फ़ोन सेक्स – मोबाइल फ़ोन सेक्स

8 महीने पहले मेरे एग्जाम्स चल रहे थे, मेरा पहला एग्जाम आया और चला गये ऐसे ही, दूसरा एग्जाम आया, हम एग्ज़ॅमिनेशन हॉल मैं बैठे थे की थोड़ी देर मैं एक टीचर आई, उसकी ड्यूटी थी, बस उसको देखते ही मेरी नज़र आन्सर शीट से हटकर उसके उपर ही लगी रही, मैं इधर उधर देखने के बहाने उसको देखता रहता था. उसकी हाइट 5’६ इंच, हेल्ती थी, बूब्स मोटे मोटे थे और जब हँसी थी किसी से बात करते हुए तो ऐसा लगता था की बोल रही हो- “प्लीज़ मुझे चोदो ना” वो ना तो बहुत सुंदर थी और ना ही बहुत सेक्सी बस एकदम मस्त माल था.

उसकी वजह से मेरी एग्जाम मैं लिखने की स्पीड भी स्लो हो गयी. उसे हमारी आन्सर शीट साइन करनी होती थी जब भी हू मेरे साथ वाली बेंच पर झुक कर किसी और की शीट साइन कर रही होती थी तो मैं उसके मोटे मोटे हिप्स को तिरछी निगाहों से देखता रहता था जिससे कोई और ना देख ले ओरजब वो मेरे बेंच पर आती तो मैं उसके बूब्स पर नज़र रखता था, उसकी बूब्स की लाइन सूट मैं से एकदम चूत की लाइन जैसे लगती थी. उसे देखते देखते मेरा 2, 3, 4th एग्जाम भी चले गये. फिफ्थ एग्जाम तक तो मैं उसे एग्जाम रूम मैं बैठे बैठे कई बार सपनों मैं चोद चुका था.

सबसे ज़्यादा मुझे उसकी चुचियाँ, हिप्स और स्माइल पसंद आई बस मन करता था की उन्ही को देखता रहूं और मौका लगे तो खा जाऊं . खैर हुमारा 5th एग्जाम चल रहा था और सब एग्जाम रूम मैं बैठे अपनी आन्सर शीट्स भर रहे थे और मैं भी, मैं बीच बीच मैं सिर उठा कर उसको देख लेता. वो चेयर पर अपने दोनो हाथ अपने बूब्स के नीचे रख कर बैठी थी जैसे कमर से रस्सी कस लेते हैं जिससे उसके बूब्स उसके हाथों पर आराम से बैठे थे. मैने उसे कई बार देखा, थोड़ी देर बाद मैं सिर उठा कर कहीं और देखने लगा और मैं उसे देखने ही लगा था की मैने उसे देखा वो मुझे देख रही है और हंसते हुए इशारा कर रही है की – “लिख लो”. थोड़ी देर बाद हू सबकी शीट्स साइन करते हुए मेरी पास आई और धीरे से हंसते हुए बोली की – “लिख भी लिया करो कुछ बस इधर उधर ही देखते रहते हो”, मैने तो कुछ एक्सपेक्ट भी नहीं किया था की वो मुझसे कुछ बोलेगी मैं तो बस सांत्वे आसमान पर पहुँच गया जब उसके प्यारे से होंठों को हिलते हुए देखा और वो कातिल स्माइल…..
अगर वो कुछ और देर बोलती तो उसके होंठ अपने होंठ से पकड़ लेता,

मैं कुछ बोल ही नहीं पाया और वो चली गयी. मैं उस दिन पूरे एग्जाम मैं मुस्कुराता रहा. फिर हमारा लास्ट 6th एग्जाम
बचा था, मैं वोही सब दोहराता रहा जो मैं पिछले 5 एग्जाम से कर रहा था. वो मेरी पास वाली रो मैं राउण्ड लगा रही थी आगे – पीछे, मैं निगाहें उँची कर कर के उसको देख रहा, वो घूमी और उसके निगाहें मेरे से टकराई और वो मुस्कुरा दी और मैं भी अंजान बन कर मुस्कुरा दिया.

मेरा आज मन कर रहा था की इससे बात करूँ और इसका नंबर माँग लूँ अब चाहे जो हो.. लास्ट एग्जाम ही है ज़्यादा से ज़्यादा क्या कर लेगी एग्जाम कॅन्सल कर देगी गुस्से मैं आकर और क्या होगा नेक्स्ट इयर दे दूँगा फिर से एग्जाम एक ही तो है
( सच मैं दोस्तों ये ठरक इंसान को कुछ भी करने पर मजबूर कर देती है) पर सवाल ये था की उसका नंबर कब और कैसे माँगूँ. मैने पहले कभी ऐसा नहीं करा था मैं तो बस शरीफ़ सा सेक्स स्टोरी पड़ने वाला और BF देखने वाला लड़का था जिसने आज तक रियल मैं चूत नहीं देखी थी तो उससे नंबर कैसे माँगता और क्या कह कर माँगता मेरी यही सोच कर फट रही थी,

तभी मैने सोचा की क्यूँ ना इससे एग्ज़ॅम रूम मैं ही नंबर मांग लेता हूँ शायद ये वहाँ कुछ ना बोले क्यूंकी सब होते हैं तो कम से कम उसके गुस्से से तो बचा रहूँगा और हाँ अगर भड़क गयी तो बस मैं गया पर फिर वोही सवाल की कैसे?????????? थोड़ी देर बाद हू मेरे डेस्क पर आई साइन करने और मुझे बोली – “ बस देखते रहते हो लिख भी लिया करो कुछ शैतान” मैं हंस दिया कुछ नहीं बोला और जल्दी से क्वेस्चन पेपर को एक साइड से मोड़ा और उस पर “नंबर ” लिख दिया. उसने पहले मुझे 2 सेकेंड देखा की ये मैने क्यूँ लिखा है देन उसने क्वेस्चन पेपर पर जल्दी से अपना नंबर लिख दिया और मेरी आन्सर शीट पर साइन कर के चली गयी.

उसका नंबर अपने क्वेस्चन पेपर पर देख कर तो मेरे होश ही उड़ गये ऐसा लगा की जैसे बस वो मेरे सामने नंगी पड़ी है और बोल रही की प्लीज़ “ विशाल चोदो ना मुझे जान, अपनी वर्जिनिटी मुझे दे दो ”. बस उसका नंबर लेते ही मेरे मन मैं ये हुआ की बस जल्दी से एग्ज़ॅम ख़तम हो और मैं उससे फोन पर बात करूँ क्यूंकी वहाँ सबके सामने मैं बात नहीं कर सकता था. उस दिन मै अपने फ्रेंड्स से क्वेस्चन पेपर डिसकस करे बिना ही घर चला गया. और शाम होने का वेट करता रहा क्यूंकी वो दिन मैं कॉलेज मैं ही होती थी वो टीचर जो थी वहाँ. फिर शाम को 7 बजे मैने डरते हुए उसका नंबर डायल किया .

टेलिफोनिक कॉन्वर्सेशन:

मे: हेलो, गुड ईव्निंग मेम
शी: हू इस दिस ?

मे: मेम आपने नहीं पहचाना?
शी: सॉरी नहीं पहचाना, कैन यू प्लीस टेल में हु आर यु ?

मे: मेम …. मैं शैतान
शी: (थोडा सोच कर) ओह. हहेहेहहेहेहेहेः. तो तुम हो मिस्टर.

मे: (हंसते हुए) येस मेम … मैं हूँ.
शी: तो मिस्टर. कैसे हुए एग्जाम ? अच्छे तो नहीं हुए होंगे कुछ लिखते ही नहीं तुम बस इधर उधर ही देखते रहते हो हर टाइम.

मे: नो मेम ऐसी बात नहीं है,लिखता भी हूँ हाँ बस लिखते लिखते बोर हो जाता हूँ तो बीच मैं सबको देख लेता हूँ की सब क्या कर रहे हैं.
शी: ओह, तो मिस्टर. बोर हो जाते हैं एग्जाम करते करते, इन्हे हर वक़्त एंटरटेनमेंट चाहिए, हैं

मे: येस मेम ..
शी: और तुम्हे नंबर लेने के लिए वोही टाइम और जगह मिली थी?

