पत्नी को चुदते देखा

मेरे बारे में आप लोगो को पता तो चल ही गया होगा | मेरी पहली हिंदी कहानी “मेरी मम्मी की चुदाई” तो आप लोगों ने पढ़ ही ली होगी | अब पढ़िए मेरी पत्नी के बारे में जो कि मेरी पीठ पीछे गुल खिलाती थी लेकिन एक दिन मुझे इस बारे में पता चल गया, और मैंने उसे उसके ही ऑफिस के किसी आदमी से चुदते हुए देखा|
अब मैं 31 साल का हूँ; और मेरी बीवी का नाम निधि है | मेरा खुद का एक कंप्यूटर सेंटर है और मेरी बीवी एक बैंक में Asstt manager है | मैं हर रोज़ center पे जाने से पहले निधि को बैंक में छोड़ता हूँ
एक दिन निधि ने घर आ कर बताया के उनके बैंक ने advance computer course के लिए quotations float की है और bid की last date भी बता दी. निधि ने ये भी कहा की eligibility criteria में मेरा computer centre भी आता है. मैंने निधि से कहा की अगर ये contract हमें मिल जाए बात बन जाएगी. निधि ने कहा की वो अपने level पे पूरी कोशिश करेगी. अगले दिन घर आ कर निघी ने फिर बताया कि सारा मामला उनके CEO के under जो general manager है उसके पास है और उसका नाम ध्रुव है. निधि ने ये भी बताया कि ध्रुव आज लंच के बाद corridor में उसे मिला था और चलते चलते उसने निधि से पूछा था कि ये computer course quotations वाले मामले में क्या वो ध्रुव को assist कर सकती है. इस पर निधि ने कहा कि सर आप CEO sir से बात कर लो, मुझे कोई दिक्कत नहीं है. फिर मैंने निधि से कहा निधि कोई चक्कर चलाओ के ये computer course वाला मामला हमें मिल जाये. इस पर निधि ने कहा अगर कल CEO ने ध्रुव को कह दिया कि निधि को इस केस में अपने अंडर ले लो तो 95% बात पक्की समझना. और फिर हम दोनों रात का “usual business” ख़तम करके सो गए.
अगले दिन निधि ने कहा कि मैं उसे बैंक के सामने न उतारूँ क्योंकि वो कोशिश करेगी के बैंक वालों को ये पता न चले कि ये बिज़नस मैं भी करता हूँ और मैं निधि का पति हूँ. मैं निधि की planning समझ गया और उस दिन से उसे बैंक से दूर उतारने लग गया. इसी बीच मैंने भी बैंक में one of the agency apply कर दिया.
1 हफ्ते के बाद शाम को 4:30 बजे के करीब निधि ने बैंक से मुझे फोन किया और कहा “done” बाकी बात शाम को. मै ख़ुशी के मारे उछल पड़ा.
शाम को निधि आई तो हम दोनों ख़ुशी के मारे पागल हो रहे थे. निधि ने कहा की भूल से भी किसी को ये पता न चले की हम दोनों पति पत्नी हैं. मैंने कहा बिलकुल पता नहीं चलेगा. निधि ने कहा की ध्रुव के साथ दोस्ती गांठना अब मेरी जिम्मेवारी होगी, ताकि आगे के लिए बैंक computer से related service provide करने के लिए ध्रुव मेरा मुह ही ताके क्यों की अब सब कुछ ध्रुव के ही हाथ में है. मैंने कहा तुम चिंता मत करो और अब मैं सब को शीशे में उतार लूँगा. और उस रात हम दोनों ने जम कर सेक्स किया
धीरे धीर बैंक के लोग शाम को बैंक टाइम ख़तम होने के बाद 1 घंटा computer course के लिए आने लग पड़े. बीच बीच में मेरी ध्रुव से भी बात होती रहती थी. 1 हफ्ते के अन्दर ही हम 3-4 बार मिले और 7-8 बार फोन पर बात हुई. एक दिन दोपहर 3 बजे ध्रुव का फोन आया और उसने कहा कि उसके लिए course attend करने के लिए कोई 7 बजे का time fix कर लो और साथ ही ध्रुव ने ये भी request की कि कोई अच्छा सा instructor भी appoint कर दूं. मैंने कहा “सर आप आज शाम को आयिए सब arrangemnt हो जायेगा”
शाम 7:30 बजे के करीब ध्रुव मेरे cabin में आया कहा ” I’m really sorry for being late; वो बैंक से निकल ही रहा था कि CEO साब ने बुला लिया.
