परदे मे रहने दो part 6

रानी – हाँ जानबूझ के जांघे नंगी कर रही हैं…..इसलिए तो एक पैर उठा लिया है जिससे दोनों जी जांघे एक साथ दिखे….
भानु – क्यों कर रही हैं ऐसा?
रानी – ऐसा कर के वो पापा को एक्साइट कर रही हैं…उन्हें जोश दिला रही हैं..अपना बदन दिखा के उन्हें उकसा रही हैं…..और उन्होंने पापा को नीचे बिठाया हुआ है जिससे वो उन्हें छू सकें और चूम सकें….
भानु – और बोल न…
( भानु को ऐसा लग रहा था जैसे ये शब्द उसके लंड पर घिस रहे हैं…उसे रानी के मुंह से इस तरह की बातें अपनी ही माँ के बारे में सुन कर बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था….)
रानी – बस..मेरी वाली में तो इतना ही है..अब तू बोल…देखते हैं तू अपनी पिक के बारे में मुझसे ज्यदा खुल्ला बोल पायेगा या नहीं…
भानु – ठीक है..अब मेरी बारी..और देख तू बुरा मत मानन की मैं इतना खुल्ला क्यों बोल रहा हूँ..
रानी – तू बोल तो सही पहले फिर देखती हूँ कितनी हवा भरी है तेरे अन्दर…
भानु – ठीक है ले सुन….ये पिक देख…इसमें मम्मी फोन पर बात कर रही हैं….उनका ब्लाउज देख कितना खुल्ला हुआ है….ऐसा ब्लाउज पहनने का मतलब है की वो हमेशा मूड में रहती हैं और उन्हें बुरा नहीं लगता अगर कोई उनकी चूची देख ले तो…वो तो सब कुछ वैसे भी खोल खोल के रखती हैं….और इस पिक में तो वो खुद ही अपनी चूची दबा भी रही हैं…
रानी – कहाँ दबा रही हैं???
भानु – ये देख न उनके एक हाथ में फोन है और दूसरा हाथ उनकी चूची के उपर है…वो अपने हाथ से अपनी ही चूची दबा रही हैं…
रानी – क्यों कर रही हैं ऐसा???
भानु – वो जरुर पापा से बात कर रही होंगी और पापा उन्हें फोन पर कोई गरम गरम बात सुना रहे होंगे जिसे सुन कर मम्मी को अपनी ही चूची खुद ही दबाने का मन कर रहा होगा…
रानी – ऐसा क्या कह रहे होंगे पापा?
भानु – मुझे तो लगता है की ये उस समय की पिक होगी जब पापा कहीं बाहर गए होंगे और मम्मी घर में अकेली रही होंगी..ऐसे में दोनों फोन पर बात करते होंगे और एक दुसरे को बताते होंगे अपने किसी पुराने अनुभव के बारे में या किसी नए आईडिया के बारे में….और मुझे लगता है की अभी इस पिक में पापा मम्मी को कह रहे होंगे की तुम अपनी ही चूची अपने ही हाथ से दबाव…और सोचो की मैं दबा रहा हूँ..इसलिए वो अपने हाथ से अपनी चूची दबा रही हैं…..
रानी – और बता न…
भानु – और मुझे लगता है की ये लोग कुछ देर तक ऐसा ही करने के बाद फोन पर ही सेक्स करेंगे और एक दुसरे को फोन पर मजा देंगे….

सेक्स के बारे में ये पहला जिक्र किया था भानु ने….उसके बाद वो चुप हो गया…रानी भी चुप ही थी….कभी वो खुद को सोफे पर एडजस्ट करती और कभी भानु अपनी गोद में रखे लैपटॉप को एडजस्ट करता…दोनों जानते थे की दोनों अभी अपने अपने कमरे में जा के ऊँगली करना चाहते हैं…..इस बार पहल भानु ने कर दी…
भानु – सुन तू थोड़ी देर बैठ मैं आता हूँ…
रानी – ऐसा कर तू लैपटॉप बंद कर दे मैं भी अपने कमरे में जा रही हूँ…
भानु – ठीक है. कितने देर में मिलेंगे वापस?
रानी – तू बता तुझे कितनी देर लगेगी?
भानु – पता नहीं. कुछ देर तो लगेगी ही….ऐसा करते हैं की आधे घंटे में मिलते हैं यहीं पर…
रानी – हाँ ठीक है…..आधे घंटे बाद मिलते हैं और फिर सारी पिक्स देखेंगे…और और भी ज्यादा खुल के बात करेंगे..एकदम खुल के बात करेंगे…सब कुछ खुल खुल के बोलेंगे…
भानु – हाँ हमारे पास इस शहर में और कोई चारा भी तो नहीं है….ठीक है…हम आधे घंटे में मिलते हैं…

दोनों अपने अपने कमरे में चले गए…दोनों अपने अपने कमरे में जा के एक ही काम करने वाले थे लेकिन अभी दोनों के मन में ये ख्याल नहीं आया था की वो ये काम एक साथ भी कर सकते हैं और एक दुसरे के लिए भी कर सकते हैं….अभी तक का उनका ट्रिप बहुत अच्छा चल रहा था और दोनों ही बहुत खुश थे…उधर दूसरी तरफ उनके घर में…..