मे: सॉरी मेम
शी: अरे बाबा पूछ रही हूँ, गुस्सा नहीं हूँ

मे: ओक मेम , आक्च्युयली मेम बाद मैं पता नहीं होता आप दिखती नहीं है सो मैने सोचा की रिस्क क्यूँ लूँ
शी: ओह, पर मेरा नंबर तुम्हे किसलिए चाहिए था?

मे: मेम आपसे बात करने का मा था इसीलिए
शी: मुझसे? क्यूँ भाई मैने क्या करा है?

मे: मेम , बस मेरा मान करा तो ले लिया, अगर आपको बात नहीं करनी तो इट्स ओक (सेड टोन )
शी: अरे भोंदू मेरे कहने का ये मतलब थोड़ी ना था , बस ऐसे ही पूछ लिया तुम तो बुरा ही मान गये,भोंदू हो एक नंबर के ..

मे: ( हंसते हुए) ओके मेम थॅंक्स, मेम जस्ट वांटेड टू बी युवर फ्रेंड
शी: ओह, बिलकुल.. डियर, यूर नेम इस विशाल ना?

मे: येस मेम , म म मेम मैं आआपका नाम जान सकता हूँ प्लीज़? सिग्नेचर मैं समझ नहीं आया था.
शी: (हंसते हुए) या स्योर , अंशिका गर्ग.

मे: नाइस नेम अंशिका मेम

आंशिका: थॅंक्स डियर.

आंशिका: अछा सुनो ई हॅव तो वर्क नाउ थोड़ी देर बाद बात करते हैं, ओक?
मे: यॅ शुवर माँ आस योउ से

अंशिका : थॅंक्स डियर
मे: मेन्षन नोट मेम , वी आर फ्रेंड्स आफ्टर ऑल

अंशिका : या !
मे: मेम , शुड आई कॉल यूं लेटर ओर ओन्ली टुमॉरो,

अंशिका : (सोच कर) म्*म्म्मम चलो मैं मेसेज कर दूँगी तब कॉल कर लेना ओके
मे: ओके मेम .

अंशिका : ओके बाइ फॉर नाउ. BYएईई
मे: बाइ मेम .

बस उसके फोन रखते ही मेरा मान तो सांत्वे आसमान पर पहुँच गया , लगा की जन्नत मिल गयी मुझे, कभी किसी लड़की को फ्रेंड बना कर इतनी खुशी नहीं हुई जितनी आज उसे बनाकर हुई थी, तभी मुझे महसूस हुआ की कहीं दर्द हो रहा है, नीचे देखा तो मेरी जीन्स मैं लोड़ा एक दम सीधा खड़ा था और जीन्स टाइट होने की वजह से उसके हेड मैं पेन हो रहा था. मैंने जल्दी से कपड़े बदले कंप्यूटर ओन करा और नेट से स्टोरीस और बी ऍफ़ देखने लगा और उस दिन मैने 3 बार लगातार मूठ मारी.

उसने फिर मुझे रात को 9 बजे मेसेज करा – “ या आई एम् फ्री नाउ, तुम फोन कर सकते हो. ”

मैंने फोन किया.

मे : हेलो मेम
अंशिका : या हेलो डियर !

अंशिका : खाना खा लिया?
मे: नहीं

अंशिका : क्यूँ? कब खाओगे?
मे : अभी मन नहीं है, आपने खा लिया?

आंशिका: हाँ बना भी लिया और खा भी लिया
मे: ओक, तो आप खाना भी बना लेती हैं….

आंशिका: क्या मतलब?
मे : मुझे लगा की बस स्टूडेंट्स को डांटना ही आता है.

आंशिका: नहीं ऐसी बात नहीं है, स्टूडेंट्स को कौन डांटना चाहता है बस कुछ शैतान स्टूडेंट्स होते हैं
मे : ह्म्*म्म्मममममम, शैतान स्टूडेंट्स को डांट कहाँ पसंद है मेम , हहेहहहे

आंशिका: हहेहहे, ह्म ये तो है, और ये मेम मेम क्या लगा रखा है कभी तो फ्रेंड बोलते हो और फिर मेम भी बोलते हो, डिसाइड कर लो की स्टूडेंट बनना है या फ्रेंड?
मे: जो आपको ठीक लगे मेर्को तो बस आपसे बातें करनी है

आंशिका: ओह, मिस्टर. बतुनी, नाओ जस्ट कॉल मे आंशिका, ओक? वी आर जस्ट फ्रेंड्स
मे: (खुश होते हुए) ओके आंशिका

बस फिर हम तू तड़क पर आगये और हमारी दोस्ती ने नया मोड़ लिया

आंशिका: और बता क्या करेगा अब हॉलिडेज़ मैं अब?
मे: कुछ नहीं यार, देखता हूँ

आंशिका: घूमने वूमने नहीं जा रहा कहीं दोस्तों के साथ?
मे: हाँ, देखूँगा कोई प्लान बना तो

मे: तुम बताओ, कॉलेज कब तक जाना है?
आंशिका: आई एम् टीचर… स्टूडेंट्स तो हैं नहीं जो की हूमें हॉलिडेज़ मिलेंगी इतनी, हूमें तो जाना ही है

मे: ओके…सो सेड ..
आंशिका: डियर इस सेड्नेस की सेलरी मिलती है

मे: कितनी मिलती है?
आंशिका: आई गेट 22k पर मंथ

मे: नाइस यार
आंशिका: थॅंक्स

आंशिका: तुम्हारे घर मैं कौन कौन है?
मे: मैं और मेरी तन्हाई, हहहे
आंशिका: मज़ाक मत करो बताओ
मे: हहेहहेः, मैं और मेरे मोम डेड , नो सिब्लिंग्स

अँहसिका: ओक अलोन चाइल्ड
मे: और तुम्हारे घर मैं?

आंशिका: मैं और मेरी छोटी सिस…एंड मोम डेड एंड ग्रॅंडमदर.
मे: ओक, नाइस

मेरा तो मान खुश हो गया साली की छोटी बहन भी है, अगर इसकी मिल गयी तो शायद उसकी भी मिल जाए,फिर मैने उसकी छोटी सिस के बारे मैं पूछा

मे: तुम्हारी छोटी सिस क्या करती है,
आंशिका : उसने अभी 12th पास करी है

मे: ओक, सो तुम्हारी तरह टीचर बनना है उसे भी क्या?
आंशिका: नो , उसे नहीं पसंद टीचिंग जॉब, उसके पास साइन्स साइड है तो उसी मैं कुछ करेगी

मे: गुड, क्या नाम है आपकी छोटी सिस का
आंशिका: कनिष्का

मे: आपके मोम डेड की दाद देनी होगी , चुनकर नाम रखे हैं दोनो बेटियों के, आंशिका एंड कनिष्का, उनके दो उनमोल रतन न
आंशिका: हहेहहेहेहेः, थॅंक्स, सो स्वीट ऑफ यू

मे: मेन्षन नोट
आंशिका: सोते कब हो?

मे: क्यूँ नींद आ रही है क्या?
आंशिका: नहीं पूछ रही हूँ

मे : देर से ही सोता हूँ और अब तो एक नया दोस्त मिल गया है तो शायद और देर से सोउन..
आंशिका: ह्म्*म्म्मम, क्यूँ सिर्फ़ मैं ही हूँ क्या दोस्त और कोई नहीं है? तुम्हारी गर्ल फ्रेंड तुम्हे फोन नहीं करती

मे: GF? उसके पास मेरा नंबर नहीं है और मेरे पास उसका
आंशिका: हैं??????? ये कैसे जीएफ बीएफ हो तुम? बात कैसे करते हो तुम लोग

मे: अरे है ही नहीं मेरी कोई जीएफ
आंशिका: हे भगवान, तो सीधे सीधे नहीं बोल सकते. वैसे लगता नहीं की तुम्हारी कोई जीएफ ही नहीं है.

