शादी से पहले प्यार part 2

मैं: पर …

संगीता: मैं अभी ठीक हूँ… अभी डेढ़ महीना हुआ है प्रेगनेंसी का और आप ऐसे ध्यान रख रहे हो जैसे नौवां महीना हो|

मैं: तुम जान हमारी हो… तुम्हारे लिए कुछ भी कर जाऊँगा
मत कर जुदा मुझे खुद से…तेरी कसम मैं मर जाऊँगा!

संगीता ये सुन के शर्मा गई और जाके माँ से लिपट के अपना मुँह छुपा लिया|

माँ: तू ना…देख रहे हो जी?

पिताजी: हाँ भई देख रहा हूँ! बहुत प्यार करता है ये बहु से!

फिर उन्होंने मेरा कान उमेठा और कहा की;

पिताजी: कल से काम पे आजा …साइट पे लेबर तंग करते हैं! और रात का ओवरटाइम संतोष संभाल लेगा! यहाँ तेरी माँ है….वो बहु का अच्छे से ख्याल रखेगी!

संगीता: तो पिताजी Family Holiday पक्का ना?

पिताजी: हाँ बहु पक्का!

ये सुन के आयुष और नेहा भी खुश हो गए! तो Guys इस तरह से मेरा Honeymoon Family Holiday में बदल गया| ये सुन के आपको हँसी तो आएगी…पर अगर कोई इंसान सिर्फ कसम से बंधे होने पर PUB में जा के पानी पी के गुजर कर सकता है, तो अपने Honeymoon को Family Holiday बनाने पे मुझे ख़ुशी ही हुई!
So we’ll be off to Munnar from 24th December to 2nd January! Moving on …
कल रात संगीता बहुत इमोशनल हो गई! वो भी इसलिए क्योंकि वो माँ के साथ बैठ के “Major Saab” देख रही थी| (My mom’s favorite movie) Oh comeon यार…its just a movie! That’s what I told her. Here’s what happened;

माँ और संगीता ड्राइंग रूम में बैठ के मूवी देख रहे थे! मूवी में एक सीन आया जहाँ मेजर साहब की पत्नी डिलीवरी के बाद उनसे कहती हैं की “आपको मेरी जगह अपने बच्चे को बचाना चाहिए था|” अब ये सुन्ना था की वो इमोशनल हो गई| मैं कमरे में बैठा कल रात वाली अपडेट टाइप कर रहा था| मेरे पूछने पे उन्होंने सब बताया|

मैं: यार Its just a movie.

संगीता: नहीं आप ये बताओ की अगर मेरी डिलीवरी होते समय ऐसा हुआ तो आप बच्चे को ही बचाओगे ना?

मैं: कतई नहीं!

संगीता नहीं …आपको मेरी कसम!

मैं: Sorry …इस बार मैं आपकी कोई कसम नहीं मानने वाला, फिर भले ही मुझे आपके गुस्से का सामना करना पड़े| I Love You and you’re always my first priority!

संगीता: पर आपके बाप बनने का सुख? आप को उस बच्चे को अपनी गोद में खिलाना है…और …

मैं: बाप बनने का सुख आपने मुझे दे दिया है| बस अब मैं इस बारे में और बात नहीं करना चाहता!

मैंने उन्हें चुप तो करा दिया पर वो पलंग पे बैठ गईं और गुम-सुम हो गईं|

मैं: क्या हुआ बाबू? (मैंने बड़े प्यार से पूछा)

संगीता: आप मुझसे इतना प्यार करते हो?

मैं: अब भी आपको पूछना पड़ रहा है? आपको कोई शक है?

संगीता: कभी-कभी लगता है की मैं आपको समझ ही नहीं सकती| You’re so unpredictable!

मैं: I’ll take that as a complement! Now no more रोना-धोना…okay?

उन्होंने हाँ में सर हिलाया और चली गईं|
P.S. 23rd को उनका Birtday है! And I’m planning a surprise for her! Will let you know guys on 24th! Till then Ta ..Ta..!!!

