मम्मी बनी मेरे दोस्त के पापा की रखैल part 7

अंकल ने अब मेरी मम्मी की जांघों को कस के पकड़ लिया था और फैलाए हुए थे.

मम्मी अपने दाँत से, अपने होंठ दबाए हुए अंकल के बाल नोचने लगीं.

अंकल जिस तरह से, मेरी मम्मी की पैंटी को फुददी के ऊपर से चाट रहे थे, ऐसा लगा रहा था जैसे, आज अंकल मेरी मम्मी की फुददी और उनकी जालीदार पैंटी खा जाएँगे.

मम्मी ने पैंटी साइड में करके मुता था तो उनकी जांघों में और पैंटी में मूत लगी थी.

मेरी मम्मी की पैंटी को, अंकल ने और गीला कर दिया था.

अंकल, मम्मी की मूत वाली चूत चाट रहे थे.

मम्मी ने कहा – अब बर्दाशत नहीं हो रहा है, मुझसे… बहुत ज़्यादा आग लगा दी, आपने… मुझसे तो मेरे रंडीपने के किस्से बहुत सुन लिए… लेकिन आपके और आपकी माँ की चुदाई की कहानी, अभी भी अधूरी है… आग लगी हुई है, मेरी चूत में… चोदिये ना, अब प्लीज़…

अंकल ने कहा – जानू, इसी लिए तो तुझे यहाँ लाया हूँ, आज तेरी आग को शांत करूँगा… पूरी चुदाई सुनाता हूँ, जानू… लेकिन पहले ज़रा एक मिनिट, मेरी जान…

अंकल उठे और मम्मी के चेहरे के पीछे खड़े हो गये और अपने लंड को पकड़ लिया.

कुछ देर में, उनके लंड से मूत की धार निकल पड़ी.

मम्मी ने भी तुरंत मुँह खोल लिया और गटा गट अंकल की मूत पीने लगी.

उफ्फ !! नंगा नाच हो रहा था “अश्लीलता और वासना” का.. ..

अंकल ने पूरी धार मारी और फिर एक ही झटके मे, मेरी मम्मी की पैंटी खींच के निकाल दिया और अपनी पैंट निकाल के अंडर वियर उतार के नंगे हो गये.

अब अंकल और मेरी मम्मी, पूरी तरह नंगे थे.

बिस्तर पर, अंकल का लण्ड पूरा खड़ा हुआ था.

“एक दम टाइट.”

मम्मी बिस्तर पर बैठ गई और अंकल आगे होकर, घुटनों के बल आ गये.

अंकल का लण्ड, मेरी मम्मी के मुंह के सामने था.

अंकल ने, मेरी मम्मी के मुंह पर उनके बाल पकड़ते हुए अपना पूरा लण्ड मेरी मम्मी के मुंह में घुसा दिया और उनसे अपना लण्ड चुसवाने लगे.

मम्मी फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच करके अंकल का पूरा लण्ड अपने मुंह के अंदर बाहर करने लगीं.

अंकल ने, अपनी आँखें बंद कर ली थीं.

वो बड़े इत्मीनान से, मेरी मम्मी से अपना पूरा लण्ड चूसवाते थे.

अंकल ने कहा – एक मिनट रुक…

मम्मी ने मुंह से, अंकल का लण्ड निकाल लिया.

अंकल उतर के गये और अपने पर्स में से कॉन्डम ले के आए और साथ मे अपना मोबाइल भी और फिर से, मेरी मम्मी के मुंह मे लण्ड घुसा दिया.

मैंने देखा, अंकल ने बड़ी चालाकी से अपने मोबाइल को उस तरफ कर लिया था.

मेरी मम्मी, लण्ड चूसने मे मस्त थीं.

तभी अचनाक, मेरी मम्मी ने ऊपर देखा और कहा – ये क्या कर रहे है, आप… ??

अंकल ने कहा – क्या हुआ, महक… ??

मम्मी ने कहा – आप वीडियो बना रहे हैं…

अंकल ने कहा – तो क्या हुआ… ??

मम्मी ने कहा – ये ग़लत है…

अंकल ने कहा – तुम्हें क्या लगता है… मैं किसी को दिखा दूँगा… अरे, ये मैं अपने लिए ले रहा हूँ… तेरी याद जब आएगी, इसे देख लूँगा ना… कुछ नहीं तो मूठ ही मार लूँगा…

मम्मी, अब बहुत नाराज़ सी लगने लगी थीं.

अंकल ने कहा – मुझ पर विश्वास रख, महक…

अंकल ने फिर, मेरी मम्मी के बाल पकड़े और अपना लण्ड मेरी मम्मी के मुंह मे घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगे.

कुछ देर तक, ऐसा ही चलता रहा.

सॉफ दिख रहा था की मम्मी को, अब उतना मज़ा नहीं आ रहा.

उसके बाद, अंकल ने मोबाइल को टेबल पर रख दिया लेकिन मैंने देखा अंकल के मोबाइल का कैमरा इसी तरफ था.

मेरी मम्मी, टांग फैला के बिस्तर पर लेट गई.

अंकल आए और उन्होंने एक तकिया लिया और मेरी मम्मी के कमर के नीचे रख दिया और अपने हाथों से मेरी मम्मी की जांघें फैला के, अपने लण्ड का टोपा मेरी मम्मी के फुददी के ऊपर रख दिया.

उनका लण्ड, नीचे सरक के आ गया.

मम्मी ने, अपना हाथ आगे किया और अंकल का लण्ड पकड़ के अपनी फुददी मे घुसा लिया.

अंकल का टोपा, मेरी मम्मी की फुददी के अंदर था.

अंकल ने कमर आगे की और मेरी मम्मी के मुंह से – आ आ आ अहह निकल गई.

मैंने देखा, अंकल का आधा लण्ड मेरी मम्मी के फुददी मे चला गया था.

अब अंकल बोले – साली रांड़, किससे चुदवा रही है…

मम्मी ने एकदम से उचक के बोला – क्या बक रहे हैं, आप… ??

अंकल – साली छीनाल, चूतिया नहीं हूँ मैं… अच्छे से जानता हूँ, तेरी चूत कितने दिन में कितनी कसाती है… फट से, घुस गया लंड अंदर… तेरा पति तो है नहीं और मैंने तो उस दिन से तुझे चोदा नहीं…

मम्मी – आप मुझ पर, शक कर रहे हैं…

अंकल – नहीं, यकीन से कह रहा हूँ… घाट घाट का पानी पिया है, मैंने… औरत के बदन को, उससे ज़्यादा जानता हूँ… समझी… अब बता किससे चुदि…

मम्मी – यकीन कीजिए, किसी से नहीं…

अंकल – देख महक… तू किसी से चुदि भी होगी तो मुझे परेशानी नहीं… बल्कि मुझे तो मज़ा ही आएगा… मैंने कहा था, हम मज़े करेंगें… वही बातें तो हम कर रहे थे… बस मुझे, तेरा झूठ बोलना पसंद नहीं…

मम्मी – देखिए, मैंने आपको सब सच बता दिया… तो आपसे क्यूँ झूठ बोलूँगी… हाँ ये ज़रूर है की एक दो दिन से मन कर रहा था तो केला डाल लिया था… शायद इसलिए…

अंकल – ओह !! वही तो मैं सोच रहा था… मुझे मेरी महक पर पूरा भरोसा है… पर सच में महक दो लंड से तेरी चुदाई हो, कितना मज़ा आए…

अब अंकल ने धीरे धीरे कमर आगे पीछे करना स्टार्ट किया और अंकल लण्ड, मेरी मम्मी के फुददी के अंदर बाहर होने लगा.

