ममता और नैना

सभी दोस्तो को मेरा हेल्लो, ये मेरी प्रथम कहानी है, मेरा नाम देविन है 25 साल का हूँ । दिल्ली का रहनें वाला हूँ, और हमेशा खुश रहता हूँ और सभी को खुश रखता भी हूँ। अच्छे परिवार में परवरिश के कारण कभी फालतू चीजों में ध्यान नही गया। हर चीज मे आगे रहा चाहे पढाई हो या कुछ और। लडकियो के साथ दोस्ती तक ही सीमित रहा। मै सोचता हूँ के हम सब इस दुनिया मे बस मजे करने के लिये आये है। इस लिये कभी प्यार के चक्कर में नही पडा । सभी को पता ही है के दिल्ली की लडके और लड़कियाँ कैसे है। मुझे सैक्स के बारे में सब कुछ पता है। सैक्स किया भी है। मेरे दोस्त भी कहते साले तुझे इतनी लडकिया लाइन देती है, पर तू कभी किसी के साथ कुछ नही करता। मै भी कह देता की भाई प्यार का चक्कर ही खराब है। वैसे मन तो मेरा भी करता था सैक्स करने का पर कोई सर ना हो जये बस यही सोच कर दूर रहता था। स्कूल टाईम में कई बार सैक्स किया है। पर वो फिर कभी । बता दूँ क्लास 9 से ही हाथ से अपनी गर्मी शान्त करता रहता हूँ । इस साइट पर मैने काफ़ी कहानियां पढी है, कुछ तो ऐसी है जिन्हे पढ कर मजा आया और कुछ तो बकवास होती है, जितनी भी कहानी मैने पढी है उन मे मुझे बडा मजा आया, कोइ बात नही, अपनी कहानी पर आ जाता हूँ, आपको बता दू मैं कुछ भी काम नही करता बस पढाई और घूमना फ़िरना। मेरे घर में हम दो भाई है। वो अपना अलग काम करता है। और मै घर से दूर अलग अपना रूम ले कर रहता हूँ। दोपहर में आने के बाद मैं सारा दिन खाली होता हूँ , मैने सोचा की पार्ट टाईम कुछ काम किया जाये। मैने आस पास में ही एक कम्प्यूटर सेंटर में चार घन्टे के लिये पढाना शुरु कर दिया। वहाँ पर बहुत सी लड़कियाँ आती थी । उन के बारे में कभी गलत ख्याल मन में नही आया , क्यों के वो सब मुझ से पढने के लिये आती थी। और मैं अपने काम को कभी भी खराब नही करता। मेरे वहां पर आने के कुछ दिनों के बाद वहां पर दो लड़कियों ने एक साथ एडमिशन लिया दोनो ही मेरी हम उम्र थी। उन का नाम था “ममता और नैना” दोनो ही अच्छे कद काठी की थी। मैने उन्हे कुछ ज्यादा भाव ना दे कर नार्मल लिया। दोनो ने आ कर मुझे अपनी स्लिप दिखा कर कहा” सर क्या आप ही हमारी क्लास लेंगे ? ” मैने कहा “अन्दर आ जाओ आप ” और उन्हें बैठने के लिये कह कर वापस क्लास में आ गया। मैं फ़्री हो कर उन के पास गया”मैने पूछा “नाम क्या है आप दोनों के””ममता और नैना “”ओ के !! पर ममता कौन है और नैना कौन ??””मै ममता और ये नैना “मैने एक बात पर गौर किया की ममता नैना से तेज तर्रार है। वो हर बात का जवाब देती रहती थी । पर नैना,,,,,,,,, वो बस पूछ्ने पर ही जवाब देती थी । कुछ दिनो के बाद मैने देखा के नैना किसी से फ़ोन पर बात कर रही है। मैने ज्यदा ध्यान नही दिया। पर मैने उसे कहा के वो बाहर जा कर बात करे। क्लास में मोबाईल यूज़ करना मना है। वो बाहर जा कर बात करने लगी। मैने देखा के वो कुछ परेशान है। मैने ममता से पूछा की “इसे क्या हुआ है”।”अरे सर बस वो ही ब्वायफ्रैन्ड का लफ़डा ओर क्या ” “ओ …… पर ये इतनी दुखी और परेशान ?? “”कल मिलने नही आया वो इस से, ये भी ना सर पागल हो गई सर उस लडके के चक्कर में ” फिर ममता अपना काम करने लगी, । कुछ देर बाद मै बाहर आया तो देखा के नैना रो रही है। मैने कुछ नही कहा और वापस क्लास में आ गया।