So guys here’s how I made her birthday special!

वैसे करने को तो मैं बस एक restaurant में उन्हें और बच्चों को (not to mention की मैं अपने माता-पिता को भी साथ ले जाता|) खाना खिलता and birthday treat was over. But instead I planned this:

23 दिसंबर को मैं साइट से जल्दी भाग आया और रास्ते में मैंने अपनी ID से एक नया नंबर ले लिया| घर आके मैंने अपना फोन संगीता के पास छोड़ा और अपना दूसरा फोन अपनी जेब में ही रखे बाथरूम में घुस गया| दरअसल मैं दो फ़ोन Use करता हूँ एक सिंगल sim और दूसरा डबल sim! बाथरूम से मैंने अपने पुराने नंबर पे मैसेज टाइप किया:

“मानु जी…

मैं आपको रोज आते-जाते हुए देखती हूँ! आप बड़े smart दीखते हो..पर आज अपने चेक शर्ट क्यों पहनी? कल प्लीज ब्लू पहनना!

माया”

मैंने वाकई में उस दिन चेक शर्ट पहनी थी| मैं जानता था की इसका रिएक्शन बड़ा जबरदस्त होगा| इसलिए मैंने जान बुझ के अपना नया sim निकाल दिया और बाहर आ गया| बाहर आके देखा की संगीता फोन कर रही है…उसी नंबर पे!

संगीता: (फोन काटते हुए) ये माया कौन है?

मैं: माया? (मैंने अपनी हैरानगी दिखाई|) पता नहीं? क्यों क्या हुआ? (मैं थोड़ा बेसब्र हो गया था पर शुक्र है की उन्हें समझ नहीं आया|)

संगीता: ये देखो..अभो-अभी मैसेज आया है!

मैंने मैसेज पढ़ा और ऐसे दिखाया जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं|

मैं: पता नहीं कौन है?

संगीता: (संदेह करते हुए) पक्का?

मैं: हाँ यार… अगर जानता होता तो बता देता ना?

खेर रात को खाना कहते वक़्त मैंने फिर से डाइनिंग टेबल पे बैठ-बैठे चुपके से मैसेज टाइप किया और वापस अपने पुराने नंबर पे भेज दिया| फोन बज उठा और चूँकि संगीता मेरे साथ ही बैठी थी तो उसने ही फ़ोन उठाया और मैसेज पढ़ा;

“मानु जी,

आपका construction cum renovation का काम है ना?

माया”

अबकी बार तो संगीता ने फटाफट मैसेज का रिप्लाई दे दिया;

” कौन हो तुम? और ेरे बारे में इतना सब कुछ कैसे जानती हो?”

मैसेज मुझे नए नंबर पे रिसीव हुआ पर मैं देख नहीं सकता था| तो मैं बिलकुल चुप-चाप रहा. खाना खाया और फिर बाथरूम में घुस के मैसेज पढ़ा और रिप्लाई टाइप किया;

“नाम तो मैंने आपको बता ही दिया और आपका नंबर मिलना थोड़ा मुश्किल था पर यहाँ तो आपको और आपके पिताजी को सब जानते हैं तो कैसे न कैसे नंबर मिल ही गया|”

इतने में संगीता ने उसी नंबर पे फोन मिलाया …मैं जानता था संगीता के अंदर जलन की आग भड़क चुकी है पर मैंने फोन नहीं उठाया अलबत्ता काट दिया और फोन स्विच ऑफ कर दिया| जब मैं बाहर आया तो संगीता गुस्से में तमतमा रही थी|

मैं: क्या हुआ? मुँह गुस्से से क्यों लाल है?

संगीता: उस लड़की ने फिर से मैसेज किया …और मेरे फोन करने पे काट दिया| आखिर है कौन ये लड़की? गली में तो किसी का नाम माया नहीं है? कहीं ये कोई PG लड़की तो नहीं?

