फ़ोन सेक्स – मोबाइल फ़ोन सेक्स part 4

आंशिका: आ गये, तुम परेशानी तो नहीं हुई?
मे: नहीं.
सीनियर: अनु ये है तुम्हारा कजन ?

आंशिका: हाँ मेम, विशाल, विशाल ये हैं मेरी सीनियर मेम , बताया था न …वोही है.
मे: हेलो मेम
सीनियर: ही, कितने छोटे हो तुम अनु से?

(मुझसे ये सवाल क्यूँ पूछने लगी साली?)

मे: 8 या 9 साल छोटा हूँ, क्यूँ?
सीनियर: इतनी बड़ी है अनु तुम से फिर भी नाम लेकर पुकारते हुए.

मे: (हंसते हुए) वो बचपन से ही आदत है

आंशिका: (बीच मैं बोली) माँ ये ऐसा ही है बदतमीज़, लाख बार समझा चुकी हूँ की थोड़ी इज़्ज़त दे लिया कर मुझे, बट सुनता ही नहीं.

हम साथ मैं हंस पड़े

( मैं इसकी इज़्ज़त लेने मैं लगा हूँ और ये देने की बात कर रही है)

सीनियर: अनु तूने इस बेचारे को ड्राइवर बना दिया, अपने साथ मॅरेज मैं ही ले आती.
आंशिका: मैं इसे बोल रही थी की चल साथ मेरे, बट कह रहा था मैं नहीं जाऊंगा . मैने तो बहुत समझाया

( झूठी साली)

सीनियर: कैसे जाओगे अब?
मे: मैं बाईक लाया हूँ.

सीनियर: ओक, गुड. ध्यान से जाना, रात का समय है.
मे: हाँ ज़रूर.

सीनियर: चल अनु मैं भी चलती हूँ, घर पर बच्चे याद कर रहे होंगे मुझे.
आंशिका: ओक मेम , देन चलते हैं, बाइ

सीनियर: बाइ अनु.
मे: गुड नाइट मेम

उसने मुझे स्माइल पास करी और बोली

सीनियर: बाइ, गुड नाइट. ध्यान से जाना दोनो, अगर कहो तो मैं कार में ड्रॉप कर दूं .
अँहसिका: नो थॅंक्स मेम , हम चले जाएँगे बाइ.

मैं अपनी बाईक पर आकर बैठ गया, उसकी सीनियर भी अपनी कार मैं जाकर बैठ गयी और कार स्टार्ट करके जाने लागी, मैं जान भुज कर आराम से खड़ा रहा उसके जाने का वेट करने लगा. उसने अपनी कार निकाली. जब वो चली गयी मैने अनु से कहा – चल बैठ अब.

वो बैठी मैने बाईक स्टार्ट करी और हम वहाँ से निकल पड़ी पर आगे मोड़ पर उसकी सीनियर की कार खड़ी मिली और उसने हूमें हाथ देकर रोका.

सीनियर: विशाल किस रास्ते से जा रहे हो तुम?

( मैने मन मैं कहा ये भेंन का लोडा क्या नया ड्रामा है अब,)

उसे 5 मीं बताया, उसे रास्ता क्लियर नहीं था वहाँ का उसे समझाया और वहाँ से भेजा. और फिर मैने बाईक स्टार्ट करी और दूसरे रास्ते पर निकल पड़ा अनु को लेकर. वो आज बिल्कुल सट कर बैठी थी मेरे साथ, जब वो साँस से ले रही थी मुझे उसके बूब्स पूरे महसूस हो रहे थे अपनी बेक पर, वो मुझसे एकद्ूम वाइफ की तरह चिपक कर बैठी थी, बहुत मज़ा आ रहा था. पर मैं इन सब बातों मैं ये भूल गया की इससे मज़े कहाँ लूँगा, ये तो मैं डिसाइड करना ही भूल गया.

मैं अपना दिमाग़ चला रहा था रास्ते मैं की कोई जगह याद आ जाए की कोई ना हो इस वक़्त वहाँ, वैसे भी रात के 11 बाज रहे थे. आगे रास्ते पर एक पंडाल के बाहर कुछ लोग क्रॅकर्स जला रहे थे, उसी के पास 2 – 3 पंडाल और भी थे, वहाँ रोड पर ही कार पार्क थी, उसके पीछे एक बहुत बड़ा पार्क था, मैने सोचा की यहाँ ट्राइ करके देखत हूँ क्या पता की कोई जगह मिल जाए, मेने बाईक मोड़ ली उस तरफ, आंशिका बोली….

आंशिका: ये किसकी शादी मैं जा रहे हो?
मे; किसी की भी नहीं, पीछे पार्किंग मैं जा रहा हूँ उसके पीछे पार्क है.

वो समझ गयी…थोडा दरी और बोली..
आंशिका: पार्क मैं? कोई हुआ तो?
मे: हुआ तो वापस आ जाएँगे, पहले जाने तो दे.

मैने उस पार्किंग मैं बाईक खड़ी करी और आंशिका को लेकर उस पंडाल के पीछे चला गया, पंडाल के ठीक पीछे सेंटर मैं केटरिंग वाले बैठे थे, पीछे एक बहुत लंबी दीवार थी जो पार्क की बौंड्री थी, कॉर्नर से वो दीवार टूटी हुई थी जिससे आसानी से पार्क मैं जाया जा सकता था. मैने आंशिका का हाथ पकड़ा और उसे उस दीवार के पीछे ले गया, पीछे जाके देखा तो गांड फट गयी. पूरा पार्क सुनसान पड़ा था और कोई ऐसी जगह नहीं थी की जहाँ छिप के आराम से हम कुछ कर सकें, मैने पार्क मैं नज़र दौड़ाई, तभी मुझे अपने एक्सट्रीम लेफ्ट पर एक बाथरूम दिखा, मैने आंशिका को लेकर उस तरफ जाने लगा, वो डरे जा रही थी और कह रही थी – वहाँ कोई हुआ तो? रात को पार्क मैं अफ़ीमची घूमते रहते हैं, प्लीज़ कहीं और चलो. पर मेरे कानों मैं तो लंड घुसा हुआ था, मैं उसी तरफ जाने लगा, वहाँ पहुंचकर मैने देखा की बाथरूम के पास काफ़ी गंदगी थी और वहाँ पर किसी के आने का डर भी था, पर उस बाथरूम के ठीक पीछे एक काफ़ी उँची दीवार थी जिसके पीछे घर थे और स्ट्रीट लाइट जली हुई थी. मैं उस बाथरूम के पीछे गया, वहाँ पीछे काफ़ी स्पेस था और सुनसान भी था अगर कोई उस तरफ आता भी तो वो बाथरूम करके वापस चला जाता उसके पीछे नहीं आता, और लकिली पीछे काफ़ी लाइट भी थी उस स्ट्रीट लाइट की वजह से. मैं और आंशिका बाथरूम के पीछे और उस उँची दीवार की बीच मैं थे. वो चुपचाप खड़ी थी, उसके होंठ काँप रहे थे शायद डर के मारे, मैने उसे उपर से नीचे देखा, साली मस्त लग रही थी, मेरा लंड टन के टाईट हो गया एकद्ूम. उसना अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया नाराज़गी से, मैने कहा क्या हुआ?

आंशिका: रहने दो तुम
मे: आओ न प्लीज़

आंशिका: जब से मिले हो तब से फूटे मुंह तारीफ़ भी नहीं करी गयी की कैसी लग रही हूँ.
मे: ओह सॉरी जान, यार मैं तब से सोच रहा हूँ की कौनसा वर्ड सही रहेगा तुम्हारे लिए, सेक्सी, ब’फूल वगेरह वगेरह तो काफ़ी छोटे हैं तुम्हारे सामने.

