मेरी बॉस को चाहिए लंड का बांस

हेलो दोस्तों आप सब तो जानते हो हम लड़कों के पास एक मात्र लंड ही ऐसा हथियार है जिस्पे हम गर्व कर सकते हैं। इस तरह से जब भी कोई बात आती है हम सीधा इसके उपर टाल देते हैं। मेरे लौंडे से! मेरे लौड़े पे इत्यादि। तो जानेमन ये कहानी एक दिन की है जब मैं अपने महिला बॉस से बात कर रहा था और उसने कोई ऐसी बात कर दी जिससे कि मुझे अजीब लगा और मैने कह दिया कि मेरे लंड से, मैं नहीं जानता। पता नहीं निर्मला को क्या हुआ उस दिन कि उसने कहा दुर्गेश तुम मेरे कमरे पर रात दस बजे रिपोर्ट करो। मैं अवाक रह गया, रात को दस बजे इसके कमरे पर रिपोर्ट करुं? मैं कुछ खास समझ नहीं पा रहा था कि उसने मुझे नौ बजे फिर काल किया। आ रहे हो कि नहीं तुम दुर्गेश।
मुझे अपनी नौकरी की चिंता थी, सो जाना ही था, मैने उपर वाले को मनाया, अपने को हिम्मत दिया और अपनी सेक्सी बॉस के फ्लैट की तरफ रुख किया। जैसे ही मैने उसकी कालबेल दबाई, वो दरवाजे पर मिली, लाल लाल झीनी मेक्सी में वो सेक्सी लग रही थी, गोरे गोरे देसी स्तन, एकदम लाल लाल सेव जैसे दिख रहे थे, टाईट टाईट नुकीले नुकिले, मस्त मस्त। अब मैने उसको कहा “गुड इवनिन्ग मैम” तो उसने मुझे झटका देते हुए मुझे गले लगा लिया और बोली ” भूल जाओ कि मैं तुम्हारी बॉस हूं, आज मुझे अपनी गर्लफ्रेंड समझो” उसके कमरे मे एसी चल रहा था, मैने उसको अपने तरफ इस तरह घूरते हुए देखकर भांप लिया कि उसके ईरादे नेक न थे, फिर भी मैने कहा, “मैम! आप ठीक तो हैं।” वो बोली “अरे ओ घोंचू” मैं बिल्कुल ठीक हूं। और मुझे मैम ना कहो, सोचो मैं तुम्हारी जीएफ हूं जिसका नाम निर्मला है।
मैं एकदम हकबकाया हुआ था कि उसने मुझे बाहों में भरते हुए अपने चूंचे मेरे कंधे में चुभोते हुए मेरे लंड को खड़ा करने वाली अदा के साथ कहा ” जानेमन मैं तुम्हारी दीवानी हूं, जब से तुम्हें फील्ड एसोसियेट पर ज्वाईन करवाया है, तब से मैं मेरे चूत की फील्ड में तुम्हारे लंड को बैटिंग करते हुए देखना चाहती हूं, प्लीज मुझे निराश ना करना” मैं सोच रहा था कि इस छिनाल से कैसे पिन्ड छुड़ाया जाय तब तक उसने अपनी पारदर्शी नाईटी में दिखती गोरी और चिकनी केले के खंबे की तरह जंघाओं में से काली काली पैंटी निकाल कर मेरे मुह पर फेंक दी और बोली ” लो सूंघों चूत की खुश्बु कैसी लग रही है तुम्हें, पता है पुराना डाइरेक्टर मेरी चूत की खुस्बू सूंघने के लिए मेरी पैंटी चुरा लेता था फिर भी मैने उसे अपनी चूत नही दी, पर तुम मेरे पुराने ब्वाय फ्रेंड की तरह दिखते हो इसलिए तुम्हें आज बुलाया है और सच में नौकरी भी दी थी।” अब मुझे याद आया कि उसने मेरे कम मेरिट के बाद भी मुझे सेलेक्ट कर लिया था। अब मैने कहा “येस मैम जो आप कहेंगी, मैं वैसा ही करुंगा” वैसे तो मेरा लंड उसकी चिकनी जवानी देख कर पहले से ही चोदने को तैयार हो गया था, पर इस बार मैने उसे सहमति दे दी थी। उसने कहा तो आओ ” कमान दुर्गेश, मेरे जंघाओं और गांड के एरिया को आइसक्रीम लगाके मलो” उसने मेरे को अपने फ्रीज की तरफ इशारा करते हुए कहा। मैने फ्रीज खोला तो उसमें चिल्ड बीयर, और एक व्हिस्की समेत चोको बार आइसक्रीम रखी थी।