मे: क्यूँ मैं क्या सलमान ख़ान हूँ?
आंशिका: नहीं फिर भी ऐसे ह, चलो तुम कहते हो तो मान लेती हूँ, दोस्त से झूठ थोड़ी ना बोलॉगे, राईट ?
मे: येस मेम
आंशिका: फिर मेम ? मैं बात नहीं करूँगी अब

मे: अरे वो वाला मेम नहीं बोला, ये तो ऐसे ही
आंशिका: ओके फिर सही है

मे: आपका बीएफ आपसे फोन पर बात नहीं करता
आंशिका: नहीं यार, मैं भी तुम्हारी तरह तन्हा हूँ

मे: (फ्लर्ट करते हुए) ह्म तुम भी तन्हा मैं भी तन्हा, चलो अपनी तन्हाइयों को ख़त्म करते हैं और जीएफ बीएफ बन जाते हैं
आंशिका: हाँ क्यूँ नहीं, अपनी मों को तुमहरे यहाँ भेज देती हूँ शादी की बात भी कर लेंगी

मे: अरे आप अपनी मों को क्यूँ तकलीफ़ दे रही हो मैं अपनी मों को भेज देता हूँ, हेहहेहेहहे
आंशिका: चुप रहो तुम, बहुत उछलते हो तुम, अभी से शादी करने की पड़ी है, क्या करोगे इतनी सी उमर मैं शादी करके हैं?

मे: क्या करते हैं सब शादी करके? वोही करूँगा और मैने तो बस जीएफ बीएफ की बात करी थी तुमने ही शादी की बात करी सो यू आर डेस्परेट.
आंशिका: हाँ तो …आई एम् 27 इयर ओल्ड और डेस्परेट भी ना हूँ अब, तो कब हूँगी

(चलो साली की एज भी पता चल गयी धीरे धीरे इसकी फिगर, ब्रा साइज़ और पेंटी की साइज़ भी पता लगाने हैं)

मे: तुम्हे झूठ बोलते हुए शरम नहीं आती?
आंशिका: मैने क्या झूठ बोला?

मे: यही की यू आर २७ इयर ओल्ड …यू मस्त बी अराउंड 22
आंशिका: पागल हो क्या, आई एम् 27, अपना बर्थ सर्टिफिकेट दिखाऊ क्या?

मे: नहीं रहने दो
आंशिका: तुम्हे मैं 22 की क्यूँ लगी?

मे: बस लगी
आंशिका: नो बताओ, मुझे भी सुन्नी है अपनी तारीफ़

मे: अरे बाबा अब इसमें क्या बताऊँ , लगी तो लगी
आंशिका: (गुस्से से) ठीक है बाइ, गुड नाइट

मे: अरे यार ऐसा क्या हो गो गया
आंशिका: कुछ नहीं हुआ, तुम नखरे कर लो

मे: हे भगवान, आंशिका मेम को इतना गुस्सा आता है मुझे नहीं पता था
आंशिका: हाँ आता है,
मे: अछा अब तुम ही बताओ कैसे एक्सप्लेन करूँ?
आंशिका: तुम्हे पता होगा, तुम मैं 22 की क्यूँ लगी

मे: (सोच ही रहा था बोलने के लिए की क्या बोलूं तभी पीछे से आवाज़ आई)

दीदीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई, कब से बोल रही हूँ, बालों मैं आयिल कब लगावगी?
आंशिका: आ रही हूँ कन

आंशिका: सॉरी यार, वो कनिष्का के बालों मैं आयिल लगाना है, तुमसे कल बात करती हूँ ओक, सॉरी हाँ डोंट माइंड
मे: (टूटे दिल से) कोई नहीं, गो.. डू आयिलिंग

आंशिका: और हाँ भूल मत जाना कल पूछूंगी यही बात की वाइ आई वाज़ लुकिंग ऑफ 22 टू यू
मे : ओक डियर,

आंशिका: ओके गुड नाइट,
मे: या गुड नाइट फ्रेंड

साली की छोटी सिस ने सारी बात की माँ बहन चोद दी , बालों मैं तेल लगवाना था उसे, मन कर रहा था अपना लेस मल दूं उसके बालों मैं, खैर कोई बात नहीं अभी तो और रातें है बात करने के लिए.

अब मेरा मोटिव था की इससे ओपन कैसे हूँ, मैने सोचा क्यूँ ना इसे इसी सवाल का जवाब देने मैं ओपन होने की ट्राइ करूँ, सो मैने सोच लिया की कैसे ट्राइ करूँगा ओपन होने के लिए.

थोड़ी देर बाद उसका मेसेज आया – “गुड नाइट, सो जाना टाइम से और हाँ भूलना मत बात को कल भी पूछूंगी”

मैने रिप्लाइ करा – ओके डियर, नहीं भूलूंगा चलो गुड नाइट, कल कॉलेज जाना है?

आंशिका रिप्लाइ – हाँ जाना है फ्रॉम 8 ऍम टू 2 पीयेम

मेरा रिप्लाइ – तो बात नहीं हो पाएगी उस बीच?

अंशी”स रिप्लाइ – मुश्किल है, मेसेज से बात करलेंगे ओक

मेरा रिप्लाइ – ओक, गुड नाइट

लोड़ा तो मेरा हमेशा की तरह तना ही हुआ था तो बस खोल ली सेक्स स्टोरीस साइट्स और बीएफ और आंशिका और उसकी छोटी बहन कनिष्का को उन पोर्न स्टार मैं देखता रहा.

नेक्स्ट डे सुबह 8:30 बजे, मैने उसे मेसेज करा

मेरा मेसेज : हाई , गूडमॉर्निंग, वेर आर यू ?
अंश’स रिप्लाइ: गूडमॉर्निंग, गोयिंग कॉलेज ,ऑन दा वे , बड़ी जल्दी उठ गये

मे: हाँ, जल्दी सो गया रात को,
अंश : ओक, मैने तुमसे कल शायद कुछ पूछा था उसका जवाब कब मिलेगा?

मे: हाँ हाँ याद है, आई नो, पर मेसेज पर नहीं दूँगा जवाब, कॉल पर ही दूँगा
अंश: क्यूँ, मेसेज मैं क्या प्राब्लम है?

मे: मुझे भी तो सुनना है तुम्हारा रीएक्शन क्या होगा मेरे आन्सर पर
अंश: ह्म, चलो ठेके है फोन पर ही बता देना

अंश: अछा मैं अब बिज़ी हूँ, बाद मैं बात करते हैं ओक
मे: ह्म, ठीक है बाइ

उस दिन, नून मैं मेरा दोस्त घर आया, बड़ा खुश नज़र आ रहा था, मैने पूछा क्या हुआ भाई इतना खुश क्यूँ है? हू बोला यार बड़े दिनों बाद चूत ली मज़ा आ गया.
जब भी कोई मेरा दोस्त मुझे ये बोलता था की उसने लड़की को चोदा है तो मेरी झाँते जल जाती थी क्यूंकी मैं अभी तक वर्जिन था, पर मुझे प्रोस्तितुएस को चोदने का मन भी नहीं था वो सब उन्हे ही चोदते थे ज़्यादातर. मैने उसे पूछा किसे चोद आया?