ये सुनते ही उसके फेस पर वोही कातिल स्माइल आ गयी, और वो मेरे से गले लग गये, मैने अपने हाथ उसकी मोटी कमर पर रखे और फिर नीचे ले गया उसकी गांड पर, क्या मस्त गांड थी, उसकी गांड पर मैं हाथ फिरने लगा, और धीरे धीरे दबाने लगा. वो मुझसे पीछे हटी, मेरी आँखों मैं आँखें डाली और उपर होकर मेरे होठों से अपने होंठ मिला दिए, मैने वहीं उसकी कमर पकड़ ली कस के और अपने लिप्स से उसके लिप्स पकड़ लिए और उसे ज़ोर से किस करने लगा, मैंने अपनी टंग बाहर निकाली और उसके लिप्स को चाटने लगा. मैने उसे धक्का देते हुए, बाथरूम की दीवार से लगा दिया और उसे चिपक कर फिर से उसको किस करने लगा, वो आहं, अह्ह्ह , आ,एम्म्म की आवाज़ें निकल रही थी. 5मीं तक मैने उसे किस करता रहा, हुमारे लिप्स पूरे गीले हो गये एक दूसरे के सलाइवा से. मैं अपने हाथ से उसके चीक्स को भींचा जिससे उसका मुँह खुल गया और उका मुँह अपने मुँह के नीचे कर के उसमें थूक दिया, उसने अपनी आँखें बंद कर ली. फिर मैं उसके मुँह मैं जीभ डाल डाल कर चाटने लगा.

आंशिका: विशाल प्लीज़ आराम से, कपड़े खराब हो जाएँगे.

मैने उसके पूरे लिप्स को और उसके मुंह को अच्छी तरह सक और लीक कर चूका था, वो दीवार से चिपकी हुई और ज़ोर ज़ोर से साँसे ले रही थी, उसकी छाती उपर नीचे हो रही थी, मैने आगे बढ़कर उसकी दोनो चुचियों पर हाथ रखा और उन्हे धीरे से दबाया. और अपने हाथों की पोज़िशन बदल बदल कर उसकी दोनो चुचियों को धीरे धीरे दबाने लगा, मैने उसकी सारी का पल्लू हटाया एक दम से
आंशिका: विशाल प्लीज़, आराम से, कपड़े मत खराब करो, रूको मैं खोलती हूँ

और वो अपने ब्लाउस के बटन खोलने लगी, तभी मैने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक दिया और उसके ब्लाउस के उपर ही दोनो चुचियों को पकड़ कर फिर से फील करने लगा धीरे धीरे, वो ज़ोर ज़ोर से साँसे ले रही थी. मैने अपने हाथ उसकी चुचियों पर ही रहने दिए जिससे वो भी उनके साथ उपर नीचे होने लगे.

आंशिका: विशाल प्लीज़ दबाओ ना इन्हे
मे: खोल ब्लाउस

अंशिका ने आराम से अपने ब्लोसे के बटन खोले और ब्लाउस को थोडा पीछे कर दिया, उसने नेट वाली ब्रा पहनी हुई जैसा मैने उसे कहा था. उसकी चुचियाँ देख कर मैं पागल हो गया, मुझे समझ मैं नहीं आया मैं क्या करूँ. मैने उसकी ब्रेस्ट को पकड़ा ब्रा के उपर से ही, और ज़ोर से दबाने लगा. मैने उसके निप्पल को आगे से पकड़ा और अपनी तरफ खींचने लगा. मैं नीचे झुका और उसके निपल को ब्रा समेत मुँह मैं भर ज़ोर से काटने लगा

आंशिका: अया, पागल हो गये हो क्याअ???/// एयेए, अरे आराम से करो प्लीज़

आंशिका: विशाल प्लीज़, जानवर मत बनो, आआअहह, आउच, छोड़ूऊऊऊओ, प्लीज़ विशाल दर्द हो रहा है . अहह

मैं काटता रहा …. आहा, उसने पूरे ज़ोर से मुझे पीछे की तरफ धक्का दिया और मैं भी हट गया…वो बोली… आराम से.
उसके निपल्स मैं दर्द हो रहा था बहुत,उसकी आँखों मैं आंसू आ गये थे, वो अपने निपल्स पर आराम से हाथ फिरते हुए बोली

आंशिका: पागल हो क्या? आराम से नहीं कर सकते, जान निकल दी. दर्द हो रहा है बहुत.
मे: अच्छा ब्रा खोल, अभी चूस के दर्द कम कर देता हूँ.

उसने अपना मुँह बातरूम की दीवार की तरफ कर लिया

आंशिका: लो खोलो, और ब्लाउस मत निकालना प्लीज़.

मैंने आगे बढ़ कर उसका ब्लाउस उपर करा और उसकी ब्रा के हुक्स ढूंड कर उन्हे खोल दिया. और मैने ब्रा उतारकर नीचे गिरा दी.. मैने पीछे से साइड से हाथ निकल कर उसकी दोनो चुचियाँ पकड़ ली.
अहाआ …………मज़ा आ गया, इतनी सॉफ्ट चीज़ आज तक हाथों मैं नहीं आई, मैने दोंनो चुचियों को कस कर पकड़ लिया और लंड उसकी गांड पर सेट करके उसे दीवार से भींच दिया और ऐसे ही धक्के मारने लगा उसकी गांड पर और उसकी चुचियों को दबाने लगा

आंशिका: आ आ एयेए एयेए, आहह आराम से.

मैने एक मिनट रुका और अपना लंड बाहर निकल लिया और उसे अपनी तरफ घुमाया उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया.

आंशिका: इसे क्यूँ बाहर निकाला?
मे: चूत के लिए मना करा था , लंड के लिए नहीं, इसे सहला अब चल
और वो मेरा लंड सहलाने लगी.
मैने उसकी दोनो चुचियों को हाथ मैं पकड़ लिया, दोनो इतनी बड़ी थी की हाथ मैं आ ही नहीं रही थी. मैं नीचे हुए और उसको ब्रेस्ट पर किस करा धीरे से दोनो पर, फिर मैने उसके निपल्स पर किस करा, और अपनी जीभ निकल कर उसकी पूरी ब्रेस्ट पर फेराई . और जीभ से उसके निपल चाटे , फिर मैने उसका निपल मुँह मैं भर लिया और उसे सक करने लगा. उसका निप्पल एक दम लंड की तरह टाईट हो गया था और ब्रेस्ट भी हार्ड हो गयी थी. मैं बारी बारी दोनो निपल सक करने लगा. वो मेरा लंड सहला रही थी धीरे धीरे, उसके नरम हाथ मेरे लंड पर, और उसके निपल मेरे मुँह मैं मेरे से रहा नहीं गया और मैं झड गया एक दम से. उसकी साडी पर मेरा सारा लेस गिरा,

आंशिका: ये क्या करा, दाग ना पद जाए कोई.

मेर्को इतना मज़ा कभी नहीं आया था. मेरी नशे से आँखें बंद थी, मैने फिर से उसकी ब्रेस्ट सक करनी शुरू करी और मेरा लंड फिर टन गया. और वो फिर सहलाने लगी.. मैने अब उसकी ब्रेस्ट को सक करना बंद करा और उसको अपना लंड चूसने को कहा.

आंशिका: नहीं विशाल, प्लीज़, आज नहीं ये सब. फिर कभी.

मैं उसकी एक ना सुनते हुए, उसके कंधो पर ज़ोर लगा कर उसे नीचे की तरफ धक्का देता रहा. वो नीचे बैठ ही गयी और ठीक मेरे लंड के सामने उसका मुँह आ गया, उसकी गरम गरम साँसे मेरे लंड पर पढ़ रही थी, उसने मेरे लंड पर धीरे धीरे किस करना स्टार्ट कर, उसके नरम नरम होंठ मेरे टाइट लंड पर मुझे पागल बना रहे थे. उसने मेरी बॉल्स पर भी किस करा, मेरा प्री कम आ गया था, उसने उसे जीभ से छठा और साफ़ किया और मुझसे हंसते हुए बोली,

आंशिका: टेस्टी हो तुम बहुत.

ये बोलते ही उसने मेरा लंड अपने मुँह मैं ले लिया

मे: आहह, साली क्या कर रही है, मर जाऊंगा . अहह. चूस इसे अच्छी तरह.
आंशिका: एम्म्म म्*म्म्मम आहह, काफ़ी टाइट है और टेस्टी भी. मज़ा आ रहा है तुम्हे?

