Desi sex stories Archive

सबूत

घना अंधेरा और उपरसे उसमें जोरोसे बरसती बारीश. सारा आसमंत झिंगुरोंकी ‘किर्र’ आवाजसे गुंज रहा था. एक बंगलेके बगलमें खडे एक विशालकाय वृक्षपर एक बारीशसे भिगा हूवा उल्लू बैठा हूवा था. उसकी इधर उधर दौडती नजर आखीर सामने बंगलेके एक खिडकीपर जाकर रुकी. वह

छोटा भाई

मेरा नाम आशा है । मेरा छोटा भाई दसवी मैं पढ़ता है । वह गोरा चिट्टा और करीब मेरे ही बराबर लम्बा भी है । मैं इस समय24 की हूँ और वह 21का । मुझे भैय्या के गुलाबी होंठ बहूत प्यारे लगते हैं ।

राधा – अंकल लगे रहो

राधा के पति की मृत्यु हुए करीब एक साल हो चुका था, उनका छोटा सा परिवार था, उनके कोई बच्चा नहीं हुआ तो उन्होने एक 10 वर्ष की एक लड़की गोद ले ली थी, उसका नाम गौरी था। वो भी अब जवानी की दहलीज

जन्मदिन पार्टी

आज उसका जन्मदिन था। वो काफ़ी उत्साहित थी। उसे पता था कि डैडी ने उसके जन्मदिन के लिए शाम को पार्टी रखी है। वो जल्दी जल्दी उ कर फ्रेश होकर हॉल में आ गई। जब वो हॉल में आई तो सिर्फ़ डैडी ही बै

चस्का चाची का

यह कहानी मेरे एक मित्र की सच्ची कहानी है और इसमें थोड़ा सा रोल मेरा भी है। आज मेरे दोस्त से मेरी बात हो रही थी तो वो बोला- इस घटना को ISS MOBI पर लिखो ताकि हमारी मस्ती की बातें पढ़ कर सब

मौसी की फूली हुई चूत

चोदोचुदो डॉट कॉम के सभी पाठको को मेरा नमस्कार l मेरा नाम रुपेश है मैं २७ साल गुड फिजिक हूं। ये मेरी पहली कहानी है और मेरा ये पर्सनल एक्सपीरियन्स है। बात उस समय की है जब मैं २४ साल का था। मैं अपनी

परिवार में रासलीला

मेरा नाम पार्थो है और मैं अपने मा बाप का एकलौता बेटा हूँ. मैं २८ साल का हूँ। मैं रोज़ एक्स्सरसाइज़ करता हूँ और नहाने के पहले शरीर पर खूब तेल मलता हूँ। मेरी तंदुरुस्ती इसीलिए काफी अच्छी है। मेरा लड करीब १०” लम्बा

रच्चू की चुदाई वड़ोदरा में

स्तों मेरा नाम मोनू है…मैं शादी शूदा हूँ…और वड़ोदरा में रहता हूँ…लेकिन मेरी बीबी कई सालों से मुझसे अलग रहती है…हमारे बीच डिवोर्स का केस चल रहा है…अकेले रहते-रहते कई साल हो गए हैं…दिन तो कट जाता था लेकिन रात काटना थोडा मुश्किल होता

निक्की, दोगी, आज तो सच में

कोई चार साल के बाद मैं, निक्की, अपने मायके दिल्ली आई थी और अपने छोटे भाई के यहाँ ठहरी थी जो बाहर काम करता था और मेरे आने का सुन कर वो मुझ से मिलने आया हुआ था। रोज़ ही किसी ना किसी के

मेरी पहली मांग भराई

एक-एक चुदाई जिस्म में आग लगा देती है, चूत की प्यास बढ़ने लगती है, दिल करता है जल्दी से सलवार का नाड़ा खोल लूँ और पास पड़ी कोई चीज़ घुसा दूँ या ऊँगली घुसा दूँ, अपने किसी आशिक को बुला कर रंगरलियाँ मना लूँ