मैंने कहा “सर कोई बात नहीं आप का जब मन करे तब आ जाया करो”
फिर हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे. ध्रुव ने कहा कि क्या किसी अच्छे instructor को कहा मैंने. मैंने कहा कि आपको कोई ज़रूरत नहीं है class attend करने की और न ही instructor की, मैं आपको यहीं अपने office में अपने laptop पे सिखा दूंगा.
2-3 दिनों में ही हम काफी घुल मिल गए और फिर 4th day क्लास ख़तम होने पर मैंने कहा “सर आप आज मेरे साथ dinner करिए”. ध्रुव ने कहा- “हाँ ठीक कहते हो आज सारा दिन बहुत काम था. एक-एक बियर भी पियेंगे…तुम पी लेते हो न बियर”. मैंने कहा “चलो आज थोड़ी मस्ती करते हैं, बढ़िया वाली बियर पीते हैं”
और में ध्रुव को एक बहुत expensive से restaurant में ले गया. थोडा settle होने पर हम ने इधर उधर की बातें शुरू की. फिर ध्रुव ने कहा- यार तुम तो सारा दिन फ्रेश रहते होओगे. हर क्लास में कितनी सुंदर सुंदर लड़कियां आती हैं. मैं जोर से हंसा और कहा- “और हम ये सोचते हैं की आपके बैंक में एक से एक पटाका employee है. कितनी hot looking babes employee हैं आपके बैंक में.
ध्रुव: हाँ और वो भी आज कल तुम्हारी students हैं….
फिर हम दोनों हंस पड़े. ध्रुव ने कहा- यार अभिनव….!! हमारे बैंक का पटाका नंबर 1 तो अभी तुमने देखा नहीं है.
मैंने पूछा कब दिखा रहे हो. इस पर ध्रुव ने कहा- अरे यार जी भर के देख लेना तुम भी. Atleast मैं तो दीवाना हूँ उसका, एक बार …तुम्हें अगर उसकी मिल जाये ….अभि सच कहता हूँ तुम्हारी लाइफ बन जाएगी.
मैंने कहा : मतलब आप पेल चुके हो उसको….!!!
ध्रुव: अरे यार अभिनव बस पूरी कोशिश में हूँ… पिछले दो हफ़्तों से ही ज्यादा intimacy हुई है बस कार में ही थोडा बहुत कर पाए हैं.
मैंने कहा: क्या क्या कर चुके हो बताओ न, अब मेरे साथ बैठ के बियर पी सकते हो तो बता भी दो क्या क्या किया है और कौन है वो पटाका.
ध्रुव ने हँसते हुए कहा: नहीं यार असल में बहुत ही सेक्सी है साली. पता नहीं कब देगी, smooch तक तो बात पहुँच चुकी है और 5 -6 बार बूब्स भी दबवा चुकी है …लेकिन एक तो वो शाम को ही फ्री होती है और दूसरे हम कार में होते हैं, तीसरे वो भी married है और मैं भी….इसलिए दुनिया की नज़रों से भी बचना चाहते हैं. और भाई असल में तो बात ये है के कार में जगह कम होती है नहीं तो उसको कब का रगड़ दिया होता.
मैंने कहा : अरे भाई साब मिलवाओ तो कभी उसको, आप तो सब कुछ हो बैंक में, अपने साथ ही ले आया करो ट्रेनिंग के लिए.
ध्रुव: पक्का…. कल पक्का ले के आऊंगा, और फिर देखना तुम कि उसके सामने कैसे अपनी पेंट adjust करने के लिए जगह ढूँढोगे..और फिर रात को जा कर उसी को सोच कर अपनी wife साथ सेक्स करोगे, जैसे पिछले 1 साल से मैं कर रहा हूँ और हम दोनों जोर से हंस पड़े.

अगले दिन शाम को 5 बजे ध्रुव का फोन आया कि आज मैं उसी पटाके के साथ आऊंगा. अपने पेंट tight रखना…और हम दोनों आपस में हंस पड़े. शाम को करीब 7 बजे ध्रुव आ गया और साथ में थी निधि. मैंने ध्रुव से हाथ मिलाया और निधि से अनजान बना रहा. ध्रुव ने हमारी intoduction करवाई. हमने एक दुसरे को formely wish किया और मैं मन ही मन हंसने रहा था कि ध्रुव क्या चूतिया बता हुआ है; और गर्व कर रहा था अपने आप पर कि किस तरह से हमने ध्रुव से ये contract हांसिल किया है.