सभी औरतें एकदम नंगी हो चुकी थी..काकी भी…और नीलू भी..इंदु मंजरी और रूपा और रोमा भी…सभी ने अपने अपने कपडे उतर के एक किनारे रख दिए थे…..सबकी चूत एकदम साफ़ थी..यहाँ तक की काकी ने भी अपनी झांटे बना ली थी..एक भी बाल नहीं था किसी की भी चूत पर…काकी हमेशा ही सब को डायरेक्शन देती थी..इस बार भी काकी ने अपनी पोजीशन ले ली….और बोलना शुरू किया….

काकी – इस बार की पार्टी में कुछ चेंज किये हैं हमने….उम्मीद है आप सब को पसंद आएगा…..मैं बारी बारी से एक एक बात बताती जाउंगी और सब ध्यान से सुनना…किसी ने बाद में कोई गलती की तो बहुत सजा मिलेगी…..अभी दोपहर का राउंड लगेगा…पहले सभी लोग ठीक से तेल लगाओ…अपनी चूत और गांड में खूब सारा तेल डाल कर उसे अच्छे से तैयार केर लो…….हर बार पहले हम लोग डोमिनेट करते थे और सोम स्लेव होता था लेकिन इस बार पहले सोम डोमिनेट करेगा और हम सब उसकी दासी बनेंगे….दोपहर के राउंड के बाद सोम को उसके कमरे में भेज दिया जायेगा और हम सब अपने कमरे में आ जायेंगे….इस बार तुम लोगों को बाथरूम नहीं दिया जायेगा…घर के पीछे वाले लॉन में ही सब कुछ करना होगा. ओपन में. सब कुछ ओपन में ही होगा और कभी भी कोई भी अकेले नहीं जायेगा..जब भी जायेंगे तो सभी लोग एक साथ जायेंगे और एक साथ ही करेंगे….खुल्ले में…वहां सोम नहीं रहेगा लेकिन कल के दिन से सोम भी हमारे साथ ही बाहर ही सब कुछ करेगा…..अभी के राउंड में कोई भी अपनी चूत नहीं सहलाएगा…हम सब सिर्फ वही करेंगे जो सोम हमसे कहेगा…सोम एक बार में एक को चोदेगा और बाकी के सब देखेंगे लेकिन ख़बरदार अगर किसी ने अपने बदन को छुआ तो उसे उसी समय सजा मिलेगी….इस बार कोई भी किसी भी काम के लिए मना नहीं करेगा….सोम को कोई भी उसके नाम से नहीं बुलाएगा..सोम हम सब का मास्टर है हम उसे मास्टर ही कहेंगे..ये सिस्टम आज दोपहर के लिए और आज रात के लिए रहेगा. कल से हम लोग मास्टर होंगे और सोम हमारा दास होगा…..किसी को कुछ पूछना है????
इन्दु – हाँ मुझे पूछना है…अगर हमने अपने बदन को खुद छुआ और चूत में ऊँगली डाली तो क्या सजा मिलेगी?
काकी – मुझे पता था की तेरी ही चूत में खुजली होगी सबसे ज्यादा…..सजा बहुत खतरनाक मिलेगी..जिस किसी ने भी सोम के आदेश के बिना अपनी चूत में ऊँगली डाली मैं उसकी चूत में मोमबत्ती से गरम गरम मोम डाल दूंगी और उसकी चूत पर हम सब थप्पड़ मरेंगे….और सोम ने अगर कोई सजा दी तो वो भी उसे सहनी होगी…इसलिए साफ़ साफ़ कह रही हूँ की कोई भी सोम के आदेश के बिना कुछ नहीं करेगा…..और किसी को कुछ पूछना है????

इस बात कोई नहीं बोला…सभी के समझ में आ गयी थी बात…सभी ने जल्दी जल्दी खुद को उस कुनकुने तेल की मालिश देना शुरू केर दिया…..उपर सोम इन सब का वेट कर रहा था…रात की खायी गोलियों ने उसकी ताकत को बढा दिया था और वो अब इन सबके आने के लिए रेडी था….इधर ये फ़ौज तैयार हो रही थी अपनी चुदाई करवाने के लिए और उधर भानु और रानी अपने अपने कमरे में अपनी अपनी बदन की गर्मी को निकाल रहे थे…..बहुत जल्दी ही बच्चों का सेकंड राउंड शुरू होने वाला था और यहाँ घर में उनके पेरेंट्स अपने दिन का पहला राउंड शुरू करने के लिए तैयार थे………………..

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