अगले दिन मैने देखा की नैना उदास सी थी। मैने उन दोनों से कहा॥………”आप दोनों थ्योरि रुम में आ जाओ””दोनों वहां जा कर बैठ गई””कैसे हो आप दोनो”ममता : “मै तो सही हूँ सर इस का पता नही”मैने कहा “क्यों नैना को क्या हुआ है !”नैना :”कुछ नही सर बस ये तो पागल है””चलो कोई बात नही… और नैना कोई फालतू की टैन्शन मत पालो “मैने कहा नैना : “नही सर कोई टैन्शन नही है””वैसे मुझे सब बता दिया है ममता ने ” और मै हँसने लगा…नैना : “क्या सर…! ! ! क्या बताया सर इसने ?””यही की आप कल क्यो रो रहे थे”ये सुन कर उसने ममता की तरफ देखा और उसे कोहनी मार कर कहा…”ममता तू सर के सामने ये सब बात क्यों करती है”मैने कहा “मैने ही इससे पूछा था “ममता : “तू परेशान ना हो सर किसी से कहेंगे थोडी ना … सर की भी कोई बन्दी वन्दी होगी क्यों सर ” और वो ये सब कह कर हसने लगी मुझे भी ये सुन कर हँसी आ गई… और नैना भी मुसकुराने लगी…… मैने कहा…”चलो अब तो नैना भी हँस दी … अब क्लास शुरु करते है”तभी ममता ने कहा “सर आज रहने दो ना…मूड नही है आज पढने का””क्यों आज क्या है” मैने कहाममता : “नही सर आज मत पढाओ प्लीज… कल पक्का पूरा टाईम पढेंगे “”ओ के… लेकिन अब क्या करें ” ममता : “बस सर कुछ बातें करते रहते हैं ” “पर ये नैना तो कुछ बोल्ती ही नही है “ममता : “अरे सर आप ही समझा दो इसे मेरा कहा तो ये मानती नही। और वो साला इसे पागल बना रहा है, और ये है की खुद ही पागल बन रही है”नैना ने सर झुका लिया…”क्यू नैना ये सच है क्या”” पता नही सर…ये कहती है की वो कई लडकियो के साथ दोस्ती रखता है””तो क्या हुआ … ये तो आम बात है…तुम्हे ये लगता है तो तुम भी किसी और से दोस्ती कर लो … और एक बात देखो प्यार व्यार आज कल कोई नही करता बस सभी को टाईम पास करना होता है ” ममता : “हाँ सर मै भी यही कहती हूँ … ये सब बकवास है… पर ये माने तब ना””हाँ ये तो सही बात है… जब वो सीरीयस नही है तो तुम भी मत होना नही तो और ज्यदा दुखी हो जाओगे”ममता : “सुना तुने… सर मै भी यही बोलती हूँ “नैना : “सर मैने पैहली बार किसी से दोस्ती की है”ममता : “सर आपकी कोई दोस्त नही है क्या ? “”अरे नही मै तो कभी भी प्यार के लफडे मे नही फँसा… हाँ दोस्त तो बहुत सी है… सब बहुत अच्छी है। पर लवर कोई नही बनाता”ये सब नैना बडे गौर से सुन रही थी…ममता : “क्यो सर ????कया किसी ने दिल तोड दिया था क्या आपका ” और वो नैना के साथ हँसने लगी । मेरी भी हँसी छूट गई…”बस सीरीयस रिलेशन से डर लगता है… और कोई बात नही”ममता : “सर आप ना बिलकुल मेरी तरह सोचते हो… आप से मेरी खूब पटेगी”तब मैने कहा “तुम नैना को भी अपने जैसा बना दो … तब ये भी खुश रहा करेगी”ममता : “नही सर आप समअझाना इसे आप की बात क्या पता मान ले।””कोई नही कोशिश करुंगा… चलो अब आपका टाईम हो गया है… आप लोगों को घर भी जाना है”दोनों ने कहा …”बाए सर”

“बाए”मुझे कुछ अजीब सा लगा। की इन दोनो की सोच अलग अलग है। फिर भी कितनी पक्की दोस्ती है इन दोनों मे।अगले दिन … “हैलो सर” दोनो ने कहा मैने भी सर हिला कर जवाब दिया ” हैलो “आज नैना कुछ खुश लग रही थी…तभी ममता बोली”सर आप ने तो कमाल कर दिया … आप की बात मान गई ये लडकी ” मेरी कुछ समझ नही आया बस मुस्कुरा दियाक्लास के बाद ममता ने कहा “सर बाहर आना “बाहर आ के मैने पूछा “हाँ बोलो क्या हुआ”ममता : “अब बोल ना तूने कहा मैने बुला दिया “मै उन दोनो को देख रहा था।”जल्दी बताओ क्या बात है “नैना : “सर आप सन्डे को फ्री हों तो आप से मिलना है””मै तो फ्री होता हूँ … क्या बात है अभी बता दो ना “नैना “नही सर वो कल वाली बात आपने पूरी नही की बस वही सब बातें ……””ओ … कोई बात नही मुझे बता देना। मै तुम से मिल लूँगा। आप दोनो आ जाना “”ठीक है सर”दोनो ने बाए किया और चले गये……उन्होंने शनिवार को मुझे कहा की वे सन्डे को शाम पाँच बजे उन पार्क में मिलेंगी। सन्डे को मै अपनी फोरमल ड्रेस में उन से मिलने गया। जिस पार्क में वो आने वाली थी मेरे रुम के पास ही था। मै निक्कर और टीशर्ट मे ही चला गया। सही पाँच बजे वो दोनो आ गई।” हैलो सर “मैने भी सर झुका कर जवाब दिया ” कैसे हो आप”ममता : “सर मै तो आपको पता है मजे मे ही होती हूँ … आज कल ये भी मजे मे है सर”मैने हँस कर कहा”क्यों ये भी हमेशा मजे में ही होती है … पर लगता है तुम इसे मजे नही लेने देती”ममता : “नही सर जिस दिन से आप से बात की है ना उस से ये कुछ ज्यदा ही “नैना : “नही सर वो