ससुर ने मेरी चूत ले डाली

मेरी शादी को अभी सिर्फ 20 दिन ही हुए थे

हाई चूत प्रेमी दोस्तों….. उस समय मैं 20 साल की ही थी जब मेरी शादी हो गयी थी. मेरे ससुर, पति और ननद की सब बातें मानने और उन सब की इज़्ज़त करने के लिए मुझे मेरी मां ने कहा था. मेरा पति आर्मी में था और वो उस समय 25 साल का था. मेरे ससुर और ननद ही मेरे साथ ससुराल में रह गए क्योंकि मेरी शादी के 15 दिन बाद ही वो ड्युटी पर चले गए. मेरे ससुर ने भेजने से मना कर दिया जब मेरा भाई मुझे लेने आया और कहा – मेरी देख-भाल कौन करेगा अगर बहु चली जायेगी तो और फ़िर नैना भी जाने वाली है. नैना बहु को सारे काम और घर का बता देगी यदि ये दोनो 5-6 दिन साथ रहेंगी. मैं, मेरी ननद और ससुर ससुराल में रह गए और मेरा भाई चला गया. मेरे भाई के जाते ही मेरी ननद नैना ने मुझे पास बुलाकर मुझे छेड़ने लगी और मैं भी नैना को छेड़ने लगी.

ननंद के साथ चूत में ऊँगली डाल के मस्ती

हमे कोई डर नहीं था क्योंकि मेरा ससुर उस समय किसी के घर गया था. मुझे मजा आ रहा था जब नैना मुझे छेड़ रही थी वो अपने हाथ को मेरे गांड और चूचियों पर चला रही थी, मेरे मुंह से सिसकिआं निकल रही थी और नैना का हाथ मेरे चूचियों को जोर-जोर से दबाने लगी तब मैं भी नैना की चूचियां दबाने लगी. धीरे-धीरे नैना ने मेरे कपड़े उतार दिये और मेरा नंगा और कच्चा बदन देख के उस ने मेरी गांड और चूत में उंगलियां डाल दी. मैंने कहा- नैना, मेरी तो फ़ट गयी. उसने कहा-कोइ बात नहीं भाभी जब पिताजी चोदेंगे तो नहीं फ़टेगी. मैं समझ नहीं पाई और नैना मुझे छेड़ती रही मैं भी नैना के साथ मस्ती करती रही, की तभी मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया. दरवाजा बाहर से बंद करते हुए नैना ने कहा- भाभी थोड़ी देर रुक जाओ कपड़े मत पहनना मैं बाहर जाकर आती हूँ. मैं नंगी ही थी, वो घर से बाहर जाकर पिताजी को साथ ले आयी. आते ही उसने कहा-भाभी अब पिताजी से चुदवाओ तुम्हें काफ़ी मजा आयेगा.

ससुरजी ने बुर फाड़ ही डाली

पिताजी ने अपने कपड़े उतार दिये और उनका 8 इंच का लंड खड़ा था. मेरी चूत में खुजली होने लगी, जैसे ही मैने पिताजी यानी की ससुर का खड़ा लंड देखा. पिताजी मेरे पास आये और मेरी चूचियां पीछे से पकड़ ली उनका लंड मेरी गांड पर गरम-गरम लग रहा था. मुझे नैना के छेड-छाड़ से भी ज्यादा मज़ा आ रहा था, मेरी चूत भी काफ़ी गीली हो गयी थी और पिताजी का लंड और भी टाइट हो गया था.पिताजी ने मेरे को सीधा किया और बेड पर सुला दिया और मेरी दोनो टांगे उठा के मेरी चूत चूसने लगे. मेरी मस्ती बहुत ज्यादा ही बढ़ गयी थी और मैं जोर-जोर से सिसकने लगी. पिताजी ने कहा- बहु तू देख नैना मेरा लंड चूस रही है और अब मेरा लंड तेरी चूत में आराम से जायेगा, मैने देखा- नैना सच मुच पिताजी का लंड मुंह में डाल कर चूस रही थी. उसके मुंह से लंड निकाल कर पिताजी ने मेरी दोनो टांगे उठा के लंड का धक्का मेरी चूत पर मारा और मेरी चूत फ़ट गयी. मैं चिल्लाई पिताजी मेरी चूत फट गई, छोड़ो ना, पर पिताजी नहीं माने और जोर-जोर से 20-25 धक्के मेरी चूत में मारे. फ़िर मेरा दर्द कम हो गया और मुझे मजा आने लगा.5-6 मिनट बाद मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया और पिताजी का लंड भी झड कर हलका हो गया. घर की चुदाई में मुझे भी आज बहुत मजा आ गया…!
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