फ़ोन सेक्स – मोबाइल फ़ोन सेक्स part 3

मे: अब बताओ भी पारूल हुआ क्या हम तुम दोनो के साथ.
पारूल: यार विष, आई कॉट हिम विद समवन .

मे: (शॉक्ड) वॉट??????? डेट पर थे वो या कहीं और?
पारूल: या , वो डटे पर थे एंड ये .न्ड एंड ही वाज़ लिटरली किस्सिंग हर .

(मुझे ये सुनकर बहुत गुस्सा आया की मेरी स्वीट सी फ्रेंड के साथ वो हरामी ऐसा कैसा कर सकता था, वी ऑल फ्रेंड्स न्यू की पारूल एंड हर गाइ हेड डन सेक्स मेनी टाइम्स, इनफॅक्ट उन्होने ही कई बार बताया था)

मे: देन, यु सेड एनितिंग तो हिम देयर ?
पारूल: नहीं, वहाँ कुछ नहीं कहा रेस्टोरेंट मैं और उसने मुझे नहीं देखा था, ही वाज़ बिज़ी इन किस्सिंग देट बिच.
(और वो ये बोलकर रो पड़ी)

मे: मन तो कर रहा है उसकी गांड मार दूं साले की, सॉरी फॉर माय लॅंग्वेज पारूल बट हाउ कॅन ही डू एनितिंग लाईक दिस विद ए पर्सन लाईक यु, यु लव्ड हिम लाईक ए मेड .आई एम कन्फुसड .

पारूल: यही मुझे समझ मैं नहीं आ रहा, की मुझसे ग़लती क्या हुई, मैने कब उसका दिल तोड़ा, एस यु नो मैने कभी उसे किसी चीज़ के लिए मना नहीं करा. यु नो एवेरितिंग वेरी वेल, जब उसने मुझसे पूछा था ही वांटेड टू हॅव मी, ईवन देन मैने बिना कुछ बोले या कहे उसकी विश को पूरा करा और वो भी कई बार, बट सी टुडे वेर आई एम् .

मे: यार ही इस आ बअस्टर्ड, मैंने सोचा भी नहीं था की ऐसा होगा तुम्हारे साथ, बट बेटर फर्गेट हिम .
पारूल: यॅ आई एम् ट्राईंग.

पारूल को रोता हुआ मुझसे रहा नहीं जा रहा था, बिकॉज़ शी इस वेरी स्वीट पर्सन हमेशा मस्ती मैं रहने वाली और उसका किसी ने मिसयूज़ करा मेरे अंदर आग लगी हुई थी.

वो रोटी रही और मैं उसे चुप करता रहा और समझता रहा, देन थोड़ी देर हम कुछ नहीं बोले, फिर वो मुझसे बोलती है……

पारूल: योउ नो आफ्टर दिस आई रियलाइज़्ड देट लव इस नोथिंग , मुझे पता चल गया ही डिड्न’त लव मी , देट बस्टर्ड जस्ट वांटेड टू हेव माय बॉडी डेट्स इट नाउ फीडिंग ऑन अनदर वन. यार जब तुम्हे सेक्स इतना ही पसंद है तो मुँह पर क्यूँ नहीं बोलते? क्यूँ छिपते हो? क्यूँ प्यार का नाटक करते हो? एतलीस्ट किसी का दिल तो मत दुखाओ, अगर मुझे पता होता पहले से की ही जस्ट वांटेड तो हेव मी सो शुवर्ली मैं उसे वो देती और मुँह पर एक थप्पड़ भी मारकर आती देट आई लव्ड ए बास्टर्ड लाईक हिम .

मैं चुप चाप सुन रहा था और उसकी ये बात सुनकर मुझे एक बात की खुशी थी की चलो मेरे और अंशिका के बीच मैं ऐसा कोई फेक रीलेशन नहीं था, बोथ आफ अस आर वेरी गुड फ्रेंड्स आंड वी न्यू ईच अदर नीड्स एंड वांटेड टू फुलफिल ईच अदर’स नीड्स.

एंड द थिंग विच ऑल्वेज़ पुट मी इन शॉक देट – वी नेवेर सेड – आई लव यु , इतने करीब होते हुए भी, दिस इस वॉट वी कॉल ट्रू फ्रेंडशिप, बोथ वन जो मेरी आंशिका के साथ थी और जो मेरी पारूल के साथ थी.

देन हम दोनो थोड़ी देर इधर उधर और अपने बाकी स्कूल फ्रेंड की बात करने लग गये, तभी आंशिका का मेसेज आया –

आंशिका: हाय मिस्टर, अभी भी मेहनत कर रहे हो?

उसका ये मेसेज पारुल ने भी पढ़ लिया और उसने मेरे से सवाल करे….

पारूल: ये आंशिका कौन है विष?????/
मे: ऐसी ही एक फ्रेंड है तुम्हारी तरह. स्वीट वन

पारूल: ओह हो, स्वीट वन, फ्रेंड है या जी ऍफ़ है?
मे: अरे पागल हो क्या? शी इस 27, शी इस ए टीचर इन कॉलेज.

पारूल: क्वाइट मेच्यूर.
मे: हाँ , अंडरस्टॅंडिंग टू

पारूल: ये मेसेज क्या था? वॉट मेहनत हाँ?
मे( मैं डर गया, मैने बात को चेंज करते हुए बोला) अरे कुछ नहीं, वो बोर हो रहा था घर मैं तो अपने आपको एंटरटेन करने के लिए मेहनत कर रहा था तो वोही पूछ रही थी.

पारूल; काफ़ी अच्छी केमिस्ट्री बन गयी है तुम्हारी बीच शायद.
मे: या , वी आर गुड फ्रेंड्स लाईक यु एंड मी .

पारूल: सही है यार, दोस्त ही बनाओ, जी ऍफ़ या बी ऍफ़ ना बनाओ नोट स्पेशली वेन यु जस्ट वॉंट टू डू सेक्स.
मे: आई नो डियर, तभी मैं सिर्फ़ दोस्त बनाता हूँ (लॉल)

पारूल: मुझे भी बात करनी है आंशिका मेम से.

मैने कहा लो आज तो उसने पूछा था की किसी को बताया तो नहीं और आज ही यह बोल रही है की मुझे उससे बात करनी है अगर उससे बात करा दी अभी तो कहीं वो गुस्सा ना हो जाए और वैसे भी गर्ल्स का कुछ पता नहीं चलता, कहीं मेरा वर्जिनिटी धरी की धरी ना रह जाए और टाइम तक, बड़ी मुश्किल से तो ऐसे दोस्त मिलते हैं, इसीलिए मैने उस वक़्त पारूल को तरका दिया बात करवाने से ये कहते हुए………

मे: यार पारूल वो बिज़ी है अभी कॉलेज मैं, उनके कॉलेज मैं कोई फेस्ट है और उसी की तय्यारी कर रही है . सो अभी नहीं हो सकती फिर कभी करवा दूँगा मैं ही नहीं कर परा बात.

थोड़ी देर और बात करके हम अपने अपने घर आ गये इस बीच मैं मैं आंशिका को मेसेज का रिप्लाइ नहीं कर पाया, घर जाके देखा तो उसकी 2 मिस कॉल और 2 और नये मेसेज आए हुए थे जिनमें ये लिखा था….

आंशिका: कहाँ हो????? मेसेज का रिप्लाइ नहीं देना होता क्या???????

आंशिका: हाय , इतनी देर हो गयी? प्लीज़ रिप्लाइ सून

देन मैने जल्दी सी उसे रिप्लाइ करा…….

मे: सॉरी दोस्त, वो मैं बाहर गया था अपनी एक स्कूल फ्रेंड से मिलने तो उसी के साथ बिज़ी था, इसीलिए रिप्लाइ नहीं कर पाया.

बस ये मेसेज पड़ते ही आंशिका की कॉल आ गयी.

आंशिका: हाय
मे: हाय

आंशिका: कहाँ गये थे और कौन थी वो ?
मे: मेरी स्कूल फ्रेंड थी पारुल , उसको मिलने गया था बाहर, क्यूँ क्या हुआ?