मे: पूछ मत बस, चुस्ती रह.
आंशिका: एम्म्म एम्म्म एम्म म म

वो मेरे लंड को धीरे धीरे चूस रही थी, और बीच बीच मैं मेरा लंड अपने मुंह मैं रख कर उसे अंदर ही जीभ से चाट रही थी. उसकी ये हरकत मुझे पागल कर रही थी, मेरे से खड़ा भी नहीं हो जाया रहा था, मेरी लेग्स बहुत वीक हो रही थी. पर लेटता भी तो कहाँ, वो मेरे लंड को धीरे धीरे चूसे जा रही थी और मैं अपना मुँह दीवार पर हाथ के सहारे रख कर मज़े ले रहा. उसने बस 5 मिनट और ही चूसा होगा की मैं फिर झड़ गया उसके मुँह मैं और वो गटक गटक कर सारा लेस पी गयी, मैं तो कुछ होश मैं ही नहीं था की वो कब पी गयी , हम 5 मीं शांत रहे उसकी भी साँस फूल रही थी, वो खड़ी हुई और अपना मुंह सॉफ करने लगी, जिस पर थोडा सा लेस लगा था और थूक भी, मैने उसकी सारी के उपर से उसकी चूत पर हाथ रखा, उसने मेरा हाथ हटा दिया, मैने फिर रखा और अंदर की तरफ दबा दिया,

आंशिका: एयेए, विशाल नहीं, आज नहीं. प्लीज़
मे: बस 5 मीं, मुझे देखनी है और एक किस करूँगा बस, प्लीज़.

मैं उसकी सारी मैं हाथ डाल कर उसकी सारी उपर उठाने लगा, तभी उसका सेल बजा

आंशिका: हेलो, हाँ मम्मी

आंशिका: हाँ निकल चुके हैं, रास्ते मैं हूँ आ गयी बस 10 मीं.

(फोन कट)

आंशिका: विशाल चलो, अब बहुत देर हो गयी है, 12:15 हो गये हैं, मुझे कल स्कूल भी जाना है, प्लीज़ चलो

मैने टाइम देखा, सच मैं बहुत लेट हो गये थे, मेरा मन तो नहीं था जाने का अभी, पर मजबूरी थी तो मैने मन मार कर कहा – चलो.

उसने कपड़े ठीक करे और मैने भी, मेरा लंड अभी साला खड़े होने की फिराक में था, पर मैने जैसे तैसे कंट्रोल करा और उसे खड़ा नहीं होने दिया, आंशिका ने अपने कपड़े ठीक कर लिए और मैने भी. वो मेर्को देखने लगी और सेक्सी स्माइल पास करने लगी, मुझसे रहा नहीं गया और मैने आगे बढ़ कर फिर से किस कर लिया उसे. वो भी मुझे ज़ोर ज़ोर से किस कर रही थी. फिर हम अलग हुए और चलने की तय्यरी करने लगी. जैसे ही हम बाथरूम की दीवार के पीछे से आए, हमने सामने 2 – 3 लड़कों को आता देखा, वो शायद किसी शादी मैं आए हुए थे यहीं कहीं, वो हमारी तरफ ही आ रहे थे, उन्हे देख कर आंशिका डर गयी और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया, मुझे भी थोडा डर लग रहा था. वो धीरे धीरे हमारे करीब आ रहे थे, आंशिका सिर झुका कर और मेरे हाथ कस कर पकड़ कर चल रही थी, जैसे ही वो हुमारे करीब आए, उनमे से एक बंदा मुझसे बोला..

गाइ: बॉस, बाथरूम खुला है क्या?

मैं एक दम से डर गया था उसके बोलते ही

मे: हाँ, खुला है.
गाइ: थॅंक्स

मेरी जान मैं जान आई, हम सही वक़्त पर वहाँ से आ गये, अगर हम वहीं होते और उनमें से कोई पीछे आ जाता बाथरूम के तो फिर आंशिका का **** तो पक्का था, उनसे सबके हाथों या फिर कोई पंगा हो जाता, बात लकिली हम सही टाइम पर आ गये वहाँ से.

मैने बाईक स्टार्ट करी और हम वहाँ से चल पड़े, आंशिका मेरे से एकदम लवर्स की तरह चिपके हुई थी, मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं था.

आंशिका: तुम बहुत टेस्टी हो
मे: थॅंक्स, तुम्हे अछा लगा टेस्ट?

आंशिका: बहुत.मैं यही सोच रही थी की तुम्हारा टेस्ट कैसा होगा.
मे: ओह तो पहले से ही मन था टेस्ट करने का तो वहाँ नाटक क्यूँ कर रही थी की मैं नहीं चुसुंगी .

आंशिका: ऐसे ही, डाइरेक्ट कभी हाँ नहीं कहनी चाहिए ना इसीलिए.
मे: मतलब हमेशा नखरे करेगी तू.

आंशिका: नहीं अब नहीं करूँगी, कसम से.
मे: पर मैने तो तेरेको टेस्ट नहीं करा अभी तक.

आंशिका: आई नो, नेक्स्ट टाइम मिलेंगे फ़ुर्सत से तब कर लेना, कुछ नहीं कहूँगी तब, पक्का.
मे: तू फिर भी नखरे करेगी, देख लिओ
आंशिका: आब्वियस्ली, वो तो करूँगी ही, शरम औरत का गहना होता है यार. हहेहेहहे
मे: सारे गहने चुरा लूँगा तेरे और बैच दूँगा.

आंशिका: अछा जी.
मे: हाँ

मैने बाईक उसके घर के पास वाले बस स्टॅंड पर रोकी, वो उतर गयी

आंशिका: थॅंक्स
मे: किसलिए?

आंशिका: ड्रॉप करने के लिए.
मे: कोई ज़रूरत नहीं थॅंक्स की.

आंशिका: मज़ा आया आज तुम्हे?
मे: बहुत, और तेर्को?

आंशिका: हाँ
मे: फिर करे क्या?

आंशिका: धात, ठरकी… मेरे बूब्स अच्छे लगे तेर्को?
मे: अच्छे ? साले गांड फाडू थे, इतनी सॉफ्ट चीज़ कभी नहीं पकड़ी मैने.

(वो इतरा कर बोली)
आंशिका: आई नो, और ना ही कभी पकड़ोगे , माईन आर बेस्ट यु नो.
मे: तेरी सीनियर के भी मस्त लग रहे थे यार, साली माल थी.

अंशिका : अभी सिर्फ़ मेरे बूब्स पर नज़र ओके , बाद मैं और कोई.
मे: तो मैने कौनसा उसके दबा दिए यार, बस बता ही रहा हूँ.अच्छा तेर्को मेरा लंड कैसा लगा?

(उससे बातें करते हुए मेरा लड फिर टाइट हो गया)आ

आंशिका: काफ़ी अच्छा है, स्मार्ट है तुम्हारी तरह और टेस्टी भी है. बट मेरे 1st बी एफ से थोडा सा छोटा है.
मे: छोटे बड़े से कुछ नहीं होता मेम , करना आना चाहिए ढंग से बस.

आंशिका: हहेहेः, बहुत ज्ञान है तुम्हे सेक्स के बारे मैं.
मे: बन जाओ मेरी स्टूडेंट, सारा ज्ञान दे दूँगा.

आंशिका: डोंट वरी ले लुंगी एक दिन सारा ज्ञान तुमसे, अछा अब कोई देख लेगा, ऐसे अछा नहीं लगता मैं जा रही हूँ, बाइ
मे: अछा एक किस तो देती जा , गुड नाइट किस.

आंशिका: मुआआ (ओंन चीक्स) बाइ गुड नाइट
मे: ठरकी आंशिका

आंशिका: तू ठरकी .हहेहेहेः. बाइ गुड नाइट.

उस दिन रात को घर पहुँचकर उसका 1 बजे कॉल आया.

आंशिका: हेलो
मे: ओह हेलो, क्या हुआ?

आंशिका: कुछ नहीं, नींद नहीं आ रही.
मे: मेर्को तो कई दिनों से नहीं आ रही.

आंशिका: पता है मेरी पूरी पेंटी गीली हो चुकी है.
मे: क्यूँ तुमने उसमें टाय्लेट कर दिया? हहेहेः

आंशिका: मज़ाक मत करो ना, आई एम् सीरीयस.
मे: मेरा भी लंड टाइट है बिल्कुल

आंशिका: फिर से? बाबा, 2 बार तो वहाँ मैने ही तुम्हे शांत करा था वहाँ, फिर से कैसे?
मे: देख लो अब, तुम्हारा ही असर है.

आंशिका: बहुत मूठ मरते हो ना तुम उसका असर है. आगे जाके प्राब्लम ना बन जाए ये.
मे: कैसी प्राब्लम

आंशिका: तुम्हारा ऐसे कभी शांत ही नहीं होगा, और जब तुम उस हालत मैं घर से बाहर जाओगे तो सब हँसेंगे तुम पर.
मे: हहेहेहेहेहहे, मेरी जान तुम हो तो सही इसे शांत करने के लिए, सो आई हेव नो प्राब्लम.

