किया और मैं अपने काम में लग गया। लेकिन शायद उन दोनों में से एक ने मुझे उनकी तरफ देखते हुए देख लिया था, तोवो भी दूसरों से आँख छुपा कर मुझे देखती और शरमा कर आँखें नीचे कर लेती।
शायद उसके अंदर भी उतनी ही आग लगी थी। उसे देखने पर लगता था कि उसकी उमर सिर्फ़ 18 या 19 साल ही होगी औरउसने कभी चुदाई का मज़ा नहीं लिया होगा। तो आप समझ ही सकते है कि क्या हालत हो रही होगी उस बेचारी की। वो जब भीकाम करते-करते मेरे पास आती, तो मुस्कुरा देती। अब उसके मुस्कुराने से जो मुझे हरी बत्ती मिल गई थी, तो मैंने भी उसेआँखों से कमाद (गन्ने का खेत) में आने का इशारा किया।
आपको बता दूँ कि गन्ने की फसल बहुत ऊँची होती है, करीब 8 से 10 फीट ऊँची। उसके अंदर जाने पर बाहर से कुछ नहींदिखता है।
मेरे इशारे को देख कर वो शरमा सी गई और एक पल क लिए उसकी आँखें नीचे झुक गईं। उसने फिर से आँखें ऊपर कीं, तोमैंने भी दोबारा आँख मार दी और कमाद में आने का इशारा किया। तो उसने इधर-उधर देखा और आँखों से आने का वादाकिया।
एक पल के लिए तो मुझे भी यकीन नहीं हुआ कि इतनी सेक्सी लड़की जैसी लौंडिया सिर्फ़ सपनों में ही देख कर मुठ्ठ माराकरता था, आज वैसी ही लड़की मेरे साथ होगी। खैर मैंने किसी तरह अपने आप को संभाला और घूमता-घूमता गन्ने के खेतमें चला गया। और एक साफ सी जगह की तलाश की और उसका इंतज़ार करने लगा। करीब आधे घंटे बाद वो जंगल में पानीका बहाना बना कर कमाद की तरफ आई, तो मैंने उसे देख लिया।
वो जब कमाद के अंदर घुसी और थोड़ा अंदर आ गई, तब मैं भी उसकी तरफ बढ़ने लगा। उसके नजदीक आकर उसे पीछे सेपकड़ लिया। वो चौंक सी गई, लेकिन मुझे देखकर वो मुस्कुराई और पीछे पलटी और मेरी गाल पर चूम लिया। तो मैंने उसेअपने सीने से लगाया और कस कर पकड़ लिया।
आ… अहह… क्या नज़ारा था यारों !
शायद उसने ब्रा नहीं पहनी थी और पंजाबी सूट की फिटिंग में तो हर लड़की वैसे ही हेरोईन लगती है। मैं भी उसके माथे औरगालों पर चूमने लगा तो उसकी आँखें बंद होने लगीं। मैं उसकी गर्दन पर चूमने लगा और पीछे से उसकी पीठ और चूतड़ों परहाथ फेरने लगा।
क्या गोल-मटोल चूतड़ थे उसके यार ! एकदम टाइट !
उसने पैन्टी भी नहीं पहनी थी। मैं सलवार के ऊपर से ही उसके चूतड़ मसलने लगा। वो सिसकारियाँ भरने लगी, “अम्म…मंह…म… आह… आआहह”
मैंने एक हाथ से आगे से उसकी फुद्दी रगड़नी शुरू कर दी। क्या मस्त टाइट फुद्दी थी उसकी। मैं तो जैसे पागल ही हो गया था। मैंएक हाथ से उसकी फुद्दी रगड़ रहा था और दूसरे हाथ से उसके चूतड़। उसकी साँसें तेज़ हो रही थीं, वो ‘आहें’ भरने लगी तो मैंनेउसके होंठों को चूसना शुरू किया।
क्या होंठ थे उसके यार ! एकदम गुलाबी, गुलाब की पत्तियों की तरह और शहद की तरह मीठे।
मैंने अपना एक हाथ उसकी सलवार में डाल दिया और उसकी फुद्दी प्यार से सहलाने लगा। एकदम टाइट फुद्दी थी उसकी यारों।जिस पर एक भी बाल नहीं था। वो कसमसाने लगी। उसकी फुद्दी इतनी गर्म हो चुकी थी कि लगता था कि हाथ ही जल जाएगा।मैं उसके होंठ चूस रहा था और वो भी मेरा साथ दे रही थी।
उसने दांतों से हल्के से मेरे होंठों पर काट लिया और मुस्कुराने लगी और अपना एक हाथ नीचे ले जाकर मेरी कैपरी थोड़ी सीनीचे कर दी। फिर उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डालकर लंड सहलाना शुरू कर दिया। उसका हाथ लगते ही लंड फुफकारनेलगा।
लड़की गर्म हो चुकी थी और तैयार थी, फिर भी मैंने उसे थोड़ा सा और तड़पाना चाहा। तो मैंने नीचे बैठ कर उसकी कमीज़ थोड़ीऊपर की और उसके पेट पर चूमने लगा। फिर मैं दोनों हाथों से उसके चूतड़ प्यार से सहलाने लगा और सलवार के ऊपर से हीअपना मुँह उसकी फुद्दी पर रगड़ने लगा।
वह तो जैसे पागल सी हो रही थी और उसके मुँह से आवाजें निकलने लगीं- आह… अई… आअह… सस्स आह… आआ…आअहह स्स्स्स्स !
