फ़ोन सेक्स – मोबाइल फ़ोन सेक्स part 2

घर पहुँचकर मैने उसे रात को 11 बजे मेसेज करा.

मे: हाय , थॅंक यु सो मच
आंशिका’स रिप्लाइ : हाय .. थॅंक्स किस लिए?

मे: फॉर गिविंग मी टाइम एंड आ वेरी स्वीट किस आंड उसके लिए …. यु नो
आंशिका: हां , इट्स ओक नो नीड टू थॅंक्स, चलता है, पर आइन्दा से कोई ज़िद नहीं, आज तो मैने मान ली, क्यूंकी तुम्हारा उदास चेहरा नहीं देखा जेया रहा था..

मे: क्या करूँ, मैं बहुत जल्दी उदास हो जाता हूँ, लोल . अभी क्या कर रही हो तुम?
आंशिका”स रिप्लाइ : कुछ नहीं , ऐसे ही टेरेस पर घूम रही हूँ नींद नहीं आ रही.

मैने उसका मेसेज पढ़ कर उसे कॉल करी अब.

मे: हेलो डियर
आंशिका: हाय , इस समय कॉल क्यूँ करी?

मे: ऐसे ही तुम्हे भी नींद नहीं आ रही और मुझे भी.
आंशिका: तुम तो बस रहने दो, सब पता है मुझे

मे: अछा जी क्या पता है ऐसा?
आंशिका: बस पता है, सब बातें नहीं बताई जाती.

कुछ देर कुछ भी नहीं बोला.

अँहसिका: क्या हुआ? चुप क्यूँ हो?
मे: ऐसे ही यार, कुछ बोला ही नहीं जा रहा, तब से हवा मैं उड़ रहा हूँ.

आंशिका: ओहो, अब ऐसा भी कुछ नहीं हुआ, इट वाज़ नॉर्मल, तुम तो कई लड़कियों के साथ कर चुके होगे.
मे: पागल हो क्या, मैने पहले कभी किस नहीं करा, और किस तो फिर भी ठीक है बट वो तो मैं कभी सोच भी नहीं सकता था.

आंशिका: क्या वो ?
मे: यार वोही, ज ज ज ज..जो तुम्हारी ब्रेस्ट पर हाथ रखे थे. मैं पागल हो गया था.

आंशिका: उसके बारे मैं तो तुम बात ही नहीं करो तो अछा है, मैं बहुत गुस्सा हूँ.
मे:सॉरी यार, बट मैं क्या करूँ, वो हॉल मैं कपल को देख कर मेरे से रहा नहीं गया.

आंशिका: चलो वो ठीक है, समझ आता है, बट इसका मतलब खुले आम पकड़ लोगे, और दबा दी थी तुमने वहीं पर ज़ोर से, तुम्हे पता है मैं कितना डर गयी थी, वहाँ ओपन मैं तुम्हे ऐसा नहीं करना चाहिए था यार.

(चलो मतलब उसे ब्रेस्ट दबाने से कोई ऐतराज़ नहीं, मेरी तो निकल पड़ी थी) ये सुनकर मैने कहा..

मे: सॉरी यार, कंट्रोल नहीं हुआ मुझसे और मैने वहीं पकड़ लिए पार्किंग मैं. पर मैं क्या करूँ वो भी मुझसे कह रहे थे ऐसा करने को.
आंशिका: वो? कौन वो? और क्या कह रहे थे?

मे: तुम्हारी ब्रेस्ट खुद ही आगे बढ़ बढ़ कर कह रही थी की हूमें पकड़ लो. लोल …
अंशिका : (हंसने लगी ) तुम ना बिल्कुल पागल हो, कुछ भी बोलते हो.

मे: अरे मेरको जो फील हुआ वो बोल दिया और क्या.
आंशिका: हाँ बहुत फील करते हो तुम, तभी पार्किंग मैं शुरू हो गये.

मे: हहेहहहे, योउ नो योउ अरे वेरी स्वीट.
आंशिका: यआ आई नो.

मे: सच मैं यार उन्हे पकड़ के मज़ा आ गया.
आंशिका: क्यूँ पहले कभी नहीं पकड़े?

मे: ना, नेवेर.
आंशिका: झूठ बोल रहे हो.

मे: अरे सच मैं यार, तुमसे क्या छुपाना.
आंशिका: चलो यकीं कर लेते हैं.

मे: यार वैसे तुम्हारे कितने बड़े हैं
आंशिका: क्या मतलब?

मे: यार दोनो मेरी हथेली मैं नहीं आ रहे थे.
आंशिका: ह्म, आई नो.

मे: मे आई नो यौर साइज़?
आंशिका: क्यूँ करना है?

मे: यार पता तो हो जो चीज़ हाथ मैं ली, वो थी कितनी बड़ी
आंशिका: हहेहेहहे, तुम सच मैं पागल हो बहुत बड़े पागल

मे: बताओ ना प्लीज़.
आंशिका: इट्स 32 dd

मे: डीडी ?
आंशिका: हाँ, नेक्स्ट तो कप डी .

मे: (शॉक होते हुए और हंसते हुए) इतने बड़े, वाउ, सही है यार .
आंशिका: हाँ तो इसमें हैरान होने की क्या बात है, औरों के भी होते हैं आई एम् नोट यूनीक.

मे: मैं औरों को कहाँ जानता हूँ. सिर्फ़ तुम्हे जानता हूँ. यार इतने बड़े कैसे करे.
आंशिका: मैने क्या करा, बस हो गये.

मे: फिर भी, कुछ तो करा होगा
आंशिका: कुछ नहीं, बस ऐसे ही.

मे: अरे बताओ ना यार, कैसे करे?
आंशिका: अरे जैसे तुम बाय्स को बचपन मैं शौक होता है ना की बियर्ड आए, तो तुम एरेसर उसे कर लेते हो, ऐसे ही हम गर्ल्स को शौक होता है की हमारी ब्रेस्ट कैसे जल्द से बड़ी हो, सो कभी कभी मैं आयिल मसाज कर लेती थी बचपन मैं, तो शायद उसी का फल है.

मे: ओक, तो अब नहीं करती मसाज?
आंशिका: अब? अब क्या करना है, ये क्या कम बड़े हैं?

मे: हाँ ये भी है, हर चीज़ हमारे हाथ मैं रहे तो सही है हाथों से बाहर जाते ही कुछ ग़लत हो सकता है. हहेहहहे
आंशिका: (हंसते हुए) तुम तो चुप रहो पागल कहीं के.

मे: यार जब से तुमने साइज़ बताया है मेरा और मन कर रहा है उन्हे पकड़ने का.
आंशिका: इसमें कौनसी नयी बात है, हू तो तुम्हारा मन हमेशा करता है.

मे: अछा तुमने अभी क्या पहना है?
आंशिका: नाइट गाउन.

मे: ब्रा भी पहनी है?
आंशिका: नहीं मैं रात को नहीं पहेनटी.

मे: यार एक बार उनको मेरे लिए बाहर निकल दो.
आंशिका: पागल हो गये हो क्या तुम.

मे: प्लीज़ यार, बस एक बार, अछा सिर्फ़ एक बाहर निकल लो.
आंशिका: मैं इस वक़्त टेरेस पर हूँ, किसी ने देख लिया ना अपनी टेरेस से तो बस हो गे आ काम.

मे: वोही तो, इस वक़्त रात के 11.30 बजे कौन होगा?
आंशिका: क्यूँ जैसे मैं हूँ, और कोई भी हो सकता है.

मे: क्यूँ किसी और का भी 32ड्ड साइज़ है? हहेहेहेः
आंशिका: (हंसते हुए) हाँ, हुआ तो.
मे: प्लीज़ यार, एक बार.
आंशिका: मुझे ना यही नहीं पसंद, यु आर सो इमपेशेंट.

मे: क्या करूँ, आई एम् नोट एक्सपीरियेन्स्ड ना, इसलिए , चलो कोई बात नहीं रहने दो.

(मैं कुछ नहीं बोला 5मीं फिर)

आंशिका: यार, फिर चुप हो गये, मैं क्या करूँ तुम्हारा. रुको मैं टंकी के पीछे जाती हूँ, वहाँ कोई नहीं देख पाएगा
मे: (खुश होते हुए) थॅंक यु .

आंशिका: रहने दो बड़े आए थॅंक यु वाले .
मे: निकाल लिए?