आप ने कहा था ना की ज्यादा सीरीयस मत हों । मैने घर जा कर सोचा तो लगा के आप सही कह रहे है “”मेरा तो यही सोचना है देखो… आगे आप की मर्जी”नैना : “हाँ सर मैने सोचा तो यही लगा की मै कुछ ज्यादा ही दुखी हो रही हूँ… कल मै उस से मिलने भी नही गई “मैने पूछा “क्यू नही गई तुम””वो ना सर कुछ ज्यादा ही जिद कर रहा था और मुझे कुछ जरुरी काम था … तो मैने मना कर दिया… वो गालियॉ देने लगा तो मैने फोन काट दिया। उस के बाद से मैने उस बात भी नही की…””ये तो गलत है … गाली तो हद हो गई”ममता : “हाँ सर वो साला इसे गाली दे कर बात करता है।””उस से सब कुछ खत्म कर दो वो सही नही है । देख लो ” मैने कहानैना : ” मै भी यही सोच रही हूँ सर “”कोई नही जैसा सही लगे वो करना।:”हाँ सर ठीक है”ममता : “और सर आप बताओ आप की कोई नही है क्या “”मैने कहा था ना कोई नही है””मजाक मत करो सर ये हो ही नही सकता की कोई भी ना हो … कोई तो होगी ना ” और वो
मैने कहा “अभी तक तो नही है… अगर कोई है तो बता दो… लेकिन मेरे टाईप की हो ये ना की मेरे पीछे ही पड जाये। ” ममता : “ओ के सर । मिलने दो कोई भी होगी तो जरुर बताउन्गी””क्यो तुम भी तो मेरी तरह सोचती हो । तुम ही बन जाओ ना ” मैने ये बात मजाक में कही थी …”आप को कोई भला मना कैसे करेगा… लो मैने भी हाँ कर दी…” और फिर सभी जोर से हसने लगे…मैने कहा “मजाक कर रहा हूँ बुरा मत मानना “आन्खे मट्काते हुए उसने कहा “पर सर मै तो तैयार हूँ… आप का क्या विचार है “फिर सब जोर से हँसने लगे।हमने 2 घन्टे बात की फिर वो जाने लगे तो ममता ने कहा “सर मै सच कह रही हू… आप से जो मैने कहा है, उस के बारे में सोचना ” मुझे लगा की वो अब भी मजाक कर रही है “मै कैसे यकीन करु की तुम सच कह रही हो””आप कैसे यकीन करोगे सर…””वो तो तुम्हे पता होगा “फिर उसने कुछ सोचा और कहा ” ठीक है… आप आँखें बन्द करो “”मैने कहा नही एसे ही बताओ “”नही आप करो तो सही “”ओ के ” मैने आँखें बन्द कर लीकुछ नही हुआ “अरे गये क्या तुम… मै आन्खे खोल रहा हूँ “”नही अभी नही खोलना ” और फिर वो हुआ जिसकी मुझे उम्मिद नही थी ममता ने मुझे लिप्स पर किस किया ये करीब 5 सैकेन्ड तक … मेरी आँखें यूँ ही बन्द रही। जब मैने खोली तो देखा वो दोनो जा रही थी। ममता हाथ हिला कर मुझे बाए कर रही थी……………मुझे होश आया तो देखा मै वहा अकेले खडा था और रात होने वाली थी। मै घर आ गया अगले दिन वो दोनो आई बस मुस्कुराई और कम्प्यूटर आन किया और काम में लग गई।तभी ममता बोली “सर मुझे प्रोब्लम हो रही है बता दो…”मै उस के पास जा कर उस सही किया ओर जाने लगा… वो बोली ” सर बुरा मत मानना कल के लिये ” “नही कोई बात नही “”तो कया सर आप करोगे मुझ से दोस्ती””हम बाद मे बात करते है ओ के … अभी काम करो “कुछ देर बाद “सर आप ने जवाब नही दिया”मैने कहा “नही ममता … यहि मेरा जवाब है… “”उस ने कहा कोई नही सर पर आप बुरा मत मानना मेरे मन में जो था मैने कह दिया “”नही कोई बात नही “”थैन्क्स सर””तो ठीक है सर सन्डे को मिलते है पर इस बार मै ही आउन्गी अकेले। क्यों की नैना को उस दिन कही जाना है “”आ जाना “उसने जाते हुए फिर से मुझे एक फ्लाईन्ग किस देने लगी। मै हँस दिया

शनिवार को ही उसने सन्डे को चार बजे आने का कह दिया। मैने भी उसे सीधे रुम पर आने के लिये कह दिया मै बता दूँ ज्यादातर लडके अपने रुम मे कम कपडो में ही रहते हैं । तो मै भी कम कपड़ों में ही रुम पर रहता हूँ । या तो निक्कर में या बस टावल में । सन्डे को सारा रुम साफ किया। पूरा काम खत्म कर के दोपहर में टीवी चला कर देखने लगा। और देखते देखते सो गया। मैनें बस टावल ही पैहना हुआ था। मुझे पता ही नही लगा ममता कब आई। मुझे पता जब चला जब मैने गेट पर आवाज सुनी।