भाभी

मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ, मेरा शेयर और प्रोपर्टी का बिसनेस है।

मेरे मामा का एक लड़का है जिसकी उम्र 44 है, मुझसे दोगुनी उम्र के, और उनकी पत्नी की उम्र 41 है और उनके 2 बच्चे हैं, 1 लड़की 24 साल की, 1 लड़का 20 साल उनका नाम शालू (बदला हुआ) है, मैं उन्हें भाभी कहता हूँ।

शालू भाभी 38 उम्र में भी अच्छी लगती हैं, थोड़ी मोटी हैं, उनका व्यवहार भी अच्छा है और वो मुझे कभी मेरा नाम लेकर तो कभी बेटा कह के बुलाती हैं… मेरे भाई की दुकान है और वो दिन भर अपनी दुकान पर रहते हैं और वो थोड़े ढीले भी हैं, मतलब काफ़ी साधारण..

यह बात 6 महीने पहले की है, मैं एक दिन मेरे उन भाई के यहाँ कुछ कागज लेने गया था, बच्चे स्कूल गए थे और भाभी लंच की तैयारी कर रही थी, उन्होंने सूट पहन रखा था।

मैंने कहा- भाभी, वो कागज दे दो !

भाभी ने मेरा अच्छा स्वागत किया और कोल्ड ड्रिंक लेकर आईं मेरे लिए।बातों बातों में भाभी कहने लगी- तेरे भैया तो घर पर ध्यान नहीं देते, सिर्फ दुकान के काम में ही रहते हैं।

फिर मैं आने लगा तो भाभी ने कहा- अरे बेटा, बैठ ना ! इतनी जल्दी क्या है।

और भाभी मुझ से बातें करने लगी। फिर भाभी ने पूछा- कोई गर्ल फ्रेंड है या नहीं?

तो मैंने कहा- भाभी, कहाँ कोई मुझे पसंद करेगा?

तो भाभी बोली- इतने स्मार्ट हो, और गर्ल फ्रेंड नहीं है?

मैंने कहा- भाभी, आप अपने जैसी कोई ढूंढ दो…

भाभी बोली- अब मैं तो बुड्ढी हो गई, मेरे जैसी का क्या करोगे?

मैंने कहा- भाभी, आप अभी तक कुंवारी सी लगती हो।

और भाभी कहने लगी- अपनी भाभी की ज्यादा तारीफ मत करो !

और हंसने लगी। भाभी हंसने लगी तो उनके झुकने से उनके चुच्चे थोड़े दिखने लगे, भाभी ने यह बात नोटिस कर ली और जानबूझ कर झुक कर बातें करने लगी। मेरा दिमाग ख़राब हो गया और लण्ड पूरा तन गया, मूड हो रहा था कि भाभी को अभी नंगी कर दूँ और खुद भी भाभी के साथ नंगा हो जाऊँ। पर इतने में भाभी के बच्चे आ गए और मैं वापिस आ गया। लेकिन मेरा दिमाग अब यही सोचता रहता कि कैसे भाभी को सेट करूँ…!

अब मैं रोज रात में शालू भाभी को सोच कर मुठ मारने लगा।

एक हफ़्ते बाद भाभी का फ़ोन मेरे पास आया कि उन्हें एक सेकंड हैण्ड स्कूटी चाहिए, अगर कहीं से मिल जाये तो?

मैंने कहा- ओ के भाभी, मैं कुछ इन्तजाम करके आपको कॉल करता हूँ…

दो दिन बाद मेरे मम्मी पापा किसी कार्यक्रम में बाहर चले गए और मैं घर में अकेला रह गया… अब मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि भाभी को अपने घर में बुलाया जाये पर कैसे?