जबकि उधर शायद बात ही कुछ और थी जो अभी तक मेरी समझ में नहीं आई थी.
ध्रुव ने निधि को कहा : निधि मेरी notebook कार कि back seat पे ही रह गयी है please ले आओ. और निधि उठी ओर notebook लेने चली गयी.
मैंने पूछा- आपका वो पटाका नहीं आया.
तभी ध्रुव ने कहा – अरे यही तो है जो तुमने अभी देखा …!!! ये है वो हसीं पटाका…….. और मेरे पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गयी….मुझे लगा कि i skipped one of my heartbeat
मैं अभी पिछली शाम कि बातें सोच ही रहा था कि ध्रुव ने कहा था कि— “नहीं यार असल में बहुत ही सेक्सी है साली. पता नहीं कब देगी, smooch तक तो बात पहुँच चुकी है और 5 -6 बार बूब्स भी दबवा चुकी है …लेकिन एक तो वो शाम को ही फ्री होती है और दूसरे हम कार में होते हैं, तीसरे वो भी married है और मैं भी….इसलिए दुनिया की नज़रों से भी बचना चाहते हैं. और भाई असल में तो बात ये है के कार में जगह कम होती है नहीं तो उसको कब का रगड़ दिया होता.”
तभी ध्रुव ने कहा यार आज प्रोग्राम बना के आया हूँ के यहाँ से जाते हुए रस्ते में पक्का कुछ न कुछ करूंगा. इतने में केबिन का दरवाज़ा खुला और निधि नोटबुक ले कर आ गयी. ध्रुव ने कहा कि तुम class attend कर लो मैं अभिनव जी के साथ कुछ ज़रूरी काम कर लेता हूँ.
निधि: जी ठीक है.
निधि के बाहर जाते ही ध्रुव ने कहा: क्यों भाई कहा खो गए….कैसी लगी …..?
अब मैं ध्रुव को क्या बताता कि लगी तो बहुत अच्छी लेकिन जो लगी थी वो मेरी गांड लगी थी धरती में.
मैंने कहा –हाँ हाँ बहुत अच्छी है बिलकुल मस्त.
ध्रुव: आज हम एक step और बढ़ गए
मैंने पूछा वो क्या
ध्रुव: बैंक से ले कर यहाँ तक मैंने उसका हाथ अपनी पेंट के ऊपर से ही अपने लंड पे रखवाया और कमाल तो ये हुआ कि इसने एक बार भी नहीं हटाया और मेरी पेंट के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाती रही.
ये मैं क्या सुन रहा था वो भी निधि के बारे में जो पिछले 7 साल से मेरी पत्नी है. क्या वो ये सब ज़बरदस्ती सह रही है मेरे लिए…या इस contract तो हांसिल करने के लिए. ये मैंने क्या किया…अपनी पत्नी को force किया….क्या इस सब का reason मैं हूँ.
तभी ध्रुव ने मेरा ध्यान तोडा- उसने कहा कि आज तो पक्का इसकी चुदाई करूँगा चाहे होटल ही बुक क्यों न करवाना पड़े,
मैंने कहा: और ये घर पे क्या बताएगी ?
ध्रुव: जो मर्ज़ी बताए लेकिन आज तो ये गयी…यार अभिनव सच कह रहा हूँ पूरी तरह तैयार है देने को. मैं ही देर कर रहा हूँ. साली कोई जगह भी तो नहीं है.
उस समय मैं jelous feel कर रहा था लेकिन मेरा लौड़ा इस तरह खड़ा था कि बस tight jeans में भी पूरी shape बन रही थी.
तभी ध्रुव ने कहा- यार अभिनव कर सको तो तुम कोई तो arrangment करो.
मैंने कहा- ऐसा है कि मेरे पास तो ये computer center है..और ये रात 8:30 के बाद बंद होता है और खाली रहता है.
हे भगवान् !!!! ये मैं क्या कह रहा था…. ध्रुव को चोदने के लिए अपनी पत्नी दे रहा था और अपनी ही जगह provide करवा रहा था. इससे पहले मैं संभल पाता ध्रुव ने कहा- ये हुई न बात…!!! बस 8 :30 का बाद आज ही.