मैने देखा मेरा टावल खुला पडा है। ओर मेरा अन्ग पूरी तरह से तना हुआ है। मैने टोवल सही किया ओर गेट पर जा कर देखा तो ममता खडी थी। मै देख कर चौंक गया देखा तो घडी में चार बजे हुए थे। मैने कहा “एक मिनट रुक जाओ “”क्या हुआ ……””मै कपडे पहन लूँ””कोई बात नही… पहन लो “”कपडे पहन कर मैने दरवाजा खोल दिया “”अन्दर आ जाओ ममता ” वो अन्दर आ के और बैठ गई”और सर क्या कर रहे थे ” “मै तो बस काम कर के सो रहा था …… आज तुम्हारी पार्टनर नही है साथ ??””वो सर कही गई है अपनी मम्मी के साथ ” और वो कुछ नही बोली “तो बताओ क्या बात है … क्यो मिलने के लिये कहा था बोलो “”सर मुझे लगा के आप उस दिन की बात का बुरा मान गए “”मैने कब कहा की मुझे बुरा लगा… “”नही सर वो किसिन्ग के बारे में बात कर रही हूँ “मै हँसा “अरे नही कोई बात नही … पर तुम्हारा बताने का स्टाईल अछा था ” वो भी हँस दी”वो सर मुझे कुछ समझ नही आया तो मैने कर दिया “”पर तुम्हे किस करना आता नही है ” मै फिर हँस दिया “तो आप सिखा दो ना सर” “नही तुम्हे नही सिखा सकता ” “क्यों ” उसने हँस कर कहा “नही तुम मेरी स्टूडेन्ट हो “”फिर आप ने ये क्यों कहा की मुझे किस करना नही आता “”वो तो सच है… तुम्हें नही आता ” “ठीक है आज मै फिर से करती हूँ … मुझे भी तो पता चले की मैने क्या गलती की है “”नही अब नही “” आज सर मत रोको आपको बताना ही पडेगा की मेरी किस मे क्या गलती है ” “ओ के पर एक बार ही ” “हाँ ठीक है… आप आँखें बन्द करो ” मैने आँखें बन्द कर लीउस के बाद ममता ने मुझे किस करना शुरु किया। जैसे ही उस के होठ मेरे होंठों से छूए मुझे एकदम कँपकँपी सी होने लगी मेरे पूरे शरीर में जलन सी होने लगी। उस ने मेरे बालों को पकडा और मेरे होंठों को चूसने लगी जैसे वो कई बरस की प्यास बुझा रही हो। मुझे भी बेहोशी सी छाने लगी मेरी आँखें तो पैहले ही बन्द थी…अचानक मुझे होश आया तो मैने आँखें खोली वो बुरी तरह से मुझे चूम रही थी। उस की आँखें बन्द थी मैने उसका चेहरा पकड कर अलग कर दिया। लेकिन उस ने आँखें नही खोली । मैने उसे छोड दिया और उठ कर पानी पी कर आया। दो मिनट बाद देखा तो वो हँस रही थी।

” क्या सर … अब क्या कहते हो बोलो ” मुझे कुछ समझ नही आ रहा था की उस से क्या कहूँ ।”ओ के … अब तुम घर जाओ “”नही पैहले आप बताओ क्या मेरी किस सही नही थी “”नही थी बोलो “मै हँसा ” पर अब तुम घर जाओ “”नही ये बता दो क्या कमी थी ? फिर मै चली जाउन्गी””कल बता दूँगा “”नही जी आज और अभी ” वो बच्चों की तरह जिद करने लगी । और मेरे एकदम सामने आ के खडी हो गई”ओ के ………… अब तुम अपनी आँखें बन्द करो ” उस ने हथ पीछे किये और आँखें बन्द कर ली उसके बाद मैने उस की कमर में हाथ डाल कर उसे कस कर पकडा। वो मुस्कुरा रही थी । आज ईतने पास उसे देख कर मजा आ रहा था। जैसे ही मैने उसके लिप्स पर किस किया वो मस्त सी हो गई। मै उसे किस करता रहा । और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। उस के लिप्स पर काट कर मै किस करता जा रहा था। उसने भी मुझे अपने और करीब खींच लिया। मेरा हाथ पकड कर उस ने अपने उरोजो पर रख दिया। मै उसे मजे से किस करता रहा। तब मैने उस के गले पर किस करना शुरु कर दिया। उस मुँह से आह सी निकलने लगी………”ओह सर ये आप ने मुझे क्या कर दिया …… आह मेरे देव सर पागल कर दिया आपने मुझे ………… और मेरा हाथ अपने सीने पर दबाने लगी…मेरे भी तन में आग सी लग चुकी थी। अचानक उस ने अपना दूसरा हाथ मेरे नीचे ले जा कर मेरे लोअर के उपर से ही दबाने लगी। तभी मैने उसे अपने से अलग कर दिया…… और वो बैड पर बैठ कर अपने सर को पकड लिया। “अब पता चल गया ना कैसे किस करते हैं। है कुछ अलग ? “वो कुछ नही बोली… फिर कहने लगी “हाँ … कुछ तो अलग है ” वो मुस्कराई और मेरी ओर अपनी कातिल नजरों से देखने लगी”ओके … अब तुम घर जाओ ” उस का मन बिल्कुल भी नही था जाने का”अरे सर मै घर पर कह कर आई हूँ मैं सात बजे तक आ जाऊँगी… मैं अभी नही जा रही हूँ “”वो तुम देखो कोई दिक्कत ना हो तुम्हें “”नही सर कोई प्रोब्ल्म नही है”मैने टीवी चला दिया। और दोनो देखने लगे … पर दोनो का ध्यान ही टीवी में नही था अचानक वो बोली”सर आप ने एक बात का जवाब नही दिया””हाँ कहो ना “”सर अब आप का क्य विचार है “मैने जान बूझ कर कहा किस बारे में !!!”