मैं: यार …देखो आप मेरी तरफ से एक मैसेज टाइप करो और कहो की कल आपसे मिलना चाहता हूँ|

संगीता: हैं? आप…

मैं: अरे यार हम दोनों उससे मिलते हैं? उसे समझा देंगे…शायद आपकी बात मान जाये!

संगीता: पर उसका फोन स्विच ऑफ है?

मैं: बाबू…आप भेज दो..जब ओन करेगी तब देख लेगी! अब सो जाओ!

संगीता ने मैसेज टाइप किया और फ़ोन अपने सिराहने रख के मेरे साथ रजाई में सो गई|

करीब बीस मिनट बाद मैं उठा और बाथरूम में घुस गया| मैंने फोन ओन किया और रिप्लाई किया:

“कल 01:00 बजे मैं Slice Of Italy XXXX में आपका इन्तेजार करुँगी| और प्लीज … कॉल मत किया करो..आपकी कॉल काटने में मुझे बहुत अग्फ्सोस होता है!

माया”

जैसे ही मैं बाथरूम से फोन बंद करके आया संगीतक छूटते ही बोली;

संगीता: उसका रिप्लाई आया है….कल एक बजे Slice of Italy resturant में बुलाया है| कल इससे बात फाइनल करते हैं …मैं उसे समझा दूंगी की वो हमें अकेला छोड़ दे वरना मैं पुलिस में कंप्लेंट कर दूंगी!

मैं: Wo …Wo …. Wo …. calm down dear ! कल मिलके उसे अच्छे से समझा देंगे|

अगले दिन मैं जल्दी उठा और माँ-पिताजी के पास बच्चों को उठाने के बहाने आया और पिताजी और माँ को सारा प्लान समझा दिया| Slice of Italy में मैं पहले ही कल के लिए बुकिंग कर चूका था| चूँकि बच्चों की छुटियाँ जारी थीं तो माँ-पिताजी साढ़े गयरह बजे बच्चों को रिश्तेदारों के यहाँ घुमाने के बहाने निकल गए| जाते-जाते बच्चे संगीता को देख के बहुत मुस्कुरा रहे थे और जब संगीता ने उनकी हंसी का करें पूछा तो मैंने चुपके से उन्हें चुप रहने का इशारा किया और वो अपने दादा-दादी के साथ चले गए|

संगीता: ये बच्चे मुझे देख के इतना मुस्कुरा क्यों रहे थे?

मैं: यार बच्चे हैं… आप जल्दी से Omlet खाओ और फिर तैयार हो जाओ आज उस कलमुही से बात भी तो करनी है|

दरअसल भाइयों आपको बताने की तो जर्रूरत नहीं यहाँ दिल्ली में ठण्ड जबरदस्त पड़ने लगी है और इसलिए Breakfast में देर हो जाती है| साढ़े बारह बजे हम दोनों निकल पड़े और ठीक 01:15 पे रेस्टुरेंट पहुँचे!

संगीता: लेट हो गए! अगर वो चली गई तो?

मैं: अरे यार अगर चली जाती तो SMS ओ करती!

संगीता: हाँ… पर हम उसे पहचानेंगे कैसे?

मैं: हाँ..और हमें साथ देखेगी तो घबरा ना जाये! आप ऐसा करो आगे चलो और मैं कार पार्क कर के आता हूँ!

संगीता आगे चली गई…और मुझे कौन सा कार पार्क करनी थी…Vallet वाले को बुलाया और पैसे और गाडी की चाभी दी और पीछे-पीछे भागा गया| जल्दी से माँ-पिताजी को छुपने को कहा| संगीता सीढ़ियां उत्तर चुकी थी और उसे वहाँ कुछ इक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे थे| मैंने पीछे से जाके उसके कान में कहा;

मैं: सरप्राइज मेरी जान! Happy Birthday to You!