मेरी मम्मी ने अपने होंठ अपने दाँत से दबा लिए थे और आ अह ह आ आह ह आ आ अह ह आ आह ह आ आह ह… की सिसकारियाँ ले रही थीं.

मुझे लग रहा था या तो मम्मी में अब जस्बात ही नहीं बचे या उनकी कोई इज़्ज़त ही नहीं है.

खैर, अंकल धीरे धीरे यूँही मेरी मम्मी को चोदे जा रहे थे.

अंकल ने मेरी मम्मी की जांघें को, कस के पकड़ लिया था.

अंकल के धक्के से, मेरी मम्मी के मम्मे आगे पीछे हो रहे थे.

मेरी मम्मी ने हाथ पीछे करके बिस्तर पकड़ लिया.

उनके चुचे, तन के ऊपर उठ गये थे.

मम्मी – आ आ आ अहह आ आ आ हहह आ आ अहह… बहुत अच्छा लग रहा है… यूही चोदते रहिए… आपको मज़ा आएगा, मुझे चुदवाते देखने में… बोलिए ना… उसके बाद, मुझे छोड़ तो नहीं देंगें… आ आ आहह…

अंकल ने कहा – तेरे लिए हमेशा रहूँगा, मेरी रानी… बस तू यूँही, मेरे से चिपक के रहना और मुझे ऐसे ही मज़े देना… बता ना, किससे चुदवाएगी मेरे सामने… तेरे मामा का लड़का मानेगा…

मम्मी ने कहा – नहीं… उसके सामने, मैं आपसे नहीं चुदवा सकती… मेरा ये बदन अब आपका है… आ आ आहह… जिससे चाहे, चुद्वा दीजिए…

अंकल – मेरी रानी, मैं हमेशा से जानता था… तू मेरी है… जो चीज़, मुझे पसंद आ जाती है, मैं उसे हर हालत मे पा लेता हूँ और तुझे तो मैंने पहली बार मे पसंद किया था… ढूंढता हूँ कोई लंड, अपनी रानी के लिए… तूने तो इतने लंड लिए, क्या किसी का अब नहीं ले सकती… बता ना…

इस बीच, अंकल ने कस के झटका मारा.

मम्मी के मुंह से आ अहह की चीख निकल गई.

मैंने देखा, अंकल का मज़बूत लण्ड पूरा मेरी मम्मी के फुददी में समा गया था.

अब अंकल ने मेरी मम्मी की जांघें पकड़ते हुए ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप की आवाज़ के साथ, मेरी मम्मी की फुददी मे पूरा लण्ड अंदर बाहर करने लगे.

मेरी मम्मी के चुचे, तेज़ी से अंदर बाहर ऊपर नीचे होने लगे.

मम्मी ज़ोर ज़ोर से – आ आ आ अहह आ आहह आ अहह मा आ आअ मा आअ मा आ की चीखे निकलने लगीं.

अंकल ने कहा – महक, आज मैं तेरी फुददी फाड़ दूँगा… पूरे दिन, चूत मारूँगा तेरी… मैंने आज, तेरे लिए ही अपने काम से छुट्टी ली है… आज दिन भर, तुझे चोदूंगा… तैयार रहना, पहले कहता हूँ… बाद में मत कहना, थक गई हूँ… आज, फाड़ ही दूँगा… आज बहुत गरम भी है, तेरी फुददी… पागल हो जाता है, मेरा लण्ड, जब तू अपने जवान बदन को दूसरों को नंगा दिखाने की बात करती है…

मम्मी आवाज़े निकालने लगीं और कहने लगी – तो चुदवाईए ना, मुझे किसी से… उसका लंड लूँगी और आपका चूसूंगी… गांड उछाल उछाल के कुदूँगी, उसके लंड पर… मज़ा आ जाएगा, आपको देखने में…

अंकल ने कहा – हाँ मेरी रानी… तू आज, पूरे दिन मेरी बात मानेगी तो जल्दी ही दूसरे लंड का इंतज़ाम कर दूँगा, तेरे लिए… पर याद रख, मैं तेरी गांड चोदूंगा साथ में…

मम्मी बोलीं – गाण्ड, मुँह जो चाहे चोद लेना… पहले दूसरा लंड लेकर तो आइए…

अंकल – पर हाँ महक, एक बात याद रखना… पहले तुझे अपनी गरम मूत से लंड को डिसइंफेक्ट करना पड़ेगा… मज़े के साथ साथ, सेफ्टी भी ज़रूरी है… याद रखना… भूलना मत…

अंकल चोदते हुए मम्मी से लगातार बात कर रहे थे और मम्मी – आ आ आ अहह योउ आ आहह उूउ आ आ आहह एसस्स स्स… करे जा रहीं थीं.

अब अंकल ने पूछा – बोल ना, महक… मज़ा आएगा, ना तुझे… शादी के बाद, कितने लंड से चुदि है तू… बता ना… उसमें से कोई अभी नहीं आ सकता… आ आहह, मेरी रानी… मज़ा आ गया… और ठप ठप ठप ठप ठप की स्पीड और बढ़ गई.

कुछ देर तक, अंकल ने ऐसे ही मेरी मम्मी को चोदा.

पूरे टाइम, दो लंड से चुदाई की बात चलती रही.

फिर अंकल ने, अपना लण्ड मेरी मम्मी के फुददी से बाहर निकाल लिया.

मेरी मम्मी और अंकल, दोनों की साँसें बहुत तेज़ तेज़ चल रही थीं.

मम्मी ने पूछा – क्या हुआ… ?? हो गया… ??

अंकल ने कहा – मेरी जान, कंट्रोल नहीं हो रहा था… निकल जाता… तीन बार निकल चुका है और अभी तो “खेल” शुरू हुआ है…

और उसके बाद, वो हँसने लगे.

“खेल” शब्द और दो लंड की बात से, मुझे यकीन हो गया था अंकल के दिमाग़ में कोई शातिर प्लान चल रहा है.

अंकल ने कहा – मेरी जान, कंट्रोल नहीं हो रहा था… निकल जाता… तीन बार निकल चुका है और अभी तो “खेल” शुरू हुआ है…

और उसके बाद, वो हँसने लगे.

“खेल” शब्द और दो लंड की बात से, मुझे यकीन हो गया था अंकल के दिमाग़ में कोई शातिर प्लान चल रहा है.

मुझे ये भी यकीन था, उन्होंने अपने मोबाइल में पूरी चुदाई का वीडियो बना लिया है.

खैर, जो भी हो जल्द ही सामने आने वाला था.

अब अंकल, मेरी मम्मी के बगल मे लेट गये और मेरी मम्मी को किस करने लगे और उनके चुचे मसलने लगे.

फिर एक हाथ नीचे कर के, मेरी मम्मी की फुददी भी रगड़ने लगे.

आज अंकल, पूरे मूड मे थे.

अब अंकल ने, मेरी मम्मी की एक टांग हवा मे उठा दी और अपना लण्ड धीरे से मेरी मम्मी की फुददी मे घुसा के कमर आगे पीछे करने लगे और मेरी मम्मी की फिर से चुदाई करने लगे.