उसने अपनी टाँगें थोड़ी सी खोल दीं और अपनी फुद्दी को मेरे मुँह पर रगड़ने लगी। वो बहुत गर्म हो गई थी ‘अहह आआहह’ जैसीआवाजें निकालने लगी।
मैंने अपने मुँह से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी सलवार एक झटके में ही नीचे गिर गई। उसकी फुद्दी एकदमगीली हो चुकी थी, तो मैंने उसकी फुद्दी पर चूम लिया। उसने मेरा सिर पकड़ लिया और अपनी फुद्दी मेरे मुँह पर दबाने लगी। मैंउसकी फुद्दी धीरे-धीरे जीभ से चाटने लगा।
मेरी जीभ लगते ही उसके मुँह से ‘आआहह’ की आवाज़ निकली।
क्या स्वाद था उसकी फुद्दी का और मदहोश कर देने वाली खुश्बू !
मैंने अपनी एक उंगली उसके मुँह की ओर की, तो उसने झट से अपने मुँह में डाल ली और पागलों की तरह चूसने लगी। मैंनेउसकी फुद्दी को हाथों से थोड़ा सा चौड़ा किया और उसके दाने को मसलने लगा।
उसके मुँह से सीत्कारें आने लगीं- आआहह म्म्म्म मम आअहह सस्स आहह मम यार मम ऐसा ही करते रहो म्महम आहह।”
मैंने मौका मिलते ही अपनी एक ऊँगली उसकी फुद्दी में घुसा दी, तो वो सिहर उठी और फिर से उसकी एक मीठी सी ‘आह’निकल गई। उसने अपना शरीर अकड़ा लिया। मैंने उसकी फुद्दी पर दूसरे हाथ से रगड़ना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उसकीफुद्दी में अपनी ऊँगली अंदर-बाहर करने लगा।
उसके मुँह से लगातार सिस्कारियां आने लगीं। उसने जल्दी से अपनी कमीज़ उतार दी और नीचे झुक कर मुझे धकेल करलिटा दिया और मेरी कैपरी और अंडरवियर दोनों एक साथ ही पकड़ कर उतार दिए और मेरी टी-शर्ट थोड़ी सी ऊपर कर दी। वोमेरे लंड पर बैठ कर अपनी फुद्दी रगड़ने लगी और मेरी छाती पर अपने हाथ रख दिए।
मैं उसके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा। उसने झुक कर मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया और अपनी फुद्दी को मेरे लंड पर उठा-उठा कर पटकने लगी। फिर वो उठी और घूम कर मेरे ऊपर 69 पोज़िशन में आ गई।
वो मेरा लंड अपने दोनों हाथों से पकड़कर सहलाने लगी और मेरे टोपे को जीभ से चाटने लगी। मैं भी उसकी फुद्दी को पागलों कीतरह चूस रहा था। उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और गले तक उतार लिया और मुँह को ऊपर-नीचे करने लगी।
क्या बताऊँ दोस्तों, मुझे तो लग रहा था कि मैं सातवें आसमान पर पहुँच गया होऊँ।
मैंने उसकी फुद्दी में ऊँगली डाल दी, तो उसकी हल्की सी चीख निकल गई। मैं ऊँगली फुद्दी में अंदर-बाहर करने लगा। करीब दसमिनट तक हम ऐसे ही एक दूसरे को चाटते रहे। एकदम से उसका सारा शरीर अकड़ने लगा। मुझे पता लग गया कि वो अबझड़ने वाली है, तो मैंने भी उंगली तेज़-तेज़ अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी और वो भी मेरे लंड को तेज़-तेज़ चूसने लगी।
करीब 3 मिनट बाद हम दोनों एक-दूसरे के मुँह में झड़ गए। मैंने चाट-चाट कर उसकी फुद्दी का सारा रस पी लिया और वो भीमेरा सारा पानी पी गई।