आंशिका: हाँ ये भी है, मैं तो भूल ही गयी थी.
मे: तुम्हे कल कॉलेज जाना है?

आंशिका: मन नहीं है पर सॅटर्डे को फेस्ट है, तुम्हे बताया था, तो जाना ही पड़ेगा.
मे: ओक,

आंशिका: सुनो हूमें वहाँ किसी ने देखा तो नहीं होगा ना?
मे: नहीं यार, कोई नहीं था वहाँ. और होता भी तो मैं संभाल लेता

आंशिका: मुझे बस यही डर लग रहा था की कोई बस देख ना ले.
मे: अनु यार तेरी चुचियाँ बहुत मस्त है, मज़ा आ गया उन्हे दबा कर और चूस कर और निपल्स तो साले बड़े मस्त हैं.

आंशिका: रहने दो, तुमने मेरी जान निकल दी थी, इतनी ज़ोर से निपल काटे, पता है मैं पागल हो गयी थी दर्द से.ब्रा मैं भी एक छोटा सा छेड़ भी हो गया है तुम्हारे दाँतों की वजह से, पहले ही ये नेट वाली ब्रा है.
मे: मैं क्या करूँ यार, तुम नेट वाली ब्रा मैं एकद्ूम सेक्सी लग रही थी, मेरे से रुका ही नहीं गया इसीलिए मैने काट दिया.

आंशिका: वो तो अछा हुआ जब ब्रा उतारी तब नहीं काटा दुबारा, वरना तो मैं वहीं दर्द के मारे बेहोश हो जाती.
मे: अरे यार पहले बताना था ना, की तुम बेहोश हो जाती अगर और काटता.

आंशिका: क्या मतलब.
मे: यार तुम्हारे निपल और काटता, तुम बेहोश हो जाती, फिर तो तुम पूरी मेरी, तुम्हारी चूत भी आज ले लेता मैं. अच्छी तरह.

आंशिका: हूऊऊऊ, हहेहहे, बदतमीज़ विशाल. केयर नहीं करता अपनी फ्रेंड की.
मे: यार करता हूँ, तभी तो तेरी चूत को खुश देखना चाहता हूँ.

आंशिका: मैं भी तुम्हारे उसको खुश देखना चाहती हूँ, बट वेट करो यार.
मे: उसको किसे ?

आंशिका: ओहो तुम्हे पता है.
मे: हाँ पर तुम अपने मुँह से नाम लो.

आंशिका: पेनिस को
मे: हिन्दी मैं

आंशिका: मैने कहा था की तुम बोलो कोई प्राब्लम नहीं, बट मैं नहीं बोलती.
मे: मेरे लिए भी नहीं?

आंशिका: क्या यार, ये अच्छी बात नहीं है.
मे: आई एम् वेटिंग.

आंशिका: तुम्हारे लंड को बदमाश.
मे: हाँ, अब मज़ा आया कुछ, यार ऐसे ही बोला करो मस्त होकर, मुझसे क्या शरमाना, हमारे बीच कोई शरम की जगह बची है क्या?

आंशिका: ओक, आई वोंट फ्रॉम नाउ ऑन्वर्ड्स. ओक?
मे: गुड, और अगर शरमाई तो मैं गालियाँ दूँगा.

आंशिका: अछा जी, कौनसी देगो?
मे: तुझे कौनसी पसंद है?

आंशिका: गालियाँ भी पसंद करी जाती है क्या?
मे: कुतिया चलेगी?

आंशिका: जी नहीं कोई भी नहीं चलेगी.
मे: एक दो सिर्फ़ यार प्लीज़, मज़ा आता है चोदते हुए या सेक्स की बातें करते हुए गालियाँ देना, प्लीज़.

आंशिका: मुझे मत देना.
मे: तो क्या अपने आप को दूं?

आंशिका: हेहहहे, हाँ दे लो.
मे: नो, तू मेर्को दिया कर सेक्स की बाते करते हुए.

आंशिका: नो मैं नहीं दूँगी.
मे: क्यूँ नहीं देगी साली कुत्ती

आंशिका: मना करा है ना,
मे: साली नहीं देगी तो मैं तेर्को गंदी गंदी गालिया दूँगा, कुतिया .

आंशिका: कुत्ते साले , कम गालियाँ दे ले. हरामी.
मे: गुड, ये हुई ना बात. मेरी कुतिया .

आंशिका:यार विशाल मैं चुदना चाहती हूँ तुमसे बुरी तरह, मेरा मन है की हम ऐसी जगह चले जाएँ, जहाँ हूमें कोई ना रोके टोक और तुम मेरे साथ दिन भर सेक्स करो, हर वो चीज़ करो जो तुम्हरारा मन हो, मैं तुम्हे हर वक़्त खुश रखूं.
मे: साली मेरे बारे मैं सोच रही है या अपनी चूत के बारे मैं?

आंशिका: दोनो के बारे मैं ही, तुम नहीं चाहते क्या?
मे: मेरा बस चले तो तेर्को यहीं पर बिना रुके चोदता रहू .

आंशिका: तेरी जी ऍफ़ होगी ना बड़ी खुशनासीद होगी जो तुझ जैसा प्यार करने वाला मिलेगा उसे. तू तो उसे दिन रात खुश रखेगा, है ना?
मे: तेरा बंदा भी तो साला नसीब वाला होगा, जो तेरे जैसी चुड़दकड़ मिलेगी उसे.

आंशिका: अगर उसे सेक्स इतना पसंद नहीं हुआ जितना हम दोनो को है, तो मैं क्या करूँगी?
मे: मैं मर थोड़ी ना जाऊंगा , तेर्को ज़िंदगी भर चोदता रहूँगा.

आंशिका: सच मैं, कहीं बाद मैं छोड़ के तो नहीं चले जाओगे, अगर कोई और सेक्सी लड़की मिल गयी तो
मे: अगर मुझसे अयीशा टाकिया भी चुदवायेगी ना तो मैं पहले तेर्को ही चोदुंगा , यु डोंट वरी

आंशिका: सो स्वीट ऑफ यु . मैं भी तुम्हे कभी मना नहीं करूँगी मेरी चूत लेने से, आई स्वेर, मेरे चूत तुम्हारे लिए हमेशा रेडी है.
मे: अछा है जो ये बोल दिया, वरना मुझे ख़ामखा तुम्हारा **** करना पड़ता.

आंशिका: तुम मेरा **** करोगे.
मे: कर सकता हूँ, अगर तू नखरे करेगी आगे जाकर.

आंशिका: नहीं करूँगी, पक्का.
मे: शादी के बाद भी.

आंशिका: बहुत आगे की सोच रहे हो तुम अभी से. अभी की बात करो
मे: मुझे तेरी शादी के बाद भी चोदना है तेर्को, जब तक तू एक बार प्रेग्नेंट नहीं हो जाती, मुझे तेरा दूध पीना है.

आंशिका: ओक. पीला दूँगी, बस. बट तुम ये सब किसी से शेयर मत करना प्लीज़, बड़ी मुश्किल से मैने तुम्हे पाया है, जो मुझे समझत है और और मेरी ज़रूरतों को भी, वरना और सब तो उल्टा मतलब निकल लेते हैं.
मे: और साले बस मज़े लेना जानते हैं, देना नहीं जानते, खुद करे तो अच्छे और कोई करे तो वो गंदे, ऐसी मेंटालिटी नहीं है मेरी. गर्ल्स की भी नीड होती है आई नो.

आंशिका: थॅंक्स, आई एम् सो लकी टू हेव ऐ फ्रेंड लाईक यु .
मे: मी टू जान, जल्दी से लंड पर क़िस्सी करो .

आंशिका: मुआााआअहह.
मे: आह्ह्ह मज़ा आ गया. लो तुम्हारी चूत पर करता हूँ मुआहह

आंशिका: पूरी गीली पड़ी है आज मेरी चूत , तुमने बुरा हाल कर दिया ऐसे ही, पता नहीं जब मेरी लोगे तो क्या हालत करोगे.
मे: तेर्को अपने लंड का दीवाना नहीं बनाया तो देख लिओ

अँहसिका: वो तो मैं अभी से हो गयी हूँ, है ही इतना क्यूट और टेस्टी भी है.
मे: ओक

आंशिका: और हाँ तुम अबसे ये मूठ मत मारा करो, बहुत मारते हो तुम , बेकार मैं अपना स्पर्म वेस्ट करते हो.
मे: तो क्या करूँ?