बोला -यार एक हाउसवाइफ थी, बड़ी मस्त उसके यहाँ गये थे मैं और मेरा दोस्त, बड़ी मस्त थी यार. मुझे दूसरों की चुदाई की कहानी सुनने मैं बड़ा आता था तो मैने उसे पूछा बता कैसे चोदा , कैसी थी वो.उसने बताना शुरू किया —-

हम कल रात को 9 बजे उसके घर गये साउथ एक्स मैं, पहले मेरा दोस्त गया उसके साथ रूम मैं उसे चोदने, उसका पति बैठा न्यूज़ देख रहा था और मैं तब तक उनकी 8 साल की बेटी के साथ बाहर खेल रहा था, फिर आधे घंटे बाद मेरा दोस्त बाहर आया और मैं अंदर चला गया. मैने देखा वो बेड पर नंगी पड़ी है और पसीने से तर बतर है, और उसके मोटे मोटे बूब्स उपर नीचे हो रहे हैं, वो ज़ोर ज़ोर के साँस ले रही थी, मैं उसे देख रहा था की उसकी नज़र मेरे उपर पड़ी और बोली – “ साले सिर्फ़ देखेगा क्या? जल्दी से कपड़े उतार और चढ़ जा , बाहर घूमने भी जाना है आज मुझे फॅमिली के साथ जल्दी आ”, तो मैने जल्दी से कपड़े उतरे और उसके पास गया और उसको ज़ोर का किस करा, उसकी साँसे ऑलरेडी गरम थी, 5 मिनट उसको किस करता रहा और उसके बूब्स को दबाता रहा और फिर उसकी नेक को चूमते हुए उसके बूब्स को चूमा और उसके निपल मुँह मैं लेकर काटे, उसने ड्रॉयर मैं से कॉंडम निकल मुझे दिया, मैने कॉंडम चदयया और उसे चोदने लगा, 15 मीं चोदा और मैं झड़ गया.

मैने कहा बस? ये तो यार KLPD है. बस गये और चोद आए. मेरा दोस्त बोला तो क्या पूरी सुहग्रात बनता उसके साथ? मेरी बीवी नहीं है हू. मैने कहा फिर भी यार कुछ मज़े तो करता ये क्या की बस जाओ और झाड़ कर आ जाओ, इससे अछा है की मूठ ही मार लो,
वो बोला सेयेल तूने अभी चूत का सवद चखा नहीं है तो ज़्यादा बकवास मत कर, यह सुनकर मेरी गांड सुलग गयी, पर मैने मन मैं सोचा – “ साले जिस माल को पटाने मैं मैं लगा हूँ अगर वो मान गयी तो मेरी रोज़ दीवाली है और तुम साले प्रोस्तितुएस को ही चोदते रहना ”.

थोड़ी देर बाद मेरा दोस्त चला गया, मैने फिर आंशिका को मेसेज करा – “फ्री हो गयी क्या?” उसने रिप्लाइ करा – “नहीं अभी नहीं, सी यु लेटर, बाइ”.

मैं यही सोच रहा था साली क्या कर रही होगी कॉलेज मैं जो इतनी बिज़ी है, ज़रूर किस स्टूडेंट से चुद रही होगी, और ये सोचकर मैने मूठ मारी उसकी याद मैं.

. 4 बजे मैने फिर उसको मेसेज करा – “ अब फ्री क्या? या अभी भी बिज़ी?”
5मीं बाद उसकी कॉल आई

आंशिका: हेलो, क्या यार पेशियेन्स नहीं है तुम मे? मैने कहा था ना की मेसेज कर दूँगी जब फ्री होंगी.
मे: ओक सॉरी बाइ

और मैने फोन कट कर दिया, उसने फिर से कॉल करा, मैं कट करता गया. देन उसका मेसेज आया.

अंसिका’स मेसेज – क्या यार तुम तो बुरा मान गये, दोस्त से कुछ बोल भी नहीं सकते अब
मेरा रिप्लाइ : नो सॉरी, इट्स ओक यु डू युवर वर्क, मैं तो फ्री हूँ ना तो परेशन ही करूँगा

आंशिका’स रिप्लाइ : सॉरी यार, लड़की की तरह नखरे कर रहे हो, मैं अब कॉल कर रही हूँ
अगर नहीं उठाई तो मैं भी बात नहीं करूँगी

देन उसने कॉल करा, मैने रिसीव कर लिया

आंशिका: हेलो, मिस्टर सडू
मे :हाँ भाई हूँ सडू

आंशिका: अरे सॉरी ना बाबा,तुम तो बहुत जल्दी बुरा मान जाते हो
मे : नहीं ऐसी बात नहीं है

आंशिका: अछा, चलो छोड़ो ये बताओ क्या करा पूरे दिन?
मे : कुछ ख़ास नहीं, बोर होता रहा, दिन मैं दोस्त आया था, उससे बातें करी , देन बाहर घूमने गया. तुम्हारा दिन कैसा रहा?

आंशिका: हाँ ठीक ही था, काम था आज भी
मे : हाँ वो तो मैं जानता ही हूँ की आज ज़्यादा काम था

आंशिका: हहेहहे, बस भी कर यार अब क्या मारेगा , ग़लती हो गयी बस
मे : ह्म्*म्म्म, और बताओ अब क्या करोगी?

आंशिका: कुछ नहीं फिलहाल, हाँ तू मेरको बताने वाला था कुछ
मे : (जानभुजकर अंजान बन कर) अछा! क्या बताने वाला था?

आंशिका: (गुस्सा हो कर) कुछ नहीं, मैं भी अब बात नहीं कर रही जा बाइ
मे : हहहे, अरे बाबा मज़ाक कर रहा था, याद है, तुम्हे उस सवाल का जवाब देना है, की मेर्को तुम 22 साल की क्यूँ लगी

आंशिका: हाँ तो बताओ
मे : मैं तो रीज़न तुम्हारी स्माइल, जैसे किसी बच्चे की होती है,

आंशिका: (साली खुश होते हुए ) अछा जी, मुझे तो नहीं पता थॅंक्स, और बोलो
मे: और क्या बस

आंशिका: तुमसे कुछ पूछना ही बेकार है
मे: यार तुम भी ना, फेस पर भी इतनी मेचुरिटी नजर नहीं आई, फेस से ही पता चल रहा था की यु आर फन लविंग पर्सन, तभी तो नंबर लिया तुम्हारा वहाँ

आंशिका : हाँ हू तो है, ई आम फन लविंग, थॅंक्स फॉर कॉंप्लिमेंट्स
मे ; अरे क्या कॉंप्लिमेंट्स यार, मैने सच बोला बस

आंशिका: सो स्वीट ऑफ यु , अछा अब मैं बतौन अब तुम्हारे बारे मैं
मे : या वाइ नोट, एस यौर विश

आंशिका: वेल तुम्हारी हरकतों को देख कर ही पता लग रहा था यु आर नोटी बॉय
मे : अछा जी, इधर उधर देखने मैं ही नोटी हो गया

अँहसिका: अछा रहने दो, बस इधर उधर, मैं वहाँ ड्यूटी कर रही थी और सब की निगाहों पर नज़र था मेरी.

( मैं तो डर गया कहीं साली ने देख तो नहीं लिया उसके बूब्स को देखते हुए)

मे: (डरते हुए) क्यूँ क्या करा मैने?

आंशिका: बता दूं?
मे : (फटी हुई हालत से) हाँ क्यूँ नहीं

आंशिका : तुम्हारे साइड मैं जो लड़की बैठी थी, जो शॉर्ट टॉप्स पहेंकर आती थी उसको ही घूरते रहते थे तुम
मे : (जान मैं जान आई ये सुनकर) नहीं ऐसे ही नज़र पड़ जाती थी उस पर, सबको देखते हुए

आंशिका: (मुझे रोकते हुए) और उसी पर अटक जाती थी नज़र है ना?