दोस्ती के बारे में सर “”क्या अब भी मुझे कहना पडेगा ” और धीरे से हँस दिया”इस का मतलब आपने हाँ कर दी “”ओके””वो मेरे और पास आ कर बैठ गई और मुझे गौर से देखने लगी ” मै भी उसे देखने लगा उसने मेरे कान के पास आ कर कहा “आई लव यू ” और मेरा हाथ पकड कर अपने सीने से लगा लिया। उसके सीने में जैसे ही मेरा हाथ लगा मेरे लोवर मे कडापन सा होने लगा जिस पर मैने अपना हाथ रख लिया। वो बडे ध्यान से वहाँ पर देखने लगी और धीरे से मुस्कराने लगी।मै भी अब बर्दास्त नही कर पा रहा था। मैने भी अपने होंठ उस के गरम होंठों पर चिपका दिये और उसे प्यार से चूमने लगा।हम करीब 15 मिनट तक एक दूसरे को एसे ही चूमते रहे। इसी बीच में उसने मेरे लोअर में हाथ डाल कर वहाँ दबाना शुरु कर दिया था। और मै उस के कपडों के उपर से ही उस्के सीने से खेल रहा था। हम दोनो ने ही आँखें बन्द कर रखी थी।हम दोनो बैड पर ही लेट कर एक दूसरे को चूमने लगे।

फिर उसने मेरा लोअर खोल दिया मैने भी उसके उपर के सारे कपडे उतार दिये। वो शरमाने लगी और मै उसे बस देखता रहा।मुझे लगा की वक्त कहीं रुक सा गया है। मै पागल सा हो कर उसके सीने पर चूमता रहा। उसने भी मेरे बाल पकड कर अपने सीने पर चिपका लिया । मै उसके उपर आ कर उस के ब्राउन वाले भाग पर अपनी जीभ से उसे छेडने लगा। वो पागल सी हो गई और अपना सर इधर उधर करने लगी… उस के मुँह से आह भरी सिसकारिया निकल रही थी। उस ने अपने नीचे से अपने आप ही अपनी सलवार को खोल कर निकाल दिया। अब पूरी तरह से नग्न हो चुकि थी। मैने भी अपना लोअर नीचे कर दिया। मेरे अन्ग भी पूरी तरह से जाग चुका था…… मैने अपना हाथ उस के पैरों के बीच में ले जाकर वहां सहलाने लगा। मुझे वहां कुछ गीला सा लगा। मै उसे बेतहाशा चूम रहा था और वो पागल हो कर मुझे पकड कर अपने में मिला रही थी। हम दोनो मे से कोई भी कुछ नही बोल रहा था। मेरे नीचे का भाग उसकी टांगों के बीच में पूरे जोश से हिल रहा था। मैने अपने अन्ग का अगला भाग पकड कर उस के पैरों के बीच में लगाया और अन्दर डालने लगा मुझे लगा जैसे मैने किसी गरम चीज पर अपने अंग को रख दिया हो। फिर मैने धीरे से जोर लगाया तो वो नीचे से थोडा उठ्कर मुझे रोकने लगी। शायद उसे दर्द हो रहा था। मैने फिर जोर लगा कर डाला तो मेरा अगला भाग अन्दर जा चुका था। उस मुझे जोर से पकड लिया और मुझे जोर से भीचने लगी। और एक दबी सी आवाज “आ आह ………आह ह ह ह ह …”मै रुक कर उसके होंठों को किस करता रहा। और मै फिर धीरे से अन्दर डालने लगा। वो एसे ही आहे भरती रही और मै अन्दर डालता रहा… फिर हम एक दूसरी दुनिया में थे। दोनो ने एक दुसरे को पूरा प्यार किया … वो आहे भरती रही… और मै पूरा जोर लगा कर उसके साथ लगा रहा… उसके सीने से सीने को मिल्ता देख कर मै और जोर लगाता और वो मेरा पूरा साथ दे कर अपने आप को मुझे भी मजे दे रही थी … बीस मिनट बाद उस ने मुझे कर पकडा और जोर लगा कर मुझे अपनी ओर खींचने लगी… और फिर्…”आह …… आह … ओ ओ ओ ओ … और जल्दी करो देविन ” फिर मुझे भी कुछ जोश आ गया । मै जोर लगा कर धक्के मार रहा था। मैने उसे कस कर पकडा और अपना पूरा पूरा पानी उसके अन्दर छोड दिया…… हम दोनो यूँ ही दस मिनट तक पडे रहे… फिर दोनो उठे और कपडे पहनने लगे। वो मुझ से नजरे चुरा रही थी… फिर वो बाथरुम से हो कर पाँच मिनट मे आ गई… मै वही टीवी देखता रहा।”उसने कहा सर मै चलती हूँ “” नही रूक जाओ अभी मै छोड दूँगा “”नही मै पैदल ही जाऊँगी “”अब तुम बोलो क्या बुरा लगा ?””नही बिल्कुल भी नही सर ” वो मेरे चेहरे को देखने लगी …”ठीक है हम बाद में मिलते है ” पर ये सब नैना को… “नही उसे नही पता लगेगा … पर सर आप भी… “”फिक्र मत करो………”फिर वो बाए कह कर वहाँ से चली गई”दोस्तों ये मेरी सच्ची कहानी है। कुछ चीज़े बदल दी है… मेरी इस कहानी मे कही भी कोइ गलत शब्द नही है… अगर आप चाहते है मै और भी आप को बताऊँ तो मुझे मेल जरुर करें। आपके विचार का स्वागत है “देविन “मेरी कहानी यही पूरी होती है ……… एक और कहानी आप को जल्दी ही बताऊँगा

