मैं कुंवारी पापा की प्यारी, चुद गयी सारी की सारी

कल रात मैं सोई थी
सपनो में खोई थी
आँख खुली तो पाया मैंने
बिन कपड़ो के बिलकुल नंगी थी
मैं चौंकी हक्की बक्की
किसने मुझे नग्न किया
भरी नींद में किसने मुझको
यूँ बिलकुल बेपर्द किया
चद्दर से ढंकने बदन जो अपना
मैंने हाथ बढ़ाये
पाया हाथ बंधे थे मेरे
पांव भी न हिल पाए
पलंग के पायों से बंधी
मैं बिलकुल मजबूर थी
कौन था जिसने बाँधा मुझको
मैं चिन्खू पर भयभीत थी
अँधेरे कमरे में इतने में
किसी ने मुझको ढांप लिया
एक मर्दानी नग्न देह ने
मुझको जैसे छाप लिया
होठों ने होठो को जकड लिया
चूचियां हाथों में कैद हुई
लोहे सा मोटा लंड हाय
लो चूत मेरी बस फट ही गयी
मदन रस भीगी चूत बेचारी
रोक न पाई धक्के को
चीर के दोनों पुत्ती को |

भूल गयी मैं कैदी हूँ
हाथ पांव बंधे हैं मेरे
चूतड उछाल उचक उचक
थे लंड के चालू फेरे.
हर फेरे में आग जगाता था
चूत से रस सरसाता था
पिस्टन सा जालिम मेरी गाडी
फुल स्पीड में दौड़ाता था.
दौड़ दौड़ हैरान हुआ
चोद चोद परेशान हुआ
अब न रोक सका खूद को
चूत में ही बेजान हुआ.

हाय मर जावां, सारा चूत में ही डाल दोगे क्या – प्यासी सोनी क्या पीके जिन्दा रहेगी…

झाड के मेरे मुह में
मेरी प्यास बुझा दो
लपेट कर जीभ में लंड
हर बूँद निचोड़ लूंगी
गले में अन्दर तक उतार दो
चूत से ज्यादा मजा दूँगी

बड़े बेशर्म जिद्दी हो
अपनी ही करते हो
चूत से मोहब्बत है
बड़ी बेरहमी से चोदते हो
तुम्हारी है सनम
आशना तेरे लंड की है
चोद लेना जैसे जी चाहे
एक बार चूस तो लेने दो

मोटा सख्त लंड दिखा
क्यों इस तरह डराते हो
क्यों नहीं सीने से लगा
भींच लेते मुझे
हथेलियों में समेट चूचियां
क्यूँ नहीं मसल देते इन्हें
गर्म करदो इतना कि न याद रहे कुछ
जब घुसे लंड बेदर्द न दर्द का अहसास रहे कुछ
चीरता हुआ चूत को गहराई तक उतर जाए
चूत के दामन पे एक सफ़ेद दाग छोड़ जाए
चहकती चूत भूल जाए चहकना
लंड के वजूद में अपना वजूद भूल जाए |

थोडा कम चुसो मेरी सोनी रानी ….
बहुत महंगा है मेरे लंड का पानी ……
चुसो इसे थोडा धीरे धीरे प्यार से …
बहुत बड़ा किया है मैंने इसे बड़ी शहादत के साथ में ……
कुछ ऐसा कर दो मेरी रानी
कभी कम न हो मेरे लंड का पानी ….
हमेशा तेरी चुदाई करता रहूँ …..
तेरी चूत के नाम की आहें भरता रहूँ …….
बेगाना हो जाओ में बाकि सारी दुनिया से ..
तेरी चूत में ही नयी दुनिया बना लू में एक …..
अपने रहेने का आशियाना बना लू एक ….
जहा चूत और लंड का मिलन हो जाए पक्का
……………
सोनी चूत चोद चोद कर परेशान हो गया हूँ में ……
अब गांड भी मारने की मेरी इच्छा है …
अकेला में कुछ नहीं कर सकता हूँ
अभी तो दिल का बच्चा हूँ में ………