और ये सुन के माँ, पिताजी और बच्चे जिन्होंने सर पे बर्थडे कैप पहनी थी वो पीछे से आये और संगीता को birthday wish किया! संगीता के चहरे की ख़ुशी बयान करने लायक शब्द नहीं हैं| इतनी ख़ुशी…इतनी ख़ुशी की उसकी आखें छलक आइन और वो मेरे गले लग गई|

संगीता: आप…आपने सब कुछ प्लान किया था? (उन्होंने सुबकते हुए कहा|)

और मैंने हाँ में गर्दन हिलाई|

माँ: अरे बहु…बस! आज तो ख़ुशी का मौका है!

आयुष: मम्मी..अभी तो केक भी काटना है!

संगीता फिर मेरी तरफ पलटी और उसकी आँखें अब भी नम थी| मैंने उसके आँसूं पोछे और दोनों नए जोड़े की तरह बाँहों से बाहों को लॉक किये सेंटर टेबल पे आ गए| cake का आर्डर पहले से ही दिया था और केक रेडी था, “White Forest”!!! केक पे लिखा था “Happy Birthday My Lovely Wife”!! उन्होंने केक काटा और पहला पीस मुझे पिताजी को खिलाया और उनका आशीर्वाद लिया फिर माँ को खिलाया और उनका भी आशीर्वाद लिया..अगला पीस वो मुझे खिलने वाई थीं पर मैंने वो पीएस नेहा को खिलने को कहा;

नेहा: उम्..Happy bday मम्मी!

नेहा ने संगीता के गाल को Kiss किया और उनके गाल पे भी केक लग गया| वो उसे साफ़ करने वाली थीं पर मैंने मना कर दिया फिर आयसुह की बारी थी..उसने तो आगे बढ़ के अपनी मम्मी का हाथ पकड़ लिया और खुद ही खाने लगा और फिर उसने जानबूझ के ऐसे kiss किया की उनके दूसरे गाल पे भी white केक की क्रीम का निशान पड़ गया| अब फाइनली मेरी बारी थी! उन्होंने मुझे केक खिलाया और मेरे गले लग गईं| मुझे भी शरारत सूझी और मैंने एक पीस उठा के उनके होंठ गाल और नाक तक को केक की वाइट क्रीम से रंग डाला| सब हंसने लगे! कल पहलीबार मैंने सब को PIzza खिलाया..माँ-पिताजी को तो ज्यादा पसंद नहीं आया पर बच्चों को बहुत पसंद आया| इसके आलावा Pasta और Calzone मंगाए थे| सभी कुछ अच्छे से निपट गया और हम सब एक साथ गाडी में वापस आ गए| शाम को चाय पीके पिक्चर का प्लान था वो भी “pk” मूवी अच्छी लगी सभी को except for the kiss between Sushant and Anushka … She got a bit aroused with that. Interval में जब हम दोनों popcorns लेने आये तो वहाँ मेरे ऑफिस की एक पुरानी collegue मिली| साधना उसका नाम था;

साधना: Hi Maanu !

मैं: Hi ! उम्म्म Meet my wife Sangeeta!

साधना: ओह तो ये संगीता जी हैं? क्या बात है चुपके-चुपके शादी भी कर ली और बताया भी नहीं?

मैं: हाँ ..वो… सब कुछ इतनी जल्दी हुआ की …

साधना: कोई बात नहीं..पर Treat अभी बाकी है! कब दे रहे हो?

मैं: एक्चुअली कल हम Honeymoon cum Family Holiday पे जा रहे हैं तो वापस आके प्लान करता हूँ!

साधना: What? Honeymoon cum Family Holiday !!

मैं: हाँ…its a long story …आके बताता हूँ!

साधना: okay! मिलते हैं!

वो लेडीज टॉयलेट में घुस गई और हम लाइन में खड़े थे;

संगीता: माया…साधना…और कितनों को जानते हो आप?