गांड पे मली आईसक्रीम और फिर मारी चूत

मैने आईसक्रीम निकाली और अपने बास को लेटने को कहा। मैने उसकी मेक्सी को उपर उटाते हुए उसकी गोरी गांड को नंगा कर दिया। मक्ख्न की तरह चिकनी और ऐसी कि जैसे मक्खन में किसी ने एक चुटकी सिंदूर मिला के उसकी गांड का कलर बनाया हो, ऐसी गांड को देखते ही मेरा लंड धन्य हो गया। मैने उसकी गाँड पर आईसक्रीम मलते हुए एकदम से जंगली पने का शिकार होता चला गया। वो एकदम मस्त होकर के आईसक्रीम मलवाते हुए मचल रही थी। मैने उसको चोदने के लिए आइसक्रीम मलने के बाद अपनी जीभ से उसको चाटना शुरु किया। उसकी गांड पर मली आइसक्रीम पिघल कर उसकी चूत की घाटियों में जा रही थी। मैने उसको चाटते हुए उसकी चूत की घुंडी की तरफ रुख किया। वो मस्ताते हुए बोली ” चाटो मेरे राजा अगले एप्राइजल में तुम्हारा प्रमोशन असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर पर पक्का!” मैने जोर से उसकी चूत को चाटते हुए उसको खुश करने के लिए उसकी गांड में घुसे आइसक्रीम को भी साफ किया। वो एकदम मस्त हो गयी थी। उसने खड़ा होते हुए दराज खोल कर शहद निकाला और मेरे लंड पर मलते हुए उसने मेरे पेट और लंड समेत गांड को शहद से नहला दिया। मैं सोच रहा था कि वो क्या करने जा रही है। तब तक उसने नागिन की तरह जीभ लपकाते हुए अपनी जीभ मेरे अंडकोष समेत पेट और अंडकोष तक फिरानी शुरु कर दी। मैं लंड को खड़ा होते हुए देख कर सोच नहीं पा रहा था कि इसका प्रयोग कैसे करना है तबतक उसने मेरे लंड को मुह में लेकर ऐसे पीना शुरु किया जैसे वो अपनी मम्मी का स्तनपान कर रही हो। मैं देखता रह गया।
मेरा लंड एकदम खड़ा हो चुका था और जोश में मैने उसके चूंचे पकड़ कर मुह में लम्बे लम्बे धक्के लगाने शुरु कर दिए थे। वो एकदम मस्त होकर उसे सह रही थी। मुखचोदन के बाद उसने मेरे लंड को पकड़ के अपनी टांगे खोल उनके बीच में रगड़ना शुरु कर दिया। उसकी चूत की घुंडी एकदम कठोर हो रही थी और मैं उसके निप्पलों को पी रहा था। मस्त होकर चूंचे चुसवाने के साथ उसने अपनी टांगे पसार दीं थी। मैने अपना लंड उसके बुर पर रख कर चोदने के लिए उसके बालों को पकड़ कर जोरदार झटके लगाने शुरु कर दिये। वो लेती रही अंदर अंदर और अंदर, कहती रही ” चोदो मेरी जान, फाड़ दो बुर को मेरी जितना अंदर जाओगे उतना प्रमोशन कराउंगी तुम्हारा” मैने जड़ तक लंड को अंदर पेल दिया। और वो फिर भी और अंदर और जोर से कहती रही। मैं चोदता रहा उस रंडी को और वो चुदाती रही। फिर आधे घंटे तक चोदने पर वो पिचकारी मारती झड़ गयी। फिर मैने उसकी गांड को अपना निशाना बनाने के लिए उसको चूसना शुरु किया। वो अब शरमाने लगी, बोली ” ये क्या कर रहे हो, मुझे पसंद नहीं है” मैने कहा, कोई बात नही ” गिव मी ए ट्राई” पसंद आये तो ठीक नहीं तो लौँडा वापस।