आंशिका मुझे लेकर थोड़ी पोज़ेसिव हो गयी थी एंड गाइस दिस इस द ग्रेअटेसत फीलिंग फॉर आ मेन वेन ए वोमेन गेट पोज़ेसिव फॉर हिम एंड शो हिम हर पोसेसिव्नेस . तो मैने भी सोचा क्यूँ ना थोड़े मज़े लूँ.

आंशिका: हाँ तो किसलिय मिलने गये थे एकद्ूम से पहले तो कभी नहीं बताया तुमने .
मे: अरे बाबा ध्यान नहीं रहा होगा, उसका भी अचानक से मन हो गया था मिलने का.

आंशिका: हाँ बट क्या हुआ अचानक से? और कौन था तुम्हारे साथ?
मे: मैं और बस वो.

आंशिका: क्यूँ बाकी स्कूल फ्रेंड्स कहाँ थे?
मे: कुछ बिज़ी थे और एक दो आउट ऑफ स्टेशन सो वो नहीं आ पाए.

आंशिका: तुम झूठ बोल रहे हो ना? प्लीज़, डॉन’त हाइड फ्रॉम मी
मे: अरे पागल हो क्या तुमसे क्या झूठ बोलूँगा. हम दोनो ही थे बस.

आंशिका: कहाँ पर थे? क्या कर रहे थे.
मे: हम सेंट्रल पार्क मैं थे(झूठ) और बातें कर रहे थे औरों की तरह

अब उसकी आवाज़ मैं जेलसी और गुस्सा सॉफ फील हो रहा था.

आंशिका: और क्या कर रहे थे उसके साथ?
मे: और क्या कुछ नहीं.

आंशिका: तुम उसको प्यार कर रहे थे ना? सच सच बताना.
मिस्टर: अरे पागल हो क्या? वी अरे जस्ट फ्रेंड

आंशिका: तुम हम भी तो फ्रेंड हैं, मेरे साथ भी तो करते हो तुम, उसके साथ भी ज़रूर कर रहे होंगे, कहाँ कहाँ किस करी उसे बताओ? ब्रेस्ट पकड़ी थी उसकी?

मैने सोचा क्यूँ ना मज़े लूँ इस तड़पति मछली से, सो मैने मज़े लेने स्टार्ट करे….

मे: ज़्यादा कुछ नहीं बस लिप्स पर किस करी थी और उसकी ब्रेस्ट पर, यार उसने ही कहा था, शी वांटेड तो फील सो आई जस्ट हेल्प्ड हर , ज़्यादा कुछ नहीं.
आंशिका: ( गुस्से से) तो ठीक है , जाओ उसी के साथ प्यार करो, उसे ही अपनी वर्जिनिटी दे देना, मेरे पास आने की कोई ज़रूरत नहीं है और ना ही अब से कोई मेसेज या कॉल करने की ज़रूरत नहीं है यु ब्रोक प्रॉमिस, आज सुबह ही तुमने प्रॉमिस करा था और आज ही तोड़ दिया, यु हर्ट मी वैरी बेडली…बाय.

मे: अरे अनु जान, मैं मज़ाक कर रहा हूँ,हहेहेहेहेहीः कुछ नहीं करा, हम तो ऐसे ही मिले थे बाबा, काफ़ी टाइम से नहीं मिले थे. एंड वी आर गुड फ्रेंड्स हम वो सब नहीं करते आई एम् ओपन ओन्ली टू यू . कसम से कुछ नहीं करा.
आंशिका: मेरी कसम खाओ.

मे: अछा लो तुम्हारी कसम.
आंशिका: (खुश होते हुए) तो फिर झूठ क्यूँ बोल रहे थे?

मे: देख रहा था की मेरी जान को कितना बुरा लगता है
आंशिका: मुझे जला के मिल गयी खुशी? वैसे मैं आज एक स्टूडेंट के साथ उसके घर जा रही हूँ.

मे: हहेहेहहहे, सही है चिड़ा लो, बोल लो झूठ.
आंशिका: तुम्हे कोई ऐतराज़ नहीं अगर मैं जाऊ ?

मे: दोस्त अगर तुम्हे कोई ऐतराज़ नहीं तो मुझे भी नहीं हाँ थोडा बुरा लगेगा की अगर सिर्फ़ प्रॉमिस मेरी तरफ से ही है.
आंशिका: यार ऐसे मत करा करो, आइन्दा से मत करना, आई एम् नोट सेयिंग की तुम किसी और के साथ कभी कुछ मत करना बट मेरे लिए रुक जाओ प्लीज़, आई वांट टू हेव यु फर्स्ट, ओके ?

मे: (खुश होते हुए) या शुवर डियर, आई एम् ऑल युवर्ज़. यु कॅन हेव मी एनिटाइम, आख़िर तुम्हारा दोस्त जो हूँ.
आंशिका: हाँ गुड बॉय. डेट्स लाईक माय फ्रेंड.

आंशिका: वैसे तुम्हारी वो फ्रेंड मेरे से भी ज़्यादा सेक्सी है?
मे: अरे पागल हो क्या? आई नेवेर थॉट अबौट हर लाईक दिस , ऐसी कोई बात नहीं है.

आंशिका: आई एम् जस्ट आस्किंग ना, बुरा क्यूँ मान रहे हो?
मे: नहीं तुमसे ज़्यादा सेक्सी नहीं है, उसकी ब्रेस्ट भी स्माल है तुम्हारे मुक़ाबले, बस उसकी लेग्स बहुत सेक्सी है डेट्स इट. यु आर पर्फेक्ट फॉर मी… नोट शी.

आंशिका: थॅंक यु .आई एम् हेप्पी नाउ.
मे: तो अब शक ख़तम?

आंशिका: नहीं शक नहीं था, बस आई वास वाज़ स्केर्ड.
मे: स्केर्ड किसलिए?

आंशिका: आई वांट टू टेक युवर वर्जिनिटी ना.
मे: क्यूँ वर्जिनिटी मैं ऐसा क्या है?

आंशिका: आई ऑल्सो डोंट नो.
मे: देन क्यूँ इतना शोर वर्जिनिटी के लिए?

आंशिका: वेन माय बी ऍफ़ वास टेकिंग माय वर्जिनिटी ही सेड – डूयिंग सेक्स विद ए वर्जिन इस आसम फीलिंग, तो इसीलिए आई ऑल्सो वॉंट तो फील देट फीलिंग.

उसकी इस बात मुझे इतने हँसी आई और जब वो कह रही थी मुझे फोन पर इतनी क्यूट लग रह थी की मैं आप सब को बता नहीं सकता, मैने उसे कहा………….

मे: यार अनु, योउ अरे सो क्यूटईईईईईईईईईईईईईईई. तुम्हारे लिए मैं बार बार वर्जिन होने के लिए भी तय्यार हूँ
आंशिका: सो स्वीट ऑफ यु . काश मैं भी वर्जिन होती तो तुम्हे भी हू मज़ा दे पाती.

मे: क्यूँ अब नहीं दे सकती?
आंशिका: नहीं दे तो सकती हूँ, बट मैने सुना है की यु बाय्स लाईक टीअरिंग सील तो तुम्हे और अच्छा लगता , सॉरी फ्रेंड.

मे: अरे पागल हो क्या, तुमने बस एक ही बार सेक्स करा है जो की वर्जिन के बराबर ही है मेरे लिए, आई एम् वेरी हॅपी
आंशिका: सच मैं?

मे: हाँ सच मैं, तुम्हारी चूत की कसम.
आंशिका: हहेहेहहे. चलो पागल कहीं के.

मैंने आगे उससे पूछा

मे: अच्छा सुनो , मैं ये हिन्दी मैं वर्ड्स बोलता हूँ ., गांड , लंड तुम्हे बुरे तो नहीं लगते?

आंशिका: नो, बिल्कुल नहीं, और अगर लगते भी तो इट्स ओके , आई नो गाइस लाईक सेयिंग दीज़ वर्ड्स विद गर्ल उन्हे और मज़ा आता है, सो तुम मुझे कह सकते हो, बट मुझे कोई गंदी गाली मत देना ओके .

मे: या शुवर, थॅंक यु सो मच फ्रेंड.
आंशिका: मेन्षन नोट.

आंशिका: अछा सुनो, मैं जा रही हूँ. लंच टाइम ओवर.
मे: यार तुम हमेशा लंड खड़ा करवा के भाग जाती हो.