मर जाउंगी मैं
कंवारी गांड है मेरी
अब तलक नहीं देखी
इसने लौंडे की हेराफेरी
कभी एक बार हौले हौले
अंगुली से जगाया था
उतने में ही दर्द ने
अपना सर उठाया था
इतने संकरे से छेद में
इतना मोटा लंड
मुझे मार ही डालेगा
यूँ भी चूत पे कब रहम किया
ये तो सरासर
मेरी गांड फाड़ डालेगा
मेरी जान तुम्हारे लंड की
बेमोल गुलाम हूँ
जो कहोगे करुँगी
पर इल्तजा है जानू
मेरी गांड पर तरस खाओ
चूत पर जैसे जी चाहे चढो
मना नहीं करुँगी

अब ऐसे शरमाओ मत मेरी सोनी रानी …..
इस मुलायमत गांड का पक्का ख्याल रखूँगा में …….
मेरे लंड से जो तुम्हे थोडा सा भी दर्द हो जाए
लंड को काट कर रख दूंगा में ……..
तुम्हारी गांड को चाट चाट कर ……
मक्खन से भी मुलायम बना दूंगा में ……..
इतना चाटूंगा तुम्हारी गांड के छेद को ……
तुम्हारी चुत से पानी बह बह कर गांड में घुस जाएगा
फिर बिना दर्द के तुम्हारी गांड में लंड पेल पाउँगा …….
तुम क्या जानो मेरी हालत तुम्हारी गांड के बिना कैसे हो गयी ……..
आवारा पागल रमता जोगी बन गया हूँ में …. ऐसे न मुझे तडपाओ यूँ …..
वादा करता हूँ न होगा कोई दर्द न कोई शिकवा ………
बस गांड का यह मेरा छोटा सा सपना …!!!
अब ज्यादा मत करो शोर
नहीं लगाऊंगा में ज्यादा जोर ..
बस मेरे लंड की छोटी से ख्वाहिश
पूरी करने दो यही एक गुज़ारिश है !!!

ना करो जुल्म
बख्श दो मुझको
ये चूत बांदी है तुम्हारी
जैसे जी चाहे चोदलो इसको
खातिर में सनम लंड की
कोई न कसर बाकी रहेगी
चूत आपकी है
हर पल बिस्तर पे बिछी रहेगी
मगर गांड मेरी अनछुई कली सी है
ज़माने की हसरतों से परे
लौंडों के साए से बचा के रखी है
न करो बेपर्दा इसे – रहम करो
न झेल पाएगी लंड की जोशेजवानी
वो ठोकरें लंड की, वो धक्के वो रवानी
लंड नहीं है जलता हुआ लोहे का सरिया
छू लो दो जल जाए जैसे आग का दरिया
कैसे मेरी गांड जी पाएगी जब भीतर घुसेगा
गांड के हर रेशे में अगन भर देगा
इस सुकुमार गांड पे रहम खाओ
जानेमन अपना जोर मेरी चूत पे आजमाओ

ओह्ह मेरी सोनी रानी
अब पी भी लेने दो थोडा पानी …….
तुम क्यूँ डरती हो इस जालिम लंड से
बुरा है यह पर दर्द को समझता है यह दिल से …
पूरा ख्याल रखेगा तुम्हारी अनछुई गांड का
चुत चोद चोद कर परेशां हो गया है यह ….
अब गांड का स्वाद चखना चाहता है यह
अब पानी न फिराओ मेरी आशाओ पर
कर दो मेरे हवाले यह चिकनी गांड ….
जानता हूँ में तुम्हारी गांड का छेद बहुत छोटा है …..
एक ऊँगली भी घुसती पर तुम्हे बहुत दर्द होता है ….
थोडा दर्द सहलो इस आशिक की खातिर
बिना गांड के मर जाएगा यह ,,,,,,
बदनाम गांड को कर जाएगा यह ……….
विशवाश न हो तो थोडा सा लंड डलवा के देख लो
दर्द हो तो एक ही पल में बहार निकाल लूँगा में ….
यह तुम्हारी गांड ने केसा जादू कर दिया है …
आँखे बंद करता हूँ तो बस गांड ही नज़र आती है ….
बस अब कर भी ले ने दो मेरे अधूरे सपने को पूरा …
वरना यह लंड रह जाएगा का अधुरा …. !!!!

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