हेल्लो दोस्तों । एक बार फिर से देविन हाजिर है अपनी नई कहानी के साथ । पिछ्ली कहानी में मैने कम गर्म शब्दों का प्रयोग किया था । लेकिन इस कहानी में आप पूरा मजा लेंगे । पिछ्ली कहानी की तरह ये भी एक दम सच्ची है। अब थोडा बहुत तो बदलना पडेगा ना यार नही तो मजा कैसे आएगा।अब कहानी पर आता हूँ । ममता को चोदने के बाद मैने कई लडकियो को चोदा ये उन में से एक है । उस का नाम है मोहिनि । मोहिनि अपने नाम की तरह ही थी । क्या मस्त रंग क्या मस्त उसकी गान्ड उसको देख कर कोई भी पागल हो कर मुठ ना मारे तो वो साला चूतिया है फिर । मै भी पैहली बार उस को देख कर पागल सा हो गया था और उसे देखता ही रह गया । आप को पता ही है की मै घर से अलग रुम लेकर रहता हूँ । वो मेरी बिल्डिन्ग मे ही अपने मामा के घर आई हुई थी । जब मै अपने रुम में जा रहा था तो मैने उसे पैहली बार देखा था । सफेद रंग के सूट में क्या लग रही थी यार गजब के कसे हुए उस के चुचे देखे तो बस देखता ही रह गया । गान्ड तो मटक कर मुझे घायल कर रही थी । अब मै औरो की तरह उस का नाप तो नही बता सकता । पर उस की पैहली नजर ने ही मेरा लंड हिला दिया था । क्या कयामत थी यारो । लेकिन उन लोगों से मेरी बातचीत तो थी नही मै सोचने लगा की कैसे बात बनेगी । पर अपनी किस्मत मे लोडे नही है भाई । वो भी चूत की तरह कभी भी खुल सकती है । मुझे वहां रहते हुए कई महिने तो हो चुके थे पर बात कभी किसी से नही करता था । मुझे सब जानते तो सब थे पर बस फ़ोरमली ही । सभी को पता था की मै पढने के लिये यहां पर रह रहा हूँ । ये बात अभी अप्रेल 2012 महिने की ही है । मेरे डोर पर कुछ आवाज हुइ मैने दरवाजा खोला । देखा तो मोहिनि के मामा सामने खडे थे । अब मै तो अपने रुम पर अपने लोअर में ही होता हूँ । वो बोले “बेटे क्या आपके कम्प्यूटर में इन्टरनेट लगा है “”जी अंकल जी कहिए क्या काम है “”वो बेटा मुझे कुछ देखना था नेट पर “”कोई बात नही आप अन्दर आ कर देख लिजिए “”थैक्स बेटे पर मुझे यूज नही करना आता । मै बता देता हूँ मुझे क्या देखना है आप ही देख कर मुझे बता दो “”कोई नही … आप बैठिए मै देख लेता हूँ ” मैने कम्प्यूटर स्टार्ट किया और नेट चला कर कहा”जी अन्कल बताओ क्या देखना है …””वो बेटा मेरी भांजी के एग्जाम की डेट-शीट देखनी थी बस “” कौन से कोलेज की है अंकल ? “”एम पी से है बेटा “मैने नेट पर डेट-शीट खोल कर दे दी और मै वहा से उठ कर बैड पर बैठ गया।उसकी डेटशीट लिखने के लिये उस के मामा ने मुझे कहा”बेटा पैन और कागज हो तो मै नोट कर लूँ ” और मैने उन्हे कागज और पैन दे दिया। कुछ देर में लिखने के बाद…”धन्यवाद बेटा “”कोई बात नही अंकल … आप ही का घर है कभी भी जरुरत हो तो बता देना”और फिर वो चले गये । लेकिन मेरे मन में अभी भी मोहिनि को चोदने का प्लान ही बन रहा था … आखिर कैसे उसको चोदा जाए ।और फिर वो दिन भी आ गया।मै शाम को अपनी क्लास के लिये जा रहा था । तभी मोहिनि के मामा मेरे पास आ कर कहने लगे …”बेटा मेरी भांजी को नेट पर कुछ काम है । अगर कोई दिक्कत ना हो तो … “”कोई बात नही अन्कल … कभी भी आप उसे साथ लेकर आ जाना। अभी मै क्लास के लिये जा रहा हूँ “”ठीक है बेटा मै शाम को उसे लेकर या उस से पूछ कर आ जाउँगा । आप कितने बजे तक आ जाओगे””मै सात बजे तक आ जाउँगा । उसके बाद आप कभी भी आ जाना “”ओ के बेटा “फिर मै क्लास के लिये चला गया और शाम को 7:30 तक ही वापस आ पाया । अपना खाना लेकर । मै अपना खाना होटल से लेकर ही खाता हूँ । फ्रेश होने के बाद मै खाना खा रहा था तभी मेरी डोर बैल बजी । मैने दरवाजा खोला