आंशिका: यार ग़लती मेरी नहीं तुम्हारी है, हर वक़्त खड़ा रहता है तुम्हारा.
मे: तुम हर वक़्त दिमाग़ मैं रहोगी तो खड़ा ही रहेगा.

आंशिका: सॉरी, चलो देन मेहनत करलो , बट कंट्रोल मैं, ज़्यादा नहीं.
मे: हाँ वोही करनी पड़ेगी.

अँहसिका: अछा बाय बाय नाउ. और उसे किस कर देना मेरी तरफ से.
मे: हाँ ज़रूर और तुम भी अपनी चुचियाँ और चूत को प्रेस कर देना मेरी तरफ से.

आंशिका: मौका मिलेगा तो ज़रूर करूँगी.
मे: हाँ गुड, मुआहह.

आशिका: मुआहह
(फोन कट)

अब सबको तो पता ही है की मेरा लंड फिर से खड़ा है अब उससे बात करके, तो मूठ ही मारूँगा. पर अब इससे हिन्दी के वर्ड्स – लंड, चूत बोलकर और बात करने मैं मज़ा आ रहा था.

उसी दिन शाम को …

हमेशा की तरह आज भी उसका 7 बजे मेसेज आया …….

आंशिका: हाय , कहाँ हो?
मे: मैं तो घर पर हूँ और तुम कॉलेज से आ गयी घर?

आंशिका: हाँ कॉलेज से तो आ गयी अभी मार्केट मैं हूँ
मे: शॉपिंग?

आंशिका: नहीं वो टेलर के पास आई थी, साडी पीको के लिए दी थी और ब्लाउस सिलवाने के लिए. कल फ्रेंड की मॅरेज मैं जाना है, तुम्हे बताया था ना?

मे: ओके , तो साडी पहनकर जाओगी. यार फिर तो बहुत सेक्सी लगोगी. तुम्हारी फ्रेंड(ब्राइड) को छोड़कर सब तुम्हे ही देखेंगे.

आंशिका: देखने से क्या होता है, और देखेंगे तो अच्छी ही बात है, हम गर्ल्स को पसंद है वेन वी गेट अटेन्षन चाहे हमें कितनी ही शरम आ रही हो.

मे: ओहो, ऐसी बात है तो मिनि मैं चली जाओ शादी में .

आंशिका: हाँ तुम्हारा बस चले तो मुझे बस अन्डरगारमेंट में ही जाने को कह दो.

मे: हहेहेहेहहे, नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, अन्डरगारमेंट मैं तुम सिर्फ़ मेरे सामने ही आना, किसी और के सामने नहीं.

आंशिका: हाँ हाँ क्यूँ नहीं, यार ये टेलर पका रहा है.
मे: क्यूँ क्या हुआ?

आंशिका: एक हफ़्ता पहले दिया था ये काम, अभी तक नहीं करा.
मे: क्या रह गया? ब्लाउस मैं बटन लगाना भूल गया क्या? हहेहेः

आंशिका: वेरी फन्नी, ब्लाउस टाइट सील दिया फिर से खोलकर लूस कर रहा है.
मे: यार अब वो भी क्या करे उसे क्या पता की तुम्हारी ब्रेस्ट हर थोड़े टाइम मैं बदती रहती है.

आंशिका: तुम तो चुप ही रहो, और बताओ क्या कर रहे हो.
मे: कुछ नहीं, अपनी जान से बात कर रहा हूँ. कॉल कब करोगी?

आंशिका: अभी घर तो जाने दो, तब करूँगी.
मे: यार बहुत तडपाती हो तुम.

आंशिका: मैं नहीं तडपाती , तुम ही बेचैन आत्मा हो. ज़रूर उसे खड़ा कर रखा होगा इस वक़्त भी.
मे: वो तो हमेशा ही होता है.

आंशिका: दिन मैं कितनी बार मास्तेर्बेत कर लेते हो?
मे: डिपेंड्स तुमसे कितनी बार बात होती है.

आंशिका: यु आर टोटली मेड , सुधर जाओ.
मे: तुम ही सुधार सकती हो बस.

आंशिका: हाँ डोंट वरी, एक बार मैं ही सुधार दूँगी.
मे: पर कब, आई एम् डाईंग

आंशिका: तो मर जाओ फिर, इतनी बार बोल चुकी हूँ बी पेशेंट बी पेशेंट और तुम हो की बस
मे: अरे सॉरी ना बाबा, मेरी . . . ..

आंशिका: . तो . . हो जैसे सोर्फ तुम्हारा ही मन करता है, मेरा तो मन ही नहीं है.
मे: मैने ऐसे कब कहा, बस मेरा मन बहुत ज़्यादा है.

आंशिका: पूरे हॉर्नी हो तुम, ठरकीईईई विशाल
मे: और तुम भी कम ठरकी नहीं हो. तुम कितनी बार फिंगरिंग करती हो?

अँहसिका: मैं तुम्हारी तरह पागल नहीं हूँ, मैं वीक मैं 2 या 3 बार बस.
मे: ये भी कुछ कम नहीं है, ठरकी अन्नू.

आंशिका: हाँ हू तो, तुम्हे क्या उससे.
मे: हाँ तो बस ऐसे ही मैं हूँ.

आंशिका: मैं घर पहुँचकर तुमसे बात करती हूँ, बाइ
मे: ओक बाइ. अछा सुनो ब्लाउस को तोड़ा टाइट ही रहने देना, क्लीवेज तो दिखे ढंग से कम से कम.

आंशिका: आई नो, इतना फॅशन तो आता ही है मुझे, पर टेलर ने इतना टाइट कर दिया था की साँस भी नहीं ली जा रही थी इसमें से , तभी तोड़ा सा लूस करवाया है. और कोई सजेशन भी है तो वो भी बोल दो.

मे: साडी किस कलर की पहन के जा रही हो?

आंशिका: पिंक विद मॅचिंग बॅंगल्स, बिंदी एंड ए सिल्वर चैन, लाइट वन. आंड या मॅचिंग सेंडलस टू.

मे: तुम्हारे ना इरादे मुझे अच्छे नहीं लग रहे, पता नहीं कहीं वहीं तुम्हे कोई पसंद ना कर ले, मेरा क्या होगा फिर.

आंशिका: डोंट वरी, कोई नहीं करेगा और अगर किसी ने कर भी लिया तो आई विल आस्क हिम टू वेट जब तक तुम्हे खुश नहीं कर देती एक बार.

मे: बस एक बार ही?

आंशिका: बार बार, ओक?

मे: हाँ कई बार.

आंशिका: अब जाओ मुझे क्लोथ्स भी ट्राइ करने है, बाइ.
मे: बाइ.

देन उसने रात को 9:30 पर कॉल करा………….

आंशिका: हाय ..
मे: हाय , सील गया ब्लाउस सही?

आंशिका: हाँ सील ही गया अट्लस्ट, साले ने एक दिन पहले दिया है शादी से.
मे: दे तो दिया ना, तो बस छोड़ो.

आंशिका: हाँ ये भी है, और बताओ, क्या कर रहे हो? खाना खा लिया या नहीं?
मे: हाँ खाना वाना 9 बजे से पहले ही खा लेता हूँ,

आंशिका: क्यूँ?
मे: क्यूंकी यु ऑल्वेज़ कॉल अराउंड 9 एंड आफ्टर 9, सो बिना डिस्टर्ब हुए तुमसे बात करने के लिए.

आंशिका: ओहो, सो स्वीट ऑफ यु , इतनी पसंद हूँ मैं.
मे: अब देख लो. अपने रूम मैं हो ?

आंशिका: हाँ वो जो क्लोद्स लाई हूँ वो ट्राइ कर रही हूँ.

मे: वाउ, काश मैं भी वहीं होता. सो कैसी लग रही है मेरी जान, पिंक साडी मैं.?

आंशिका: अब अपनी तारीफ़ कैसे करूँ. सही लग रही हूँ.

मे: यार तुम पागल हो, एकद्ूम माल लग रही होगी तुम आई नो.

आंशिका: पर ये ब्लाउस अभी भी थोडा टाइट है यार.

मे: तो क्या हुआ, तुम कोई 40 45 साल की औरत तो हो नहीं जो ढीले ब्लाउस पहनोगी, तुम्हारे बूब्स भी ढीले नहीं है, एकद्ूम टाइट है, तो टाइट ब्लोसे ही अछा लगेगा.

