मैं और मेरी बहु part 6

हम सभी ने अपने साथी चुन लिए और ये तय किया की पहले सीधी
साधी चुदाई करेंगे और समय के साथ ही आयेज की सोचेंगे. में
राजेश के साथ थी, रश्मि बॉब्बी के साथ और कंचन राज के साथ.

कमरे मे दो ही बिस्तर थे, इसलिए दो जोड़े बिस्तर पर चाड गये और
दो ज़मीन पर. में राजेश के साथ एक बिस्तर पर थी और वो मेरे
उपर लेट कर 69 अवस्था मे आ गया.

“चुदाई से पहले तोड़ा खेलने मे मज़ा आता है.” कहकर उसने मेरी
छूट को अपने मुँह मे भर चूसने लगा.

मेने भी उसका साथ देते हुए उसका 8′ इंची लंड को अपने मुँह मे ले
लिया. हम थोड़ी देर तक एक दूसरे के अंगों से खेलते रहे. जब चुदाई
का समय हुआ तो वो मेरे शरीर पर घूम सा गया और अपना लंड मेरी
छूट मे दल अंदर बाहर करने लगा.

शुरुआत मे वो धीमे और छोटे धक्के मार रहा था. पर जैसे ही वो
तेज़ी पकड़ने लगा मेरे मुँह से तेज सिसकारियाँ फूटने लगी. उसका हर
ढाका पहले धक्के से तेज और ज़ोर का होता था.

राजेश का लंड जब मेरी छूट की दीवारों की धज्जियाँ उड़ते हुए
मेरी बच्चे दानी पर ठोकर मरता तो में ज़ोर से सिसक पड़ती. वो एक
जंगली जानवर की तरह मुझे छोड़े जेया रहा था और मेरी सिसकारियाँ
बढ़ती जेया रही थी.

में उसके हर धक्के के साथ अपने समय के करीब आ रही थी और
जोरों से चिल्लाने लगी, “राआाजएसस्स्स्सश चूऊऊदो मुझे हााआअँ
और जूऊरों से राआजेश ओह और जूओर से राआजेश मेरा
छूटने वाला है.” मेने उसे अपने से और जोरों से चिपकते हुए
बड़बड़ा रही थी.

“हाां प्रीईटी चूओद दूओ अपनाा पानी. नहल्ल्ल दो मेरे लुन्न्ञन्द
को आअपँे प्ाअनी से. मेरीईए लुंद्ड़द्ड के लिईईए झाड़ जाओ.” कहकर
वो और जोरों से धक्के पे धक्के मार रहा था.

राजेश जितनी ताक़त से मुझे छोड़ सकता था छोड़े जेया रहा था और
मेरी छूट पानी पे पानी छोड़े जेया रही थी. उत्तेजना मे मेरा शरीर
काँप रहा था. मेने अपनी टाँगे उसकी कमर मे लपेट रखी थी और
अपने हाथों के नाख़ून उसकी पीठ पर गाड़ा रही थी.

जब मेरी छूट ने सारा पानी छोड़ दिया तो राजेश ने मुझे पलटा कर
घोड़ी बहा दिया और पीछे से मेरी छूट मे लंड पेल दिया. इस अवस्था
मे बाकी के टीन जोड़ों को भी देख सकती थी. एक जोड़ा मेरे बगल की
बिस्तर पर था और दो बाकी ज़मीन पे. मेने अपनी उत्तेजना मे इतनी
खोई हुई थी की में इन सब को एक बार के लिए भूल सी गयी थी.

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