मोहिनि और अंकल दोनो ही बाहर खडे थे । “अरे अंकल आप अन्दर आ जाइए । ” और वो दोनो अन्दर आ गयेअंकल ने कहा “बेता क्या देखना है नेट पर आप बता दो इन्हें “”वो मुझे ना लास्ट इयर के पेपर देखने थे “”मै अभी खाना खा कर आप को दिखा देता हूँ “”कोइ बात नही मै देख लेती हूँ … आप खाना खाइए “”अगर आप देख लें कोइ बात नही । तब तक मै खाना खा लेता हूँ “उस ने PC ओन किया ओर नेट पर अपना काम करने लगी उसके मामा ने कहा “और बेटा आपके घर में कौन कौन हैं “” अंकल हम दो भाई है, वो अपना काम करते है और मैं अपनी पढाई । पापा भी अपनी सरकारी जाब पर होते है । बस दो चार साल है उनके रिटायरमेन्ट के उसके बाद वो भी फ्री हैं “”ये तो बहुत अच्छा है । पर तुम यहां अलग क्यूँ रहते हो”मै हँसा “वो अंकल बस थोडा प्राईवेसि के लिये और कुछ नही यहां से मेरा कोलेज भी पास में है । फिर मैं पार्ट टाईम काम भी कर रहा हूँ “मै खाना खा कर उठ गया और हाथ साफ करने लगा । “ये तो अच्छी बात है बेटा । पढाई के साथ काम भी करते रहो “”हाँ अंकल थोडा मन भी लग जाता है ” तभी मोहिनि बोल पडी “क्या आप के पास पैन ड्राइव है मै ये सब प्रिन्ट करवा लूँगी । “”हाँ है ” मैने उसक दी अंकल ने तभी कहा “बेटा हम आपको ज्यादा परेशान कर रहे है “”अरे नही अंकल कोइ बात नही । वैसे भी मै यहां किसी को जानता भी नही हूँ । इसी बहाने से आप से बात तो हो जाती है “हम दोनो हँसने लगे । मैने मोहिनि से पूछा “हो गया आप का काम ? “”हाँ हो गया है इन का प्रिन्ट निकाल कर फिर मेरा काम हो जाएगा “” अंकल और कोइ सेवा हो बताओ मेरे लिये “”नही बेटा बस । ” “मोहिनि और कुछ काम है तो बता दो अभी कर लो “तभी मोहिनि ने कहा । “वो मुझे कभी कभी नेट पर काम होता है । तब बाहर ही जाना पडता है । पर मै वहां से भी कर लेती हूँ ” मैने कहा “अरे कोई बात नही जब भी मन करे आ जाना… मै अपनी चाबी आप के घर पर दे दिया करुंगा । वैसे भी मै कौन सा सारा दिन यहाँ पर होता हूँ । सुबह जल्दी कोलेज फिर शाम को अपनी कम्प्यूटर क्लास के लिये । मै तो बस रात को ही PC यूज़ करता हूँ “अंकल बोले “आपको दिक्कत होगी””नही अंकल कोई बात नही “”ओ के … अगर ऐसी बात है तो मै मना नही करुंगा… थैन्क्स बेटा “”इट्स ओ के “और फिर वो चले गये । बस फिर क्या था अब तो 50 % काम हो चुका था। अगले दिन मैने उन के घर पर अपने रुम की चाबी दे दी । और कोलेज चला गया । शाम को आया तो अपनी क्लास चला गया । रात को मैने अपना PC चालू किया और देखने लगा की क्या वो आज आई थी या नही । मैने PC कि हिस्ट्री चैक की तो पता चला की उस ने कुछ यूनिवर्सिटी की साईट यूज की है । शनिवार तक ये ही चलता रहा वो मेरे जाने के बाद रोज आकर नेट पर कुछ ना कुछ करती रहती । सन्डे को मै देर तक सो कर उठता हूँ । मै दस बजे तक सोता रहता हूँ । आज जब मै सो रहा था तभी डोर बैल बजी मैने पूछा “कौन है ” कोई आवाज नही … मै बड्बडाता उठा गेट खोला तो मोहिनि थी …”अभी रुको एक मिनट” मै अन्दर भागा और निक्कर पहन कर आया गेट को पूरा खोला तो वो अन्दर आ गई । उसके साथ एक छोटी बच्ची भी थी “वो मुझे नेट यूज करना था “”ओ … आप PC ओन कर लो… जो करना है करो । मै अभी उठा हूँ …थोडा सा फ़्रेश हो जाउँगा तभी मेरी आँखें खुलेंगी ” और मै हसने लगा । उसके बाद वो PC पर काम करने लगी । और मै मुहँ धोकर बाहर किचन में आ कर काफी बनाने लगा । मै दो काफी और कुछ बिस्किट लेकर रुम में आ गया ।