मेरे दिमाग में एक विचार आया, मैंने भाभी को रात में कॉल किया, भाभी ने फ़ोन उठाया, मैंने कहा- भाभी आपके लिए स्कूटी का काम हो गया है। कल मेरे पास एक आदमी स्कूटी लेकर आयेगा, आप सुबह मेरे घर आ जाना…

भाभी बोली- बेटा, मैं 10 बजे तक ही आ पाऊँगी, जब बच्चे और तेरे भैया चले जायेंगे।

मैंने कहा- ओ के भाभी, आप राईट टाइम पहुँच जाना…

अब मुझे नींद नहीं आ रही थी, सिर्फ सुबह का इंतजार कर रहा था, मैंने रात को दो बार मुठ मारी…

सुबह 10 बजे भाभी मेरे घर पहुँच गई भाभी ने गुलाबी सूट पहन रखा था और बहुत सेक्सी लग रही थी।

आते ही उन्होंने मुझसे पूछा- बुआ-फ़ूफ़ा जी कहाँ हैं?

मैंने कहा- बाहर गए हुए हैं।

फिर मैंने उनके लिए चाय बनाई। उन्होंने पूछा- स्कूटी वाला आ गया?

मैंने कहा- भाभी, वो एक घंटे में आएगा, थोड़ा लेट हो जायेगा, अभी उसका फ़ोन आया था…

भाभी मेरे कमरे में बैठी थी, मेरे कमरे में बाथरूम अटैच है…

फिर भाभी इधर उधर की बातें करने लगी लेकिन मेरा लण्ड तो पूरा खड़ा हुआ था पर कैसे भाभी को स्पर्श करूँ, डर भी लग रहा था कि कहीं बात उलटी न हो जाये और मैं बदनाम न हो जाऊँ…

अचानक मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, मैंने कहा- भाभी, मैं नहा कर 5 मिनट में आया, आप बैठो।

और मैं जल्दी से बाथरूम में घुस गया, मैंने अपने कपड़े उतारे, मूड हुआ कि मुठ मार लो, पर सोचा अगर प्लान सफल हो गया तो फिर मुठ मारने का क्या फायदा, भाभी से ही मुठ मरवायेंगे…

5 मिनट बाद में मैं नहा लिया और पूरा नंगा खड़ा हो गया। मैंने आवाज़ दी- भाभी, मेरा तौलिया बाहर रह गया, आप प्लीज दे दीजिये। मैं अपना तौलिया बाहर अपनी मर्ज़ी से रख कर आया था।

और अपने बाथरूम के दरवाजे की कुण्डी खोल कर दरवाजे के सामने नंगा खड़ा हो गया। मेरा लम्बा लंड पूरा खड़ा था, मेरे बाथरूम का दरवाजा बहुत ढीला है, जरा सा धकेलते ही खुल जाता है…

भाभी तौलिया लेकर आई और भाभी ने सोचा दरवाजा अन्दर से बन्द होगा और उन्होंने दरवाजा जोर से खटखटाया तो दरवाजा खुल गया…

दरवाजा खुलते ही मैं सामने बिल्कुल नंगा खड़ा था और मेरा लंड पूरा खड़ा था। भाभी ने जैसे ही मुझे देखा उनका मुँह खुला रह गया। वो सन्न रह गई और जब उन्होंने मेरे खड़े लंड को देखा तो उनकी आँखें फ़ैल गई और वो जल्दी से तौलिया फेंक कर चली गई।

मेरी पहली योजना सफल हो गई…

अब मैं 2 मिनट बाद सिर्फ तौलिया लपेट कर बाहर आया तो भाभी मेरे बेड पर ही बैठी थी…

मैंने उन्हें देखा और शर्माने का नाटक किया तो उन्होंने मेरी तरफ देख कर कहा- दरवाजा अन्दर से बन्द नहीं करते हो और अब शरमा रहे हो?

और हंसने लगी।

मेरा पूरा लंड खड़ा और कड़क हो गया था और मेरे अंदर अजीब से फीलिंग्स हो रही थी…

मैंने शरमा कर कहा- भाभी, आपने मेरा सब कुछ देख लिया ! बुरी बात !