(मैने सोचा चलो जब खुद ओपन हो रही है तो क्यूँ ना और ओपन होकर बात करूँ, सो मैं भी शुरू हो गया)

मे: अब क्या करूँ, लड़कियाँ जब वहाँ भी ऐसे कपड़े पहेंकर आएँगी तो नज़र तो जाईगी ही, रोज़ तो शॉर्ट टॉप्स पहेंकर आती थी
आंशिका: ह्म, ये तो है, अब मिस्टर. का दिल भी तो कंट्रोल मैं कैसे रहे

मे: ( फ्लर्ट करते हुए) वैसे सिफ उसी को नहीं देखता था मैं एग्ज़ॅम मैं
आंशिका: अछा जी, और कौन थी ऐसी वहाँ, और तो कोई नहीं थी जो शॉर्ट मैं

मे: क्यूँ सिर्फ़ शॉर्ट मैं ही लड़कियाँ सेक्सी लगती है
आंशिका: बोयस को तो वोही पसंद है

मे: नहीं मैं वैसा नहीं हूँ, कपड़ों मैं भी लड़कियाँ सेक्सी लगती है, अपनी अपनी नज़रों का कमाल है

आंशिका: अछा कौन थी फिर हू खुशनस्सेब जिन्हे आपकी आंकों ने निहारा
मे: (हंसते हुए) थी बस एक

आंशिका: अछा जी मुझसे भी छिपाओगे, सही है दोस्त
मे : अरे यार तुम्हारी ही बात कर रहा हूँ

आंशिका: (शरमाते हुए) चुप रहो तुम, मैं मोटी तुम्हे सेक्सी लगती हूँ
मे: अरे किसने कहा मोटी हो, योउ आर हेल्थी , हू कौनसा वर्ड होता है, याद नहीं आ रहा, हाँ वो वोलौप्तुस वुमन

आंशिका: (हंसते हुए और खुश होते हुए) हा हा , वोलौप्तुस वुमन , थॅंक्स कुछ ज़्यादा ही तारीफ़ कर रहो मेरी अब बस भी करो.
मे: तुम्हारी नहीं करूँ तो किसकी करूँ.

वो कुछ नहीं बोली

मे: क्या हुआ शर्मा गयी यार तुम तो
आंशिक (विद शाइनेस) नहीं ऐसी बात नहीं

मे: रहने दो यार, शर्मा गयी तुम तो, यार वांट टू सी यु व्हेन यु आर फीलिंग शाइ, मस्ट बे लुकिंग आसम
आंशिका: अछा.

मे: और नहीं तो क्या, एक तो वैसे ही किसी यंग लड़की की तरह तुम्हारा फेस है और क्यूट से स्माइल और उपर से ये शाइनेस, यार कहीं प्यार ना हो जाए तुमसे ऐसे तो
आंशिका: (शरमाते हुए) डोंट वरी नहीं होने दूँगी

(मैने कौनसा तेरे से प्यार करना है बस चूत चाहिए)

मे: ह्म, देखते हैं क्या होता है
आंशिका: ओक, अछा सुनो कल रात को बात नहीं हो पाएगी

मे: क्यूँ?
आंशिका: हू मेरी फ्रेंड है कॉलेज मैं, उसकी कल मॅरेज है, सो वहाँ जाउंगी मैं

मे: ओक, चलो उसको कोन्ग्रट्स कर देना मेरी तरफ से भी ओक
आंशिका: ओक, और बताओ

मे: बस कुछ नहीं, तुम बताओ कुछ ,मैने इतना बताया तुम्हारे बारे मैं
अँहसिका: ह्म, मैं इतना नहीं जानती तुम्हारी बारे मैं क्यूंकी मैं तुम्हे वहाँ हर वक़्त नहीं निहारती थी, सबको देखना होता था.

मे: कोई बात नहीं तो अब देख लो
आंशिका: अब देख लूँ कैसे?

मे: ई मीन तो से की, यार मिलते हैं बाहर कहीं,घूमने चलते हैं या फिर मूवी , घर मैं बोर होता रहता हूँ मैं
आंशिका: हाँ ये तो सही है, बोर तो मैं भी होती हूँ

मे: तो बोलो कहाँ चलना है?
आंशिका: परसों कहीं चलते हैं, बोलो मूवी देक्कने चलें या सिर्फ़ घूमने?

मे: कुछ भी चलेगा यार
आंशिका: मूवी चलते हैं, बड़े टाइम से नहीं देखी.

मे: ओक, तुम मूवी सेलेक्ट करके बता देना और सिनिमा हॉल आंड टाइम भी, वहीं चलेंगे ओक
आंशिका: 6 से 9 का ही देख पाएँगे क्यूंकी उससे पहले कॉलेज यो नो

(मैं भी तो यही चाहता था की स्या तो 9 से 12 या फॉर 6 से 9 लवर्स टाइम, हहेहेः)

मे: नो प्रॉब्लम्स डियर, तुम कहो तो 9 से 12 का भी चल लूँगा
आंशिका: नहीं 9 से 12 नहीं हू तो बहुत लत एहो जाएगो, 6 से 9 ही सही है

मे: ओक ठीक है, पर लास्ट टाइम पर नो बहाना की नहीं आ सकती या कोई काम है, मैं गुस्सा हो जौंगा फिर से
आंशिका: ओक मिस्टर. सादु, पक्का आउंगी ओक

मे: ठीक है मैं तुम्हे 5 बजे पिक कर लूँगा कॉलेज से ओक?
आंशिका: नहीं कॉलेज पर मत आना, कॉलेज के पास . . स्टॅंड है ना वहाँ आना.

मे: क्यूँ दर लग रहा है की कॉलेज मैं कोई कुछ और सोचेगा
आंशिका: हाँ यही समझ लो

मे: ओक, बस स्टॅंड पर आ जाऊँगा ओक
आंशिका: मिस्टर. टाइम देखा है, हूमें 2 घंटे हो गये बात करते हुए, इट्स 7 ओ’ क्लॉक नाउ, चलो मैं अब खाना बनाना जेया रही हूँ, ओक बाइ

मे: ओक बाइ
आंशिका: बाइ एड थॅंक्स

मे: थॅंक्स कीस्लिए?
आंशिका: मैने अपनी इतनी तारीफ़ कभी नहीं सुनी एक बार मैं.

मे: नो नीड टू से थॅंक्स योउ वोलौप्तुस वुमन
आंशिका: ( ज़ोर से हंसते हुए) हेहहहे, चलो बाइ, नॉटी बॉय, टाइम से सो जाना

मेरे तो हर कॉल के बाद मज़े आते जा रहे थे, साली धीरी धीरे ट्रॅक पर आ रही थी, उसको चोदने की चाहत मेरी बेचनी बदती जा रही थी की मैं बात नहीं सकता था, उसकी वजह से मेर्को दिन मैं 3 या 4 बार मूठ मारना पड़ता था, बस यही सोचता रहता था की साली की चूत कब मिलेगी

उसी दिन रात को दस बजे मेसेज आया

अंशिका का मेसेज – खाना वाना हो गया मिस्टर?
मैं : हाँ हो गया और तुम्हारा भी?

अंशिका’स रिप्लाइ: हाँ खा लिया, क्या कर रहे हो?

(मैं उस वक़्त पॉर्न मूवी देख रहा था)

मे: दिस्कोवरी चॅनेल देख रहा हूँ, तुम क्या कर रही हो?

आंशिका: ओह, कुछ नहीं ऐसी ही बैठी थी.
मिने रिप्लाइ: क्यूँ आज सिस्टर के बालों मैं आयिल नहीं लगाना

अंश’स रिप्लाइ: बेवकूफ़, रोज़ थोड़ी ना लगते हैं.

मैने उसे कॉल करा

आंशिका: (धीमे से बोलते हुए) हेलो
मे: इतनी धीरे क्यूँ बात कर रही हो

आंशिका: क्यूंकी सिस पढ़ रही आयी, उसके एंट्रेन्स एग्ज़ॅम्स आने वेल हैं और ये सोने का भी वक़्त है सब सो रहे हैं
मे: ओक, तो तुम सब एक ही जगह सोते हो?

आंशिका: पागल हो क्या? मैं और मेरी सिस एक रूम मैं सोते हैं
मे: कब तक पड़ेगी वो ?

आंशिका: देर तक ही पड़ती है वो, शायद रात के 2 या 3 बजे तक
मे: अछा जी, बड़ी स्टूडियस गर्ल है

आंशिका: हाँ, वो तो है,आई वांट तू सी हर सक्सेस्फुल इन हर लाइफ

(आंड आई वांट तू सी हर इन माय बेड )

मे: ओक गुड
आंशिका: तुम कब सोएगे?