आंशिका: आई नो, बट फिर भी यार टाइट है, . . . . . . . ..
मैं : तो तुम्हे उपर हाथ क्यूँ उठाना है? अछा एक काम कारू ब्रा उतरो और फिर ब्लाउस पहनो.

आंशिका: ओक, रूको ट्राइ करती हूँ.
मे: ओक.

5 मीं बाद

आंशिका: हाँ पहन लिया ब्लाउस विदाउट ब्रा.

मे: अब भी टाइट है?

आंशिका: थोड़ी कम हुई टाइटनेस.
मे:देन ऐसे ही जाना शादी मैं.

आंशिका: तुम पागल हो या, मेरे निपल्स सॉफ दिख रहे हैं, और अगर ग़लती से कुछ भी गीला गिर गया ना मेरे ब्लाउस पर तो पूरी ब्रेस्ट क्लियर दिखेगीं, ये ब्लाउस स्ट्रेच्ड है, कसे होने की वजह से.
मे: यार तुम पूरी इस वक़्त सेक्स गॉडेस लग रही होगी, आई एम् शुवर.

आंशिका: हहहे, साले कामदेव चुप रह.
मे: अछा अब एक काम और करो, पेंटी और पेटिकोट भी निकल दो और सिर्फ़ साडी पहने रहो.

आंशिका: बाद मैं ये मत बोल्*िओ की ऐसे ही जाना शादी मैं.
मैं : अरे पहले जो कहा है वो करो.

आंशिका; ओक वेट… करती हूँ..

थोड़ी देर बाद वो बोली,

आंशिका: ओये, यार नीचे ठंड लग रही है, लॉल, ऐसा लग रहा है कुछ भी नहीं पहना है. फीलिंग आई एम् नेक्ड ईवन आफ्टर वेरिंग दिस साडी

मे: यही तो फ्रीडम का मज़ा है डियर. तुम्हारे पल्लू से दोनो बूब्स कवर हो गये?

अंहिस्का: तुम्हे लगता है की हो गये होंगे?
मे: आई एम् शुवर की पूरे नहीं हुए होंगे कवर, कितने हुए हैं बताओ.

आंशिका: लेफ्ट वाली तो ऑलमोस्ट कवर हो गयी है, रायट वाली काफ़ी एक्सपोज़्ड है, बस दोनो के निपल्स ही कवर्ड हुए हैं ढंग से.

मे: यार तुम मुझे ये सब सुना सुना कर ही मार डालगी. रूको मैं लंड बाहर निकल लूँ.

आंशिका: बाबा, कितना खड़ा होता है वो
मे: कौन वो ?

आंशिका: तुम्हारा पेनिस और कौन.
मे: हिन्दी मैं बोलो.

आंशिका: चुप रहो, मैं नहीं बोलूँगी तुम बोल लो तुम्हे कोई मना नहीं है, पर मैं नहीं बोलूँगी, आई फील शाइ.

मे: अभी भी शरमाती हो मुझसे क्या यार, फील फ्री. अगर तुम मेरी वर्जिनिटी लेना चाहती हो तो डोंट फील शाइ. बोलो अब
हिन्दी मैं और सिर्फ़ हिन्दी मैं ही बोलना अब से.

अँहसिका: तुम ब्लॅकमेल अछा कर लेते हो, लो सुनो, तुम्हारा लंड हुमेशा खड़ा रहता है.

(ये सुनकर तो बस मज़ा ही आगेया)
मे: तुम्हारी चूत भी तो हमेशा गीली रहती है.

अँहसिका: अछा तुम्हे कैसे पता?

मे: आई केन स्मेल दी फ्रेग्रेन्स यहाँ से भी.

आंशिका: केसी लगी मेरी चूत की स्मेल

मे: बहुत अच्छी , सीम्स यु आर रेडी टू गेट फक्ड. नंगी हो जा जल्दी से और शीशे के सामने बैठ जा.

आंशिका: ओक
मे: बैठ गयी मिरर के सामने?

आंशिका: हाँ.
मे: किस पर बैठी हो?

आंशिका: चेयर पर.

मे: गुड, अब थोड़ी सी आगे हो जाओ और अपनी लेग्स थोड़ी स्प्रेड करके थोड़ी उठा लो अपने कंधों की तरफ जिससे तुम्हारी चूत सॉफ दिखे मिरर मैं.

आंशिका: क्या करवाना चाहते हो?

मे: तुम करो तो सही

आंशिका: हाँ कर लिया, अब बोलो
मे: अब अपना एक हाथ अपनी झांटो मैं फिराओ और बताओ कैसा लग रहा है.

आंशिका: म्*म्म्मम, मज़ा आ रहा है. मेरी चूत गीली हो गयी है पूरी अब.

मे: गुड, अपनी झाटों को हल्के हल्के खीँचों भी.

आंशिका: तुमने कभी सेक्स तो करा नहीं, फिर तुम ये सब कैसे करते हो?

मे: बस ये मेरे डिज़ाइर्स हैं जो तुम्हारी साथ पूरे करूँगा.

अंहिस्का: आई एम् शुवर तुम्हारे साथ सेक्स करके मुझे बहुत मज़ा आने वाला है, तुम फोन पर ही ये हालत कर देते हो.
मे: देखा हो गयी ना मेरी दीवानी, अछा अभी ये बातें छोड़ो अपनी झांतों को सहलाओ

आंशिका: कर रही हूँ जान बस तुम बोलते रहो, आह
मे: अपनी चूत की लाइन पर फिंगर को लाओ और अंदर मत डालना फिंगर.

आंशिका: आहह, जैसा तुम कहो, अब?
मे: अपनी फिंगर को चूत की लाइन पर उपर से नीचे घूमाओ, फिर अपनी पाँचों फिंगर्स को चूत के फेस पर रखो और उसे धीरे धीरे प्रेस करो.

आंशिका: आ, बहुत मज़ा आ रहा है, फर्स्ट टाइम फिंगरिंग मैं इतना माज़ा आ रहा है.
मे: करती रहो बस,

आंशिका: म्*म्म्मममम, सीईइ, आग लगी हुई चूत मैं, पता नहीं कब बुझ पाएगी, तुम्हारे लंड के भी ऐसे हाल होंगे.
मे: हाँ तड़प्ता रहता है वो भी, अछा अब अपने हाथ को चूत के फेस पर ही रहने दो और धीरे से अपनी रिंग फिंगर को छूट के अंदर डालो.

आंशिका: मिड्ल फिंगर नहीं?
मे: जो कहा है वो करो, कुछ पूछो मत वरना लंड बैठ जाएगा.

आंशिका: सॉरी सॉरी, कर रही हूँ अन्दर , मेरी पूरी चूत गीली है आज बुरी तरह, तुम्हारी वजह से.
मे: गुड, मैं तुम्हारी चूत को को कभी सूखने नहीं दूँगा. अब अपनी रिंग फिंगर को चूत के अंदर बाहर करते हुए अपने थंब को झाटों मैं फिराओ और वहाँ प्रेस करो आराम से.

आंशिका: विशाल, आई एम् कमिंग, तुम मुझे पागल कर रहे हो, इट्स बर्निंग डाउन देयर . अहहह्ह्ह्हह्ह

मे: अपनी मिड्ल फिंगर भी अब चूत मैं डालो और धीरे धीर अंदर बाहर करो और फिर स्पीड से करना.

( आंशिका ने शायद फोन साइड मैं रख दिया था क्यूंकी उसकी आवाज़ अब कम आ रही थी)

आंशिका: आह, इट्स सो हॉट, अहहह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ मम्म

मे: क्या हुआ झड़ गयी मेरी जान?

वो 5 मीं तक चुप रही.

आंशिका: (हाफ्ते हुए) मज़ा आ गया यार, कहाँ से सीखा तुमने ये सब.?
मे: बस कुछ मेरे दिमाग़ की उपज और कुछ ब्लू फिल्म्स से.

अँहसिका: तुम कमाल हो यार, इतना मज़ा कभी नहीं आया. थेंक यु सो मच. तुम झड़ गये क्या?
मे: हाँ मैं पहले ही झड़ गया था, जब तुम कपड़े ट्राइ कर रही थी.