आंशिका: रूको तो सही, पहले चेक कर लूँ की कोई है तो नहीं यहाँ वहाँ.
मे: ओक

आंशिका: हाँ, अब बोलो.
मे: निकाल लिए बाहर.

आंशिका: हाँ बाबा, टंकी के पीछे बैठी हूँ. और दोनो बाहर निकल रखे हैं, अब क्या?
मे: वाउ, तुम्हारे निपल्स का कलर क्या है?

आंशिका: लाइट ब्राउन.
मे: वाउ, नाइस फ्लेवर, लॉल

आंशिका: अब बोलॉगे भी, कर दूं वापिस अन्दर अब?
मे: अरे नहीं अनहीं अभी नहीं, अपनी ब्रेस्ट को उठा कर एक किस करो मेरे तरफ से.

( उसके हिलने की आवाज़ आई और फिर पुच की आवाज़ आई)

आंशिका: कर ली दोनो पर अब.
मे: अपने निपल्स को पकड़ कर मस्लो.

आंशिका: ओक.

मे: कर रही हो?
आंशिका: ( धीमी आवाज़ से) हा..हाँ यार.अया.

तभी पीछे से आवाज़ आई – अनुउऊुुुुुुुउउ, चलो नीचे आओ, बहुत रात हो गयी, कल कॉलेज भी जाना है ना तेर्को.
अंशिका ने बोला: आ रही हूँ मम्मी.

आंशिका: सुनो मेर्को जाना है एब्ब ओक.
मे: ओक, अच्छा सुनो एक बार दोनो को प्रेस कर दो ज़ोर से.

अन्हस्का: लो दबा दिया, अब जा सकती हूँ मैं
मे: अछा ये बताओ फिर कब मूवी देखने जा रहे हैं?

आंशिका: कभी नहीं, क्यूंकी तुम फिर किसी कपल को देख लोगे और फिर मुझे परेशन करोगे.
मे: लॉल, अछा नहीं देखूँगा किसी और को, सिर्फ़ तुमहरे साथ बिज़ी रहूँगा, हहेहहे

आंशिका: बदमाश कहीं के, चलो देखते हैं, इस वीक नहीं हो पाएगा, सॅटर्डे को कॉलेज मैं फेस्ट है और मेरी स्पीच भी है, तो उसकी प्रेपरेशन मैं बिज़ी होंगे सब.
मे: यार थोडा टाइम तो निकाला जा सकताहै ना मिलने के लिए

आंशिका: देखती हूँ, कुछ पक्का नहीं कह सकती.
मे: ओक, चलो ट्राइ करना.

आंशिका: ओक, बाइ गुड नाइट.
मे: ऐसे कैसे, गिव मी किस

आंशिका: बाबा यु आर सो डिमॅंडिंग, लो, मुआः
मे: मुआः, अब नींद अच्छी आएगी, गुड नाइट, स्वीट ड्रीम्स.

आंशिका: गुड नाइट.

नेक्स्ट डे , सुबह 10 बजे मैने उसे मेसेज करा ..

मे: हेलो, जानेमन क्या हाल चल है? कहाँ पर हो क्या कर रही हो?
आंशिका’स रिप्लाइ: हाय , गुड मोर्निंग , कहाँ हूँगी कॉलेज मैं हूँ, वो फेस्ट की प्रेपरेशन चल रही है, मैं तुम से बाद मैं बात करती हूँ, रियली बिज़ी, सॉरी, बाय .

मेरी हॉलिडेज़ थी और कुछ करने को भी नहीं था, मैं बोर हो रहा था, तभी मेरा मन करा की इस बारे मैं अपने किसी एक फ्रेंड को तो कम से कम बताना चाहिए. देन मैं अपने सबसे ट्रस्टवर्ती फ्रेंड के पास गया और मैने उसे बताना शुरू किया पर हाँ मेरा मन फिर भी पूरी बात बताने का नहीं था, कहीं वो किसी और को बता देता या फिर खुद ही कुछ करता, सो इसीलिए मैने उसे टूटी फूटी बातों मैं ही बताया …

मे: यार एक लड़की है, उससे बात कर रहा हूँ आजकल.
फ्रेंड: नेट पर?

मे: ना फोन पर.
फ्रेंड: अछा जी, क्या बात है.कहाँ से मिल गयी? कैसी है ?

मे: हे तो मस्त, आई मीन नेचर अछा है.
फ्रेंड: हाय , क्या नाम है?

मे: (मैने झूठ बोला) अनु नाम है
फ्रेंड: क्या करती है? कहाँ रहती है?

मे: वो यार देल्ही से बाहर की है, हरयाणा साइड की है, वो जॉब करती है एक कंपनी मैं.
फ्रेंड: फिर क्या फ़ायदा, यहाँ की होती तो उसे पटाकर दोनो चोदते .

(ठरकी साला , मैने तभी किसी को नहीं बताया था, क्यूंकी ये आग बड़ी तेज़ी से फैलती है और अभी तक तो मेरे हाथ भी गरम नहीं हुए थे तो औरों के कैसे होने देता)

मे: चल बे, चोदने वोदने का कोई प्लान नहीं है, वी आर जस्ट फ्रेंड्स, ऐसे ही बात हो जाती है.
फ्रेंड: नंबर दे उसका.

मे: हाँ उसकी गांड काटके तेरको ना दे दूं साले ठरकी , हमेशा लंड से ही सोचियो.. तेरे टाइप की नहीं है,
फ्रेंड: अरे तो कर दूँगा उसे मेरी टाइप की, हहेहेहेहहहीः

हम दोनों ऐसे बातें करके हंसते रहे, तभी उसने बताया की उसके किसी ब्रदर की शादी है कुछ दिनों मैं, मैने पूछा भाभी कैसी है? देखी है तूने?

फ्रेंड: हाँ यार मस्त है एकदम , कई बार मिल भी चूका हूँ.
मे: अछा जी, कैसे,

फ्रेंड: यार लव मॅरेज है, सो भेय्या मिलवा चुके हैं कई बार.
मे: सही है यार, कैसी है मस्त है भाभी?

फ्रेंड: साले ब्रेस्ट देखेगा तो पागल हो जाएगा.
मे : (सोचते हुए- अबे मैने पकड़ भी रखी है वो भी 32 डीडी) अछा जी, बड़ी होंगी.

फ्रेंड: अबे यार पूछ मत, वैसे ही भाभी डीप नेक के टॉप्स पहनेती है, यार रहा नहीं जाता, भेय्या के तो मज़े हैं यार
मे: तेरे भेय्या तो कई बार मज़े ले चुके होंगे.
फ्रेंड: कई बार? आब्बी हर दूसरे दिन चोदते थे,
मे: अछा जी, तुझे बेताके चोदते थे क्या?

फ्रेंड: अब्बे यही समझ ले, हर दूसरे दिन मिलने जाते थे, कॉंडम उनके पास वैसे ही रहते थे हमेशा और एक दो बार तो मेरे से भी मँगवाए थे.
मे: मस्त है यार, तेरे भेय्या की तो लाइफ सेट है.

फ्रेंड: यार उनकी तो लाइफ सेट है पर अप्नी तो हालत खराब हो जाती है भाभी के पास जाकर. कहीं जवानी मैं मुँह ना काला कर बैठून. हहेहहे
मे: हहेहेहहहीह. चल अगर मौका मिले तो मुझे भी याद कर लिओ.

फ्रेंड: साले अभी नंबर देते हुए तो तेरी गांड फट रही थी और मेर्को बोल रहा है शेयर करने को.
मे: अब्बे भोसड़ी के बोल तो ऐसे रहा है तू की तेरी भाभी तेरे बेड मैं लेटी हो नंगी इस वक़्त बस तेरा ही इंतेज़ार कर रही है आने का, साले तेरे भाई को पता चल गया ना, गांड तो मरेगा ही और तेरा लंड काट कर तेरे ही रूम की दीवार पर टाँग देगा निहारता रहियो अपने कटे हुए लंड को.

फ्रेंड: अब्बे यार एक बार मौका तो दे दे भाभी, बाद की कोई चिंता नहीं.
मे: सुन .. तू बस रंडियों को चोद , तेरे से वोही पट सकती है बस.