मैं: यार मेरी office collegue थी|

संगीता: और उसे मेरे बारे में कैसे पता?

मैं: यार उन दिनों मैं खोया-खोया रहता था…तो इसने पूछा और मैंने आपके बारे में बता दिया| मतलब Except that भौजी part …

संगीता: हम्म्म…और भी कोई है?

मैं: ना..जब मिलेगी तब बता दूँगा|

उन्होंने प्यार भरे अंदाज में मुझे प्यार से गुस्सा मारा| Anyways … मूवी खत्म हुई और हुंग़र आ गए| खाना-पीना बाहर ही था और घर आ के बस सोना था| बच्चों को किसी तरह समझा-बुझा के माँ-पिताजी के पास सुला दिया और मैं वापस बैठक में आ गया| संगीता न्यूज़ देख रही थी, मैंने चुपके से फ्रिज खोला और फूलों की थैली निकाली और बिस्तर पे सुहाग सेज जैसे सजा दिए| फिर मैंने कमरे की लाइट ऑफ की और बैठक में आके बैठ गया|

संगीता: तो और भी कुछ सरप्राइज है मेरे लिए या बस?

मैं: Speaking of surprises there’s still one left…

मैंने फोन उठाया और डैडी जी और मम्मी जी को मिलाया और संगीता की उनसे बात कराई| दरअसल पिताजी किसी काम से लखनऊ आये हुए थी और वो रात को ही घर पहुंचे थी| मैंने उन्हें दिन में ही फोन किया था पर उन्होंने कहा की मम्मी जी को भी बात करनी है| तो मुझे उनको रात में फोन करना था! अपने माता-पिता से बात करके वो बहुत खुश थी|

संगीता: मैं हैरान हूँ की मेरा जन्मदिन मुझे तक याद नहीं…माँ-पिताजी को याद नहीं..और आपको याद था?

मैं: सिर्फ याद ही नहीं …बल्कि ये कहूँ की Planned था! और Xossip पे भी सब को बता दिया था| बल्कि आप जाके wishes देख लो! सब ने wish किया है वो भी एडवांस में!

संगीता: सच? मैं अभी देखती हूँ …

हम दोनों कमरे में दाखिल होने को साथ उठे बस संगीता आगे थी और मैं पीछे, जैसे ही उसने लाइट ओन की तो सामने का दृश्य देख के उनकी आँखें बड़ी हो गईं!

संगीता: ये…आपने?

मैं: हाँ जान… अब Honeymoon तो मेरी वजह से Honeymoon cum Family Holiday बन गया..तो मैंने सोचा की आज ही क्यों न हनीमून मना लिया जाए!

She kissed me and thanked me for making this day so memorable! Then we …… you know….. the “passionate love” scene.. and after that she asked me something which made me LMAO!

संगीता: पक्का आपका किसी लड़की के साथ कोई चक्कर तो नहीं है ना?

ये सुन के मैं इतना हँसा… इतना हँसा की मेरे पेट में दर्द हो गया! आखिर जब मैं शांत हुआ तो उनकी बात का जवाब दिया;

मैं: बाबू…आपको शक है? अगर किसी और से चक्कर होता तो आज के दिन के लिए इतना प्लान करता?

संगीता: सच कहूँ तो आप पर खुद से ज्यादा भरोसा है…पर उस SMS ने और आज साधना जब मिली तो…न जाने क्यों आपको खोद देने का डर सताने लगा|

मैं: बाबू…मैं सिर्फ और सिर्फ आपसे ही प्यार करता हूँ| अगर नहीं करता तो सब से इस तरह लड़ाई ना करता-फिरता!

She was convinced and hugged me tightly. So guys this is how the day ended…on a very sweet note! Anyways, We’re off to munnar and will be back on 2nd January 2015! Then I’ll let you know what happened in Munnar may be with an extrabit of detail! I’ll be in touch with you guys…smartphone आखिर होते क्यों हैं?

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