और जब मैने उसकी गांड को चाटना शुरु किया तो वो अपने भारी भरकम नितंब हिला हिला कर कहने लगी ” जरा अपना लंड डालो तो अंदर, जरा देखूं कैसा लगता है, फाड़ना ना मेरी गांड को” और मैने उसकी गांड की छेद को दोनों हाथों से खोलते हुए अपनी दो उंगलियां अंदर डालकर फैलाने लगा, मेरे चार इंच चौड़े लंड को अंदर लेने के लिए उसको चौड़ा करना जरुरी था। मैने खूब फाड़ने के बाद अपना लंड अंदर डालकर पेलना शुरु किया। अब वो धक्के देते हुए अपनी गांड को झुला रही थी और कह रही थी और चोद दो मेरे राजा मेरी गांड को फाड़ दो, आह्ह्ह्! ये तो चूत मरवाने से भी बेहतर है। मैने आध घँटे तक उसकी गांड मारी और फिर उसको अपना वीर्य पिलाते हुए उसकी प्यास बुझा दी। मेरे लंड के प्रताप से मेरा प्रमोशन अगले एप्राइजल में हो गया।

छिनाल की चिकनी चूत

उससे मेरी मुलाकात पिछली ट्रेनिंग में ही हो गयी थी और मेरे से उसकी बात होने लगी थी, मैं अब उसकी चिकनी चूत को मारने की फिराक में लग गया था। अगले ट्रेनिंग कैम्प में वो हमारे बगल वाले कमरे में एलाट कराई थी अपना रुम जिससे कि हम आराम से मिल सकें। हालांकि हम सेक्सी बातें करते थे, पर अभी वो नौबत ना आई थी जिससे कि उसकी चिकनी चूत की चिकनी गलियों में मेरे लंड को टहलने का मौका मिल सके। इस रात मैने उसे फोन लगाया और कहा कि जानेमन आज मैं तुम्हारे पास आ रहा हूं। उसने पूछा प्यार करते हो मुझे? मेरा जवाब था, हमारे बीच में प्यार के अलावा सब कुछ संभव है। उसने कहा “ अच्छा आओ देखते हैं”
जैसे ही मैने अपने मित्रों को डोज देके उसके कमरे को नॉक किया, उसने दरवाजा धीरे से खोल दिया। अगल बगल के कमरों में और भी ट्रेनिंग के प्रतिभागी थे और इसलिए मैने उसको सावधानी बरतने को कहा था। उसने आराम से दरवाजा खोल कर मुझे अंदर किया और घुंडी लगा दी। मैने अंदर आते ही उसको मुझे बाहों में भींचते हुए देखा। वो मस्त होकर मुझे हग कर रही थी। ऐसा लग रहा था कि उसे इस पल का कब से इंतजार था। पर मैं तो खेल खेल में अंदर गया था, बस उसकी चिकनी चूत की चिकनाहट के बारे में सोचता हुआ।
सलमा दो बच्चों की मां थी, दोनों बच्चे सीजेरियन हुए थे, इसका मतलब ये था कि उसकी चूत में से कोई भी डिलीवरी न हुई थी। इस वजह से वो एकदम किसी आम दोचार बार की चुदी हुई लौँडिया की तरह ही थी। मैं ये बात पहले से जानता था। इस बात को ध्यान में रखते हुए मैं उसकी चिकनी चूत के टाईट होने के बारे में शत प्रतिशत आश्वस्त था और जानता था कि मुझे चुदाई का असली मजा मिलने वाला है। अब मैं आराम से उसके बेड पर बैठा था और वो मेरे पास बैठी थी। हम दोनों फोन पर तो बहुत सेक्सी बातें करते थे पर सामने आते ही मैं खामोश हो गया था। ये बात उस चुदासी रंडी को खाए जा रही थी। उसे आज जबरदस्त लंड मिलने की आशा थी मुझसे।
मैने थोड़ी देर इधर उधर की बात की। पर उसने इमोशनल अत्याचार शुरु कर दिया- आजाद तुम मुझे प्यार करते होना? किसी और को तो नहीं करते। अबे यार मैने सोचा, शादी शुदा महिला के मुह से ये सब बातें अच्छी नहीं लगतीं प्यार ही करना होगा तो किसी नयी नवेली लौँडिया से करेंगे। तुमसे काहे। अब ये बात मुझे उसकी अच्छी नहीं लगी तो साफ शब्दों में कह दिया। कि मैं तुम्हें प्यार तो नहीं करता पर हां प्यार के अलावा सब कुछ कर सकता हूं। वैसे हम दोनों अच्छे दोस्त हैं। अपनी मोटी मोटी आंखों में आंसू भरते हुए उसने मुझे देखा और मैने उठ कर बाहर की तरफ का रुख किया। मुझे एक गिल्ट या अफसोस की फिलिंग हो रही थी।