फ्रेंड: अब्बे यार क्या बोल दिया, अब तो जाना ही पड़ेगा एक दो दिन मैं.
मे: साले लंड सड़ जाएगा सड़ी हुई चूतों मैं डालकर,

फ्रेंड: अब्बे पागल है क्या, मैं कोई जी बी रोड थोड़ी ना जाता हूँ, मैं तो हाउसवाइव्स के पास जाता हूँ. लास्ट टाइम एक 16 साल की लड़की को चोदा था, मज़ा आ गया था यार, साली जो आवाज़ें निकल रही थी.
मे: (मेरी तो गांड ही जल गयी ये सुनकर) अछा जी.

फ्रेंड: तेर्को पता है मेरे फ्रेंड के साथ क्या हुआ?
मे: क्या हुआ?

फ्रेंड: अब्बे मेरा फ्रेंड ना एक रंडी को घर लेकर आया, उसके घर मैं उस दिन कोई नहीं था, रात को कर रहे होंगे, वो साली इतनी ज़ोर ज़ोर की आवाज़ें निकल रही जान भुजकर – “हाय बच्चेदानी मैं घुस गया, हाय कितना मोटा है, हाय और कितना छोड़ेगा ” उसके पड़ोस मैं पता चल गया की किसी की चुदाई हो रही है, अगले दिन उसका पड़ोसी पूछता है की रात को कौन आया था, मेरे दोस्त की तो गांड फट गयी वहीं पर, कहने लगा की कोई नहीं वो ब्लू फिल्म चल रही थी. हहेहेहेहेहेहेहेहहे
मे: हहेहेहहेहेहेहीहे.फिर कुछ कहा पड़ोसिओं ने उसके पेरेंट्स को?

फ्रेंड: ना, वो तो अछा थी की लड़के रहते हैं पड़ोस मैं, तो उन्होने कुछ नहीं कहा, अब साले ये दोनो पड़ोसी और मेरा फ्रेंड एक साथ चोदते हैं रंडियों को.
मे: हहेहेहेः, सही है, एक रंडी ने दो पड़ोसिओं को करीब ला दिया.हहेहेहहेहीः.

तभी आंशिका का मेसेज आया की आई विल कॉल यु अराउंड 1 पीयेम, इन लंच टाइम. उस समय 12:30 हो रहे थे, तो मैने अपने दोस्त के पास से खिसकना ही सही समझा और मैं वहाँ से चला गया और अपने गहर आ गया और एक बजे का इंतेज़ार करने लगा.

देन उसका 1:15 पे कॉल आया .,

अंशिका .: हाय .. कैसे हो?
मे: हाय , . आई एम् फायन एंड हाउ आर यु ?

आंशिका: आई एम् ऑल्सो फाइन थॅंक्स. सो क्या चल रहा है मिस्टर.?
मे: कुछ नहीं, ऐसे ही अपने दोस्त से मिलने गया था, उससे थोड़ी बातें करी बस.

आंशिका: ओक, तुम्हारे किसी दोस्त को पता है की यु टॉक विद मी ?
मे: नहीं, किसी को नहीं पता.

आंशिका: क्यूँ?
मे: नोबडी विल अंडरस्टॅंड और रीलेशन ऑफ ट्रू फ्रेंड्स, वॉट यु थिंक सो? तुमने अपने किसी फ्रेंड को बताया?

आंशिका: नहीं, मैने भी नहीं बताया है एस सच, हाँ यहाँ कॉलेज मैं एक मेरी सीनियर टीचर है,काफ़ी अची बनती है उससे, उसे ऐसे ही बताया था की एक नया फ्रेंड बना है हु इस एज ऑफ माय स्टूडेंट.
मे: ओक, कुछ कह रही थी वो ?

आंशिका: कुछ नहीं, कह रही थी की एक छोटी सी लव स्टोरी है क्या?
मे: हहेहहे, देन क्या बोला तुमने.

आंशिका: क्या बोलती? मैंने बोल दिया नहीं बस ऐसे ही बस.
मे:ओक, कब बताया था?

आंशिका: परसों.
मे: ओक, सो लंच कर लिया?

आंशिका: हाँ कर लिया और तुमने?
मे: नहीं अभी करूँगा, सो अभी क्या हो रहा है कॉलेज मैं?
आंशिका: कुछ नहीं स्टूडेंट्स प्रॅक्टीस कर रहे हैं इवेंट्स की, और गर्ल्स सेक्सी ड्रेसस पहेंकर कॅट वॉक की प्रॅक्टीस कर रही हैं फॅशन शो के लिए.
मे: अछा जी , सही है

आंशिका:हाय , किसी के कान खड़े हो गये शायद.
मे: सिर्फ़ कान ही नहीं कुछ और भी खड़ा होता है.

आंशिका: चुप बदमाश, एक दम डफर हो तुम, कुछ भी बोलते हो.
मे: यार बस सच बोला.

आंशिका : तुम हमेशा ग़लत जगह ही ग़लत बात क्यूँ करते हो?
मे: तुम कभी सही जगह मिलती ही नहीं.

आंशिका: अरे बाबा, तुमसे तो बहस करना ही बेकार है,
मे: सो तो है, तो बताओ कब सही जाग होगी तुम जिससे सही बात कर सकूँ तब.

आंशिका: शाम को ही टाइम मिलेगा यार.
मे: ओक, मतलब शाम तक ना ही कान खड़े होंगे और ना ही ……..

आंशिका: हहेहेः, ऐसा ही समझो.
मे: अछा सुनो कल रात को मज़ा आ गया यार.

आंशिका: हाँ हाँ सही है मुझे परेशान करते रहो और मज़े लेते रहो.
मे: परेशान ? तुम्हे मज़ा नहीं आया? सच सच बताना.

आंशिका: हाँ आया तो बट स्टील यु नो.
मे: वॉट यु नो, किसी पड़ोसी ने कुछ देखा छत पर? किसी ने कुछ कहा ?

आंशिका: नहीं फिर भी.
मे: फिर भी क्या, मुझे तो बड़ा माज़ा आया.

आंशिका: घर बैठे बैठे ही मज़े ले लिए तुमने?
मे: ऐसे ही हैं हम, दूर से मज़े ले लेते हैं, जब साथ होगी तो और लेंगे.

आंशिका: पूरे हॉर्नी हो तुम.
मे: ( अंजान बनते हुए) अब ये हॉर्नी क्या होता है?

आंशिका: मुझे नहीं पता
मे: देन कहा क्यूँ? बताओ ना, क्या होता है?

आंशिका: नहीं पता, खुद पता लगा लो.
मे: मुझे तो कोई गाली लग रही आयी, यार हिन्दी मैं ही दे दो गाली.

आंशिका:आररीईईई, तुम पागल हो क्या? गाली क्यूँ दूँगी? हॉर्नी मीन्स होता है ठ …ठ …ठरकी .
मे: ओह, तो ऐसे बोलो ना, अब क्या करूँ हूँ तो हूँ, और इसमें तुम्हारा भी फ़ायदा है, बोलो है की नहीं?

आंशिका: हहेहेहेहेहेहहे, य़ेस सर , अछा मैं फोन रखती हूँ, लंच टाइम ओवर, शाम को बात करती हूँ.
मे: ओक, एक बार प्रेस करो.

आंशिका: क्या?
मे: क्या करोगी?

आंशिका: तुम पागल हो गये हो, मैं कॉलेज मैं हूँ.
मे: तो क्या कॉलेज मैं प्रेस करना माना है?

आंशिका: यार इट्स टू मच, मैं रख रही हूँ फोन अब.

और उसने बिना बाइ बोले फोन रख दिया.

शाम को करीब 7 बजे उसका मेसेज आया –

आंशिका: हे, हाउ आर यु ?
मे: जैसा भी हूँ, तुम्हे उससे क्या?

.: अरे यार सॉरी फॉर नून, वो एक टीचर आ गई थी तो रख दिया था, सॉरी.
मे: हाँ, मुझे वैसे . पता क्या चलेगा की कोई आया था या नहीं?

आंशिका: इतना भी विश्वास नहीं है दोस्त पर?
मे:विश्वास है, इसीलिए अभी तक बात कर रहा हूँ, पर एक मेसेज भी हो सकता था न बाद मैं.

आंशिका: सॉरी आई वाज़ बिज़ी, और तुम भी ऐसी बात करते हो मेर्को भी गुस्सा आ गया था. हमेशा ग़लत जगह ही करते हो बात,
मे: हाँ ग़लत इंसान हूँ, तो ग़लत जगह ही करूँगा. तुम ही बता दिया करो ना की कौनसी सही जगह है वहीं करूँगा देन.