.: ओक
मे: यार तुम्हारी चूत लेने का बहुत मन कर रहा है अभी, अभी मिल सकते हैं क्या हम?

आंशिका: नो यार, इट्स 10:30 नोट पासिबल, मैं ना ही बाहर जा सकती हूँ और ना ही तुम्हे यहाँ बुला सकती हूँ
मे: यार मेरी हालत खराब हो चुकी है तुम्हे सपनों मैं चोद चोद कर.

अंशिका : ओह विशाल, आई नो, बट हम क्या कर सकते हैं तुम्ही बताओ.
मे: या आई नो, हे क्या हम कल मिल सकते हैं?

आंशिका: कल कैसे मिलोगे? दिन मैं 4 बजे तक कॉलेज मैं होंगी, देन वहाँ से जल्दी आकर, पार्लर जाना है और फिर तय्यार होकर शादी मैं जाना है. नोट पासिबल.
मे: शादी मैं किसके साथ जा रही हो?

आंशिका: ऑफीस कोलीग, उसकी कार मैं, बताया था ना वो एक मेरी सीनियर है वो भी आएँगी शादी मैं, तो वोही मुझे पिक उप करेंगी और ड्रॉप भी अपनी कार से.
मे: यार जाने का तो सही है, बट क्या तुम आते वक़्त मेरे साथ नहीं आ सकती?

आंशिका: अगर मैं आ भी जाऊ तुम्हारे साथ, पर तुम्हे कल चूत नहीं दे सकती, क्यूंकी रात को ऑलरेडी इतनी लेट हो जाएगा और फिर तुम्हारे साथ कही और नहीं जा सकती ..घर वाले गुस्सा होंगे यार, और सॉरी मैं किसी होटेल मैं नहीं जाउंगी . हूमें टाइम और प्लेस देख कर करना होगा यार.

मे: आई नो की बहुत लेट हो जाएगा, चूत मत देना कल पर मिल तो सकते हैं,आई मीन तुम्हे ड्रॉप करने के बहाने तो मैं आ ही सकत हूँ , अपनी कोलीग से कोई झूठ बोल देना की कोई आया है मेरे घर से मुझे लेने सो उसके साथ जा रही हूँ. इस बहाने थोड़ी देर के लिए मिल लेंगे.

आंशिका: ठीक है मैं उसे बोल दूँगी पर एक शर्त पर आउंगी .
मे: क्या?

आंशिका: तुम कल कोई ऐसी वैसी ज़िद नहीं करोगे और ना ही मेरे साथ सेक्स करने के लिए ज़िद करोगे कहीं पर भी.
मे: किस भी नहीं दोगी और तुम्हारे बूब्स भी प्रेस नहीं कर सकता?

आंशिका; नहीं वो कर सकते हो. पर करोगे कहाँ? कोई होटेल मैं मत लेकर जाना, मेर्को नहीं पसंद, मैं नहीं जाउंगी .
मे: अरे नहीं लेकर जाऊंगा बाबा, बट कोई ना कोई रास्ता दूंढ लूँगा तुम्हारे साथ फोरप्ले का, यु डोंट वरी.

आंशिका: अब मैं तुम्हारे उपर ट्रस्ट करके अपनी कुलीग से बोल दूँगी की यु विल मी , ओके ?
मे: हाँ, थॅंक यु , वेरी गुड. शादी मैं कब तक होंगी तुम?

आंशिका: 10 या 10:30 तो बज ही जाएँगे, हम घर से 8 बजे निकलेंगे.
मे: ओक. तुम मुझे वेन्यू मेसेज कर देना, मैं आ जाऊँगा .

आंशिका: अछा सुनो, वहाँ मेरे कॉलेज से कुछ और भी कुलीग होंगे तो ध्यान से हाँ , आई मीन किसी को कुछ पता न चल पाए .

मे: यु डोंट वरी, कोई मुझे नहीं जानता, तो तुम कुछ भी झूठ बोल सकती हो उन्हे.

आंशिका: ठीक है डन देन. और प्रॉमिस मत तोड़ना मेरा ओके , वरना मुझे बुरा लगेगा बहुत.
मे: ओक शुवर.

आंशिका: अब मैं सो जाऊं ? नींद आ रही है मुझे, आज बहुत मज़ा आया फिंगरिंग करके, तुम्हारी वजह से.
मे: सोच लो अब जब मेरे से चुदोगी तो क्या हालत होगी.

आंशिका: अब कुछ मत बोलो वरना सोच कर फिर गीली हो जाएगी मेरी चूत और फिर फिंगरिंग करनी पड़ेगी.
मे: तो कर लो फिर से, मैं फिर हेल्प कर दूँगा.

आंशिका: नहीं अब सोना है , बहुत हो गया आज के लिए. अब नहीं और.
मे: ओके , सो जाओ फिर और हाँ कल का प्रोग्राम फाइनल है चेंज मत करना, ओक

आंशिका: ओके , नहीं करूँगी और तुम अपना प्रॉमिस भी याद रखना.
मे: ओक, चलो मैं एक बार और मूठ मरता हूँ तुम्हारे बारे मैं सोच कर और तुम जाओ अब सो जाओ.

आंशिका; मत मारा करो इतना मूठ, मेरे लिए भी कुछ छोड़ दो.
मे: तुम चिंता मत आक्रो, तुम्हारे लिए स्टॉक बहुत है.

आंशिका: हहेहहे, चलो गुड नाइट टेक केयर .
मे गिव मी किस.

आंशिका: मुआहहह्ह्ह्ह तुम्हारे लिप्स पर एंड मुआहह तुम्हारे लंड पर
मे: मुआहह तुम्हारी पूरी बॉडी पर, मुह्ह्ह्ह तुम्हारे एक एक कर्व पर.

आंशिका : गुड नाइट जान
मे: गुड नाइट. अछा सुनो अगर फिर फिंगरिंग का मन कर आए सोते हुए तो मुझे कॉल कर लेना.

आंशिका: चुप रहो अब, सोने दो. बाइ

नेक्स्ट डे सुबह 10 बजे मैने उसे मेसेज करा ………

मे: हाय , गुड मॉर्निंग मेम , कैसी हो?
आनेहका: हाय , गुड मॉर्निंग, मेम मत बोला करो. अच्छी हूँ कॉलेज मैं हूँ, तुम बताओ.

मे: नहीं मेम बोल कर लंड और टाइट होता है सो बोलूँगा. मैं भी अछा हूँ, अभी सो कर उठा, बस रत को मिलने के सपने देख रहा हूँ की क्या क्या होगा.

आंशिका: ज़्यादा सपने मत देखा करो, ज़्यादा कुछ नहीं होगा, ना ही मैं होने दूँगी.

मे: आई नो यार, अछा कॉलेज से घर कब जाओगी?
आंशिका: 3 बजे निकल जाउंगी , देन अपनी सीनियर के साथ पार्लर होते हुए घर जाउंगी , देन वो शाम को 7 बजे आएगी मुझे पिक करने अपनी कार मैं.

मे: ओक और मैं अपनी जान से कब मिल पाउँगा ?
आंशिका: आफ्टर 10:30, इतना टाइम तो लग जाएगा. तुम घर पर बोल कर क्या आओगे?

मे: मेरे फ्रेंड का बर्थडे है, तो उसी के यहाँ जा रहा हूँ. हहहे. कैसा है झूठ?
आंशिका: ऐसे कितने फ्रेंड के फेक बर्थडे मनाओगे .

मे: अभी एक का तो सेलेब्रेट करने दो, बाकिओं का भी देख लेंगे, वैसे तुमने अभी से आगे की सोच रखी है, चूत गीली है क्या?
आंशिका: चुप बदमाश, मैं तुम्हारी तरह पागल नहीं , जो हर वक़्त सेक्स के बारे में सोचूँ.

मे: अछा तो अभी किस बारे मैं सोच रही हो? सच सच बताना.
आंशिका: अब तुम्हारे साथ तो सेक्स के बारे मैं ही सोचूँगी.

मे: तो हर वक़्त मेरे से बात करा करो, सिर्फ़ सेक्स के बारे मैं ही सोचोगी.
आंशिका: नहीं सोचना जा, तुम्हारा तो इस वक़्त भी खड़ा होगा, ज़रूर मेहनत करने की सोच रहे होंगे.