“ये लो … ये आपकी काफी है । “”अरे आप ये क्यो ले आए … मै अभी चाय पी कर आई हूँ “”मेरे हाथ की पीकर देखो आप को मजा आ जाएगा “”ओ के पर आपको फिर हमारे घर भी आना होगा चाय पीने “”काफी पिलाओगे तो जरूर आ जाउन्गा । चाय मै नही पीता ” “कोइ बात नही आप आना आपको कोफी ही पिलाउन्गी “”ओ के “”तो ठीक है आज शाम को मेरे यहां पर चार बजे “शाम को मै उनके घर चला गया । उन लोगों ने मुझे बडे प्यार से ट्रीट किया मोहिनि ने चाय पिलाई । आज मैने उससे पहली बार बात की यार मजा आ गया … अब तो मुझे उसकी चूत अपने बैड पर नजर आ रही थी । पर अभी भी कुछ बाकी था । उसके बाद हम जब भी मिलते एक दूसरे से बाते करते । एक दिन मै रात को अपने PC पर काम कर रहा था तो मैने हिस्ट्री चैक की तो मेरी आँखें खुली रह गई । मैने देखा उसने कुछ पोर्न साईट यूज की थी । मैने उन्हें ओपन कर के देखा तो ब्ल्यू फ़िल्म चल रही थी । मेरी गान्ड फट गई देख कर ये सब । फिर सोचा की अब मिलने दो साली को । और मैने अपना प्लान तैयार कर लिया उसे कैसे चोदा जाए ।अगले दिन मेरे कोलिज का आफ था मै देर तक रात को जाग कर टीवी देख रहा था । सो अगले दिन देर तक सोया रहा । दोपहर मे मोहिनि आई और PC यूज करने लगी मै उसे देखता रहा । फिर मैने सोचा बेटा ये मोका फिर नही मिलेगा । आज चोद दे नही तो हाथ से हिलाते रहना । फिर मैने उससे पूछा ।”मोहिनि 2 दिन पैहले तुम नेट पर क्या काम किया था “वो थोडा घबरा गई ” नही कुछ नही मै तो बस अपने पेपर के लिये ही यूज करती हूँ “”हाँ मुझे पता है पर उस दिन कुछ और ही काम कर रही थी तुम ” उसका चेहरा लाल हो गया ये सुन कर ।”नही मैने तो बस वही यूज किया था ” उसकी शकल देख कर ही मुझे लगा के उस गान्ड फट चुकि है।”मै बताता हूँ तुम क्या कर रही थी “मैने वो साईट खोल कर कहा तुम ये सब देख रही थी । उस समय साईट पर नंगे लडके लडकियो की फोटो लगी हुई थी उसने डर कर कहा “प्लीज मामा को ये सब मत बताना “”पर तुम डर क्यो रही हो मै तो यूं ही पूछ रहा था बस “”नही मुझे लगा की आप मामा को सब बता दोगे “”नही ये सब तो आम बात है … अब सब को पता होना चाहिए ना की ये सब होता क्या है और कैसे “वो थोडा सा हँसी और गर्दन नीचे झुका ली “कुछ किया भी है या बस फ़िल्मो मे ही मजा लिया है … “”नही मैने ये सब कभी नही किया “”ओ… तो अब तक तुम फ्रेशर हो ” वो चुप थी … मै उस के पास जाकर खडा हो गया और कहा “अगर ये तुम्हारे मामा को पता लगा तो वो क्या सोचेंगे तुम्हारे बारे मे … की तुम ये सब करती हो नेट पर …””क्या आप उन्हें ये सब बता देन्गे पर आप नही बताएँगे तो कैसे पता चलेगा उन्हें ” “सोचना पडेगा इस बारे में “मैने सोचा आज फँस गई मैना जाल में … मार ले बेटा इसकी फुद्दी …”अगर मै नही बताउं तो मुझे क्या मिलेगा …” “जो आप कहो मै वो ला दूगी … बताओ आप “” सोच लो कभी मना कर दो “”नही आप बताओ ” “ओ के बता दून्गा … तुम परेशान मत हों … मामा से मै ये सब नही बताउन्गा “”थैन्क्स … “”बैठो आराम से … बातें करते है … ” हम दोनो ही बैठ गये वो चेयर पर बैठ गई”तुम्हारा कोई बौयफ़्रेन्ड नही है ” “हाँ है मेरे पडोस मे ही रहता है ।””उसके साथ कभी कुछ किया है या नही ” वो चौंक गई एक दम से शरमा कर “नही बस थोडा बहुत … बस हम किस ही करते है ।””क्यो आगे क्यों नही ” “डर लगता है “”क्या उसने कभी तुम्हारे बुब्स दबाए है … ” उसने मुस्कुरा कर हाँ में सर हिला दिया “तभी तुम फिल्मों मे ये सब देखती हो … “वो कुछ नही बोली । पर मुझे पता लग गया कि वो भी मजे लेकर बात कर रही है । “क्या तुम्हारा मन नही करता ये सब करने का “”करता तो है पर डर भी लगता है मैने सुना है की इस सब में दर्द बहुत होता है …। “”पर मजे भी तो आते है डियर … ” मैने देखा वो हँस रही थी और गर्म हो रही थी …यहां मेरे लोअर में भी हलचल मचने लगी ।”अगर तुम चाहो तो मै तुम्हें वो मजे दे सकता हूँ ” मैने देखा वो अब भी शरमा रही थी “पर कुछ प्रोब्लम होगी तो “”नही कुछ नही होगा … बोलो “”पर मुझे कुछ नही पता ये अब कैसे होता है ” “मै तो सब जानता हूँ ना ” “पर एक शर्त पर आप वो सब मामा को नही बताओगे “”मैने कहा कौन सी बात ” और मै हसने लगा … बस मुझे मौका मिल गया था आज मोहिनि को चोदने का …

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