मे: सो जाऊंगा अभी मन नहीं है
आंशिका: पर मेर्को तो अब नींद आ रही है, थकी हुई हूँ

मे: ओक देन सो जाओ, कल बात करते हैं
आंशिका: थॅंक यु बाइ गुड नाइट

मे: गुड नाइट,

देन नेक्स्ट डे मॉर्निंग मैने उसे वोही मेसेज करा की कहाँ हो और वोही सब बातें चोदी जो कल चोदी थी, आज रात उससे बात नहीं हो पाई क्यूंकी उसे मॅरेज मैं जाना था अपनी फ्रेंड की. पर कोई बात नहीं अभी तो और रातें है, आज रात फिर से सेक्स स्टोरीस और बीफ देख कर निकल लेता हूँ.

देन नेक्स्ट डे जैसे हमने डिसाइड करा था की हम मूवी देखने जाएँगे और हू मुझे बताएगी की कौनसी मूवी और कोनसे सिनिमा हॉल मैं, उसने मुझे मेसेज करके बता दिया और कहा की ठीक 4:30 उसको उसके कॉलेज के बस स्टॅंड पर मिलूं.

मैं ठीक टाइम पर वहाँ पहुँच गया और मेडम ठुमकती -२ 5 बजे आई. उसने लाइट पिंक कलर का सूट पहें रखा था जिसमें से उसकी ब्रा दिख रही थी और उसे डिज़ाइन्स भी, और उसके आर्म्पाइट्स गीले थे पसीने से, आई नो की दे आर स्टिंकी बट दे एक्साय्त मी वेरी मच , पता नहीं क्यों..

देन हमने एक दूसरे को ग्रीट करा और वो मेरी बायक पर बेठी और हम चल पड़े सिनिमा हॉल की तरफ.

मैने बायक पर कोई जान बुझकर ब्रेक्स नहीं मारे ना ही उसने मुझे कस कर पकड़े हुए थी, वो थोड़े डिस्टेन्स पर बैठी थी मेरे से पर उसके बूब्स ना के बराबर ही टच हो रहे थे और मेर्को भी थोडा थोडा डर लग रहा थी की मैं फर्स्ट टाइम किसी लड़की के साथ अकेले मूवी देखने जा रहा हूँ, ऐसा लग रा था की अपनी वर्जिनिटी लूस करने जा रहा हूँ. हाँ एक बात तो बताना ही भूल गया मेर्को लगा की शायद आज ही इसे चोद दूँगा तो अपने एक फ्रेंड से मैने कॉंडम ले लिया था, उसने पूछा की क्यूँ ले रहा है मैने झूठ कहा की इसे पहेंकर मूठ मारूँगा बड़ा मज़ा आता है वो हँसने लगा.

हम सिनिमा हॉल पहुँचे अभी फिल्म स्टार्ट होने मैं थोडा टाइम था तो हम कॅफेटीरिया मैं बैठे थे,वो मुझे कल रात की शादी के बारे मैं बता रही थी और मैं कभी उसके बूब्स, कभी आर्म्पाइट्स और कभी उसके लिप्स को ध्यान से देखता रहता, मेरा डर थोडा खुल सा गया था उसके साथ की हम ओपन तो ही चुके हैं अगर उसने पूछ भी लिया की क्यूँ देख रहे हो तो बता दूँगा पर मेरे ख्याल से उसने नोटीस ही करा ये और ना ही मेरे से पूछा हाँ पर जब मैं और लड़कियों को ध्यान से देखता तो वो ज़रूर पकड़ लेती और मुझे टोक ती रहती. वहाँ पर एक लड़की शॉर्ट्स मैं आई, मैं उसकी लेग्स को देख रहता घूर घूर कर, उसने मुझे बोला एकद्ूम से – बस मिस्टर नॉटी बॉय, इतना भी नहीं घूरते अची बात नहीं होती, मैं कुछ नहीं बोला और उसे देख कर मुस्कुराता रहा. हमने कोल्ड कॉफी ऑर्डर करी थी, हम उसे पीने लगे, कोल्ड कॉफी उसके लिप्स पर लग गयी थी, मेरा मान कर रहा था की उसके लिप्स अपनी जीभ से चाट कर सॉफ कर दूँ पर साली की जीभ बाहर आई और सारा माल चाट कर अंदर ले गयी,

उसने दूसरी सीप ले, एक ड्रॉप टपक कर उसके बूब्स के उपर सूट पर गिर गयी थी, एक ड्रॉप के वजह से उसे पता नहीं चला वो अपने मज़े से कॉफी पी रही थी पर मेरा मन तो अब पूरी कॉफी से हटकर उसी ड्रॉप के उपर अटक गया था, मुझे तो बस वो ड्रॉप टेस्ट करनी थी पर वो तो इंपॉसिबल थी उस वक़्त.

फिर कॉफी ख़तम करके वो बोली की मैं अभी लू से हो कर आई, मैने सोचा ज़रूर पेड ठीक करने गयी होगी, 10 मिनिट बाद वो बाहर आई, हेअर्स एकदम सेट, सूट भी एक दम सेट, फेस भी वॉश कर के रखा था, साली ये तो मेरा ऐसे ही झाड़वएगी, खैर अब पिक्चर स्टार्ट हो गयी थी हम अंदर गये, अपनी रो मैं गये और बैठे, मैं यही विश कर रहा थी की हुमारे साथ कोई कपल भी हो जो साले वहीं सब कुछ कर रहे हों पर उसकी साइड तो दो लड़कियाँ बैठी थोड़ी छोटी सी और मेरी तरफ साउथ इंडियन कपल था जो अंधेरे मैं बिल्कुल नहि दिख रहे थे. पिक्चर स्टार्ट हुई, मेरा मन पिक्चर देखने का नहीं था अंशिका की बॉडी देखने का था तो मैने अपनी सीट पर पीछे होकर आराम से बैठ आगे और आंशिका के बॉडी को निहारने लगा, वो आराम से मूवी देख रही थी , मैं साइड से उसके बूस की गोलाईओं को देख रहा था, उसके बूब्स अंदर बाहर हो रहे थे, फिर मेरी नज़र उसकी नेक पर गयी , क्या नेक थी यार, बस चाटने और चूमने का मान कर रहा था, उसके सॉफ्ट इयर्स, चीक्स लिप्स, साली क्या चीज़ है,

देन उसका हाथ एकदुऊं से उसकी साइड मैं आया और उसकी ब्रा को ठीक करने लगा और ठीक करके वापस चला गया, मैने सोचा यार मेरे से बोलती तो मैं ही ठीक कर देता खैर कोई बात नहीं, फिर मेरा मन करा इसकी जांघें देखने का, मैं एक दम आगे हो गया जिससे वो न देख पाए और स्क्रीन की तरफ फेस करके मैने आँखें नीचे कर ली जिससे उसकी थाइस देख पा रहा था मैं,साली की मस्त थाइस थी, एकदुसरे से चिपकी हुई मोटी मोटी, और उसकी चूत ऐसी उन दोनो थाइस के बीच मैं चुप कर बैठी थी जैसे थाइस उसकी चूत का रक्षा कर रही हो, मन कर रहा था उसकी थाइस पकड़ के सहलौं और दबौं पर कुछ नहीं कर सकता था,

मैने पिक्चर देखी थोड़ी से तभी कुछ आवाज़ आई, पर समझ मैं नहीं आया की क्या है? मैने आंशिका को देखा वो तो आराम से मूवी देख रही थी, मैने उसके साइड मैं देखा हू लड़कियाँ भी आराम से मूवी देख रही थी, फिर मैने अपनी साइड मैं देखा की हू साउत इंडियन कपल एक दूसरे को चूम रहे हैं, मेने कहा चलो मेरे तो मज़े आ गये, मैं उन्हे तिरछी निगाहों से देखने लगा, हज़्बेंड मेरी तरफ बैठा था और उसकी वाइफ दूसरी तरफ , सो मैं ढंग से देख नहीं पा रहा था की बेचारी के साथ इस सिनिमा हाल मैं क्या ज़्यादती हो रही है,

उसका हाबी उसे किस करता और वो उसे हटाने की कोशिश करती और अपनी लॅंग्वेज मैं भी कुछ बोलती जो मुझे समझ मैं नहीं आया, उनका ये प्रोग्राम चल ही रहा था की इंटर्वल ने उनके साथ के एल पी डी कर दिया, सारे हॉल की लाइट जल गयी, मैने अंशिका को देखा और मुस्कुराया हू भी मुस्कुरई और वो भी मुस्कुरई और उसने अंगड़ाई ली लंबी सांस के साथ जिसे उसके बूब्स एकद्ूम बाहर आ गये और कहने लगे – “प्लीज़ हमें दबा दो”.