आंशिका: यार तुम तो बहुत जल्दी बुरा मान जाते हो, सही जगह अभी थोड़ी देर मैं होगी, अभी मैं खाना बना रही हूँ देन डिन्नर करके तुमसे फोन पर बात करूँगी, तब मैं अपने रूम मैं होंगी, तब कुछ भी बोलना ओक.
मे: ह्म, देखते हैं.

आंशिका: अब तो स्माइल पास कर दो, अछा एक किस करो जल्दी से, फिर स्माइल आएगी तुम्हे,
मे: मुआआह.

आंशिका: गुड बॉय, ऐसे ही रहा करो खुश. अछा चलो मैं तुम्हे थोड़ी देर मैं कॉल करती हूँ तुम भी तब तक डिन्नर कर लो, देन आज बात करेंगे आराम से काफ़ी देर तक, ओक.
मे: क्या इरादा है आज मेम ?

आंशिका: मेरा तो कोई ख़ास इरादा नहीं है, तुम्ही अपने इरादे बता देना, मेरे शैतान दोस्त.
मे: वो तो मैं हमेशा ही बताता रहता हूँ पर यु ऑल्वेज़ अट रॉंग प्लेस.

आंशिका: ह्म चलो आज राईट प्लेस पर हूँगी, सो बी रेडी विद युवर इरादे. लॉल
मे: ओक, टिल देन बाइ टेक केयर .

मेर्को तो जैसे लगा की वो कह रही हो की आज कॉंडम तय्यार रखना मैं चूत खोले रखूँगी और आ जाना घुसा जाना.
मेरा लंड फड़फदा रहा था बुरी तरह, उसके फोन रखते ही मूठ मारी एक बार, रहा ही नहीं जा रहा था. दिमाग़ मैं बार बार उसका नंगा शारीर घूम रहा था की – “हाए उसकी चुचियाँ ऐसी होगी, उसकी चूत ऐसी होगी, वो नंगी खड़ी ऐसी होगी, उस पोज़िशन मैं होगी, उसकी चूत चिकनी भी हो सकती है या बालों से भरी हुई भी, गांड तो उसकी चुचियों से भी बड़ी होगी, वो नंगी कैसी दिखती होगी”
बस यही सोच सोच कर मूठ मार लिया .

रात को 9 बजे उसका एक मेसेज आया – अभी करती हूँ 10मीं मैं कॉल ओक, फ्री रहना

बस उसका यही मेसेज पड़कर मेरे दिल की धड़कन और लंड की तड़प बढ़ गयी, मैं अपने रूम मैं गया, लाइट्स ऑफ करी, कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म चलाई, और नंगा बैठ गया की कब उसकी काल आए, तो उससे बात करते करते मैं मूठ मार सकूँ. देन ठीक 10 मीं बाद उसकी कॉल आई…………………

मे: हेलो,
आंशिका: हाय , हाँ जी, एंग्री यंग मेन कैसे हो?

मे: एंग्री नहीं हूँ, डोंट वरी, तुम बताओ
आंशिका: थॅंक गोड , आई एम् ऑल्सो फाइन

मे: कॉलेज मैं दिन कैसा रहा?
आंशिका: सही था, ठक गयी बुरी तरह, स्टूडेंट्स के पीछे पीछे भाग कर.

मे: तुम भागी स्टूडेंट्स के पीछे, मुझे तो लगा स्टूडेंट्स तुम्हारे पीछे भागते होंगे.
आंशिका: नहीं जी हमें ही भागना पड़ता है, वो तो किसी और के पीछे भागते हैं

मे: टेस्ट सही नहीं है तुम्हारे स्टूडेंट्स का,
आंशिका: नहीं ऐसी बात नहीं है, उनका टेस्ट यंग है, सिर्फ़ अपने साथ की लड़कियाँ पसंद आती है उन्हे.

मे: वो तो पता है, बट तुम्हे कैसे छोड़ देते हैं वो .
आंशिका: अब मैं उनकी टीचर हूँ, फ्रेंड तो हूँ नहीं जो मेरे पीछे पड़े रहेंगे .

मे: अछा हुआ मैं तुम्हारा स्टूडेंट नहीं था, वरना हर वक़्त सिर्फ़ तुम्हे देखता ही रह जाता, लॉल
आंशिका: लॉल, योउ आर क्वाइट स्मार्ट मानना पड़ेगा.

मे: ओह, थॅंक यु , पर स्मार्ट किसलिए बोला?
आंशिका: वोही तुम्हारा नो. लेने का स्टाइल, एग्ज़ॅम रूम मैं क्वेस्चन पेपर, तुम्हे डर नहीं लगा था ? की मैं गुस्सा हो ., या कुछ और एक्शन ले लेती.

मे: हमने भी कच्ची गोलियाँ नहीं खेली है, तुम्हारा क्यूट सा फेस देख कर पता चल गया था की तुम औरों की तरह आटिट्यूड वाली नहीं हो, योउ अरे सच आ डार्लिंग.
आंशिका: थॅंक यु सो मच, सो स्वीट ऑफ योउ.

मे: युवर वेलकम, चलो ये तो हुई तुम्हारी तारीफ़, बट ये बताओ, तुमने तो कुछ क्यूँ नहीं कहा, आई मीन तुम शॉक तो हुई होंगी की मैने एक दमसे नो मांग लिया वो भी एग्ज़ॅमिनेशन हॉल मैं.
आंशिका: वेल तुम्हारी हरकतों से पता ही चल गया था की योउ अरे नॉटी, और तुम भी शकल से औरों के तरह नहीं दिखते सो मैने सोचा चलो रिस्क ले लेते हैं.

मे: मेरी कौनसी हरकत?
आंशिका: वो जो तुम्हारी आँखें मुझे घुरती रहती थी.

मे: तुम्हे तो मैने घूरा ही नहीं.
आंशिका: अछा जी, जैसे मेर्को पता ही नहीं.

मे: अरे सच मैं, मैं तो तुम्हारी 32ड्ड साइज़ को घूर रहा था, लॉल
आंशिका: हाँ तो बात तो वोही हुई ना, हे तो मेरा ही ना साइज़.

मे: तुम यार एग्ज़ॅम नहीं करने देती थी, और जब साइन करती थी शीट पर झुक कर मैं पागल हो जाता था और तुम्हारी स्माइल, कातिल यार.
आंशिका: आई नो, कुछ ज़्यादा ही तारीफ़ हो रही है अब. बस करो.

मे: नहीं सच मैं यार, योउ अरे सो सेक्सी.
आंशिका: मुझे तो लगा जो तुम्हारी साथ वाली सीट पर लड़की बैठ थी थी वो ज़्यादा सेक्सी लगती थी तुम्हे, जो शॉर्ट्स क्लोद्स पहनकर आती थी.

मे: नहीं यार, ये लड़कियाँ तो डाइयेटिंग करती है, शॉर्ट क्लोद्स पहेनटी है, मेकप करती है, आटिट्यूड दिखती है और बेकार के नखरे करती है, फिर भी उतनी सेक्सी नहीं लगती पर तुम तो लाजवाब हो.
आंशिका: मैं मोटी तुमको लाजवाब लगती हूँ?

मे: यार योउ अरे नोट मोटी, पहले भी बोला था
आंशिका: हाँ हाँ ई नो, वलप्चयस वूमन , युवर टाइप.

मे: या डियर. अभी क्या पहना है तुमने?
आंशिका: मे इन नाइट गाउन.

मे: क्यूँ पहना है?
आंशिका: हहहे, अरे तो पहनु नहीं?

मे: कब तक छुपाओगी अपने आप को?
आंशिका: (इतराते हुए) जब तक हो सके.

मे: तुम्हे पता है मैं कितना जिद्दी हूँ.
अँहसिका: वो तो है जी.

मे: ब्रा भी पहनी है अंदर?
आंशिका: नो, रात को नो अंडरगार्मेंट्स.

मे: गुड.
आंशिका: (हंसते हुए) वाइ गुड?

मे: ये अंदर का मामला है,हहहे
आंशिका: हहहे, नौटंकी हो तुम.