अंकल का पूरा का पूरा लण्ड, मेरी मम्मी की फुददी के अंदर बाहर होने लगा.

मैंने देखा, मम्मी ने अपने हाथ आगे कर लिए थे और अपनी चुचे मसल के अंकल से चुदाई करवा रही थीं और आ अहह आ अह ह आ अहह आ अहह की सिसकारियाँ ले रही थीं.

अंकल बड़े आराम से, मस्ती के साथ, मेरी मम्मी की चुदाई किए जा रहे थे और उनका पूरा लण्ड मेरी मम्मी की बच्चादानी को छू रहा था.

अंकल कुछ देर तक यूही, मेरी मम्मी को चोदते रहे और मम्मी उनको लगतार गंदी गंदी गालियाँ बकती रहीं.

उसके बाद, वो मेरी मम्मी की टांगें फैला के मेरी मम्मी के ऊपर लेट गये और उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और उन्हें किस किया और एक हाथ नीचे कर के अपना लण्ड, मेरी मम्मी के फुददी पर रख दिया और कस के धक्का मारा.

मैंने देखा एक आ आहह की चीख के साथ, मेरी मम्मी की आँख पूरी खुल गई.

अंकल का पूरा लण्ड, मेरी मम्मी की फुददी मे समा गया था.

जहाँ मैं इस बात से डर रहा था की अंकल, मम्मी को अपने दोस्त से भी चुदवाना चाहते हैं वहीं मम्मी तो खुद मरी जा रही थीं, दूसरा लंड खाने के लिए.

मम्मी ने कहा – किसी भी तरह, मुझे दो लंड से चुदना है… वो भी इसी हफ्ते… नहीं तो आपसे भी नहीं चुदवाउंगी…

अंकल ने अपने होंठ, मेरी मम्मी के होंठ पर रख दिए और किस करने लगे और अंकल ने कहा – मैं तो डर रहा था तू कहीं बुरा ना मान जाए… तुझे तो मुझसे ज़्यादा जल्दी है… और अंकल कस कस के, अपनी गाण्ड ऊपर नीचे करते हुए मेरी मम्मी की चोदने लगे.

उन्होंने मेरी मम्मी को कस के पकड़ लिया था ताकि मेरी मम्मी हिल भी ना पाए.

मम्मी की दबी आवाज़, मेरे कानो मे आ रही थी.

अंकल ने, मेरी मम्मी को चोदते चोदते कहा – आज, तेरी मां चोद डालूँगा, महक… इतना लंड, आज तक किसी ने नहीं फुलाया मेरा… तेरी मैया की चूत, बहन की लौड़ी… इतना मज़ा देती है, कुतिया… अपनी बीवी की लेने का मन नहीं करता, दूसरी की तो छोड़… जानती है रांड़, कब से नहीं चोदा, मैंने अपनी बीबी को… तेरी बहन का भोसड़ा… छीनाल की चूत, फाड़ के रख दूँगा…

मम्मी ने कहा – बहन के लौड़े, मादर चोद… कंट्रोल कर… भोसड़ी वाले, अंदर जानवर घुस गया है… बहुत दर्द हो रहा है, तेरी मां का भोसड़ा…

अंकल ने कहा – बहन की लौड़ी… छीनाल है तू… छीनाल को, दर्द नहीं होता चाहे मर्द का लंड हो चाहे कुत्ते का या घोड़े का… मज़ा ले, आज पूरा… उस दिन, तूने मूड खराब कर दिया था, मेरा… नहीं तो, उस रात वही रुकने का प्लान था मेरा… पूरी रात तुझे चोदता… मुझे आज कसर निकालने दे… आज लंड का गुब्बारा बना दिया है तूने और ठप ठप ठप ठप ठप ठप करके मेरी मम्मी की चुदाई करने लगे.

मम्मी – चोद ले, गान्डू… साले, गाण्ड के छेद… क्या चूत में, घुसा कर मुँह से निकलेगा लंड अब…

कुछ देर चोदने के बाद – आ आहह आ आहह की आवाज़ के साथ, अंकल ने कमर धीरे धीरे हिलाना शुरू किया.

फिर, एक मिनट बाद लण्ड मेरी मम्मी की फुददी से बाहर निकाल लिया.

अंकल ने अपना पूरा वीर्य, मेरी मम्मी की बच्चादानी में गिरा दिया था.

मैंने देखा, मेरी मम्मी की फुददी से अंकल का वीर्य बाहर निकल रहा था.

अंकल, बिस्तर से नीचे उतर गये.

मम्मी ने कहा – कितनी बार कहा है, कॉन्डम लगा लिया करो… आज था, फिर भी नहीं लगाया…

अंकल ने कहा – तुझे चिंता किस बात की है… मैं हूँ ना…

उसके बाद, वो बाथरूम चले गये.

शायद, वो अपना लण्ड धोने गये थे क्यूंकि उनके लण्ड पर पूरा वीर्य लगा हुआ था.

मेरी मम्मी, वैसे ही अपनी टांग को फैलाए लेटी हुई थीं.

अंकल, अब बाथरूम से आ गये.

अंकल ने आते ही, अपना मोबाइल उठाया और कुछ देखने लगे.

मम्मी ने कहा – आपने पूरी चुदाई का भी वीडियो निकाला है ना…

अंकल ने कहा – हाँ… तो क्या हुआ… ??

मम्मी ने कहा – मुझे ये अच्छा नहीं लग रहा है… आप डिलीट करो…

अंकल ने कहा – तू मुझ पर शक कर रही है…

मम्मी ने कहा – नहीं… लेकिन किसी ने ग़लती से देखा तो…

अंकल ने कहा – तू डर मत…

मम्मी, फिर बिस्तर से उतर के बाथरूम चली गई.

अंकल ने अब, अपना अंडरवियर पहन लिया और सिगरेट जला लिया.

मम्मी कुछ देर मे, बाथरूम से बाहर आ गई.

मेरी मम्मी अभी पूरी “नंगी” थीं.

मेरी मम्मी आ कर, सीधे बिस्तर पर लेट गई.

उन्होंने अपने ऊपर, चादर डाल ली.

अंकल ने इतने देर मे सिगरेट ख़तम की, तब तक मेरी मम्मी का फोन बजने लगा.

मम्मी उठ के गई और अपने पर्स से फोन निकाला और अंकल से चुप रहने को कहा.

मम्मी वैसे ही नंगी फोन लेकर, हॉल के तरफ चली गई और दरवाज़े को बाहर से सटा दिया.

मैं शर्त लगा सकता हूँ, वो मेरे पापा का फोन था.

इधर, अंकल बिस्तर पर लेटे हुए थे.

अंकल ने अपना फोन लिया और किसी को फोन लगाया – हेलो, क्या हाल चाल… अरे अभी नहीं हुआ है, शाम तक पेलुँगा छीनाल को… शाम को ही आना, यार… अरे कहा ना, अभी नहीं मिल पाएगी… तुम्हें अभी इंतेज़ार करना होगा…

उसके बाद, अंकल ने कहा – अच्छा, सुन… रखता हूँ… अभी वो आ रही है…

उसके बाद, अंकल ने फोन रख दिया.

मैंने देखा, उसी समय मेरी मम्मी दरवाज़े खोल के अंदर आ गई.