आंशिका: मैं हूँ, उसको उसे करने के लिए, फिर मूठ क्यूँ मारते हो?
मे: यार तुम दिमाग़ मैं घूमती रहती हो हर वक़्त तो इसीलिए कंट्रोल नहीं होता और मारना पढ़ जाता है.

आंशिका: तो कंट्रोल करा करो, बट नो वेस्ट ऑफ स्पर्म अब से.
मे: ओक ट्राइ करूँगा.

आंशिका: नो ट्राइ, नहीं तो नहीं बस, जब भी मारने का मन करे मेरे से बात कर लिया करो, बट नो मास्टरबेशन.
मे: यार तुम मरवावगी मेर्को, ऐसा लग रहा है की बिना मारे ही मैं झड़ जाऊंगा .

आंशिका: कोई ज़रूरत नहीं झड़ने की, तुम सिर्फ़ मेरे सामने ही झडोगे .
मे: यार मेरा मन तुम्हे प्रेग्नेंट करने का भी है, मैं चाहता हूँ की तुम मेरे बच्चे की माँ बनो और मैं तुम्हारा दूध पिऊन.

आंशिका: तुम पागल हो गये हो क्या? इसके लिए तुम्हे मुझसे शादी करनी पड़ेगी.
मे: यार अभी कहाँ हो पाएगी मेरी शादी. तुम कब कर रही हो शादी?

आंशिका: मेबी नेक्स्ट इयर .
मे: मतलब नेक्स्ट इयर मैं तुमको प्रेग्नेंट कर सकता हूँ.

आंशिका: क्या मतलब?
मे: तुम्हारी जब मॅरेज हो जाएगा तो मैं तुम्हे प्रेग्नेंट कर दूँगा, किसी को शक़ भी नहीं होगा.

आंशिका: जी नहीं, मुझे नहीं होना ऐसे प्रेग्नेंट, सिर्फ़ मेरा हब्बी ही मेर्को प्रेग्नेंट करेगा.
मे: हमारे बीच वो कहाँ से आ गया अब?

अँहसिका: नो विशाल, तुम मेरे साथ सेक्स कर सकते हो बट नो प्रेग्नेन्सी सॉरी..
मे: यार किसको क्या पता चलेगा.

आंशिका: अछा अभी ये बात छोड़ो, तब की तब देखी जाएगी.
मे: मैं तो ज़रूर करूँगा प्रेग्नेंट. और अगर तूने नखरे करे तो **** कर दूँगा, फिर बोल्*िओ कुछ.

आंशिका: अछा ना जो मन है कर लेना बस, अभी से कुछ मत बोलो, टाइम आने पर देखेंगे.
मे: देखेंगे नहीं, करेंगे.

अँहसिका: अछा बाबा कर लेना बस, अब रात के 2 बज रहे हैं सोने दो अब.
मे: ठीक है सो जाओ, और सपनों मैं मेरे लंड से चुदियो ओके ?

आंशिका: हाँ ज़रूर, हहेहा और तुम भी मेरी चूत से मज़े लेना, ऑल युवर्ज़
मे: आयी नो.

आंशिका: बाइ गुड नाइट, मुआहह
मे: गुड नाइट, मुआहह

नेक्स्ट डे मैने उसे मेसेज करा –

मे: हाय , कहाँ हो जानेमन?
आंशिका: कॉलेज और कहाँ, तुम बताओ क्या कर रहे हो?

मे: कुछ नहीं बस बोर हो रहा था, इसीलिए तुम्हे मेसेज कर दिया
आंशिका: मतलब जब बोर होते हो तभी याद आती है मेरी, यही बात है, है ना?

मे: अरे नहीं यार, सिर्फ़ तब नहीं आती, जब जब लंड खड़ा होता है तभी आती है.
आंशिका: तुम रहने दो बस, दिल दुखाते हो मेरा.

मे: मैं तो तुम्हे किसी बहाने याद भी कर लेता हूँ तुम्हे, तुम तो याद भी नहीं करती.
आंशिका: अछा कब याद नहीं करती, बताना ज़रा. लड़ने के मूड मैं हो? क्यूँ मूड ऑफ कर रहे हो मेरा?

मे: ओह सॉरी जान, मैं तो ऐसे ही पंगे ले रहा था.
आंशिका: तुम्हे अछा लगता है मुझे सताना .

मे: तुम्हे नहीं सताऊंगा तो और किसे सताऊंगा मेरी जान.
आंशिका: अछा जी, चलो कुछ तो अच्छी बात करी. और बताओ

मे: कुछ नहीं, तुम्हारी चूत मारने का दिल कर रहा है.
आंशिका: कब नहीं करता?

मे: हहेही, तुम बताओ, तुम्हारा क्या मन है?
आंशिका: फिलहाल तो मेरा मन है की इस साले डीन को जाके पीटूं .

मे: क्यूँ क्या हुआ?
आंशिका: साले ने इतनी बड़ी स्पीच पकड़ा दी, कल फेस्ट मैं बोलनी है मेर्को. सबके सामने स्टेज पर, डर लग रहा है अभी से बहुत.

मे: अरे फट गयी इतनी सी बात से.
आंशिका: अछा तुम बोलके दिखाओ ज़रा सबके सामने स्टेज पर, फिर पूछूंगी.

मे: मैं तो बोल दूँगा अगर तुम वादा करो की ठीक उसके बाद तुम अपनी चूत दोगी मुझे.
आंशिका: मेरी चूत क्या ओक्शन के लिए है? या फ़ि कोई प्रॉपर्टी है जो दांव पे लगाऊ .

मे: अरे यार तुम डरो मत, स्टेज पर चड जाना छाती चोडी करके और सुना कर आ जाना बस, वैसे भी सब तुम्हारी चूची को ही देखेंगे कोई स्पीच नहीं सुनने वाला तुम्हारी. माईक को लंड समझ कर पकड़ लेना, बस उसे स्टेज पर चूसना स्टार्ट मत कर देना.
आंशिका: बस रहने दो, मैं स्पीच देने जा रही हूँ ना की स्ट्रीप शो करने.

मे: कसम से यार, तुम जब स्ट्रीप शो करोगी तो बिपाशा से भी ज़्यादा अर्न करोगी.
आंशिका: क्यूँ बिपाशा स्ट्रीप शो करती है क्या?

मे: उसे छोड़ो, अपनी बात करो.
आंशिका: तुम ना ये बातें बोल बोल कर मेरी पेंटी फिर से गीली कारवाओगे.

मे: फिर से गीली? पहले कब करवाई अभी.
आंशिका: अभी जब मैं बस मैं आ रही थी अभी.

मे: पर तब तो तुमसे बात नहीं हुई.
आंशिका: तो क्या, तुम्हारे बारे मैं सोच रही थी, कल रात के बारे में , हो गयी गीली फिर से.

मे: तो जान फोन कर लेती, बस मैं ही बातों बातों मैं झड़वा देता.
आंशिका: तभी तो नहीं करा, मुझे पता था की तुम बस मैं भी शुरू हो जाओगे. बदमाश.

मे: यार ऐसी प्लेसस मैं तो मज़ा आता है, पब्लिक प्लेसस मैं.
आंशिका: हाँ तुम तो मेरे नंगे पोस्टर लगवा दो हर जगह.

मे: जैसा तुम कहो जान, तुम्हारी ब्लू फिल्म भी बना लूँगा.
आंशिका: बकवास मत करो, मुझे ना ये सब नहीं पसद, ओन्ली एंजाय्मेंट नो वुल्गेरिटी.

मे: अरे तो मैं कौनसा कुछ कर रहा हूँ, सिर्फ़ बात ही तो कर रहा हूँ.
आंशिका: नो, आज बात कर रहे हो, कल फिर करने को भी बोलॉगे, इसीलिए अभी से क्लियर कर लो, नो वुल्गेरिटी एंड ऑल, मुझे ये सब नहीं पसंद.

मे: ओक बाबा, नहीं करूँगा बात भी बस.?
आंशिका: गुड.

मे: जान मुझे भी तुम्हारी स्पीच सुननी है.
आंशिका: कैसे?

मे: मैं भी आ जाऊ कल फेस्ट मैं?
आंशिका: नो.

मे: क्यूँ?
आंशिका: मना करा है ना.