मे: चलो देन नौटंकी स्टार्ट करते हैं, और यार आज ज़्यादा भाव मत खाना.
आंशिका: मैं तुम्हे ऐसी लगती हूँ भाव खाने वाली? वो तो ग़लत जगह तुमने बोला था करने को इसीलिए मना करा था .

मे: जान, आई नो तुम भाव नहीं खाती, बट स्टिल… मतलब ज़्यादा शरमाने का नाटक मत करना ओक.
आंशिका: (हंसते हुए) ट्राइ करूँगी.

मे: मैं तुम्हे पास नहीं होने दूँगा इसमें.
आंशिका: देखते हैं.

मैने जानभुजकर कंप्यूटर पर चल रही बी ऍफ़ की वॉल्यूम थोड़ी सी बड़ा दी, जिससे उसको सुनाई दे जाए, और हुआ भी यही.

आंशिका: ये क्या आवाज़ है?
मे: अरे वो मूवी देख रहा था.

अँहसिका: अछा जी, ऐसा डाइलॉग पहले तो नहीं सुना किसी मूवी मैं.
मे: कोई नहीं अभी सुन लॉगी अपने आप.

आंशिका: तुम पॉर्न देख रहे हो ना?
मे: अब तुमसे क्या छिपाना, य़ेस ..आई एम् वाचिंग.

आंशिका: क्यूँ देख रहे हो? मेरे से बात नहीं करनी?
मे: करनी है.

आंशिका: तो बंद करो उसे.
मे: ओक बाबा, लो कर दी.

मैने आवाज वापस लो कर दी, जिससे उसे सुनाई ना दे, पर मोविए बंद नहीं करी, मेरा मोटो तो उसे सुनाना था जो पूरा हो गया.

मे: पर यार अनु, जो मेरे कान खड़े हुए हैं उनका क्या होगा अब?
(वो समझ गई मेरा मतलब लंड से था)
आंशिका: (शरामते हुए) पता नहीं, बाद मैं देखेंगे .

मे: ओक, ठीक है, अछा अपनी नाइटइ उपर से निकालो प्लीज़, अपनी ब्रेस्ट को फ्री कर दो.
आंशिका: तुम्हे मेरी ब्रेस्ट क्यूँ पसंद है इतनी?

मे: मुझे भी नहीं पता यार, बस खींचा चला आता हूँ उनकी तरफ, अभी तो मैने उनको विदाउट क्लोद्स देखा भी नही है, तब ये हाल है, जब देखूँगा पता नहीं मेरा क्या होगा. वैसे कब दिखा रही हो मुझे विदाउट क्लोद्स.
आंशिका: कुछ कह नहीं सकते अभी.

(अब मैने उससे बात करते हुए मूठ मारना शुरू कर दिया)

मे: अछा फिलहाल अभी अपनी नाइट उपर से उतरो, आई वांट टू फील युवर ब्रेस्ट
आंशिका: ओक, निकाल दी.

मे: गिव दहम किस, लंबी सी.
आंशिका: पुक्क्कककककककककककचह. ओक?

मैं उसकी आवाज़ सुनक्र और उससे ऐसी बातें करके पागल हो रहा था, पहले कभी किसी लड़की से मैने ऐसी बातें नहीं करी थी, मैं जल्दी ही झड़ने वाला था, जब मैं क्लाइमॅक्स पर था तो मैने उसे कह दिया एकद्ूम से –

मे: आंशिका, मैं तुम्हारे साथ सोना चाहता हूँ, तुम्हारे गुदगूदे शरीर से खेलना चाहता हूँ, तुम्हारी ब्रेस्ट को मुँह मैं भरकर चूसना चाहता हूँ, तुम्हारे लिप्स को काटना चाहता हूँ, तुम्हारी थाइस को चूसना चाहता हूँ, आई वांट टू डू सेक्स वित यु .
आंशिका: आई नो.

मे: वॉट यु से? यु ऑल्सो वॉंट?
आंशिका: हाँ, आई न्यू, की हम दोनो एकदुसरे से यही चाहते हैं, एंड आई डोंट हेव द प्रॉब्लम टू… आई ऑल्सो वॉंट टू शो यु हेवेन. यु आर पॅशनेट गाइ विशाल, आई वुड बी हैप्पी टू बी विद यु इन बेड.

( बस मैं झड़ गया, ये सुनते ही, और अपने मोन को रोक नहीं पाया)

मे: ओह, आन आन आन आन आंशिकााआआ, थॅंक यु सो मच
आंशिका: क्या हुआ?

मे: सच बताऊँ ?
आंशिका: हाँ

मे: मैं तुमसे बात करते हुए, मास्टरबेट कर रहा था और जब तुमने ये बात बोली की यु ऑल्सो वांट तो स्लीप विद मी तो मेरे से कंट्रोल नहीं हुआ और मैं झड़ गया.
आंशिका: बट विशाल मैं अभी तक नहीं झड़ी हूँ.

मे: मैं तुमसे बात करते हुए, मास्टरबेट कर रहा था और जब तुमने ये बात बोली की यु ऑल्सो वांट तो स्लीप विद मी तो मेरे से कंट्रोल नहीं हुआ और मैं झड़ गया.
आंशिका: बट विशाल मैं अभी तक नहीं झड़ी हूँ.

अब आगे….

(वाउ, ये सुनते ही मेरी आँखें खुल गयी, लंड फिर से तन गया, चलो अब ये मेरी हुई, इसे जब चाहे, जहाँ चाहे कुछ भी कर सकता हूँ अब से, आज से ये आंशिका मेरी हुई)

मे: ओह जान, मैं हेल्प करूँ?
आंशिका: तुम कैसे करोगे? तुम तो दूर हो.

मे: तुम्हारी वर्जिना पर हयर्स हैं?
अँहसिका: हाँ

मे: वाउ, आई लाइक पब्लिक हेयर्स , प्लीज़ काटना मत उन्हे, जब तक मैं उन्हे निहार ना लूँ, उन्हे प्यार ना करलूँ.
आंशिका: ठीक है, जैसा तुम बोलो

मे: आंशिका यु नो आई एम् वर्जिन?
आंशिका: लगता तो नहीं, बहुत क्लेवर हो तुम, आई एम् इंप्रेस्ड. पहले कभी किसी की साथ नहीं करा?

मे: नहीं यार नोथिंग , यु आर द वन. तुम जैसी दोस्त मिली नहीं पहले कभी जो मेरा इतना ध्यान रखती.
अँहसिका: चलो अब मैं मिल गयी हूँ, डॉन’त वोरी , आई विल टेक युवर वर्जिनिटी

मे: ओह गोड , आई कांट वेट नाउ
आंशिका: यार तुम्हारे मैं यही प्राब्लम है, बी पेशेंट.

मे: यार तुम क्या जानो, आई एम् वर्जिन. यु ऑल्सो वर्जिन ओर नोट?
आंशिका: सच बताऊँ या झूठ?

मे: आई नो की तुम सच ही बताओगी , तो बताओ सच.
आंशिका: आई एम् नोट वर्जिन.

(ये सुनकर मुझे थोड़ी सी निराशा हुई, बट चूत मिलने की खुशी मैं ये निराशा कुछ नहीं थी.)

मे: ओक, कब लूस करी वर्जिनिटी?
आंशिका: वेन आई वाज़ 23.

मे: ओक, बी ऍफ़ को?
अँहसिका: हाँ.

मे: देन अब कहाँ है वो?
आंशिका: पता नहीं, हूमें बस 2 महीने ही हुए थे. ही हेड मी ओन हिस बर्थडे .

मे:ओक, कितनी बार कर चुकी हो उसके साथ?
आंशिका: सिर्फ़ एक बार.

(अब थोड़ी जान मैं जान आई चलो सिर्फ़ एक बार ही चुदी है, वो तो ना के बराबर ही है)

मे: सिर्फ़ एक ही बार, ऐसा क्यूँ?
आंशिका: वो उसी वीक अपनी सिटी नागपुर वापस चला गया. उसके बाद हुमारी बात नहीं हुई ज़्यादा.

मे: यु मिस हिम ?
आंशिका: नहीं, बिल्कुल नहीं.

मे: ओक, मतलब प्यार नहीं था तुम दोनो को.
आंशिका: मुझे था पर उसे नहीं था.

मे: उसने बोला था ये तुमको?
आंशिका: नहीं पर जब बर्थडे वाले दिन वो मेरे को बार बार फोर्स कर रहा था सेक्स करने के लिए तो सॉफ पता चल गया था उसकी बातों से उसे मैं नहीं मेरा शरीर चाहिए, उस दिन के बाद ना तो उसने ज़्यादा कॉंटॅक्ट करा और मैने तो करा ही नहीं.