अंकल ने पूछा – किसका फोन था… बाहर क्यों चली गई थीं…

मम्मी ने कहा – मेरे पति का फोन था…

अंकल ने पूछा – क्या कह रहा था… ??

मम्मी ने कहा – कुछ खास नहीं…

अंकल ने कहा – तूने ये क्यों कहा की तू घर में है… ??

मम्मी ने कहा – फिर, क्या कहती…

अंकल ने कहा – कह देती, जो काम वो नहीं कर पा रहा है… उसे मैं, पूरा कर रहा हूँ…

उसके बाद, अंकल और मेरी मम्मी दोनों हंसने लगे.

अब मेरी मम्मी ने अपना फोन टेबल पर रख दिया और अंकल के बगल मे आकर लेट गई.

अंकल ने मेरी मम्मी को अपने सीने से चिपका लिया था और उनकी पीठ सहला रहे थे.

अंकल ने, मेरी मम्मी से कहा – महक, मुझे सच मे तेरी ज़रूरत है… तू अपने बेटे से कह दे, हमारे रीलेशन के बारे मे…

मम्मी ने कहा – अभी समय सही नहीं है, इसका…

अंकल ने कहा – तू छुप छुप कर आती है, मेरे से मिलने और जब हम दोनों के बीच मे इतना प्यार है… क्या वो समझेगा नहीं… मैं तेरे लिए, क्या नहीं करता बता… एक पति की तरह, तेरा ख़याल रखता हूँ…

मम्मी ने कहा – मैं जानती हूँ… मैं भी उतनी ही बेताब हो जाती हूँ… आपके बिना, लेकिन डर लगता है… इसके अंजाम से, कहीं ऐसा ना हो मैं आपसे अलग हो जाऊं…

अंकल ने कहा – तुझे डर किस बात का है, पति तेरे साथ है नहीं और जब मैं हूँ यहाँ, तुझे अपने पास रखने के लिए… किस बात का डर, मैं तुम दोनों का ख़याल रखूँगा…

मम्मी ने कहा – आप मुझे टाइम दीजिए, थोड़ा… मैं धीरे धीरे उसे सब समझा दूँगी…

अंकल ने, मेरी मम्मी से कहा – देख, तुझे टाइम चाहे ले ले… लेकिन, मैं तुझे अपने से दूर नहीं होने दूँगा… चाहे, मुझे कुछ करना पड़े मैं तेरे बिना रह नहीं सकता…

मम्मी ने कहा – आप फ़िक्र मत कीजिए… मैं आपसे दूर नहीं हो सकती… लेकिन, ऐसे आपसे सबके सामने मिल भी तो नहीं सकती नहीं तो दुनिया मुझे आपकी “रखैल” कहने लगेगी…

अंकल ने कहा – उसकी नौबत, नहीं आएगी…

मम्मी ने कहा – मतलब… ??

अंकल ने कहा – मुझ पर भरोसा रखो…

उसके बाद, मेरी मम्मी के होंठों पर चूमने लगे.

मेरी मम्मी भी, अंकल का साथ देने लगीं.

अंकल फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच फुच फच कर, मेरी मम्मी के होंठ चूसने लगे और मेरी मम्मी के मम्मे दबाने लगे.

उन्होंने मेरी मम्मी का निप्पल, अपने उंगली मे पकड़ लिया और खींचने लगे.

मम्मी ने अपना होंठ, अंकल के होंठ से हटाया और कहा – दर्द हो रहा है…

अंकल ने कहा – करने दे, रानी… इसी मे मज़ा आएगा… तुझे भी और मुझे भी… और इसके बाद, अंकल मेरी मम्मी के दोनों निप्पल बारी बारी से खींचने लगे.

मेरी मम्मी, उस दौरान सिर्फ़ अपने मुंह से मा आ की चीख के अलावा कुछ नहीं कर पा रही थीं क्यूंकि अंकल ने अपने गठीले बदन से, मेरी मम्मी को जकड रखा था और मेरी मम्मी के अंग से खेल रहे थे.

अंकल बीच बीच में, मेरी मम्मी के होंठों को भी चूस रहे थे.

अंकल ने इसी दौरान, मेरी मम्मी को उल्टा लिटा दिया और ऊपर से मेरी मम्मी के पीछे के साइड से गले से लेकर, मेरी मम्मी को कमर तक चूमने लगे.

मेरी मम्मी ने अपना हाथ आगे करके, बिस्तर को पकड़ लिया.

अंकल लगातार, मेरी मम्मी के पीठ गले को चूमते चाटते रहे और बीच बीच में मेरी मम्मी के चुत्तड़ पर थप्पड़ मार रहे थे, जिससे मेरी मम्मी के माँस से भरा चुत्तड़ हीले जा रहा था.

अंकल धीरे धीरे कर के, नीचे आ गये और वो मेरी मम्मी के जांघें के दोनों तरफ घुटने करके मेरी मम्मी के जाँघ पर बैठ के झूल गये और मेरी मम्मी की गाण्ड के छेद पर पास, अपनी नाक ले जाके स्मेल करने लगे.

मैंने देखा, अंकल ने मेरी मम्मी के चुत्तड़ को अपने हथेली से फैला दिया था.

मेरी मम्मी की गाण्ड का छेद और चौड़ा हो गया था.

अंकल ने अपनी नाक, मेरी मम्मी के गाण्ड के छेद पर रख दिया और सूंघने लगे.

मेरी मम्मी ने अपने हाथ से, बिस्तर को कस के पकड़ रखा था.

अब अंकल की नाक, मम्मी के गाण्ड के छेद से बाहर निकाला और मम्मी के चुत्तड़ के दोनों तरफ चाटे मारे.

मम्मी के मुंह से “आह ह” निकल गया.

अंकल ने फिर से अपना फेस नीचे किया और मेरी मम्मी की गाण्ड चाटने लगे.

मेरी मम्मी धीमी आवाज़ मे – आ अह ह आ आ आह ह की सिसकारियाँ लेने लगीं.

अंकल, अपनी जीभ आगे निकाल के मेरी मम्मी की गाण्ड चाटे जा रहे थे और बीच बीच मे, मेरी मम्मी के चुत्तड़ पर चूम रहे थे.

अंकल ने पूछा – डार्लिंग, मज़ा आ रहा है ना…

मम्मी ने कहा – हाँ, बहुत मज़ा आ रहा है…

अंकल ने कहा – अब और मज़ा आएगा, तुझे, जब तुम्हारी गाण्ड मे लण्ड जाएगा मेरा…

उसके बाद, अंकल ने मेरी मम्मी के नीचे तकिया रख के उनकी गाण्ड ऊपर उठा दी और अपना लण्ड रगड़ने लगे.

अंकल का लण्ड, तन के खड़ा हो चुका था.

उन्होंने देखते देखते, लण्ड का टोपा मेरी मम्मी के गाण्ड के छेद पर रख दिया और झुक के अपना हाथ, मेरी मम्मी के कमर के ऊपर रखा और ज़ोर से धक्का मारा.

मेरी मम्मी के मुंह से एक – आ आ अह ह… निकल गया.

मैंने देखा, अंकल ने एक झटके मे मेरी मम्मी की गाण्ड की छेद मे अपना लण्ड घुसा दिया था.

मैं जान रहा था, आज अंकल अपने मजबूत लण्ड से मेरी मम्मी की गाण्ड फाड़ के रहेंगे.

शायद उनकी गाण्ड को अपने दोस्त का लंड लेने के लिए, तैयार कर रहे थे.