फिर मैंने उसे अपने ऊपर से हटने के लिए कहा और मैं खुद उसके ऊपर आ गया और उसे चूमने लगा। वो भी मेरा साथ देनेलगी। मैंने दोनों हाथों से उसके मम्मे मसलने शुरू कर दिए। वो नीचे से अपने चूतड़ उठा-उठा कर अपनी फुद्दी ऊपर-नीचे करनेलगी। मैंने उसके दोनों मम्मों को बारी-बारी चूसा और फिर उसके ऊपर से पीछे हट गया। मैं उसकी टाँगों की तरफ बैठा औरहाथों से उसकी टाँगें फैला दीं।
मैंने उसकी फुद्दी जीभ से चाटनी शुरू कर दी, तो वो सिसकारियाँ भरने लगी, “आअहह म्म्म्मँमम आहह” और अपनी फुद्दी कोऊपर-नीचे करने लगी। उसकी फुद्दी से पानी रिसने लगा और मेरा लंड भी तैयार हो गया था, तो मैंने देर ना करते हुए उसकीटाँगों को थोड़ा और फैलाया और उसकी टाँगों के बीच में बैठ गया और अपना लंड उसकी फुद्दी पर रगड़ने लगा। वो भी अपनीफुद्दी को मेरे लंड को लीलने के लिए उठाने लगी, तो मैंने लंड उसकी फुद्दी के छेद पर टिका कर धीरे से दबाया तो लंड फिसल करऊपर आ गया।
उसके मुँह से बस ‘आआहह’ जैसी आवाज़ आ रही थी।
मैंने दोबारा कोशिश की और थोड़ा ज़ोर लगाकर लंड को अंदर धकेला तो लंड फुद्दी को चीरता हुआ 2 इंच अंदर घुस गया। उसकेमुँह से एक ज़ोरदार चीख निकली।
मैंने झट से अपना हाथ उसके मुँह पर रख दिया ताकि कोई सुन ना ले। मैंने उसका मुँह अपने हाथ से थोड़ा और दबाया औरएक ज़ोरदार झटका मारा और लंड उसकी फुद्दी चीरता हुआ पूरा अंदर घुस गया। उसकी चीख बस दब कर ही रह गई, लेकिनउसकी आँखों में आँसू आ गए। शायद उसकी सील टूट गई थी।
उसकी इतनी टाइट फुद्दी की वजह से मेरे भी लंड में थोड़ा सा दर्द होने लगा, तो मैं कुछ देर वैसे ही पड़ा रहा और उसके होंठ औरगाल चूमता रहा। थोड़ी देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी और नीचे से अपनी फुद्दी को धीरे-धीरे ऊपर उठाने लगी, तो मैं समझगया कि उसका दर्द मज़े में बदल गया है।
तो मैं भी अपने लंड को धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।
वो अब सिसकारियाँ भरने लगी थी। उसके मुँह से बस मादक सीत्कारें आ रही थीं- आहह आआहह ज़ोर से, और ज़ोर सेआअहह, और तेज़ और तेज़ अहह म्म्म्मआममम।
तो मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी। मैं लंड को तेज़-तेज़ अंदर-बाहर करने लगा। वो भी ज़ोर-ज़ोर से अपने चूतड़ उठा-उठाकर फुद्दी ऊपर-नीचे कर रही थी और आअहह आआअहह कर रही थी।
करीब 20 मिनट बाद हम दोनों ही चरम सीमा पर पहुँच गए। उसका बदन अकड़ने लगा और वो एक झटके में ही झड़ गई।मैंने भी अपने धक्कों की गति और तेज़ कर दी और करीब 5 मिनट बाद ही मैं उसकी फुद्दी में ही झड़ गया। हम 15-20 मिनटऐसे नंगे ही एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे। हम दोनों ही एक-दूसरे को चूम रहे थे।
उसने मुझे ‘आई लव यू !’ कहा और उसे इतना मज़ा देने के लिए थैंक्स कहा। उसका नाम किरण है और वो हमारे पास के गाँवसे ही है, बारहवीं के इम्तिहान देकर चुकी है, उसने मेरा नंबर ले लिया और मौका मिलने पर दोबारा मज़ा लेने के लिए वादाकिया।

loading...

Leave a Reply