मे: यार तुम शादी मैं भी नहीं लेकर गयी और अब यहाँ भी मना कर रही हो, लगता है तुम्हे शरम आती है मुझे अपने साथ कहीं ले जाने मैं, ठीक है मैं अब से कभी नहीं मिलूँगा तुमसे अगर तुम्हे नहीं पसंद.
आंशिका: प्लीज़ यार ऐसे मत कहो, यु आर माय स्वीट आंड बेस्ट फ्रेंड, ऐसी कोई बात नहीं है, बस मुझे डर लगता है.

मे: कैसा डर ?
आंशिका: किसी को कुछ भी पता चल गया तो.
मे: अरे यार मैं वहाँ फेस्ट मैं तुम्हारी चूत थोड़ी ना मारूँगा, बस मिलने ही तो आऊंगा , औरों की तरह.
आंशिका: अच्छा अभी थोड़ी देर मैं बताती हूँ ओके .

मे: रहने दो, आई नो उर आंसर – नो
आंशिका: नो बाबा, ऐसी कोई बात नहीं है, अच्छा देन प्रॉमिस मी की यहाँ कुछ उल्टा सीधा नहीं करोगे.

मे: अरे पागल हो क्या, जो वहाँ पूरे कॉलेज के सामने तुम्हारी ब्रेस्ट सक करूँगा या चूत मारूँगा, मुझे भी फिकर है हुमारी, समझी.
अँहसिका: गुड, डेट्स लाईक माय बेस्ट फ्रेंड. ठीक है कल 10 बजे स्टार्ट होगा आ जाना टाइम पर, मेरी स्पीच 10:30 पर है, मिस मत करना, बताना की कैसी थी. ओके ?

मे: ओक शुवर, जरुर आऊंगा , मैं तो 9:30 बजे ही तुम्हारे पास आ जाऊंगा .
आंशिका: तुम एक काम क्यूँ नहीं करते, सुबह मेर्को लेने आ जाओ ना मेरे घर के पास.

मे: वाउ, दिस इस ग्रेट आइडिया. ठीक है आ जाऊंगा .
आंशिका: बट मिस्टर., बीच मैं नो स्टॉपेज, कहीं भी बाईक रोकने की ज़रूरत नहीं है बीच मैं, सीधा कॉलेज ओक?

मे: आई नो यार, मैं भी कोई इतना पागल नहीं हूँ. और मैं ही तुम्हे ड्रॉप करूँगा.
आंशिका: वो वहीं देख लेंगे, फिर कल सुबह 7:30 तक आ जाना.

मे: 7:30? यार मैं तो सोकर भी नहीं उठता तब.
आंशिका: तो फिर रहने दो, मैं खुद ही चली जौंगी.

मे: नो नो, कल उठ जाऊंगा , सिर्फ़ तुम्हारे लिए जान.
अंशिका : हाँ गुड, मैं तुम्हारा वेट करूँगी, अछा अभी मैं स्पीच की प्रॅक्टीस कर रही हूँ, बाद मैं बात करते हैं.

मे:ओक बाइ, बेस्ट ऑफ लक कल के लिए,
आंशिका: अभी से क्यूँ बोल रहे हो? कल नहीं आ रहे क्या?

मे: आ रहा हूँ, ऐसे ही बोल दिया
आंशिका: ओक, थॅंक जान, यु आर वेरी स्वीट.

मे: यु टू. मुआहह.
आंशिका: मुआहह

मे: क्या पहना है जान?
आंशिका: सूट एस युसुअल

मे: किस कलर का?
आंशिका: ऑरेंज,.

मे: हाय जान, संतरे कैसे हैं तेरे?
आंशिका: तुम्हे नहीं पता कैसे हैं? नागपुरी संतरे …मोटे मोटे, जूसी , चूसने लायक एकदम , हहेहेः

मे: यार फिर खड़ा हो गया साला.
आंशिका: कोई ज़रूरत नहीं है मूठ मारने की, बिठा लो उसे चुप चाप , मैं जा रही हूँ अभी बाइ.

मे: जान बड़ा मुश्किल है इसे बिठाना वो भी बिना मूठ मारे, सिर्फ़ तुम ही कर सकती हो ये काम, बट मैं ट्राइ करूँगा की मूठ ना मारून.
आंशिका: जाओ, अभी मेर्को काम करने दो प्लीज़.

मे: ओक सॉरी बाइ.

देन उसका दिन मैं 1 बजे कॉल आया……..

आंशिका: हेलो
मे: हाय जान, बस तुम्हारा ही वेट कर रहा था.

आंशिका: क्यूँ मूठ मार रहे थे?
मे: नहीं, बस याद आ रही थी तुम्हारी.

आंशिका: पहले मूठ मारा तुमने?
मे: नहीं, तुमने मना कर दिया था न…इसीलिए नहीं मारा.

आंशिका: गुड, इसका मतलब यु केंन कंट्रोल युवरसेल्फ, आई लाईक इट.
मे: तुम्हारे लिए कुछ भी जान. तुमने लंच कर लिया?

आंशिका: हाँ बस अभी करा, अब केम्पस का राउंड लगा रही हूँ.
मे: क्यूँ? कोई रेस है क्या?

अँहसिका: नहीं यार, मोटी होती जा रही हूँ मैं, इसीलिए खाना खा कर थोड़ी घूमती हूँ. वरना थोड़े टाइम मैं प्रेग्नेंट वूमन लगूंगी.
मे: वो तो मैं तुम्हे कर ही दूँगा प्रेग्नेंट एक ना एक दिन.

आंशिका: क्या कहा?
मे: कुछ नहीं.

आंशिका: बेकार मैं सपने मत देखा करो, ज़्यादा ही बाप बनने का शौक है तो मुझसे शादी कर लो. ख्वाइश पूरी हो जाएगी.
मे: यार तुम्हारे साथ का होता तो अब तक तो हनिमून भी बना लिया होता, बट वोही एज प्राब्लम यार, तुम कहाँ मैं कहाँ.

आंशिका: हाँ जब सब पता है, तो भूल जाओ मुझे प्रेग्नेंट करने वाली बात.
मे: इतनी आसानी से नहीं भूलूंगा, चलो तब की तब देखेंगे अभी रहने दो

आंशिका: हाँ , गुड फॉर अस .
मे: स्पीच हो गयी रेडी?

आंशिका: हाँ ऑलमोस्ट, डर लग रहा है यार फिर भी, प्रॅक्टीस भी कर चुकी हूँ कई बार. तुम्हे सुनाऊ एक बार?
मे: हाँ सुनाओ .

आंशिका: ओक, हियर आई स्टार्ट.
गुड मॉर्निंग माय डियर स्टूडेंट्स, रेस्पेक्टेड टीचर्स एंड ओउर ह’बल चीफ गेस्ट मिस्टर. ………………………………………………………………………………
मे: वाउ यार, मस्त बोलती हो तुम, मुझे तो बहुत अच्छी लगी.मस्त बोलती हो एकदम , यु गोयिंग टू राक यार.

आंशिका: सच? मेरा मन रखने के लिए तो नहीं बोल रहे ऐसा?
मे: अरे नहीं यार, सच मैं बहुत अच्छी लगी. तुम चिंता मत करो, आई नो यु आर ग्रेट

आंशिका: थॅंक्स यार, फॉर गिविंग मी कॉन्फिडेन्स.
मे: मेन्षन नोट, अछा ये बताओ कल क्या पहन रही हो?

आंशिका: साडी ही पहननी है हम टीचर्स को.
मे: ओक, किस कलर की पहन रही हो इस बार.

आंशिका: अभी डिसाइड नहीं करा, तीन हैं – एक ब्लू है, एक रेड है और एक ब्लॅक, कौनसी पहनूं इनमे से?
मे: यार तुम सारी पहनो या ना पहनो मुझे तो मस्त लगती हो, वैसे गो फॉर ब्लॅक.

आंशिका: ब्लॅक ना? मेरा भी यही मन था, हम सेम थिंक करते है , है ना?
मे: तभी तो इतने अच्छे फ्रेंड्स हैं.

आंशिका: हाँ ये भी है, मुझे आज तक इतना अंडरस्टॅंड एंड केरिंग फ्रेंड नहीं मिला.
मे: केरिंग किस बात के लिए?

आंशिका: अछा केरिंग नहीं हो? मेरे लिए कल सुबह जल्दी उठोगे , कौन करता है किसी फ्रेंड के लिए.
मे: सच कहूँ तो, अगर कोई और फ्रेंड होता या होती तो मैं उसे मना कर देता बट तुमसे ना नहीं करी जाती.