उन्होंने अपना लण्ड बाहर निकलते हुए, एक धक्का मारा.

मम्मी ने, फिर से चीख मारी.

अंकल अब धीरे धीरे, अपना पूरा लण्ड मेरी मम्मी की गाण्ड की छेद के अंदर बाहर करने लगे.

मेरी मम्मी – मु मा हह आ अह ह आह ह आ आह ह आ आह ह मा आ मा आ मा आ मा आ मा आ ओउ उफ्फ ओउ उफ़ फ्फ़ औउ हह ओ उउ फ़ फ्फ़ की आवाज़े निकालने लगीं.

अंकल ने कहा – आ आह ह, महक तेरी गाण्ड बहुत मज़ा देती है मुझे… आ आह ह आ आअ ह ह आअज्ज ज मज़ा लूँगा, पूरा इसका मैं… और ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप की आवाज़ के साथ, मेरी मम्मी की गाण्ड मारने लगे.

मेरी मम्मी का चुत्तड़, अंकल के धक्के से हिल रहा था.

अंकल बीच बीच मे, मेरी मम्मी के चुत्तड़ पर चामटे मार रहे थे.

मेरी मम्मी की गोरी गाण्ड, अंकल के चामटे से लाल हो गई थी.

अंकल लगातार कमर आगे पीछे कर रहे थे और बिस्तर की छू छू छू छू छू छू छू छू की आवाज़ आने लगीं.

अंकल ने इसी बीच, अपनी स्पीड तेज़ कर दी और मेरी मम्मी की कमर पर हाथ रखे ज़ोर ज़ोर से मेरी मम्मी की गाण्ड मारने लगे.

मेरी मम्मी का बदन, धक्के पर हिलने लगा.

लगभग 15 मिनट तक, अंकल मेरी मम्मी की गाण्ड मारते रहे.

उसके बाद, उन्होंने एक ज़ोर का आ अहह निकाला और रुक गये.

अंकल ने मेरी मम्मी के गाण्ड के छेद को, अपने वीर्य से भर दिया था.

उसके बाद, अंकल ने अपना लण्ड बाहर निकाला और एक ज़ोर का थप्पड़ मारा मेरी मम्मी के गाण्ड पर और फिर नीचे उतर गये और अपना अंडरवेअर पहन लिया.

मेरी मम्मी, वैसे कुछ देर बिस्तर पर पड़ी रही.

उनकी गाण्ड के छेद से, अंकल का वीर्य टपक रहा था.

अंकल ने फिर से, एक सिगरेट जला ली और पीने लगे.

अब मेरी मम्मी भी नीचे उतर गई और बाथरूम चली गई.

बिस्तर पर, अंकल का वीर्य गिर गया था.

मेरी मम्मी, लगभग 10 मिनट बाद बाहर आई.

उन्होंने तोलिया अपने शरीर पर बाँध रखा था, शायद वो नहा के आई थीं.

अंकल ने पूछा – क्या हुआ… ??

मम्मी ने कहा – अब बस करते है, देर हो जाएगी…

अंकल ने कहा – इतनी जल्दी…

मम्मी ने कहा – हाँ, मैं बेटे से कह के आई हूँ, जल्दी आ जाउंगी…

अंकल ने कहा – फिर कब मिलोगी… ??

मम्मी ने कहा – मैं बताती हूँ…

उसके बाद, मेरी मम्मी ने अपने सारे कपड़े पहन लिए.

अंकल ने भी अपने कपड़े पहन लिए.

फिर, मैं वहां से निकल आया और घर आ गया.

मेरी मम्मी, लगभग ½ घंटे बाद घर आई.

वो बहुत थक चुकी थीं.

मम्मी सीधा कमरे मे चली गई और लगभग 1 घंटे तक, बिस्तर पर पड़ी रही.

फिर उठ के चाय बनाने चली गई.

अब मैं रुटीन से स्कूल जाने लगा था.

22 दिन हो गये थे, मुझे उन दोनों के बीच मे कुछ देखे हुए.

इस बीच, अंकल ने मेरी मम्मी को कितनी बार चोदा, ये बात मुझे नहीं मालूम है.

मुझे आज भी याद है, जुलाई में ही या जुलाई का ख़ात्मा था.

एक रात, मेरी मम्मी खाना खाते समय उठ के बाथरूम गई और उल्टी करने लगीं.

मुझे लगा की उनकी तबीयत ठीक नहीं है.

ना तो मुझे दवाई की जानकारी थी, ना कारण पता था.

मम्मी ने उल्टी की और कहा – मैं खाना नहीं खा पाऊँगी… तू खा ले और मेरा भी प्लेट रख देना, सींक मे…

मैंने, वैसा ही किया.

मम्मी, बिस्तर पर जा के लेट गई.

उन्होंने उस दिन, बीच रात मे भी कई बार उल्टी की.

मुझे सच में चिंता हो गई थी क्यूंकि मुझे लग रहा था मम्मी नीड्स डॉक्टर क्यूंकि ऐसे उल्टियाँ, आम तौर पर तो होती नहीं है.

सुबह, मैंने मम्मी से पूछा – क्या आप ठीक है… ??

मम्मी ने कहा – हाँ… मैं अब ठीक हूँ… मेडिसिन खा लूँगी…

मैंने कहा – ठीक है… मैं उस दिन, स्कूल चला गया… शाम को, जब मैं वापस आया मम्मी वैसे ही थीं… उन्हें वैसे ही 2 3 बार उल्टी हुई…

रात में करीबन 9 बजे, मम्मी बालकनी मे खड़ी हो के अंकल से बात कर रही थीं.

मैं धीरे धीरे, उनकी बातें सुन रहा था.

मम्मी, अंकल से कह रही थीं – मैंने कहा ना, कल आइए… मुझे कुछ बात करना है… ज़रूरी है… प्लीज़, कल आइए… सुबह मे…

उसके बाद, उन्होंने फोन रख दिया और किचन में चली गईं.

मैं सोच में था, आख़िर ऐसा क्या है जो मम्मी श्लोक के पापा को बुला रही हैं… लेकिन एक बात मेरे मन में ज़रूर आ रही थी, कुछ तो गड़बॅड चल रही है…

मैंने सोच लिया था की कल मैं जान के रहूँगा, जो मुझसे छिपाया जा रहा है.

अगले दिन, मैं ठीक उसी तरह से स्कूल जाने के बहाने से बाहर निकाला और अंकल के घर आने के बाद उनकी बातें सुनने के लिए बालकनी के साइड से चला गया.

खिड़की के पास, मैंने देखा अंकल बिस्तर पर बैठे हुए थे और मेरी मम्मी उनके सामने खड़ी थीं और मेरी मम्मी ने अपना हाथ, अंकल के गाल पर रख हुआ था.

अंकल ने अपना हाथ, मेरी मम्मी के चुत्तड़ पर रख दिया था और सहला रहे थे और मेरी मम्मी अपने हाथ से अंकल का हाथ हटा रही थीं और कहा – अभी, ये सब नहीं करना है…

अंकल ने कहा – क्यों, मेरी जान… आज क्या हुआ… ?? अच्छा, कोई बात नहीं… बता फिर, क्यों बुलाया है… क्या हुआ है… ??

मम्मी ने कहा – एक मिनट…

मम्मी ने अंकल का सिर पकड़ा और अपने पेट से सटाया.