मे: नहीं यार आज बिल्कुल नहीं छुउंगा लंड को, सिर्फ़ तुम चुवोगी इसे.
आंशिका: मैने तुमसे पहले भी कहा था की मैं आज सेक्स नहीं कर सकती फिर तुम ये बोल रहे हो.

मे: अरे उसे छूने से तुम्हारी चूत मैं थोड़ी ना चला जाएगा? बस छू लेना.
आंशिका: पता नहीं अभी कुछ, देखेंगे, और अगर तुमने कोई ऐसी वैसी बात करनी है तो बता दो मैं अभी प्रोग्राम केंसल कर दूँगी.

मे: अरे यार नहीं करनी ऐसी वैसी बात तुम्हारी पर्मिशन के बिना मेम .
आंशिका: डेट्स लाईक माय ओबीडियेंट स्टूडेंट.

मे: अछा पहेंके क्या जाओगी वहाँ?
आंशिका: कल बताया तो था, पिंक सारी वित मॅचिंग सॅंडल्ज़, पिंक बिंदी, और सिल्वर चैन

मे: अरे ये तो मुझे पता है, ई आम आस्किंग अबौट इन्नर गारमेंट्स.
आंशिका: इन्नर गारमेंट्स जो पहेनटी हुनवोी तो पहनुँगी, कोई सुहग्रात थोड़ी ना है मेरी की कुछ अलग पहनूं. सेम ओल्ड पनटी आंड ब्रा.

मे: किस टाइप की ब्रा?
आंशिका: बड़ा इंटेरेस्ट ले रहे हो मेरी ब्रा मैं.

मे: तो क्यूँ ना लूँ, जिस चीज़ से तुम्हारे 32ड्ड बचे हुए हैं उसके बारे मैं जानकारी तो हो.
आंशिका: लॉल, वेल क्लोथ वाली ब्रा पहनुँगी, वो अच्छी लगती है ब्लाउस के नीचे,आयी मीन सही रहती है और वैसे भी ब्लाउस टाइट है.

मे: यार एक नेट वाली ब्रा भी तो होती है, जिस में पूरी ब्रेस्ट दिखती है.
आंशिका: बड़ी नालेज रखते हो. हाँ वो भी है मेर पास नेट वाली ब्रा.

मे: यार वोही पहनो ना फिर प्लीज़, मुझे देखनी है कैसी लगती है तुम्हारी ब्रेस्ट पर.
आंशिका: ओक जी, जैसा तुम कहो

मे: थॅंक्स.
आंशिका: कोई ज़रूरत नहीं थॅंक्स की.

मे: अभी क्या कर रही हो.
अंशिका : वोही स्टूडेंट्स को वॉच कर रही हूँ. वो प्रॅक्टीस कर रहे हैं.

मे: मेल स्टूडेंट्स को देख रही हो या फीमेल स्टूडेंट्स को?
आंशिका: दोनो को, मेल को थोडा ज़्यादा हहहे.

मे: बस देखना की किसी को अपना साइज़ मत बता देना, वर्ना में बुरा मान जाऊंगा .
आंशिका: आई नो, आई प्रोमिसे जब तक तुम्हे खुश नहीं कर देती तब तक नो टू अदर्स, और तुम भी ज़रा कंट्रोल करके, किसी और पारूल से मत मिलना.

मे: अरे वो तो मेरी फ्रेंड थी यार डेट्स इट.
आंशिका: मुझे क्या पता. मन तो होगा ही तुम्हरा उसकी ब्रेस्ट सक करने का और सब कुछ करने का.

मे: यार अब किसका नहीं होता मन, बस मन ही था कुछ करा नहीं.
आंशिका: या आई नो, अछा है, और कुछ करना भी नहीं. अछा बाद मैं बात करती हूँ, क्लास टाइम. बाइ, टेक केयर .

मे: ओक, बाइ, टेक केयर . और हाँ रात को 10:30 बजे का पक्का है.
आंशिका: हाँ बाबा, अब जाओ, पढ़ने दो मुझे.

नून मैं 3:30 आंशिका ने मेसेज करा.

आंशिका: हाय , आई एम् फ्री नाउ, गोयिंग टू होम .

मैने उसका मेसेज पढ़ कर उसे कॉल करी.

मे: हाय , हो गयी फ्री मेम ?
आंशिका: हाँ हो गयी, तुमने इस वक़्त कॉल क्यूँ करी?

मे: क्यूँ नहीं कर सकता क्या?
आंशिका: नहीं कर सकते हो, बस पूछा मैने.
मे: कहाँ पर हो?
आंशिका: बस स्टॅंड पर हूँ.

मे: क्यूँ? तुम तो कह रही थी अपनी सीनियर के साथ जाओगी पार्लर उसकी कार मैं.

आंशिका: हाँ जाने वाले थे, बट उसे अपने हब्बी के पास जाना पढ़ गया, उसके हब्बी की कार खराब हो गयी है और उसे जाना है ज़रूरी, सो वो कह रही थी की वो वहाँ से डोरेक्ट आ जाएगी. तो मैने भी सोचा की घर जाकर आराम से आउंगी .

मे: ओक. मैं आ जाऊ ड्रॉप करने?
आंशिका: नो, कोई ज़रूरत नहीं है, ज़्यादा मत उछलो तुम, रात को आ रहे हो ना बस बहुत है.

मे: कैसी दोस्त हो तुम, मिलने भी नहीं देती.
आंशिका: मिलने के कोई मनाही नहीं, पर आपकी हरकतों पर मनाही है.

मे: बोल तो ऐसी रही हो जैसे मैं ये सब सिर्फ़ अपने लिए करता हूँ.
आंशिका: नहीं नहीं, तुम तो सोशियल सर्विस करते हो, सबको खुश करने के लिए रेडी रहते हो.

मे: हहेहेहेः, वेल सबको नहीं बस तुम्हे.
आंशिका: और क्या कर रहे हो?

मे: यार मैं सोच रहता की आज तुमसे मिले बगैर मूठ नहीं मारूँगा, अपना लंड तक नहीं छुउंगा , बट तुम्हारा जादू ऐसा है की रुका नहीं जा रहा. प्लीज़ हेल्प मी नाउ.
आंशिका: मैं क्या हेल्प करूँ?

मे: मेरा झड्वाओ ना, जैसे मैने तुम्हारा लास्ट टाइम झडाया था, प्लीज़
आंशिका: फॉर युवर इन्फोर्मेथन मिस्टर, आई एम् ओं बस स्टॅंड वेटिंग फॉर बस, अपने घर या रूम मैं नहीं हूँ, जो तुम्हारे साथ इस वक़्त ये सब बातें करूँ.

मे: अरे यार, तुम्हे बस बोलना है, कौनसा मैं कह रहः हूँ की बस मैं नंगी होकर अपनी चूत मस्लो.
आंशिका: सेक्स ने तुम्हारे दिमाग़ पर क़ब्ज़ा कर लिया है, इसका कुछ करो.

मे: फिलहाल तो तुम कुछ करो अभी, प्लीज़
आंशिका: वेट बस आ गयी, बस मैं चड़ने दो.

आंशिका: हा अब बोलो.
मे: क्या पहना है तुमने.?

आंशिका: यार इतनी बार समझा लिया है तुमने, तुम भी ना मानते नहीं हो.
मे: क्यूँ कोई बैठा है साथ वाली सीट पर.

आंशिका: हाँ एक लेडी है, विलेजर
मे: यार तो उसे कहाँ पता चलेगा हुमारी बातों का. प्लीज़ टेल मी

आंशिका: सूट पहना है.
मे: एक मिनट मैं लंड बाहर निकल लूँ.

आंशिका: निकालो जल्दी, और हाँ सब जल्दी जल्दी करना.
मे: ओक, अच्छा ब्रा पेंटी पहनी है?

आंशिका; तो नहीं पहनुँगी क्या?
मे: कैसी ब्रा है? और पेंटी का कलर?

आंशिका: ब्रा क्लॉत वाली है और पेंटी ब्लॅक कलर की है.
मे: नेट वाली ब्रा नहीं पहनी तुमने?

आंशिका: तुमने ही तो कहा की रात को पहन के जाना नेट वाली ब्रा, सो मैने दिन मैं क्लोथ वाली पहन ली.
मे: तुम कितनी अच्छी दोस्त हो.