मैने जैसे ही बाहर जाने के लिए अपनी तशरीफ उठाई कि उसने मुझे पकड़ लिया और पकड़ के किस करना शुरु कर दिया। उसने नाईट शूट पहन रखा था जो पारदर्शी और बील्कुल सुहागरात के दुल्हन वाला कोस्टली आयटम था। उसने तो चुदाई की पूरी तैयारी कर रखी थी। मैने टीशर्ट और कैप्री पहन रखी थी। उसने जैसे ही अपनी बाहों में भींचा, मेरे उपर वासना का भूत चढ गया, मैं उसकी चिकनी चूत की कल्पना को साकार होते हुए देख सकता था।
मैने अपनी टीशर्ट उतार दी, मेरे कसरती बदन को वो चूम रही थी और फिर मैंने अपनी कैप्री खोल दी। मेरा लंड देसी मुख मैथुन का दीवाना है और जबतक लौंडिया अपने मुह में लँड नहीं लेती मैं उसे चोदता नहीं। इसलिए मैने उसके चूंचों को चूसते हुए उसकी मस्त मोटी गांड को टटोलना जारी रखा। वो मस्ता रही थी, पर जब मैने उसको अपना लंड मुह में लेने को कहा तो उसने कहा – “हमारे यहां इसको अच्छा नहीं माना जाता, मैं नहीं ले सकती”
हिचकिचा के नापाक लंड मुह में लिया

मैने कहा – “अगर तुम्हें नहीं चाहिए तो रहने दो मैं जाता हूं, उसने कहा “ चूंकि मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूं, इसलिए एक बार ले लूंगी मुह में हल्के से अंदर मत देना प्लीज” मैने कहा “ ओके जानेमन लो तो पहले”
जब मैने अपना लंड उसके मुह में ढीला तो उसने हिचकिचाहट के साथ उस “नापाक” लंड को अपने मुह में लिया, जैसे ही उसने अंदर मुह में सुपाड़ा लिया मैने उसके बाल खींचते हुए धक्का मार ना शुरु किया और लंड मुह के अंदर जा चुका था। उसने इसे निकालने की कोशिश की पर मैने अंदर हलक तक उतार दिया था अपना लंड्। अब वो कुछ कर नहीं सकती थी “ एक बार लो या हजार बार अब तो ले लिया बेबी मुह में लंड”
अब मेरा लंड उसके देसी मुखमैथुन से पत्थर की तरह कठोर हो चुका था। मैने उसके चूत को फैला कर झांटों को सहलाते हुए भगनाशा को मसल दिया। बुर एकदम भीग कर पानी पानी हो गयी थी और मैने लंड को उसकी चिकनी चूत के दरवाजे पर रख कर धकेलना शुरु किया। वाकई चिकनी चूत काफी टाईट थी, वरना दो बच्चों की मां को पेलने में तो काफी आसानी होनी चाहिए थी मुझे। वो सिस्कारियां मार रही थी। मेरी मार लो!! हाय अल!!!!!!!!!!!! कितना अच्छा लग रहा है मन कर रहा है ऐसे ही मर जाउं! मैने उसे चोद चोद कर निहाल कर दिया और फिर जब वो ढलने लगी तो उसे कुतिया बना कर मैने उसको बिना बताए उसकी गांड में पीछे से एक जोरदार वार किया।
उसकी चिकनी चूत तो झड़ चुकी थी पर गांड चिकनी ना थी, बेचारी एक दम से मुह के बल गिर पड़ी, उसके हाथ पैर मुड गये और वो बिस्तर पर ढेर हो गयी “हाये अल!!! मार डाला रे। उफ्फ मर जाउंगी मैं इसतरह ना करो” ये अल्फाज दो बच्चों के मां के थे। मेरे इंडियन जूनून के आगे उसकी एक न चली। मैने उसकी गांड मार ही तो ली। दूसरे धक्के में मैं उसकी गांड पर बैठा उसको चोद रहा था। आह्ह!! आह्ह्ह!! आआह्ह आह्ह्ह! के अलावा उसके मुह से और कुछ नहीं निकल रहा था।
उस सलमा खातून की चिकनी चूत की चुदाई मैने अलग अलग ट्रेनिंग प्रोग्रामों में हर शहर में की, दिल्ली, लखनउ, बरेली से लेकर अहमदाबाद तक हर जगह उसकी चिकनी चूत का आनंद लिया। आज भी उसकी चिकनी चूत की सेवाएं उपलब्ध हैं।

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