मे: ओक. मैं एक बात पूछूँ बुरा तो नहीं मनोगी?
आंशिका: बिल्कुल नहीं मानूँगी, जो पूछना है पूछो.

मे: तुम फिर अब मेरे साथ करने को कैसे रेडी ओ गयी, जब तुम फर्स्ट टाइम हर्ट हो चुकी हो उस बंदे से?
आंशिका: असल में, तब आई वास नोट एक्सपेक्टिंग देट , और यु नो ई आम 27 नाउ, सो अब मन करता है यार, कॉलेज मैं जब बाकी टीचर्स जब अपनी सेक्स टेल्स सुनती है तो रहा नहीं जाता.

मे: ओक, और तुम मानती हो की, आई एम् वोर्थ फॉर यु .
आंशिका: येस 100%. आई रियली लायिक यु , यु आर माय बेस्ट फ्रेंड . और गाइस की तरह नहीं, जिन्हें ना तो बात करने की तमीज़ ना ही कुछ मैनर्स .आई रियली लायिक यु .

मे: थॅंक यु सो मच , फॉर दिस गिफ्ट.
आंशिका: दिस गिफ्ट इस ऑल युवर्ज़ डियर.

मे: हाय , मुझे ये गिफ्ट कब मिल सकता है?
अँहसिका: यार वी हॅव तो वेट फॉर राईट टाइम एंड राईट प्लेस टू, मैं नहीं चाहती की किसी तीसरे को पता चले. तुमने किसी को बताया तो नहीं इस बारे मैं?

मे: अरे नही यार, नहीं बातया किसी को.
आंशिका: गुड, मैने भी नहीं बताया.

मे: अछा अब कुछ वेट हुई वेजाइना?
(मैं अभी भी उससे हिन्दी मैं चूत , लंड बोलने मैं हिचकिचा रहा था सो मैंसे सोचा की अभी अँग्रेज़ी से ही काम चालते हैं)

आंशिका: या, विशाल आई वांट टू कम, प्लीज़ हेल्प मी .
मे: ओक, मैं तुम्हे फोन पर ही प्यार करूँ?

आंशिका: हाँ प्लीज़ करो.

(मैं भी साथ साथ मूठ मरने लग गया और उसे फोन पर प्यार करने लग गया)

मे: ओह आंशिका, तुम्हारे लिप्स कितने सॉफ्ट हैं, मैं इन्हे चूसना चाहत हूँ, गिव देम टू मी , तुम्हारे मोटे मोटे गाल, यउम टेस्टी, तुम्हारी नेक अहह, पूछ पूछ पूछ, आंशिका तुम्हारे मोटे मोटे बूब्स जितना भी ज़ोर से दबाऊ उतना ही कम है, कितने सॉफ्ट हैं, तुम्हारे निपल्स सो हार्ड स्टिफ, तुम्हारे निपल्स का कलर क्या है?

अँहसिका: ब्लेक कलर है, तुम्हे पसंद है?
मे: मुझे तुम्हारी हर चीज़ पसंद है.

अंहिस्का: देन इन्हे चूसो विशाल, किसी ने इन्हे प्यार नहीं दिया, तुम दो इन्हे प्यार, मेक मी फील लाईक वूमन . आह्ह्ह्ह विशाल करते रहो, आई एम् अबौट टू कम.
मे: हाँ जान कर रहा हूँ., तुम्हारे निपल्स को मुँह मैं भर कर चूस रहा हूँ, उन्हे काट रहा हूँ

आंशिका: आह्ह्ह्हहह्ह्ह्ह विशाल, कॅरी ओंन प्लीज़
मे: मेरा लंड तना हुआ है आंशिका, इसे भी प्यार करो.
( मुझे लगा की कहीं हू कुछ बोले ना लंड शब सुनकर पर वो कुछ बोली नहीं)

आंशिका: हाँ, विशाल, आई वांट टू फील इट इनसाइड मी , कितना बड़ा है ये विशाल?
मे: कभी मेसर नहीं करा, बट एतलीस्त 7.5 या 8 होगा.

आंशिका: मुझे वो दोगे ना विशाल?
मे: हाँ अंशिका , ये तुम्हारा ही है, कहो तो तुम्हारा नाम भी लिख दूं इस पर

आंशिका: आहह, ऊऊओ माआअ, सीईईईईईईईईई, आआआआआअह्ह्ह
थोड़ी देर तक वो गहरी साँसे लेती रही और फिर बोली..
ओह विशाल थेंक यु सो मच,इतना मज़ा फिंगरिंग मैं कभी नहीं आया.
मे: रोज़ करती हो?

आंशिका: नहीं कभी कभी, पर जब से तुम्हे मिली हूँ और जो तुम हरकते करते हो, तो रहा नहीं जाता, तो आज कल तो कंटिन्यू है. और तुम?
मे: मैं रोज़ करता हूँ मास्टरबेशन, तुम्हारे बारे में सोचकर फ्रॉम द वेरी फर्स्ट दे.

आंशिका: क्या सोचते हो?
मे: यही की तुम मुझे प्यार कर रही हो, हूमें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है, मैं हर वक़्त हर सेकंड तुमसे ही लिपटा रहता हूँ

आंशिका: मैं तुम्हे इतनी अच्छी लगती हूँ?
मे: तुम्हे नहीं पता कितनी अच्छी लगती हो तुम,

आंशिका: ओह विशाल, गिव मी किस जान, मैं तुम्हे निराश नहीं करूँगी आई प्रॉमिस.
मे: मैं भी तुम्हे हैप्पी रखूँगा, विल मेक यु फील लाईक वूमेन .

आंशिका: थॅंक्स माय डियर फ्रेंड.
मे: हे , दोस्ती मैं कोई थॅंक्स नहीं ओक.

आंशिका: ओक और कोई सॉरी भी नहीं ओक.
मे: ओक. यार अन्नू, मुझे तुमसे मिलना है, अब रुका नहीं जा रहा, प्लीज़ मेक एनी प्लान सून, ई वॉंट तो हॅव यु बॅड्ली.

आंशिका: जितना मन तुम्हारा है उतना ही मेरा भी है, बट वी हेव टू वेट.
मे: कितना वेट यार? मैं तो मर ही जाऊंगा .

आंशिका: मैं नहीं मरने दूँगी, तुम इन 32ड्ड को फील करे बिना नहीं मर सकते
मे: हाँ आई नो, इस वीक पासिबल है?

आंशिका: इस वीक पासिबल नहीं है, योउ नो कॉलेज फेस्ट और मेरी एक फ्रेंड की मॅरेज भी है सो एक रात वहाँ भी वेस्ट होगी उस दिन तो बात भी नहीं कर पाएँगे.
मे: क्या यार, ऐसी बातें मत बोलो.

आंशिका: सॉरी जान, बट क्या करूँ
मे: अछा मॅरेज पर किसके साथ जाओगी?

आंशिका: अकेले ही जाउंगी , फ्रेंड की मॅरेज है ना इसीलिए.
मे: अछा, देन इट्स गुड, डेट और जगह बताओ मैं वहाँ आ जाऊंगा .

आंशिका: नो नो प्लीज़, वहाँ मत आना. कोई देख लेगा.
मे: अरे बाब, सबके सामने नहीं आऊंगा , जब तुम वापिस आ रही होगी तब आ जाऊंगा और वैसे भी रात को तुम्हे कनवेंस नहीं मिलेगा और किसी और ने तुम्हारा फ़ायदा उठा लिया तो, सो मैं आ जाऊंगा .

आंशिका: बड़ा दिमाग़ चल रहा है, क्या बात है.
मे: क्या करूँ, कंट्रोल नहीं होता.

आंशिका: अछा सुनो जान इट्स 11 पीयेम नाउ, मेर्को कल कॉलेज भी जाना है. मैं अब सो जाऊं ?
मे: हाँ सो जाओ, नो प्राब्लम. पर पहले अपनी ब्रेस्ट को किस करो मेरी तरफ से.

आंशिका: ओक, पूच्चsssssss. अब?
मे: अब दोनो निपल्स को किस करो.
आंशिका: ओक, पूच्च पूच्च . अब?