आंशिका: पर तुम नहीं हो, गंदे कहीं के.
मे: प्लीज़ यार, अंडरस्टॅंड.

आंशिका: समझती हूँ, तभी सब कर रही हूँ.
मे: अगर मैं तुम्हारे साथ बस मैं होता तो तुम्हारे बूब्स वहीं पकड़ लेता और तुम्हारे सूट के अंदर हाथ डाल कर दबाता.

आंशिका: आई नो
मे: अछा कंडक्टर टिकेट माँगे तो उसका हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख देना फिर कभी टिकेट नहीं मानेगा.

आंशिका: तुमने मुझे समझ क्या रखा है?
मे: मेरी सेक्स गॉडेस.

आंशिका: तुम्हारी हूँ ना, तो औरों को क्यूँ इन्वॉल्व कर रहे हो?

मे: अब मैं तो हूँ नहीं तुम्हारे साथ वहाँ अब और क्या करूँ. अछा सोचो की तुम बस मैं बैठी हो और मैं साइड से तुम्हारी निपल को बाहर निकाल के चूस रहा हूँ, तुम ज़ोर से मोन करना चाहती हो पर डर के मारे नहीं कर रही हो.

आंशिका: तुमने ना मेरी चूत गीली करवा दी है ये सब बोलकर.
मे: क्या? ज़ोर से कहो, सुनाई नहीं दे रहा, पीछे से शोर भी आ रहा है.

आंशिका: मैं कह रही हूँ की तुमने मेरी चूत गीली करवा दी है
मे: यार कुछ सुनाई नहीं दे रहा.

आंशिका: ओहो , मैं ज़ोर से नहीं बोल सकती यहाँ.
मे: एक बार बोलो जल्दी से ज़ोर से.

आंशिका: तुम मरवाओगे. मैं कह रही हूँ की – यु हॅव मेड मी वेट.
मे: यार हिन्दी मैं बोलो प्लीज़.

आंशिका: तुमने मेरी चूत गीली करवा दी है ये सब बोल कर.
मे: देखा मेरा कमाल. तो फिर चूत मैं उंगली डाल लो सोच क्या रही हो.

आंशिका: हाँ तुम तो अब ये बोलॉगे की कंडक्टर के साथ सो भी जाऊ .
मे: नो, अभी नहीं. पहले मेरे साथ फिर किसी और का ध्यान रखना.

आंशिका: तुम ना चुप रहो, बस मैं हालत मत खराब करो प्लीज़.
मे: यार बस मैं सब तुम्हारे बूब्स को ही देख रहे होंगे, सोच रहे होंगे की तुम्हारे मोटे मोटे बूब्स के निपल्स कैसे होंगे, काश की हम छू पाते. बस मैं इधर उधर देखो, अगर सबके लंड खड़े नहीं हुए तो देख लेना.

आंशिका: तुम ना मेरी पेंटी गीली करवाकर ही मानोगे, और अगर मेरे सूट पर कोई निशान आया गीला तो देख लेना.
मे: तुम अपनी बॉडी से भी खेलो ना धीरे धीरे, मज़ा आएगा सच मैं.

आंशिका: क्या कर सकती हूँ मैं बस मैं.
मे: ब्रेस्ट दबा सकती हो?

आंशिका: नो.
मे: तो किसी से दबवा लो ना.

आंशिका: चुप रहो.
मे: तुम किस साइड बैठी हो बस मैं?

आंशिका: लॅडीस साइड.
मे: आई मीन की बाहर की तरफ या विंडो की तारफ़.

आंशिका: अन्दर , विंडो की तरफ.
मे: गुड, तुम्हार पास चुन्नी है ना.

आंशिका: हाँ है क्यू?
मे: उसे अपने बूब्स पर रख लो की कवर हो जायें, आई नो की वो बड़े हैं, पूरे कवर नहीं होंगे अपने बेग से भी छुपा लो और लेफ्ट हेंड से धीरे से दबा लो, किसी को नहीं पता चलेगा.

आंशिका: तौबा तुम्हारा कितना दिमाग़ चलता है,
मे: करो ना.

आंशिका: पागल हो क्या?
मे: अरे करो ना यार प्लीज़ एक बार.

आंशिका: हहेहहे, ठरकी विशाल.
मे: ठरकी आंशिका.

आंशिका: यार डर लग रहा है.
मे: डर गया मा चुदाने , तुम करो बस.
अंशिका : कर रही हूँ बाबा, गाली मत दो.

मे: मज़ा आ रहा है.
आंशिका: आई एम् फीलिंग वेरी शाइ यार, मेरे निपल्स टाइट हो गये हैं और सूट के उपर दिख रहे हैं, सब तुम्हारी वजह से, अब मैं कैसे चलूंगी रोड पर.
ओह्ह्हह्ह अंशिका……काश मैं वहां होता, तुम्हारे ये बड़े-२ निप्प्लेस चूसता, तुम्हारे वाईट बूब्स पर अपने दांतों के निशाँ बनाता, उन्हें जीभ से चाटता …ओह्ह्ह्ह अंशिका….आई एम् कमिंग….अह्ह्ह .

अंशिका : चलो…अब तो झड गए न…मजा आया तुम्हे..पर मेरा क्या, पूरी चूत गीली है, चलूंगी कैसे…?

मे: अरे अब तो और मज़ा आएगा, पूरी चुड़क्कड़ लगोगी तुम.
आंशिका: हाँ यही तो चाहते हो ना तुम, अब मैं रख रही हूँ फोन, नेक्स्ट स्टॅंड मेरा है, बाइ.

मे: ओक बाइ जान. थॅंक्स फॉर हेल्पिंग मी.

शाम को 7 बजे उसका मेसेज आया….

आंशिका: आई एम् रेडी नाउ फॉर गोइंग टू मेरेज , तुम आओगे ना?
मे: हाँ क्यूँ नहीं आऊंगा , बोलो तो अभी आ जाऊ .

आंशिका: जी नहीं, रात को ही आना बस.
मे: ओक, कैसी लग रही है मेरी जान .

आंशिका: ठीक ही लग रही हूँ
मे: पता है मुझे, दुल्हन जैसी लग रही होगी ज़रूर बस दूल्हे का इंतेज़ार है जो रात को आएगा आधी सुहागरात मनाने .

आंशिका: ऐसा ही समझ लो. तुमने घर मैं बोल दिया?
मे: हाँ बोल दिया की मेरे फ्रेंड का बर्थडे है, सो वही जाऊंगा .

आंशिका: गुड, मुझे डर लग रहा है थोडा .
मे: क्यूँ?

आंशिका: पता नहीं, किसी ने देख लिया तो.
मे: कोई नहीं देखेगा, और अगर पकड़ भी लिया तो देख लेंगे वहीं. तुम्हारी सीनियर नहीं आई तुम्हे पिक करने अभी तक?

आंशिका: आ रही है, ओन द वे …
मे: वो क्या पहन कर आ रही है?

आंशिका: साडी और क्या
मे: किस कलर की?

आंशिका: बड़ा इंटेरेस्ट ले रहे हो उसमें.

मैने अब उसे कॉल करा.

मे: हाय
आंशिका: हाय , हाँ अब बोलो.

मे: बताओ ना किस कलर की सारी पहेंकर आने वाली है तुम्हारी सीनियर?
आंशिका: उन्होने तो ब्लॅक बोली थी.

मे: वाउ, मस्त लगेगी साली. गोरी है?
आंशिका: गोरी तो है पर 38 साल की है.

मे: तो क्या हुआ?
आंशिका: तुम जाओ उसी के साथ करो जो करना है, बाइ

मे: अरे क्या हो गया एकद्ूम से?
आंशिका: मुझे नहीं पसंद जब तुम मेरे से किसी और की बात करते हो.

मे: ओक सॉरी बाबा, नहीं करूँगा. वैसे सेक्सी है?
आंशिका: 2 बचों की मा है,

मे: ओक, मतलब अच्छी तरह इस्तेमाल हो चुकी है.
आंशिका: जी हाँ, और अब डॉन’त टॉक अबाउट हर ओर एनिवन एल्स, वरना मैं बुरा मान जाउंगी .