मुझे समझ नहीं आ रहा था, मम्मी क्या कर रही है.

अंकल ने सिर ऊपर किया और कहा – क्या हुआ, बोलेगी… ??

मम्मी ने कहा – आपका प्यार, मेरे पेट मे है…

अंकल ने कहा – मतलब… ??

मम्मी ने, उन्हें चूमते हुए कहा – मैं आपके बच्चे की माँ बनने वाली हूँ…

अंकल उठ के खड़े हो गये.

मैंने अंकल के तरफ देखा.

उनके चेहरे का रुख़, बदल गया था.

मम्मी ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और कहा – आप खुश है ना… ??

अंकल ने, मेरी मम्मी का हाथ हटाया और अलग होते हुए कहा – तुम्हें इतना यकीन कैसे है… ??

मम्मी ने कहा – मैंने टेस्ट किया है और इट्स कन्फर्म…

अंकल ने कहा – लेकिन, ये कैसे संभव है… ??

मम्मी ने कहा – मैं समझी नहीं…

अंकल ने कहा – साली छीनाल… ये हटाना होगा… मैं कैसे मान लूँ, ये मेरा है… तू साली सड़क की कुतिया, पता नहीं कितने लंड से चुदवाती हो…

मम्मी ने कहा – ये आप क्या बोल रहे हैं… क्या हो गया आपको… ये आपका प्यार है… मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ…

अंकल ने कहा – वो सब तो ठीक है, लेकिन ये हटाना होगा…

मम्मी ने कहा – क्यों, मगर… ??

अंकल ने रख के, मम्मी को एक दिया और कहा – छीनाल की औलाद, तू होश मे नहीं है क्या… कैसे इस बच्चे को रखोगी और क्या कहोगी सबसे… मैं रेडी नहीं हूँ… मैं कैसे मान लूँ, ये मेरा ही है… फकीर की झोली में, ना जाने कौन सा दाना किस का है…

अंकल के पीटने से, मम्मी गिर गई थीं.

वो खड़े हो के बैठ गई और अंकल से कहा – इसका मतलब, आप सिर्फ़ मुझे इस्तेमाल कर रहे हैं… मेरे जिस्म से खेल रहे थे…

अंकल ने कहा – देख महक, ये सब शुरू मत कर… तेरी असलियत खोलने पर आया तो… खैर छोड़…

अंकल ने एक सिगरेट जलाई.

कुछ देर लंबी लंबी साँसे ली, फिर बोले – देखो महक, तुम जानती हो… मैं तुम्हें पसंद करता हूँ लेकिन इस बच्चे के लिए तुम्हें अबॉर्षन करना होगा… ये मेरा आख़िरी फ़ैसला है…

ये सब सुनते ही मुझे लगा, जैसे मैं पागल हो जाऊंगा.

अंकल ने कहा – मैं डॉक्टर से बात करता हूँ… तुम्हें चलना होगा…

मम्मी ने कहा – मैं नहीं जाउंगी… कहा ना…

अंकल ने कहा – दिमाग़ सही नहीं है, तुम्हारा… मुझे परेशान मत करो… मेरा आपा खो गया तो ठीक नहीं होगा… मैं कह रहा हूँ, इसे हटाना होगा…

अंकल बहुत गुस्से मे थे और सॉफ दिख रहा था, वो खुद को शांत करने के कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा – देख महक, अब मैं बहस नहीं चाहता हूँ… कल रेडी रहना… दिन मे…

मेरी मम्मी, बैठ के रोने लगीं.

अंकल उनके पास गये और उन्होंने अपने गले से लगा लिया.

मम्मी ने कहा – आप मुझसे प्यार नहीं करते है… आपने सिर्फ़, मेरा इस्तेमाल किया…

अंकल ने कहा – मैने की तूने… मेरा मुँह मत खुलवा, महक… ये शराफ़त का ढोंग, अपने पति के सामने करना समझी… और देख, मुझे अपना प्यार दिखाने के लिए बच्चे की ज़रूरत नहीं है… तू भी जानती है, हम अभी इसके लिए रेडी नहीं है…

मम्मी ने कहा – खोल ही लीजिए, अपना मुँह… रंडी हूँ मैं… यही कहना चाहते हैं, आप… हाँ हूँ मैं रंडी पर अगर बच्चा, दीदी के पेट मे होता तो…

अंकल बहुत गुस्से मे आ गये और कहा – महक, मैंने तुम्हें कितने बार कहा है की तुम अपने आप को मेरी वाइफ से कम्पेयर मत किया करो… अब बहस मत करना, दुबारा इस विषय को लेके…

मैं वहां से, धीरे से निकल गया.

अंकल और मेरी मम्मी, कमरे मे बात कर रहे थे.

मैं दिन मे, जब स्कूल से लौटने का टाइम होता है वापस आया.

मैंने देखा, मेरी मम्मी का मूड बहुत ऑफ था.

ऐसा लग रहा था, जैसे वो दिन भर रो रही थीं.

मुझे मम्मी की स्थिति समझ मे आ रही थी क्यूंकि वो अंकल से प्यार करने लगीं थीं लेकिन अंकल मेरी मम्मी को सिर्फ़ इस्तेमाल कर रहे थे और ये बात मेरी मम्मी भी समझ रही थीं.

अगले दिन, जब मैं स्कूल से आया.

मैंने देखा, मेरी मम्मी कमरे मे लेटी हुई है.

उन्होंने मुझसे कहा – खाना निकाल के खा ले…

मैंने वही किया.

इसी तरह, दो दिन बीत गये.

मेरी मम्मी, बहुत चुप चुप थीं.

मैंने मम्मी के मोबाइल पर, मैसेजस भी देखे.

उसमें सिर्फ़ अंकल के मैसेज थे.

मेरी मम्मी का कोई रिप्लाइ नहीं था.

उसमें अंकल ने कई बार लिखा भी था, रिप्लाइ दो प्लीज़… देखो, मुझे गुस्सा आ गया था…

मैंने मम्मी के कॉल हिस्टरी भी देखा.

उसमें उनके कई मिस कॉल थे शायद मेरी मम्मी, अंकल का कॉल नहीं पिक कर रही थीं.

उस वक़्त तक मैं, मम्मी को अपसेट नहीं देख पा रहा था लेकिन खुश था, कम से कम अंकल से उनका रीलेशन ख़तम हो जाए.

उसी वीक में, मैंने मम्मी के टेबल पर रिपोर्ट देखा जिससे मुझे मालूम चला की मम्मी ने अबॉर्षन करा लिया है.

दोस्तो ये इन्सिडेंट हुए, 1 महीने हो चुका था और मेरी मम्मी ने अंकल से कोई कॉंटॅक्ट नहीं किया था.

श्लोक तो हमेशा की तरह, अपने मम्मी के साथ नानी के घर चला गया था.

मैं और मम्मी, यही थे.

शाम का समय था, उसी समय अंकल आए घर पर.

दरवाज़ा, मैंने ही खोला था.

जब मैंने, अंकल को देखा तो मैं हैरान हो गया क्यूंकि अंकल कभी मेरे सामने मेरे घर मे अकेले नहीं आए थे.

आते थे तो जब खाने पर आंटी के साथ, लेकिन ऐसे नहीं.

मुझे देखते ही, अंकल ने कहा – हेलो प्रणव, कैसे हो… ??