खैर ध्रुव के कहने से क्या होगा….जब निधि मानेगी तभी न…..मुझे पाता था कि निधि चुदने के लिए तो तयार है पर ये कभी नहीं चाहेगी कि मुझे इस बात का पता लगे इसलिए अगर वो यहाँ चुदने के लिए तयार हुई तो इसका मतलब कि वो जानती है कि मेरे और ध्रुव के बीच में क्या बात है. लेकिन ऐसा नहीं हो सकता.
ध्रुव अपने laptop पे busy हो गया और मैं सच में ये सोचने लगा कि क्या निधि वाकई ऐसी है. मैं अपने शीशे के केबिन में से देख रहा था कि निधि क्या कर रही है. तब मैंने ध्यान से देखा तो realise किया कि
निधि ने sky blue color की साड़ी बंधी हुई थी. थोडा गहरे नीले रंग का blouse था. shoulder कट बाल सलीके से clutcher के साथ बांधे हुए थे. light red color की lipstick और left side की बगल में से झांकता हुआ 36″ का मोम्मा जो कि अब मेरे हाथों के इलावा ध्रुव के हाथों से भी रगडा जा चूका था. सुंदर सलीके से nail polish लगाई हुई कलाइयाँ. और गोरी गोरी बाहें. और जब ध्रुव निधि कि साड़ी उठाएगा तो गोरी गोरी क्रीम जैसी टाँगे और जांघे और मुझे ये ध्यान नहीं आ रहा था कि निधि ने आज सुबह नहाने से पहले कौन से रंग कि पैंटी पहनने के लिए निकाली थी. असल में शादी के 7 सालों में मेरे लिए निधि का शरीर एक आम बात था. उसकी ब्रा और पैंटी पे मेरा ध्यान ही नहीं जाता था. चूचों का साइज़ बड़ा है या छोटा मुझे कोई लेना देना नहीं था या शायद कभी ध्यान ही नहीं दिया, लेकिन आज वो ऐसी मस्त लग रही थी कि लग रहा था कि मैं बाथरूम में जा कर उसके नाम कि मुठ मार लूं.

तभी मेरे मन में एक विचार कौंधा. मैंने ध्रुव से कहा कि मैं अभी आया. बाहर जा कर मैंने निधि के मोबाइल पे फोन किया और कहा कि मै उसे ये बताना भूल गया था कि मुझे आज रात को एक पार्टी में जाना है और पार्टी ‘veer farms में है जो कि शहर से 20 km दूर है, और ध्रुव अभी तक मेरे ऑफिस में ही बैठा है 8:30 भी निकलूंगा तो traffic और दूरी को देखते हुए 9:30 या 9:45 तक पहुँच पाऊंगा. निधि ने कहा कि अब क्या करें. मैंने कहा कि वैसे तो मैं रमेश(office assistant जो सबसे बाद में जाता है) को कह दूंगा कि वो ध्यान रखे, लेकिन क्या ध्रुव को इस तरह छोड़ के जाना शालीनता होगी. निधि ने कहा कि तुम ध्रुव को कह दो कि कोई emergency है और जल्दी से घर जा के तयार हो जाओ और पार्टी में जाओ. मैं बाद में आ जाउंगी. और फिर centre पे मैं तो रहूंगी ही. चिंता कि कोई बात नहीं है. एक पल के लिए मुझे लगा कि निधि कि चूत के होठों में शायद ध्रुव को सोच कर पानी आ रहा है. फिर मुझे guilty feeling भी हुई कि मैं ये क्या सोच रहा हूँ.
खैर वापिस ऑफिस में आ कर मैंने ध्रुव से कहा कि मुझे तो कोई emergency है और अभी जाना पड़ेगा लास्ट क्लास चल रही है 15 मिनट के बाद ख़तम हो जाएगी.
ध्रुव ने तुरंत कहा- अभिनव क्या रात को यहाँ पे कोई और भी रहता है ?
मैंने कहा: और तो कोई नहीं बस रमेश सबसे बाद में lock लगा कर जाता है.
ध्रुव: तुम रमेश को कह दो कि आज lock मैं लगा कर चाबी उसके घर दे दूंगा.
मैंने कहा : पक्का आज ही करोगे …..और अगर उसके पति को पता चल गया तो ……!!!
ध्रुव: यार वो कोई बहाना बना देगी….और फिर कौन सा हमने पूरी रात बितानी है 1 घंटे में फ्री हो जायेंगे हम दोनों.