भाभी बड़े प्यार से बोली- बेटा जब मेरी शादी हुई थी तो तू नंगा ही घूमता था…

और फिर कहने लगी- अपनी भाभी से शर्माता है?

मुझे लगा कि भाभी भी मूड में आ गई हैं, मैंने कहा- भाभी वो बचपन था…

तो भाभी खड़ी हो गई और बोली- रुक, तुझे ज्यादा शर्म आती है न अपनी भाभी से?

और पास आकर उन्होंने मेरा तौलिया खोल दिया। मैं बिल्कुल नंगा हो गया और अब मेरी बारी थी सत्म्भित होने की।

भाभी हंस कर मेरा तौलिया मुझसे दूर ले गई… और कहने लगी- शेम शेम बेबी ! शेम शेम !

और हंसने लगी।

मैं पूरा नंगा खड़ा था और भाभी मुझसे थोड़ी दूर मुझे नंगा देख कर शेम शेम कह कर हंस रही थी।

मैंने अपने दोनों हाथों से अपना लंड ढकने की कोशिश की और भाभी से कहा- प्लीज, मेरा तौलिया दे दो !

मेरा लंड मेरे हाथों से भी नहीं ढक पा रहा था।

भाभी बोली- अब बोलो…

और हंसने लगी।

फिर मैंने कहा- ठीक है भाभी, अब रुको, मैं अभी आपसे तौलिया लेता हूँ।

मैं नंगा भाभी की तरफ गया और उनसे चिपक गया और तौलिया छीनने का नाटक करने लगा। मैंने भाभी को अपनी बाहों में जकड़ लिया, मैं पूरा नंगा और भाभी ने कपड़े पहन रखे थे। बहुत मज़ा आ रहा था…

फिर भाभी भी पूरे मूड में आ गई और उन्होंने भी मुझे अपनी बाहों में कस के पकड़ लिया और गरम साँसे छोड़ने लगी। फिर भाभी का एक हाथ मेरे लंड पर आ गया मुझे इतना सुकून मिल रहा था… और भाभी का दूसरा हाथ मेरे कूल्हों पर था, वो मेरे कूल्हों को दबा रही थी..

मैंने फिर भाभी को अपने से थोड़ा दूर किया और उनके मम्मे सूट के ऊपर से दबा दिए।

भाभी की सिसकारी निकल गई…

फिर मैंने भाभी से कहा- अब आपके कपड़े उतारने दो।

तो वो बोली- उतार ले मेरे बेटे अपनी भाभी के कपड़े !

और मेरा लंड को सहलाने लगी।

मैंने भाभी का कमीज उतारा तो उन्होंने गुलाबी ब्रा पहन रखी थी। उफ्फ ! उनके बूब्स लटके हुए थे पर बहुत बड़े और सेक्सी थे।

मैंने कहा- भाभी दूध पिलाओ ना !

उन्होंने कहा- पी ले मेरे बेटे !

और उनका एक हाथ मेरे लंड पर ही था। मैं ब्रा उतार कर चुच्चे चूसने लगा।

भाभी का पेट भी बाहर निकला हुआ था क्योंकि वो मोटी थी। अब भाभी सिर्फ सलवार में थी और मैं उनके मम्मे बच्चे की तरह चूस रहा था और वो मेरा लंड अपने मुलायम हाथ में पकड़े हुए थी और हम दोनों खड़े हुए थे।

फिर मैंने भाभी के सलवार के नाड़े को खींच दिया और उनका सलवार सरक कर नीचे गिर गई। भाभी अब सिर्फ चड्डी में थी। मैंने एक हाथ से उनकी पैंटी नीचे कर दी, उन्होंने अपनी चूत के बाल साफ़ नहीं किये थे, वहाँ घने काले बाल थे। मैं अपना हाथ वहाँ फिराने लगा। भाभी का हाथ मेरे लण्ड पे था और मेरा भाभी की चूत पर !