वो पूछने लगी कैसी लग रही है मूवी ? मैने देखी ही नहीं ढंग से तो क्या बोलता, मैने कहा सही है अब तक तो, वो बोली स्लो है, मैने मान मैं उन साउथ इंडियन कपल के बारे में सोचते हुए कहा की – हाँ स्लो है, क्या पता इंटर्वल के बाद अच्छी हो , कुछ आचे सीन्स आयें, वो बोली हाँ , लेटस सी.
वो साउथ इंडियन बाहर गयी और फिर थोड़ी देर बाद आई,

मैने ध्यान से देखा उसका ब्लाउस ढीला था पहले से मैने सोचा की कहीं साली ब्रा निकल कर तो नहीं आई, क्यूंकी जिन निगहों से हू अब एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे कोई भी जान जाता.

देन मूवी फिर स्टार्ट हो गयी, 10 मिनिट बाद हू दोनो फिर स्टार्ट हो गये,वो उसे जम कर किस कर रहा था, पुच पुच की भी आवाज़ आ रही थी हल्की हकली और उसकी पत्नी बचों की तरह क्किलाक्रियाँ मार रही थी बचों की तरह हर किस के बाद.

देन मैने देखा उसका पति उसकी छाती पर मुँह लगाया बैठा है , मैं समझ गया साला उसकी चुचियाँ चूस रहा है और वो बेचारी डर के मारे मूवी देख रही थी आँखे बंद कर के जिससे किसी को शक़ ना हो पर यहाँ तो मेरी आँखें सब रेकॉर्ड कर रही थी, पर मैं कुछ भी नहीं देख पा रहा था ढंग से.

10 मीं तक वो उसके बूब्स के साथ ही लगा रहा देन हू सीधा बैठ गया और मूवी देखने लगा, मेर्को ल्गा की अब ओवर सो मैं भी एक दम पीछे हो गया और फिर से आंशिका के बूब्स देखने लगा, तभी बगल से हिलने की आवाज़ आई, मैने फ़ौरन लेफ्ट मैं देखा की वो लेडी अपने हब्बी का लंड पकड़ कर मूठ मार रही थी, मेरा तो लोड़ा तन गया बुरी तरह , वो हिलाते हिलाते कभी रुक जाती फिर शुरू हो जाती 10 मीं बाद उसका पति झड़ गया, मैने देखा की वो दोनों हँसी कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं, पर मेर्को समझ नहीं आया की क्यूँ हंस रहे हैं साले मेरी नज़र आगे वाली सीट पर गयी जिस पर कोई लड़की बैठी थी जिसके बॉल उसकी सीट के पीछे लटक रहे थे और उस पर उस आदमी के लेस की ड्रॉप थी, ये देखकर तो मेरी भी हँसी छूट गयी, पर मैने बहुत कंट्रोल करा, क्यूंकी फॉर हू कपल समझ जाते की मैं मूवी नहीं उनको देख रहा था.

मूवी ओवर होने के बाद हम एक रेस्टोरेंट में गये, वहाँ पर वो मूवी की बात कर रही थी और मेरे पास कुछ बोलने को था ही नहीं, वो तभी बोली – “कैसा रहा शो?” मैने कहा सही ही था, पैसा वसूल, वो बोली – अरे मूवी का बात नहीं कर रही डियर तुम्हारे साथ वाली सीट का शो कैसा रहा?

मैं हंस के बोला – हाँ वो तो एकदम मस्त था, तुमने भी देखा क्या?
आंशिका : हाँ बीच मैं नज़र पढ़ गयी थी
मे : मेरी तो सारा टाइम वहीं पर नज़र थी

अँहसिका: क्या कर रहे थे वो लोग?
मे: जो सब करते हैं

आंशिका: बताओ भी, शर्मा रहे हो तुम तो
मे: किस कर रहे थे , और फोरप्ले कर रहे थे

ये सब सुनकर उसके फेस पर शाइनेस और क्यूरीसिटी सॉफ दिख रही थी, मैने सोचा क्यूँ आन इस शाइनेस को ख़तम करके उसको गरम करा जाए और वैसे भी मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पद रही थी हू खुद ही बड़बड़ कर बातें कर रही थी.

आंशिका: बताओ ना क्या कर रहे थे हू दोनो
मे: विस्तार से बताऊँ ?

आंशिका: (विद क्यूरीसिटी) हाँ, डीटेल्ड

मैने सोचा चलो अपनी तरफसे कुछ बातें जोड़ के बोल दूँगा, देखता हूँ इसकी चूत मैं कितनी खुजली है.

मे: पहले तो वो किस कर रहे थे 15 मीं, देन उसके पति ने उसके पकड़ लिए
आंशिका: हाथ?

मे: हाथ भी कोई पकड़ने की चीज़ होती है, (मैने उसके बूब्स की तरफ इशारा करके कहा) ब्रेस्ट्स पकड़ ली उसने अपने हाथों से.

वो शर्मा के मुँह नीचे करके हँसने लगी, मैने कहा अरे भाई इसमें हँसने की क्या बात है? हू बोली – कुछ नहीं ऐसे ही, और बताओ ,

मैने कहा और क्या अबतुन अब मेर्को उसकी ब्रेस्ट का साइज़ तो पता नहीं था तो वो तो नहीं बता सकता ना, वैसे मस्त थी उसकी ब्रेस्ट्स, वो और ज़ोर ज़ोर के शर्मा शर्मा के हँसने लगी,

मैने कहा अगर उसका हब्बी बीच मैं एक बार चला जाता ना तो एक बार मैं भी पकड़ लेता,

उसने घुर के पूछा शॉक होते हुए – क्या पकड़ लेते? किसका?

मैने कहा उसकी वाइफ के बूब्स पकड़ लेता मस्त लग रहे थे.
वो बोली – योउ अरे नेस्ती गाइ, मैने कहा इसमें नेस्तिनेस की क्या बात है, सब का मन करता है तो मेरा भी कर रहा था( मैने उसके बूब्स की तरफ देखते हुए बोला)

अब और किसी के तो पकड़ नहीं सकता था ना, वो बोली और किसके पकड़ने थे तुम्हे?
मैने बिना कुछ सोचे समझे बोल दिया – जो मेरे साथ बैठी थी उसके पकड़ने हैं मुझे,
वो झूठा गुस्सा दिखाकर बोली – चुप रहो बहुत बदतमीज़ हो,
मैने कहा – लो खुद ही पूछती हो और जवाद नहीं दूं तो गुस्सा हो जाती हो और दूं तो भी गुस्सा होती हो, तुम बताओ क्या करूँ मैं?
वो मेरी बात काटते हुए बोली – अछा ठीक है बस.
मैने कहा क्या ठीक है? कुछ ठीक नहीं है, सब मज़े करते हैं मुझे छोड़कर,
वो बोली – अब क्या हुआ?
मैने कहा मुझे भी पकड़ने हैं, प्लीज़ लेट मी ,

मुझे टोकते हुए बोली- देखो अगर तुम चुप नहीं हुए तो मैं चली जौंगी और फिर कभी नहीं मिलूंगी ना ही फोन पर बात करूँगी,