मैंने कहा – अच्छा हूँ… ??

अंकल के हाथ मे, एक पैकेट था.

अंकल ने कहा – प्रणव, मम्मी कहाँ हैं… ??

मैंने कहा – मम्मी, अपने कमरे मे है…

अंकल ने कहा – बुला दो, बेटा… और अंकल जा के सोफे पर बैठ गये…

मैं कमरे में गया और मम्मी से कहा – मम्मी, अंकल आए हैं…

मम्मी ने कहा – कौन अंकल आए हैं… ??

मैंने कहा – श्लोक के पापा…

मम्मी चौक गई, सुनते ही और तुरंत बिस्तर से उठ के बाहर आई और कहा – जी कहिए…

अंकल ने मुझसे कहा – बेटा, तुम जाके पढ़ो…

कमरे मे मम्मी ने कहा – जाओ, प्रणव स्टडी करो… और मम्मी जा के किचन मे चाय बनाने लगीं.

अंकल, सोफे पर बैठे हुए थे.

मम्मी ने मुझे कमरे मे चाय लाकर दिया और फिर ट्रे लेके बाहर चली गइ।

अंकल और मेरी मम्मी, एक ही सोफे पर बैठे हुए थे.

मैं अपने दरवाज़े के पास चला गया क्यूंकी दोनों की पीठ, मेरे साइड थी इसी लिए अंकल और मम्मी ने मुझे नहीं देखा.

अंकल ने, मम्मी से कहा – क्या हुआ महक… ?? मेरे मैसेज का रिप्लाइ भी नहीं देती हो, ना फोन उठाती हो…

मम्मी ने कहा – मुझे आपसे, अब कोई मतलब नहीं रखना है…

अंकल ने मेरी मम्मी का हाथ पकड़ते हुए कहा – ऐसा मत कहो, महक… प्लीज़…

मम्मी ने कहा – मैंने कहा ना, अब मैं जान गई हूँ… आप सिर्फ़ मुझे, इस्तेमाल कर रहे है…

अंकल ने कहा – तुम्हारे मन मे, ये आया कैसे… तुम्हें कितना प्यार करता हूँ, तुम नहीं जानती…

मम्मी ने कहा – अब बस कीजिए और आप अभी क्यों आए है… जब जानते हैं की प्रणव, घर मे है…

अंकल ने कहा – तो क्या करूँ… ?? तू मेरा फोन नहीं उठाती है… कहाँ मिलूं… ??

मम्मी ने कहा – देखिए, अब सब ख़तम है हमारे बीच…

अंकल ने कहा – नहीं महक, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता… तुम जानती हूँ…

फिर अंकल ने लिफाफे से एक खूबसूरत सी साड़ी निकाली और मम्मी को दिखाते हुए कहा – देखो, तुम्हारे लिए लाया हूँ…

मम्मी ने कहा – मुझे नहीं चाहिए…

अंकल ने कहा – अब गुस्सा थूक दो, महक… बहुत दिन हो गये… तुमने बात तक नहीं किया, मुझसे…

अंकल ने मेरी मम्मी का हाथ पकड़ते हुए कहा – चल, सॉरी… प्लीज़, मुझे माफ़ कर दे…

मम्मी, उनके तरफ देखने लगीं.

अंकल ने कहा – कल, मुझसे मिलने आओगी… ??

मम्मी, चुप हो गई.

अंकल ने कहा – प्लीज़ महक, इतना रिक्वेस्ट कर रहा हूँ… और मैं जानता हूँ, तुम मुझे पसंद करती हो…

अंकल ने कहा – कल मेरे घर पर आओगी, ना… ??

मम्मी ने कहा – मैं बताती हूँ… रात मे…

अंकल ने कहा – मैं वेट करूँगा, तुम्हारा…

उसके बाद, अंकल उठ के चले गये.

मेरी मम्मी, लिफ़ाफ़ा ले के कमरे मे चली गई.

मेरी मम्मी, थोड़ी खुश सी दिख रही थीं.

मैं तो बस हैरान था, मम्मी की बेशर्मी पर.

मुझे समझ मे आ गया था, अंकल से मेरी मम्मी वापस से अपना रिश्ता बनाने जाएँगी या कहूँ, अपनी चूत की आग से बेबस मम्मी अपनी आग ठंडी करने जाएँगी.

अगले दिन, सुबह उठा तो देखा मेरी मम्मी चाय बना रही थीं.

उन्होंने मेरे से कहा – प्रणव, आज मुझे थोड़ा बाहर जाना है… मैं दिन तक लौट कर आउंगी… खाना बना के जा रही हूँ, खा लेना…

मैंने मम्मी से दूसरा सवाल नहीं किया क्यूंकि मैं जान रहा था, मेरी मम्मी कहाँ जाने वाली हैं.

कोई मतलब भी नही था, पूछने का.

औरत तो रंगे हाथ भी चुदते हुए पकड़ा जाए तो भी कोई ना कोई बहाना ढूँढ ही लेती है.

क्या दुनिया की कोई औरत होगी, जो अपने मुँह से अपने गुनाह कबुल करेगी.

खैर…

इधर, वो अपने सारे काम निपटा कर करीबन 11 बजे नहा के तैयार हो के अपने कमरे से बाहर आई.

उन्होंने वही साड़ी पहन रखी थी, जो अंकल ने दी थी कल शाम मे.

मेरी मम्मी का “क्लीवेज” पूरा दिख रहा था.

उनके बदन से बहुत शानदार डियो की महक आ रही थी.

वो घर से निकल गई और मुझे दुबारा कहा – खाना खा लेना… मैं शाम तक, वापस आ जाउंगी…

मैंने दरवाज़े बंद कर दिए और फिर मैं अंदर चला गया.

मैं जान रहा था, मेरी मम्मी अंकल से मिलने उनके घर गई हैं.

करीबन 1 घंटे हो गये थे, पता नहीं क्यों मेरा मन नहीं मान रहा था की मैं वहां जाऊं लेकिन मेरे पाँव अपने आप बढ़ गये और मैं नीचे उतर के श्लोक के घर के तरफ चला गया.

श्लोक के घर का दरवाज़ा बंद था और मुझे उनके हॉल से भी कोई आवाज़ नहीं आ रही थी.

मैं अंकल और आंटी के बेड रूम के तरफ पीछे के साइड से गया, जहा का सीन मैं देखता रह गया.

श्लोक के पापा और मेरी मम्मी, एक दूसरे से चिपके हुए थे और अंकल बेतहाशा मेरी मम्मी के होंठ चूम रहे थे.

अंकल पूरी तरह से नंगे थे और मेरी मम्मी, सिर्फ़ पेटीकोट मे थीं.

मेरी मम्मी का ब्लाउज, ब्रा और साड़ी ज़मीन पर थी.

उसी बीच, मैंने देखा अंकल ने मम्मी का पेटीकोट ऊपर उठा दिया और मेरी मम्मी की पैंटी को खींच के निकाल दिया और दूर फेंक दिया और अपने एक हाथ से, मेरी मम्मी की फुददी रगड़ने लगे.

अंकल ने कहा – महक, बहुत तडपा दिया तूने मुझे…

उन्होंने दो उंगली, मेरी मम्मी की फुददी मे घुसा दी और कस कस के रगड़ने लगे.

मेरी मम्मी पूरा पूरा मज़ा लेते हुए – आ आ आहह आ आहह आ आहह करने लगीं.