आंशिका: आई नो तभी तो केरिंग कहा.
मे: तुम भी तो बहुत केरिंग हो.

आंशिका: मैं कैसे?
मे: मैने तुम्हे इतना परेशन करा है, इतनी ज़िद मनवाई हैं, पर तुम बिना कुछ कहे आराम से सब करा लेती हो.

आंशिका: मुझे भी तो तुम्हे ना नहीं कहा जाता ना, क्या करूँ.
मे: आई नो, तभी तो जान बुझकर ज़िद करता हूँ.

आंशिका: बदमाश तो तुम हो ही. अछा अब लंच ब्रेक ओवर, वर्क टाइम स्टार्ट, बाद मैं बात करते हैं ओक?
मे: ओक जान, केरी ओन . बाइ और स्पीच सच मैं बहुत अच्छी थी, चाहे किसी को भी सुना कर पूछ लेना.

आंशिका: तुमसे पूछ लिया बस अब किसी और की ज़रूरत नहीं मुझे, थॅंक्स, बाइ
मे: बाइ

नेक्स्ट डे सुबह मैं जल्दी उठ गया और तैयार होकर मैने अंशिका को कॉल करा.

मे: हेलो, गुड मॉर्निंग मेम
अंशिका : ओह हाय , गुड मॉर्निंग, ई एम् इंप्रेस्ड, तुम तो सच मैं जल्दी उठ गये, मुझे यकीन नहीं हो रहा है.

मे: कोई नहीं जब थोड़ी देर मैं तुम्हारे पास आऊंगा तो छूकर यकीन कर लेना.
आंशिका: तुम रेडी हो?

मे: हाँ रेडी हूँ, और तुम?
आंशिका: हाँ बस साडी पहनने लगी थी, तुम्हारी कॉल आ गयी.

मे: इसका मतलब ब्लाउस पेटिकोट मैं हो अभी?
आंशिका: हाँ

मे: हाय यार, क्या मस्त लग रही होगी, ऐसे ही चलो ना.
आंशिका: सुबह सुबह शुरू हो गये.

मे: मैं तो कभी ख़तम ही ना हूँ अगर तू मेरे साथ हो हमेशा.
आंशिका: ये सब छोड़ो, ये बताओ कितनी देर मैं आ रहे हो यहाँ.?

मे: मैं तो रेडी हूँ, तुम बताओ कितनी देर मैं निकलूं?
आंशिका: तुम्हे कितना टाइम लगता है पहुँचने मैं मेरे यहाँ?

मे: 15 मिनट मेक्स .
आंशिका: ठीक है निकल जाओ घर से.

मे: ओके जान, निकल रहा हूँ, और जब मैं आऊं तो पेटीकोट ब्लाउस मैं मत मिलना, वरना मैं फिर बिना चोदे नहीं मानूँगा.
आंशिका: अरे बाबा, ई एम् ऑलमोस्ट रेडी, अब फोन रखो और जल्दी आओ.

मे: ओके मिलता हूँ. बाइ
आंशिका: हाँ बाइ.

थोड़ी देर बाद मैं उसके घर के पास वाले बस स्टॉप पर पहुँच गया और उसे कॉल करके बुला लिया. वो मुझे सामने से दिखी, ब्लेक साडी मैं थी, सबकी नज़र उसी पर थी रोड पर, दूधवाला, हॉकर, बेगर्स, स्कूल चिल्ड्रन्स, सब उसे ही घूर रहे थे, ब्लेक साडी मैं वो बहुत मस्त लग रही थी, ब्राउन कलर की लिपस्टिक, मॅचिंग ब्लाउस, सुबह सुबह लंड टन गया देख कर और उसकी छाती के तो कहने ही क्या. उसने मुझे दूर से देख लिया था पर वो मेरी नज़रों मैं ना देखकर नीचे देख कर चलती हुई मेरे पास आ रही थी, ऐसा आग रहा था की मैं दूल्हा हूँ और वो मेरी दुल्हन .. वो मेरे पास आकर खड़ी हुई और बोली –

आंशिका: ऐसे क्यूँ घूर रहे थे दूर से, शरम नहीं आती.
मे: अच्छा अब घूर भी नहीं सकता, लंड को तुमने पहले ही पिंजरे मैं डाल दिया है.

आंशिका: अछा ये बताओ की मैं कैसी लग रही हूँ.
मे: मोस्ट ब’फूल वुमन , ब्लॅक कलर लुकिंग आसम ओन यु यार. मेरा मन भी काला हो गया तुम्हरे ऐसे देख कर. कितनों की जान लेने का इरादा है आज?

आंशिका: तुम्ही दे देना अपनी जान बस, आई विल बी हेप्पी , तुम भी बहुत स्मार्ट लग रहे हो आज.
मे: थॅंक यु , सब आपका ही कमाल है.

आंशिका: अब आपका मन हो तो चलें?
मे: हाँ क्यूँ नहीं, चलो.

आंशिका: थोड़ी तेज़ चलना बाईक .
मे: जितना चिपक कर बेठोगी उतनी तेज़ चलाऊंगा .

उसने स्माइल पास करी और मेरी बाईक पर पीछे बैठ गयी, वो थोड़े डिस्टेन्स पर बैठी थी शायद घर के पास होने की वजह से, पर मैने भी बाईक को धीरे ही चलाया, थोड़ी आगे जाकर वो मेरे से चिपक गयी, जैसी एक वाइफ अपने हज़्बेंड के साथ जाती है बाईक पर, उसने अपनी ब्रेस्ट मेरी बेक पर लगा दी अच्छी तरह और बोली –

आंशिका: अब सही है मेरे राजा? अब तो कम से कम तेज़ चला लो.
मे: हाँ क्यूँ नहीं मेरी जान.

आंशिका: बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं करते तुम.
मे: जब रिश्वत मैं तुम मिल रही हो तो क्यूँ ना लूँ.

थोड़ी देर मैं हम उसके कॉलेज पहुँच गये. वहाँ मैने पार्किंग मैं बाईक पार्क करी की तभी उसकी सीनियर जो मॅरेज मैं थी उसके साथ वो भी तभी आई थी अपनी कार पार्क कर के उतर रही थी. आंशिका को देख कर वो मुस्कुरई और बोली…….

आंशिका: हाय मेम ,
सीनियर : हाय अनु, सही टाइम पर आ गयी.

आंशिका: हाँ इसकी वजह से (मेरी तरफ इशारा करते हुए बोली)

मैने हेल्मेट पहना हुआ था, तो हू मुझे पहचान नहीं पाई, मैने हेल्मेट उतरा तभी वो बोली

सीनियर: ओक ओक, तुम्हारा कसीन राईट ? शादी मैं भी आया था तुम्हे लेने.
आंशिका: हाँ मेम .

मे: गुड मॉर्निंग मेम .
सीनियर: हाय डियर,

उसने हाथ आगे बड़ा कर मुझसे शेक हॅंड करा, मैं ये एक्सपेक्ट नहीं कर रहा था. वो मुझसे हंसकर बोली.

सीनियर: तो बेचारी आंशिका ने तुम्हे ड्राइवर बना दिया है. चलो आओ उंड़र आओ, फर्स्ट टाइम आए हो ना शायद हुमारे कॉलेज, देखो और बताओ कैसा है हमारा कॉलेज और आज का इवेंट भी. आंशिका आज मत भेज दियो , पूरा इवेंट अटेंड करवाना इससे भी.
आंशिका: नो मेम , आज तो मेरे साथ ही रहेगा ये ड्राइवर, हहहे

वो दोनो इस बात पर हँसने लगी तो मैं भी थोडा सा मुस्कुरा दिया.

उसकी सीनियर ने अपने बच्चो को आवाज़ लगाई जो कार मैं बैठे थे,

सीनियर: स्नेहा, सचिन चलो बाहर आओ, अन्दर चलो

कार का गेट खुला और उसके दोनो बच्चे सामने आए.

मुझे याद है आंशिका ने मुझे पहले बताया था की इसकी एक लड़की 15 साल की है और एक लड़का 11 साल का. दोनो कार मैं से उतरे , मैं तो उसकी लड़की को ही देखने मैं लगा था. बहुत स्वीट लग रही थी, स्कर्ट पहन रखी थी उसने, और उपर टॉप, जिस पर से उसकी छोटी छोटी चुचियाँ उबर रही थी और उसकी स्वीट सी स्माइल उसके फेस के ग्लो को और बड़ा रही थी. सीनियर ने उनसे कहा…

सीनियर : से गुड मॉर्निंग टू देम.