मे: अपनी चूत मैं एक फिंगर डालो और फिर मुझे दो टेस्ट करने के लिए.
आंशिका: तुम्हे कैसे दूं, तुम तो दूर हो, मैं खुद ही टेस्ट करके बता देती हूँ अभी. ओक. आअहह, हां , पूरी गीली है अभी अभी, पूच्च पूच्च पुच्च्च , सर्प सर्प … कर ली लीक पूरी फिंगर. अब?

मे: अब मुझे किस करो, ज़ोर से.
आंशिका: मुआहहsssssssssss.

मे: मुआहह जान. जाओ अब सो जाओ.
आंशिका: ऐसे कैसे, तुम भी पहले अपनी कॉक को किस करो मेरी तरफ से.

मे: या शुवर, मुआः, कर दी.
आंशिका: गुड. गुड नाइट जान. और अपना और उसका ख़याल रखना.

मे: हाँ, तुम रखोगी हम दोनो का ख़याल.
आंशिका: गुड नाइट. टेक केयर . स्वीट ड्रीम्स.

मे: यु टू जान.
(फोन कट)

इस बात चीत के दौरान मैं दो बार मूठ मार चूका था और ऐसा मज़ा आजतक नहीं आया था,और लंड अभी भी तना था, ये है जादू मेरी अंशिका का मेरे उपर और मेरे लंड के उपर. अब तो बस उसे मिलकर चोदने की देरी थी, अब मेरा रास्ता क्लियर था.

नेक्स्ट डे , सुबह 10 बजे आंशिका का मेसेज आया….

आंशिका: हाय , गुड मॉर्निंग, क्या हुआ? आज कोई मेसेज नहीं? अभी तक सोए हो क्या?
मे: हाय , गुड मॉर्निंग मेम , हाँ अभी उठा हूँ बस तुम्हारे मेसेज से.

आंशिका: रात को देर से सोए थे क्या?
मे: हाँ 1 बजे, 2 बार फिर से मास्टरबेट करा था तुम्हारे बारे में सोच कर.

आंशिका: हे भगवान, तुम तो सच मैं पागल हो, मेरे लिए भी कुछ छोड़ोगे या ऐसे ही वेस्ट कर दोगे सब कुछ हूँ?
मे: हहेहहे, अरे यार बहुत है, तुम बस हुकम करो.

आंशिका: जनाब हुकुम तो कुछ नहीं है, बस ज़रा लिमिट मैं.
मे: चलो कंट्रोल करने की कोशिश करूँगा. कॉलेज मैं हो? क्या कर रही हो?

आंशिका: हाँ, वहीं हूँ. कुछ नहीं वोही फेस्ट की प्रेपरेशन चल रही है.
मे: ओक, तुम बिज़ी नहीं हो? आई मीन तुम प्रेपरेशन नहीं करवा रही?

आंशिका: अभी तो फिलहाल हॉल मैं बैठी हूँ, स्टूडेंट्स रॅंप वॉक की प्रॅक्टीस कर रहे हैं, तो उन्ही को जज कर रही हूँ और गाइड भी.
मे: ओहो, तुम और फॅशन की इन्स्ट्रक्टर. क्या बात है.

आंशिका: क्यूँ नहीं हो सकती क्या? मिस्टेक तो बता ही सकती हूँ अगर कुछ और बता नहीं सकती.
मे: अरे यार तुम तो सूपर सेक्सी मॉडेल हो.

आंशिका: ओहो जी, बस बस थॅंक योउ, यहाँ पर हॉल मैं मेरे से भी ज़्यादा सेक्सी गर्ल्स हैं, तुम होते तो एकद्ूम किसी और को पसंद करने लगती, मैं नहीं दिखती फिर तुम्हे.
मे: अछा जी, बिन पैंडे का लौटा नहीं हूँ मैं, जो कभी इधर लुड़कुन या कहीं और, जो चीज़ पसंद आ गयी तो बस आ गयी. और वो लड़कियाँ बस शो ही करती है तभी सब उन्हे सेक्सी समझते हैं. कभी अपने स्टूडेंट्स से पूछो तुम कितनी सेक्सी हो.

आंशिका: हाँ ज़रूर, कॉलेज मैं मैं ये सब ही करने जाती हूँ ना. की सब स्टूडेंट से पूछूँ की – एम् आई सेक्सी?
मे: यार वो बिना पूछे ही बता देंगे, उनकी निगाहें बता देंगी.

अँहसिका: फिलहाल तो उनकी निगाहें अभी गर्ल की स्कर्ट और मिनिस मैं है , लॉल
मे: हहहे, कोई नहीं उनके जाते ही तुम पर टूट पड़ेंगे, आई एम् शुवर तुम्हारी किसी स्टूडेंट के तुम्हारे जैसा साइज़ तो नहीं होगा.

आंशिका: नहीं एक दो हैं, पता नहीं और भी हो शायद.
मे: अछा जी, अछा देख के बताओ, इस वक़्त हॉल मैं है कोई तुमसे टक्कर लेने वाली?

आंशिका: 2 गर्ल्स हैं, काफ़ी डेवेलप्ड ब्रेस्ट है उनकी भी. बट सिर्फ़ एक ही की शेप मैं लग रही है.
मे: देखा हरेक के बस की बात नहीं तुम जैसी शेप लाना. आज क्या पहना है?

आंशिका: अब वेस्टर्न क्लोथ्स मैं तो तुमने कभी देखा नहीं सो आब्वियस्ली हमेशा की तरह सूट ही पहना है.
मे: हाय , सूट मैं क्या कम सेक्सी लगती हो, तुम्हाए स्टूडेंट्स तुम्हारी ब्रेस्ट को ही ताड़ ते रहते होंगे, आई एम् शुवर.

अंशिका : हाँ हैं कुछ बदमाश तुम्हारे जेसे , क्लास मैं भी नहीं छोड़ते वो तो, चेयर के पास आके खड़े हो जाते हैं और सूट मैं झाँकने की कोशिश करते रहते हैं.
मे: लॉल, बेचारे , किसी को कभी कोई मौका मिल पाया?

आंशिका: कैसा मौका?
मे: तुम्हारी ब्रेस्ट के दर्शन का?

आंशिका: पागल हो गये हो क्या? ये कॉलेज है.
मे: तो क्या कॉलेज मैं ये सब नहीं होता?

आंशिका: आई नो होता है, बट स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स मैं ज़्यादा होता है, टीचर स्टूडेंट मैं बहुत रेर्ली.
मे : ओह, स्टूडेंट्स मैं हुआ है कभी?

आंशिका: होता ही रहता है, आए दिन स्टूडेंट्स क्लास मैं मिल जाते हैं अकेले फोरप्ले करते हुए. बाय्स अपने सेल्स गर्ल्स को दे दे देते हैं और हू उसमें पॉर्न देख देख कर चुपकसे हँसती रहती है और ये सब सोचते हैं की हम टीचर्स को कुछ नहीं पता.
मे: हाँ , वो तो है माय डियर फ्रेंड.

आंशिका: अछा अगर तुम्हारी इस फ्रेंड पर कोई स्टूडेंट चान्स मरता है तो तुम्हे कैसा लगेगा?
मे: म्*म्म्मममममम, वेल आई एम् युवर फ्रेंड एंड आई केयर अबौट युवर फीलिंग्स अगर तुम्हे कोई ऐतराज़ नहीं तो मुझे भी नहीं पर हाँ अगर तुम्हे एतराज हुआ तो उस स्टूडेंट का कट करके तुम्हायर क्लास मैं टाँग दूँगा.

आंशिका: हहेहहे, तुम पागल हो एकद्ूम. यु आर सच ऐ नाइस फ्रेंड.
मे: ऑल्वेज़ रेडी टू सर्व यु मेम , यु जस्ट आस्क वन्स.

आंशिका: फिलहाल अभी तो बाइ, क्लास टाइम, बाद मैं बात करती हूँ ओक.
मे: ओक, अछा सुनो अगर कोई स्टूडेंट देखने की कोशिश करे तुम्हारे 32ड्ड तो बेचारे की हेल्प कर देना थोड़ी सी, कहीं इसी चाहत मैं ना मार जाए.

आंशिका: हेहहहे, ओक जैसा आप कहो सर .
मे: और मेर्को मत भूल जाना, मैं वरना ऐसे ही मर जाऊंगा मास्टरबेशन से.