अंकल ने, मम्मी की फुददी पर एक थप्पड़ मारा.

मम्मी ने कहा – आ अह ह…

अंकल ने कहा – बहुत दिन हो गये हैं, महक… आज, मैं पागल हो गया हूँ…

अंकल ने कहा – बहुत दिन हो गये हैं, महक… आज, मैं पागल हो गया हूँ…

उधर, फुददी पर हाथ रख के अंकल ने मेरी मम्मी की फुददी रगड़ के पानी निकाल दिया था.

अंकल का हाथ, मेरी मम्मी की फुददी के रस से पूरा भीग चुका था.

अंकल ने एक झटके मे, हाथ आगे करके मेरी मम्मी के पेटीकोट का नाडा खोल दिया और उनके बदन से निकाल के उन्हें पूरा नंगा कर दिया.

अंकल ने अब मेरी मम्मी को पूरा लिटा दिया और आगे आकर, मेरी मम्मी की टांगें खोल दी और जांघें पकड़ कर अपना लण्ड मेरी मम्मी के फुददी मे घुसा दिया.

मम्मी ने कहा – कॉन्डम लगाया…

अंकल ने कहा – नहीं…

मम्मी ने कहा – लगाइए…

अंकल ने कहा – घबरा मत, बाहर निकाल दूँगा… अंदर नहीं डालूँगा… और कहते हुए, मेरी मम्मी की फुददी मे लण्ड घुसा दिया.

मम्मी ने कहा – आ अहह… आराम से… सुनिए, लगा लीजिए ना… जिधर आपने मेरा एबॉर्शन कराया, उसने बताया एक ही चूत में अगर दो नंगे लंड घुस गये और अगर कहीं पानी अंदर निकल गया तो हर हाल में “गुप्त रोग” होता ही है… प्लीज़ लगा लीजिए… वैसे भी औरत से ज़्यादा ख़तरा, उसे चोदने वाले मर्द को होता है…

अंकल ने कहा – महक, इतने दिन बाद आई हो… आज भी, आराम से… छोड़ ये सब… ऐसा कुछ नहीं होता… क्या तूने, पहले नंगे लंड नहीं खाए… ये कहते हुए अंकल ने एक और धक्का मारा.

मम्मी की आँखें खुल गई.

मम्मी – पर तब मालूम नहीं था ना… जब मालूम है तो और अभी तो मैने एबॉर्शन कराया है… मैं फिर से, नहीं कराने वाली…

अंकल कुछ नहीं बोले पर कॉन्डोम भी नहीं लगाया और नंगे लंड से, मम्मी को पेलने लगे.

अंकल धीरे धीरे, अपना लण्ड आगे पीछे करते हुए, मेरी मम्मी को नंगे लंड से चोदने लगे.

मेरी मम्मी के मुंह से – आ हह आ आहह आ अहह आ आह ह आ आहह आ आह ह आ आहह ओफ्फ ओफ़ फ्फ़ ओफ्फ की आवाज़ें आने लगीं.

मेरी मम्मी के चुचे, अंकल के धक्के से आगे पीछे होने लगे और उनका लण्ड पूरा मेरी मम्मी की फुददी के अंदर बाहर होने लगा.

अंकल ने आज, अपनी आँखें बंद कर ली थीं और मेरी मम्मी की चुदाई कर रहे थे.

आपको तो पता ही है, अंकल आज लगभग 1 महीने बाद मेरी मम्मी को चोद रहे थे और मम्मी को भी देख के लग रहा था की वो एक महीने से कितनी बेचैन थीं क्यूंकि उनकी वासना चरम सीमा पर थी.

अंकल के हर धक्के पर वो – आ आहह आ अहह मा आअ की सिसकारियों के साथ, उनका साथ दे रही थीं.

अंकल ने थोड़ी देर, मेरी मम्मी को ऐसे हो चोदा.

उसके बाद, उन्होंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और दो बार अपने लण्ड को मेरी मम्मी के फुददी के ऊपर ठप ठप करके मारा.

अंकल के लण्ड पर, मेरी मम्मी की फुददी का रस लगा हुआ था और चमक रहा था.

अब अंकल ने, मेरी मम्मी से पूछा – महक, मज़ा आ रहा है…

मम्मी ने कहा – हाँ… बहुत… आग लगी पड़ी है, यहाँ…

अब अंकल ने पूछा – क्या तुमने मुझे, इतने दिन याद किया… ??

मम्मी ने सिर हिलाते हुए – हाँ… मे जवाब दिया.

आज दोनों के बीच, “अश्लील बातें” नहीं हो रही थीं.

फिर अंकल ने कहा – मुझे लगा था, जैसे मैंने तुम्हें खो दिया है…

मम्मी ने कहा – मैं आपसे, बहुत प्यार करती हूँ…

अंकल, मेरी मम्मी के ऊपर लेट गये और उन्हें चूमने लगे और कहा – मैं तेरे बिना, नहीं रह सकता… प्लीज़, मुझे छोड़ के कभी मत जाना…

मम्मी ने अपना हाथ, अंकल के गले में डाल के अंकल के होंठों को अपने होंठ मे फसा लिया और चूमने लगीं.

अंकल ने एक हाथ आगे करते हुए, मेरी मम्मी के चुचे पकड़ लिए और मसलने लगे.

मेरी मम्मी ने अपने दोनों टांग हवा मे करके फैला लिए और अंकल मेरी मम्मी को चूमते हुए, बीच मे आ गये और गाण्ड ऊपर करके एक धक्का मारा.

मेरी मम्मी की “आह” की आवाज़ आई.

अंकल ने, मेरी मम्मी के मुंह पर हाथ रख दिया और ज़ोर ज़ोर से मेरी मम्मी को चोदने लगे.

अंकल ने, मम्मी से कहा – 1 महीने से, तूने मेरे लण्ड को पागल कर दिया था… आज सारी कसर निकालूँगा… तेरी फुददी का फावड़ा बना डालूँगा… आ आहह महक तू मेरी है है…

ठप ठप ठप ठप ठप.. .. ..

मेरी मम्मी – आ अहह बस स्स एया या…

अंकल – नहीं मेरी जान, बहुत दिन बाद तू मेरे बिस्तर पर आई है… आज मत रोक मुझे…

ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप ठप.. .. ..

बिस्तर की – चर चर चर चर चर चर और मम्मी की – मा आ माआ आ मा आ नाह ह आ आ ओईइ मा नाआ हही ना आ बस सस्स बस धीरे… की आवाज़, कमरे मे गूँज रही थी.

अंकल पूरी ताक़त से, मेरी मम्मी को चोद रहे थे.

कुछ देर चोदने के बाद, उन्होंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और आ आ आ आहह आ आ आहह करते हुए, अपना सारा वीर्य मेरी मम्मी के पेट के ऊपर गिरा दिया.

दोनों, पसीने से लतपथ हो चुके थे.

फिर अंकल, बिस्तर के नीचे उतर गये.

मेरी मम्मी, बिस्तर पर लेटी रही.

इसके बाद, मैं वापस अपने घर के लिए आ गया लेकिन मम्मी शाम के करीब 6 बजे घर को वापस आई और उन्हें देख के लग रहा था, वो बहुत थक गई हैं.

अंकल ने आज, पूरे दिन मेरी मम्मी को पटक पटक कर चोदा था.

समाप्त। धन्यवाद।

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