मे: ओक बाबा.
आंशिका: मेरी सीनियर आ गयी, मैं जा रही हूँ, बाइ

मे: मेसेज पर तो बात कर सकते हैं?
आंशिका: हाँ पर कार मैं नहीं, मॅरेज मैं पहुँचकर ही सिर्फ़.

2 घंटे बाद 9 बजे उसका मेसेज आया…..

आंशिका: क्या कर रहे हो?
मे: कुछ नहीं ऐसे ही बाहर घूम रहा हूँ(केमिस्ट के पास गया था कॉंडम लेने)

आंशिका: क्यूँ, अभी क्यूँ घूम रहे हो?
मे: अब इतना पागल नहीं हूँ की घरवालों को बोलूं की फ्रेंड की बर्थडे पार्टी 11 बजे की है, तो तभी जाऊंगा , इसीलिए अभी से बाहर आ गया हूँ

आंशिका: इतना मन है तुम्हारा मेरे से मिलने का? की 2 घंटे ऐसे ही घूमते रहोगे वेल्ले.
मे: देख लो अब, तुम्हरा ही जादू है.

आंशिका: हाँ , बस रहने दो मेरा जादू, ज़रूर कोई लड़की ताड़ रहे होंगे बाहर.
मे: हाँ एक है. गोलगप्पे खा रही है, साली मस्त है, अपनी मा के साथ है.

आंशिका: तुम फिर शुरू हो गये.
मे: ओहो, ये क्या बात है यार, तुम नहीं देख रही वहाँ और लड़कों को, सच बताना.

अँहसिका: ठीक है ना गुस्सा मत हो, पर सिर्फ़ देखना ही कुछ करना मत ओक
मे: कैसे करूँ, साली की मा साथ मैं है..

आंशिका: तुम पागल हो गये हो, हम मिल रहे हैं ना थोड़ी देर मैं, कंट्रोल करो
मे: आई नो, पर तब तक अपने आपको गरम तो कर लूँ अच्छी तरह.

आंशिका: मैं तुम्हे 10 – 10:15 के पास कॉल करूँगी बताने के लिए की कब आओ यहाँ ओक?
मे: ओक, बोलो तो अभी आ जाऊ वहीं पर.

आंशिका: अभी आकर क्या करोगे?
मे: बेलून बेचुँगा बच्चो को वहाँ बाहर.

आंशिका: गुब्बारे वाले हो क्या
मे: हाँ यार, जब सेक्सी सेक्सी भाभी पास आएँगी ना तो बस मज़ा ही आ जाएगा.

आंशिका: ठरकी विशाल
मे: ठरकी आंशिका, साली कुत्ती ..

आंशिका: ओये गाली क्यों दी , मना करा था ना पहले भी
मे: तडपाती रहती है तू बस, चूत नहीं देती, कमिनी है तू सच मैं.

आंशिका: साले तू कुत्ता, हरामी, गाली दे रहा है बेकार मैं.
मे: आज तू मिल, तेर्को दिखौँगा अपना हरामीपन, साली.

आंशिका: हाँ मैं भी देख लूँगी, कितना दम है तेरे मैं.
मे: साली बोल ऐसे रही है, जैसे चूत दे देगी आज

आंशिका: बेकार के सपने मत देख, जा अब मैं खाने जा रही हूँ बाइ.
मे: किसी का लंड मत खा जआइओ ग़लती से.

उसका 10: 20 पर कॉल आया..

आंशिका: हाय ,
मे: हाय

आंशिका: मैं यहाँ से 10 मीं मैं निकलूंगी, तुम आ जाओ
मे: आ रहा हूँ

आंशिका: क्या हुआ इतने उखड़े उखड़े क्यूँ हो?
मे: और नहीं तो क्या, 2 घंटे से बेकार घर के बाहर घूम रहा हूँ, की कब फ्री होगी, और तू है की मज़े कर रही है वहाँ.
आंशिका: सो सॉरी यार, मेरी वजह से तुम बोर हुए, अछा गली देने का मान है तो देलो.
मे: वो तो दे ही रहा हूँ मन मैं, कुतिया साली.

आंशिका: अछा मेरे नाराज़ कुत्ते, कितनी देर मैं आ रहा है यहाँ?
मे: 10 मीं मैं.

आंशिका: ठीक है आजा जल्दी, आई एम् वेटिंग और हाँ सॉरी .
मे: वहाँ आऊंगा तब बोल्*िओ.

आंशिका: ओक आजा, बाइ

मैने एक कॉंडम का पॅकेट ले लिया था इस उम्मीद मैं की कहीं ये साली आज चूत दे डाले मुझे , ये गुस्सा तो बस एक बहाना था इसे गाली देने का और बाद मैं इसका एडवांटेज लेने का. सो मैं अब वहाँ से चल पड़ा वेन्यू की और. उस दिन बहुत मॅरेजस थी, हर जगह पंडाल, बॅंक्वेट हॉल सजे हुए थे, मतलब की बहुत सारी लड़कियाँ चुदने वाली थी अगले दिन अपनी सुहग्रात मैं. मैं स्पीड से बाईक चला रहा था ताकि वहाँ जल्दी पहुँचुन. मैं वेन्यू पर पहुँच गया वहाँ जाकर देखा तो 4 – 4 पंडाल आमने सामने लगे हैं, मुझे नहीं पता था की हू उनमे से किस में है. मैने उसे फोन करा….

मे: हेलो,
आंशिका: हाय , कहाँ हो.

मे: मैं पहुँच गया पर तुम किस शादी मैं हो.
आंशिका: किरण वेड्स अनिल वाली मैं हूँ

मे: बाहर आओ.
आंशिका: आती हूँ 5 मीं, एक बार अपनी फ्रेंड ब्राइड से मिल आऊ ओके .

10 मीं बाद वो मुझे ढूंढते हुए बाहर आई, मैने बाईक पंडाल के साइड मैं लगा रखी थी और मैं वहीं पर खड़ा था और वो उसी पंडाल से बाहर आई अपनी सीनियर के साथ और मुहे इधर उधर देखने लगी. मैने दोनो को देखा, मेरी आंशिका तो साली मस्त ही लग रही थी, पूरी पिंकिंश बनके आई हुई थी, उसको देखते ही दिल मैं ठंडक पड़ी, फिर मैने उसकी सीनियर को देखा तो मुँह से निकला – ओह भेन्चोद ! ये क्या चीज़ है. साली लंबी चौड़ी, एकद्ूम गोरी, चुचियाँ बड़ी बड़ी चूतड़ों ने तो अपनी धाक जमा रखी थी उसके शरीर पर, मेरा तो उसे देखते ही एकदम टन हो गया, मन करा आंशिका के साथ साथ इसे भी बजा दूं आज.

मैं होश मैं आया आंशिका को बुलाने लगा, पर एकद्ूम से रुक गया की क्या कह कर बुलाऊ उसकी सीनियर के सामने, उसने मुझे अपना कजन बताया हुआ है अपनी सीनियर को, पहले मैंसे सोचा की आंशिका दीदी कह कर पुकारूँ फिर मैने सोचा की नहीं दीदी नहीं बोलता नाम से ही बुलाता हूँ. मैने उसे आवाज़ लगाई – “आंशिका, अंशिका में यहाँ हूँ,..”

उसने और उसकी सीनियर ने पलट कर देखा एकदम से. साली दोनो एक दम माल लग रही थी, मुझे तो दोनो नंगी दिख रही थी एकदम , उसकी सीनियर के सामने मेरी फट रही थी पता नहीं क्यूँ, ऐसा ल्ग रहा था की वो आकर के मेरी गांड मार देगी.

उसकी सीनियर का जब मैने फेस देखा तो देखता ही रह गया, साली के एकद्ूम ब्राइट फीचर्स थे, लिप्स एक दम मस्त, चूसने लायक, गाल गोल मटोल , आँखें शराबी और उपर से ये मेकउप करके आई हुई थी, कातिल लग रही थी, दोनो ही आंशिका और उसकी सीनियर पसीने मैं डूबे हुए थे जिससे उनकी छाती लाइट्स मैं चमक रही ही. जैसे जैसे दोनो मेरे पास आ रही थी मेर्को डर भी लग रहा था और बेचैनी भी हो रही थी, सालियों की गांड का जवाब नहीं, सबको पीछे छोड़ दिया रेस मैं. मेरे पास आई आंशिका और हँसते हुए बोली

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