स्नेहा & सचिन : गुड मॉर्निंग सर , गुड मॉर्निंग मेम .

आंशिका & मे: मॉर्निंग.

सीनियर: चलो अन्दर चलते हैं, और हाँ आंशिका डाइरेक्टर सर के रूम मैं चली जाओ , तेरी स्पीच रेडी है ना.
आंशिका: हाँ, सुबह सुबह बुड्ढा क्यूँ बुला रहा है?

सीनियर: पागल है हू, चली जा वरना जान खा जाएगा. चलो अन्दर चलते हैं

हम चलने लगी, आगे आगे सीनियर और उसके बच्चे जा रहे थे, मैं और आंशिका उनके पीछे थे. उसकी सीनियर की गांड बड़ी मस्त थी, ऐसा लग रहा था की जितनी भी लौड़ों से चुदी है सब गांद मैं ही भर लिए हैं इसने, आंशिका के बूब्स और उसकी सीनियर की गांद, दोनो ही लाजवाद हैं, मन कर रहा था पीछे से पकड़ लूँ. मैने आंशिका से कहा…

मे: तुम्हारी सीनियर का नाम क्या है?
आंशिका: हम इन्हे कॉलेज मैं किटी मेम बुलाते हैं.

मे: तो बाहर कुछ और बुलाते हो क्या?
आंशिका: हाँ, सिर्फ़ किटी, उन्हे नहीं पसंद ये मेम कॉलेज के बाहर, शी इस वेरी कूल टाइप ऑफ पर्सन, देखा नहीं तुमसे अभी हॅंड शेक करा.

मे: हाँ ये तो है, मेरे शरीर मैं करंट दौड़ गया था तब.

अंशिका कुछ नहीं बोली और मुझे टेडी निगाहों से देखनी लगी..

मे: क्या करूँ लंड है की मानता नहीं.
आंशिका: उसकी चिंता मत करो, उसकी तो अच्छी खबर लूँगी एक दिन मैं, अच्छा तुम चलो हॉल मैं जाओ मैं अभी आती हूँ.

मे: कहाँ जा रही हो?
आंशिका: अभी बोला तो किटी मेम ने की डाइरेक्टर ने बुलाया है.

मे: क्यूँ बुलाया है?
आंशिका: मुझे क्या पता, वहीं जाकर पता चलेगा.

मे: चूत चाहिए उसे तुम्हारी ?
आंशिका: पागल हो क्या? कुछ भी बोलते हो. तुम जाओ हॉल मैं वेट करो मैं अभी आती हूँ. रास्ता हॉल का यहाँ से है.

इस वक़्त सिर्फ़ 8 बजे थे, तो वहाँ स्टूडेंट्स बहुत कम थे, सिर्फ़ वोही थे जो वॉलंटियर्स थे, मैं तो लड़की देखने की चाह मैं इधर उधर घूम रहा था. थोड़ी देर मैं आंशिका आ गयी.

आंशिका: हा अब बोलो, बोर तो नहीं हो रहे?
मे: हो रहा हूँ, किसलिए बुलाया था बुड्ढे ने?

आंशिका: कुछ इंपॉर्टेंट इन्स्ट्रक्षन्स दे रहा था बस,
मे: पक्का ना? अगर इससे कुछ और ज़्यादा बात हुई तो गांड मार लूँगा उसकी.

आंशिका: ना बाबा, बस मेरी छाती घूर रहा था वो तुम्हारी तरह
मे: अब इसमें उसका कसूर नहीं.

आंशिका: अच्छा तुमने कॉलेज देखा?
मे: नो

आंशिका: तो देख लेते अब तक यूँही बोर हो रहे थे.
मे: तुमने ही तो कहा की हॉल मैं जाकर वेट करो, यहाँ तो अभी कोई ढंग की लड़की भी नहीं है.

आंशिका:चलो मैं फ्री हूँ थोड़ी देर, तुम्हे कॉलेज दिखाती हूँ चलो.
मे: ओके

हम कॉलेज घूमने लगे, सारी क्लासेस खाली थी आज फेस्ट की वजह से, मन कर रहा था एक क्लास मैं ले जा कर यहीं बजा दूं इसे, पर नहीं कर सकता था. घूमते घूमते उसने बोला तुम यहीं वेट करो मैं अभी लू होकर आती हूँ.

मे: क्यूँ जा रही हो?
आंशिका: क्यूँ नहीं जाऊ ?

मे: नहीं जाओ पर किसलिए जा रही हो?
आंशिका: मेर्को जाना है अब स्टेज पर , तो कपड़े ठीक कर लूँ एक बार.

मे: तो मेरे सामने क्या प्राब्लम है?
आंशिका: फिर शुरू हो गये तुम?

मे: प्राब्लम तो बताओ क्या है?
आंशिका: तुम हो प्राब्लम, छोड़ोगे नहीं मुझे एक बार देख लिया तो.

मे: अछा इतनी देर से कंट्रोल नहीं कर रखा क्या, अगर इतना बेकाबू होता तो तुम अभी किसी झाड़ियों मैं पड़ी हुई होती बुरी तरह चुदी हुई,
आंशिका: मैं इसीलिए नहीं लाना चाह रही थी तुम्हे, हर जगह शुरू हो जाते हो.

मे: क्लासरूम मैं चलते हैं लॉक कर लेते हैं, तुम वहीं अपने क्लोथ्स सही कर लेना.

आंशिका: बिल्कुल नहीं, मैं नहीं आ रही किसी रूम मैं तुम्हारे साथ वो भी कॉलेज मैं, कोई आ गया न बस, तुम्हारा तो कुछ नहीं होगा बट मैं मारी जाउंगी , एवेरिबडी नोस मी हेयर .

मे: पूरी बिल्डिंग मैं कोई नहीं है और हम टॉप फ्लोर के लास्ट रूम के पास हैं, कौन पागल आएगा.
आंशिका: मना कर दिया ना मेने एक बार , बस अब कुछ मत बोलना.

ये बोलकर वो लेडीस टाय्लेट मैं चली गयी, और मैं बाहर खड़ा रहा, पर मैं ये चान्स मिस नहीं करना चाहता था, मैने सोचा क्यूँ ना लेडिस टाय्लेट के अंदर ही चला जाऊ , कम से कम वहाँ से तो नहीं भागेगी वो , पर मेर्को भी डर लग रहा थी की ग़लती से कोई आ गया तो, वैसे कोई नहीं आता, पूरे कॉलेज मैं कोई नहीं था, मैने हिम्मत करी और अंदर घुस गया. जैसे अन्दर घुसा मैने देखा की आंशिका मिरर के सामने खड़ी है और उसका पल्लू हटा हुआ है और सेफ्टी क्लिप उसके मुँह मैं है. उसने मुझे मिरर मैं देखा और डर गयी…

आंशिका: तुम? अंदर कैसे आ गये? शरम नहीं आती तुम्हे? बाहर जाओ अभी के अभी.
मे: क्यूँ तुम्हे क्या प्राब्लम है, तुम्हे जो करना है तुम करो, तुम्हारा कुछ ले रहा हूँ क्या मैं.

आंशिका: यार प्लीज़ चले जाओ, कोई आ गया तो मेरी वाट लग जाएगी बुरी तरह.
मे चिंता मत करो मैं कुछ नहीं कर रहा, बस देखूँगा.

आंशिका: तुम बड़े ज़िद्दी हो यार, आई डोंट लाईक इट.

ये बोलकर वो वापिस मिरर के सामने खड़ी होकर अपना मेकअप सही करने लगी. मैं उसके पास मिरर की तरफ बेक करके स्लेब से सपोर्ट लेकर खड़ा हो गया और उसको निहारने लगा. उसने पल्लू हटाया हुआ था, उसके ब्लाउस मैं से उसकी क्लीवेज दिख रही थी, मैं उसे ही घूर रहा था. वो टेडी निगाहें करते हुए मेर्को देख कर मुस्करा रही थी.

अँहसिका: तुम जैसा पागल इंसान कहीं नहीं देखा.
मे: एक पागल और है मेरी टांगो के बीच.

आंशिका: उसे तो मैं जानती हूँ.
मे: अछा वो हू तुम्हे पूरी अच्छी तरह नहीं जानता.

आंशिका: कोई नहीं .. जान जाएगा एक दिन.
मे: देखते हैं.

loading...

Leave a Reply