फिर मैंने अपने लण्ड की तरफ इशारा करके कहा- भाभी, प्लीज इसे किस करो ना !

भाभी अपने घुटनों के बल बैठ गई और मेरा लंड दोनों हाथों से पकड़ कर धीरे धीरे चूसने लई।

ओह ह्ह ! मुझे ऐसा लग रहा था कि सारी ख़ुशियाँ मुझे मिल गई। मैं भाभी की नंगी पीठ सहला रहा था और भाभी मेरा लंड चूस रही थी।

पाँच मिनट बाद भाभी खड़ी हो गई और बोली- बेटा अब तू भी नीचे किस कर !

मैं समझ गया भाभी कि वो भी मुझे चूत चटवाना चाहती हैं। मैं अपने घुटनों के बल बैठ गया और भाभी की चूत में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा… भाभी खड़ी थी और मेरी पीठ सहला रही थी। मैंने देखा कि भाभी बार बार आँखें बंद करके सिसकारी ले रही थी…

मुझे भी मज़ा आ रहा था।

पाँच मिनट बाद मैं खड़ा हो गया और भाभी को बेड पर लिटा दिया। भाभी का पेट लटका हुआ था तो मैं उनकी कमर और पेट पर धीरे धीरे काटने लगा। भाभी को भी मज़ा आ रहा था, वो धीरे धीरे कह रही थी- बेटा मुझे जाने दे, अपनी भाभी को ऐसे मत काट ! प्लीज !और आहें भर रही थी।

मैं नंगी भाभी के ऊपर पूरा नंगा लेटा हुआ था। फिर भाभी ने कहा- बेटा, प्लीज़ अब अंदर डाल !

मैंने कहा- हाँ भाभी, डालता हूँ।

मैंने अपना लंड पहले भाभी की चूत के बालों में रगड़ा फिर धीरे धीरे लंड अंदर करने लगा।

भाभी आह हह… कर रही थी। फिर भाभी ने मेरे कूल्हे जोर से पकड़ लिए और मैं जोर से धक्के लगाने लगा। थोड़ी देर में भाभी झड़ गई, मैं भी झड़ने वाला था। भाभी बोली- बेटा, अपना पानी बाहर निकालना, कोई प्रॉब्लम न हो जाये ! मुझे अभी तीन दिन पहले मेरा महीना बंद हुआ है।

मैंने कहा- ठीक है।

फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल कर अपना सफ़ेद पानी भाभी की चूत पर छोड़ दिया। मेरा सफ़ेद गाढ़ा पानी भाभी की चूत के बालों में गिर गया। मैंने भी जोर से आह की आवाज़ निकाली…

फिर भाभी बोली- अब कोई कपड़ा लेकर अपनी भाभी को साफ़ कर !

मैंने कहा- भाभी, बाथरूम में करते हैं।

मैं और भाभी दोनों नंगे बाथरूम में गए, भाभी ने चूत की तरफ इशारा कर के कहा- अब तूने मुझे गन्दा किया है। साफ़ भी तू ही कर ! भाभी ने मुझसे ही अपनी चूत साफ़ करवाई।

फिर मैंने भी भाभी से उनके मुलायम हाथों से अपना लंड साबुन से धुलवाया।

फिर भाभी और मैंने कपड़े पहने, भाभी ने कहा- तुम्हारी स्कूटी वाला?

और जोर से हंसने लगी।

मैंने कहा- भाभी रुको ना, मत जाओ अभी !

तो वो बोली- बेटा, स्कूल का टाइम हो गया, बच्चे आते होंगे !

सच कहूँ, जब वो बेटा कहती हैं तो मुझे और ज्यादा सेक्स चढ़ता है।फिर वो चली गई…

उसके बाद हमें कम ही मौका मिलता है सेक्स करने का, पर जब भी मिलता है, मज़े आते हैं और हम फ़ोन पर तो रेगुलर गन्दी गन्दी बातें करते हैं…

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