शाकाल और नंगी हसीनाएँ part 2

गाना ” मोटे मोटे लण्डों को चूसने में बड़ा मज़ा आए !” बजने लगता है, रचना, रेशमा, रूचि, सरीना ब्रा पेंटी पहने मंच पर आती हैं और आते ही ब्रा निकाल कर फ़ेंक देती है और चूची हिलाते हुए जाकर चारों कोनों पर खड़े चार गुण्डों की लुंगी खोल देती हैं और उनके तने हुए लण्ड झुक कर 2-3 बार चूसती हैं। गुण्डे उनके चूतड़ दबा देते हैं। गाने के बोल “सखी, आज तो सेक्सी दिन है, 4-4 लौड़े चूसने में बड़ा मज़ा आए ! ” पर दो मिनट तक पेंटी पहने दूध हिलाते हुए चारों हसीनाएँ मच पर एक-एक करके चारों गुण्डों का लण्ड एक-एक बार 5-6 सेकंड के लिए चूसती हैं और आपस मैं भी सभी एक दूसरी के चुचूकों को उमेठती हैं।
गाने के बोल ” गरम गरम चूत में लण्ड घुसाने में बड़ा मज़ा ” आने पर दो गुण्डे आगे बढ़कर रेशमा और रचना को गोद में उठाकर उनकी चड्डी उतार देते हैं और घोड़ी बनाकर उनकी चूत में पीछे से पेल देते हैं और दोनों को चोदने लगते हैं। सरीना और रूचि की भी चड्डी उतार दी जाती है, दोनों गुण्डों के साथ नंगी नाचने लगती हैं और बीच बीच में उनका लण्ड भी चूसती हैं। मंच पर चुदाई, चुसाई और नाच सब साथ साथ चलता है। रचना और रेशमा के गुण्डे 10-12 शोट उनकी चूत में मारते हैं। इसके बाद दुसरे दो गुण्डे आकर दोनों को चोदते हैं। दोनों मस्ती लेती हुई चुदवाती हैं।
” गाने के बोल लण्ड चूसते चूसते चुदवाने मे स्वर्ग का मज़ा आए !” पर रचना और रेशमा अपने अपने सामने खड़े गुण्डे का लण्ड चूसने लगती हैं और दो गुण्डे अलग अलग उन्हें चोदने लगते हैं। रूचि और सरीना एक तरफ़ नंगी मटकने लगती हैं।
थोड़ी देर बाद दोनों चोदने वाले गुण्डे हट जाते हैं और रूचि, सरीना की कमर पीछे से पकड़ कर उनकी टांगें चौड़ी करके उन्हें ऊपर उठा लेते हैं और सबको उनकी चूत का दर्शन कराते हैं। एक मिनट फिर नंगा नाच चलता है। इसके बाद गाने के बोल ” ऊई माँ ऊई माँ ! लण्ड चूस चूस के खुजली हो रही तेज ! थोड़ा बढ़िया से चोद दे राजा मेरे !” पर दो नए गुण्डे आते हैं, रचना और रेशमा को घोड़ी बनाते हैं और उनकी गाण्ड में लण्ड घुसा देते हैं।
गाना थोड़ी देर के लिए बंद हो जाता है और दोनों की मंच से “ऊई, मर गई ! फट गई ! छोड़ो छोड़ो !” की आवाजें गूंजती हैं।
इसके एक मिनट बाद उनकी गाण्ड में लण्ड दौड़ने लगते हैं और जोरों की सिसकारियाँ मंच पर गूंजने लगती हैं। आधे से ज्यादा लोग अपनी गोद में बैठी रण्डियों के साथ चुदाई हाल में चोदने चले जाते हैं।
इसके बाद रचना और रेशमा उमा के इशारे पर दो अलग अलग गद्देदार सोफों पर लेट जाती हैं और गुण्डे उनकी चूत में लण्ड घुसा देते है और चोदने लगते हैं। मंच पर बाकी के चार गुण्डे साथ वाले सोफों पर बैठ जाते हैं, उनके लण्ड रूचि, सरीना, राखी और शीतल चूसती हैं।
थोड़ी देर बाद रचना और रेशमा अपने गुण्डों के ऊपर आ जाती हैं और गुण्डे नीचे लेट कर उनकी चूत चोदने लगते हैं। उनकी फटी गाण्ड अब ऊपर साफ़ चमक रही थी रूचि और सरीना वाले गुण्डे आकर अलग अलग उनकी गाण्ड पर सवार हो जाते हैं और उनकी गाण्ड मारने लगते हैं। अब दोनों की गाण्ड और चूत एक साथ पिल रही थी। मुँह सोफे से बहार निकल रहा था जिस पर उमा के इशारे पर मंच पर बचे दो गुण्डे अपने लण्ड दोनों के मुँह में डाल देते हैं, अब दोनों ३-३ लण्डों से खेल रही थीं। गाने के आखरी बोल “लण्ड चूसते चूसते चुदवाने और फटवाने में बड़ा मज़ा आए !” बज़ रहा था।
5 मिनट तक दोनों ने 2-3 आसनों में 3-3 लण्डों से पिलवाया। इसके बाद सब गुण्डे हट गए और गुण्डों ने अपनी अपनी हसीना रूचि, रेशमा, राखी, सरीना, रचना और शीतल के मुँह में वीर्य पिला दिया।
रात का डेढ़ बज रहा था। इसके बाद उमा मंच पर आई और बोली- शीतल की चूत की सेवा आज करेंगे राका ! जिन्होंने खरीदा है शीतल को २५००० रुपए में और राखी को खरीदा है राजू सेठ ने २८००० रुपए में। अब दोनों हसीनाएँ आपकी सेवा करेंगी सुबह छः बजे तक। हमारी 40 हसीन रण्डियों की बोली अभी 15 मिनट के लिए खुली हुई है, तीन हज़ार रुपए से शुरुआत है, अपनी हसीना बुक करें लण्ड सेवा काउंटर पर और बजाएं सुबह ६ बजे तक। एक कमरे में तीन लोग तक अपनी अपनी हसीनाएँ शेयर कर सकते हैं। देर न करें ! जल्दी बुक करें !
लण्ड सेवा काउंटर पर भीड़ हो गई, 32 लोगों ने लड़कियाँ बुक कीं। सभी हसीनाओं और उनके आशिकों को चुदाई हाल में भेज दिया गया। उमा ने बाहर जाने वाले दरवाजे पर बची हुई आठ लड़कियों को पतली पारदर्शी पेंटी पहना कर खुली चुचियों के साथ फूल लेकर खड़ा कर दिया। ये सब साधारण सी दिखने वाली रण्डियाँ थीं। ये रण्डियाँ अब दो हज़ार रुपए में सुबह के लिए मौजूद थीं। बाहर जाने वाले 5 लोगों को पटाने में ये सफल हो गईं, बाकी बचे लोग बाहर चले गए।

समाप्त

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