आंशिका: दोस्त मैं हूँ ना, यु डॉन’त वरी, नहीं मरने दूँगी जब तक तुम्हारी वर्जिनिटी ना ले लूँ, बट यु हॅव तो प्रॉमिस मी वन थिंग.
मे: यॅ बोलो क्या प्रॉमिस चाहिए.

आंशिका: पहला तो ये की ये हमारी दोस्ती के सीक्रेट्स सिर्फ़ हम तक और दूसरा ये की तुम अपनी वर्जिनिटी सिर्फ़ मेर्को ही दोगे, अगर किसी और के साथ कुछ करा मेरे से पहले तो आई वोंट टॉक टू यु , मैं नाराज़ हो जाउंगी .
मे: अरे यार यु डोंट वरी, आई एम् नोट लाईक अदर्स की सारी बातें सब मैं गाता फिरू, आई नो हाउ टू कीप सीक्रेट्स. और रही बात वर्जिनिटी की तो अगर तुम कहो तो अपने उस पर तुम्हारा नाम लिख दूं.

आंशिका: हहेहेहेः, तुम मेरे पागल दोस्त हो, आई नो की तुम औरों की तरह नहीं हो, इसीलिए मैने तुम्हे अपने इतने करीब आने दिया,मेरा और कोई फ्रेंड मेरे कभी इतने करीब नहीं आया. आई एम् लकी टू हॅव यु एस आ फ्रेंड. यु आर माय बेस्ट बडी. मुआहह.
मे: आई एम् ऑल्सो लकी बट मैं डबल लकी कब हुंगा, और तुम्हारी किस ने मेरा फिर कड़क कर दिया है, अब फिर मेहनत करो क्या यार, जल्दी कुछ करो ना.

आंशिका: हहेहेः, मैं पागलों की तरह हँसे जा रही हूँ तुम्हारे मेसेज पड़कर, यहाँ सब सोचेंगे की क्या हुआ. चलो मैं अब चलती हूँ, तुम मेहनत करो. मुआः
मे: मुआः ओन युवर लिप्स, ब्रेस्ट एंड पुसी. और किसी स्टूडेंट की हेल्प कर देना. बाइ, टेक केयर .

यारों क्या जादू था आंशिका मैं आप सबको कैसे बताऊँ , इसके दिमाग मैं घुसते ही बस लंड खड़ा हो जाता था और जब तक ये दिमाग़ से बाहर नहीं जाती ये भाई साहब बैठते नहीं थे. आज उससे मेसेज मैं ही बात करके मेरा लंड खड़ा हो गया था तो बस मारना पड़ा मूठ एक बार फिर सुबह सुबह ही, जब दिन की शुरुआत इससे हो तो बस पूरा दिन इसी के बारे मैं सोच कर निकल जाता है.

देन करीब 12 बजे मेरी एक बेस्ट फ्रेंड की कॉल आई, उसका नाम है – पारूल. हम दोनो स्कूल मैं साथ ही थे, पर स्कूल के बाद हमारे बीच कनेक्षन कम ही हो गया था, हुमारा 5 फ्रेंड्स का ग्रूप था, अब किसी से इतनी बात नहीं हो पाती थी, वी 5 अरे बेस्ट फ्रेंड्स. पारूल का कॉल आया एकद्ूम से, तो मैने उससे बात करी.

पारूल: हे विशाल , हीईीईईईईईईईईईईईईईईई
मे: हे परूऊऊऊऊओ, हीईीईई

पारूल: कहाँ हो मिस्टर.? ना कोई कॉल ना मेसेज नोथिंग ? भूल गये क्या? या फिर बिज़ी होंगे बहुत, राईट ?
मे: नहीं यार, बस ऐसे ही, ना ही बिज़ी हूँ ना ही भुला हूँ.

पारूल: तो फिर फ्रेंड्स को कभी कॉल या मेसेज भी कर लेते हैं.
मे: सॉरी यार, तू बता हाउ आर यु ?

पारूल: मैं तो एकद्ूम मस्त, तू सुना, कैसा है? कैसा चल रहा है कॉलेज?
मे: हाँ सही चल रहा है, आजकल हॉलिडेज़ हैं तो बोर हो रहा हूँ. और तू सुना. तेरी फॅशन डिज़ाइनिंग कैसी चल रही है?

पारूल: बस सही चल रही है.
मे: और आज कैसे यार करा मेर्को?

पारूल: सिफ तेर्को थोड़ी ना याद करा बेवकूफ़, अपने पूरे ग्रूप को याद कर रही थी, सबको फोन ट्राइ करा, कोई कहीं बिज़ी है, कोई आउट ऑफ स्टेशन है, लकिली तू मिल गया.
मे: ओक.

पारूल: तेरी किसी से बात हुई?
मे: नहीं.

पारूल: और सुना कुछ, क्या कर रहा है हॉलिडेज़ मैं? कोई जी ऍफ़ बनी अब तक या नहीं?
मे: नहीं यार, कोई भी नहीं बनी, तू भी तो हेल्प नहीं करती.

पारूल: यार, यहाँ अपनी नाव डूब गयी तेरी क्या हेल्प करूँगी.
मे: मतलब, क्या हुआ? हाउ इस युवर बी ऍफ़ ?

पारूल: बी ऍफ़ इस पास्ट नाउ, कुछ और बात कर.
मे: अरे बता ना, क्या हुआ? मेरे से क्यूँ छुपा रही है?

पारूल: तेरे से क्यूँ छिपाउंगी यार, ऑल 4 ऑफ यु नो, बट नाउ एवेरितिंग इस ओवर, कपिल एंड मी आर नोट टुगेदर नाउ
( ये बोलते हुए उसकी आवाज बहुत लो हो गयी थी, मुझे पता चल गया था की समथिंग इस राँग )
मे: हाँ वोही तो पूछ रहा हूँ की क्या हुआ? यु गाइस वर ग्रेट कपल, और अब आज अचानक से ये तूने सेड न्यूज़ दी, देयर मस्ट बी आ स्ट्रॉंग रीज़न बिहाइंड दिस , वाइ यु हाइडिंग.. टेल मी .

पारूल: कुछ नहीं यार, लीव इट.
मे: ओक ठीक है मत बता, बाइ.

पारूल: यार विष, समझ ना प्लीज़, आई डोंट वांट टू टॉक अबाउट दिस .
मे: बट मुझे तो बस इसी टॉपिक पर बात करनी हा, युवर चाय्स आई एम् नोट फोर्सिंग.

पारूल: तू हमेशा से ही ज़िद्दी है, सुधार जा.
मे: तो फिर बता क्या हुआ?

पारूल: यार फोन पर नहीं, मिलते हैं कहीं.
मे: ओक, ठीक है 1 घंटे मैं सी पी मैं मिलते हैं, ओक?

पारूल: ठीक है, बाइ
मे: बाइ.

मुझे बहुत बुरा लगा, ये सुनकर, शी वाज़ वेरी हेप्पी विद हर गाइस सिन्स स्कूल टाइम, और आज ये सेड न्यूज़, आई वांटेड टू नो की एकद्ूम से इतना प्यार एक ही बारी मैं कैसे ओवर हो गया, वॉट इस द रीज़न?
देन हम सी पी मैं मिले, थोड़ी देर इधर उधर की बातें करी और देन लास्ट्ली हम केफे कोफी डे मैं जाकर बैठ गये, केफे ऑर्डर करी और मैने उससे उस बारे मैं बात स्टार्ट करी.

मे: हाँ तो बता क्या हुआ एग्ज़ॅक्ट्ली? वाय यु गाइस नोट टुगेदर नाउ, आई एम् फीलिंग वेरी सेड अबौट दिस .
पारूल: यार, आई डोंट नो की क्या बताऊँ , कहाँ से बताऊँ .

मे: कहीं से भी स्टार्ट कर, बट बता मुझे.
पारूल: यु ऑल नो की वी वर टुगेदर सिन्स स्कूल टाइम, वी लव्ड ईच अदर वेरी मच. वी वर हॅपी, पता नहीं यार किसकी नज़र लग गयी एकद्ूम से

मे: हुआ क्या यार, ये बता, आई एम् स्टिल शॉक्ड, ऐसा लग रहा है की तु मज़ाक कर रही है मेरे से, कुछ भी नहीं हुआ.
पारूल: काश यार ये मज़ाक ही होता, बट दिस इस ट्रुथ .

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