ये सुनकर मैं चुप हो गया और चुप छाप वहाँ बैठके हम डिन्नर करने लगे ,
वो बीच बीच मैं बात भी कर रही थी और मैं ढंग से रिप्लाइ नहीं कर रहा था,
वो हंसती तो मैं एक झूठी सी स्माइल पास कर देता उसको जताने के लिए की मैं रूठा हुआ हूँ, पर शायद उसे पता नहीं चला था, देन हम डिन्नर के बाद बाहर गये और आइस क्रीम ली, हम दोनो ने डिफरेंट फ्लेवर लिया, उसने अपनी आइस क्रीम टेस्ट करने के लिए ऑफर दिया और मुझे उस तरफ से देने लगी जहाँ से उसने नहीं खाई थी, मैने कहा मुझे उस तरफ से भी चाहिए(जहाँ से उसने बायत ली थी)
वो कुछ नहीं बोल पाई और मैं उस आइस क्रीम की बीते मैं उसके लिप्स और टंग का टेस्ट ढूँडने लगा और फिर उसने मेरी आइस क्रीम की बीते ली पर दूसरी साइड से.
हम आइस क्रीम खाते खाते पार्किंग मैं गये जहाँ मेरी बायक खड़ी थी,हम दोनो बायक का सहारा लेकर खड़े हो गये और बातें करने लगे, मैने उसे वहाँ भी थोडा कोल्ड रेस्पॉन्स दिया और उसने पूछा –

आंशिका : क्या हुआ? उखड़े उखड़े क्यूँ हो?
मे: कुछ नहीं, ऐसे ही

आंशिका: अछा झूठ मत बोलो, बता भी ना क्या हुआ? अच्छे नहीं लग रहे ऐसे तुम, प्लीज़ बताओ
मे: अरे कुछ नहीं बाबा, बस ऐसे ही

उसे शायद पता था की मैं क्यूँ ऐसे मूड मैं हूँ पर हू मेरे मुँह से सुनना चाहती थी

आंशिका: बताओ ना यार
मे: अरे कुछ नहीं यार

और थोड़ी देर तक वो पूछती रही और मैं ऐसे ही मना करता गया, एंड मैं उसने हार मानकर खुद ही बोल दिया

आंशिका: यार जो तुम करने को कह रहे थे, इट्स नोट गुड यार, प्लीज़ अंडरस्टॅंड
मे : मैने कुछ कहा क्या?

आंशिका: मुझे पता है, तुम नहीं कह रहे इसका मतलब ये नहीं की मैं जानती नहीं.
मे: अछा, फिर अब क्या?

आंशिका : यार विशाल, ………. कैसे समझाउं ……. तुम्हे, प्लीज़ यार ट्राइ तो अंडरस्टॅंड
मे: आई अंडरस्टॅंड, इट्स ओक

आंशिका: (साइलेंट और नीचे की तरफ सिर झुकर कड़ी थी) यार थिस इस नोट डन
मे: आई नो इट वोंट डन

आंशिका: यार मैने कब कहा की इट वोंट बी डन, बट गिव सम टाइम,
मे: उससे क्या होगा?

देन हम दोनो चुप छाप रहे 5मीं तक, मैं कहीं और देखता रहा और वो कहीं और

देन थोड़ी देर बाद वो बोली, यार विशाल किस तक तो ठीक है बट आई डोंट थिंक सो डूयिंग एनितिंग फर्दर.

मे: किस तक तो दी नहीं एंड टॉकिंग अबौट फर्दर थिंग्स.
आंशिका: ओक बाबा, गिविंग ना वाइ गेटिंग अपसेट

मेरी तो जेसे ज़िंदगी बन गयी और साथ साथ फट भी रही थी क्यूंकी आजतक मैने सपनो के अलावा कभी भी किसी लड़की को रियल मैं किस नहीं करा था और ना ही कुछ और करा था और ना ही मैं किस करना जानता था ढंग से, तो मैने सोचा क्यूँ ना उसी को करने दूं.

वो मेरे पास आई और मेरी आँखों मैं देखे लगी और बोलने लगी – इसके बाद नो मूड ऑफ ओक?

मैने कुछ नहीं बोला, उसके कहा – अब बाबा करोगे भी या नहीं, मैं आगे हुआ उसकी तरफ और वो थोड़ी उपर उठकर उसने मेरे चीक्स को किस कर दिया, मैं उसे देखने लगा, वो बोली – डूयिंग ना, होल्ड ओंन .
देन उसने मेरे 2न्ड चीक पर किस करा और फिर मैने भी उसके दोनो चीक्स पर किस करा ( वो मेरे इतने पास आ चुकी थी की उसकी साँसे ज़ोर ज़ोर से चलने की वजह से उसके बूब्स मेरे से टकराते और कहते – प्लीज़ हमें दबा दो, पर मैने अपने आप को रोके रखा, फिर उसने मेरे लिप्स को चूमा और मैने भी उसके लिप्स अपने लिप्स से पकड़ लिए और उसने अपनी टंग मेरे मुँह मैं डाल दी, मैं पहले उसकी टंग तो अपनी टंग से चाटने लगा और फिर उसकी टंग को अपने मुँह मैं पकड़ कर आगे पीछे चूसने लगा, ऐसा मैंने एक पोर्न मैं देखा था,

5 मीं करने के बाद हम दोनो अलग हो गये, वो मेरे से नज़रें नहीं मिला रही थी, मैने उसकी चीन को उपर करा और देखा
वो हंस रही थी और शर्मा रही थी, मैने मौके का फ़ायदा उठाया और बोला – जान प्लीज़, वन मोर थिंग, प्लीज़.

उसने एक दम ना मैं सिर हिला दिया, मैं उसे प्लीज़ प्लीज़ करता रहा और प्लीज़ प्लीज़ करते करते अपने हाथ उसके बूब्स पर ले जाकर रख दिए और वो मना करती रही फिर मैने अपने दूसरे हाथ से भी उसके बूब पकड़ लिए और अब मेरे दोनो हाथ उसके बूब्स पर थे और वो बोले जा रही थी – प्लीस विशाल नोट टुडे, नोट टुडे और मैं उसके बूब्स को अपने हाथों मैं भर लिया वो एकद्ूम चुप हो गयी और फिर मैने अपने हाथों को उसकी चेस्ट की तरफ प्रेस करा जिसे उसके बूब्स सूट के उपर से बाहर आने लगे, मैं तो जैसे हवा मैं उड़ रहा था, समझ मैं नहीं आ रहा था की क्या करूँ, वो पीछे हटने लगी ,
मैने उसके बूब्स को पकड़ कर उसे फिर से वापस आगे कर लिए और ज़ोर से उसके दोनो बूब्स दबा दिए फिर उसने अपने हाथ मेरे हाथ पर रखे और मेरी आंकों मैं आँखें डाल कर कहा, विशाल बस प्लीज़ अब तो हो गयी ना दोनो चीजे अब बस करो प्लीज़, मैने उसके बात मान ली और हम दोनो अब बायक पर बैठ गये,
वो पहले की तरह मेरे से दूर बैठी थी जिससे उसकी ब्रेस्ट टच नहीं हो पा रही थी मेरे से, मैने बायक स्टार्ट करी और हम चल पड़े. वो रास्ते मैं बोली – इतनी धीरे क्यूँ चला रहे हो बायक ? कल पहुँचाओगे क्या?
मैने कहा तुम इतनी देर क्यूँ बैठी हो?
वो बोली – मतलब?
मैने कहा _ मतलब यह की मेरे से सट के बैठो तो बायक की स्पीड तेज़ हो सकती है नहीं तो बैठी रहो आराम से बायक भी आराम से चल रही है ,
वो बोली- तुम ना एकद्ूम पागल हो,
मैं बोला – सो तो हूँ. हू मेरे से चिपक गयी और उसका दांया बूब मेरी बेक से लग गया वाव क्या फीलिंग थी, काश मेरे पीछे भी दो हाथ होते, फिर मैंने बायक की स्पीड तेज़ करी और उसको उसके घर के पास वाले बस स्टॉप पर छोड़ दिया जहाँ वो रोज़ बस से उतरती थी. मैं उससे एक गुड नाइट किस माँगी रात को 10 बजे कोई बस स्टॉप पर था भी नहीं,
उसने बोला – अछा जल्दी करो, मैने अपना हेल्मेट उतरा और उसने जल्दी से अपने लिप्स मेरे लिप्स को चूमा और गुड नाइट बोलकर चली गयी. मैं भी खुश होता हुआ घर चला गया.

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