मैंने सोचा कि मैं ये क्या कर रहा हूँ…….क्या मेरे दिमाग में जो विचार कौंधा था क्या वो में मैं देखना चाहता हूँ.
तभी न चाहते हुए भी मैंने intercom पे रमेश को बुलाया और कहा कि Mr. ध्रुव को सेंटर कि साडी चाबियाँ दे दो और सुबह इनके घर से ले लेना. अभी 1-2 घंटे इनको बैंक की कोई staetments verify करवानी हैं bombay branch से.
रमेश ने कहा- सर मैं रुक जाता हूँ बाद में चला जाऊंगा (मैंने मन में सोच “हाँ ताकि तू भी मेरी पत्नी को चुदते हुए देख सके और बाद में तू भी चोद सके”)
तभी ध्रुव ने कहा- नहीं नहीं कोई ज़रुरत नहीं है….आप छुट्टी कर लो मैं मानगे कर लूँगा और फिर रमेश ने साड़ी चाबियाँ ध्रुव को दे दी.
और मैं ध्रुव को बाय कह कर बाहर आ गया.
जिस building में मेरा computer centre है उसके साथ वाली building नयी बन रही थी. मैं कार में बैठा और घुमा फिरा कर कार उस building के पीछे ले गया. वहां अँधेरा और गन्दगी पड़ी थी. वो एक तरह से abandonded सी road थी जो की अभी बनी नहीं थी. लोग वहां पर सिर्फ कूड़ा करकट ही डालते थे और कोई street light नहीं थी. वहां पे 2 ट्रक और एक van कड़ी रहती थी. मैंने सलीके से अपनी कार उन दोनों ट्रकों और van के बीच खड़ी कर दी और जल्दी से कूड़े के ढेर में से होता हुआ साथ वाली बन रही building के पिछले हिस्से से अन्दर घुस गया और सीढ़ियों से चढ़ कर टॉप floor पे पहुँच गया सारा शहर दिखाई दे रहा था lights के अन्दर नहाया हुआ. मैं 6th floor पे था और साथ वाली बिल्डिंग में मेरा ऑफिस 4th floor पे था. 4th floor के ऊपर के दो floor अभी vacant थे. मैं जल्दी से छत के रस्ते होता हुआ अपने बिल्डिंग के टॉप floor पे आ गया. और नीचे देखते हुए इंतज़ार करने लगा की कब सभी लोग center से बाहर जायेंगे. धीरे धीरे सभी बाहर आने लगे और लास्ट में 10 मिनट के बाद रमेश निकला और अपनी bike start कर के चला गया.
लो जी मेरी पत्नी निधि और ध्रुव साहब अकेले मेरे computer center में. मैं फटा फट भाग कर 4th floor पे आगया और corridor से होता हुआ building की backside चला गया. वहां पर लकड़ी का दरवाज़ा सिर्फ चिटकनी के साथ बंद था. दरवाज़ा खोल कर मैं अन्दर घुस गया और अन्दर से चिटकनी लगा ली. ये हमारे computer center की kitchen थी. computer center और kitchen के बीच का दरवाज़ा center की ओर से अन्दर से बंद था. और kitchen में घुप अँधेरा था. थोड़ी थोड़ी लाइट बस दरवाज़े के नीचे से आ रही थी. लेकिन service window के शीशे पर black color का chart चिपकाया हुआ था. जो की पुराना हो चूका था और थोडा थोडा सा फट रहा था. मैंने थोडा सा chart और फाड़ा और yessssss ………. !!! मेरा computer center पूरा दिखाई दे रहा था. students hall , lobby, मेरा cabin, जो कि स्टुडेंट हॉल से शीशे से seperate था.
और वहीँ पर ध्रुव और निधि ….मेरे ऑफिस cabin में. ध्रुव ने निधि को कुछ कहा और निधि उठ कर गयी और Main door को keys से lock कर दिया. lock ऐसा था जो कि बाहर से भी खुल सकता था और अन्दर से भी. आप समझ गए होंगे कि कैसा lock था. अब उस lock कि एक चाबी मेरी जेब में थी. मैं चाहता तो अपनी पत्नी का भांडा फोड़ सकता था. पर पता नहीं क्यों मैं उसे किसी दूसरे मर्द से चुदने कि चाहत दिल में बिठा चुका था. और वो भी वो आदमी जिसने मेरे सामने ही मेरी पत्नी के बारे में बहुत कुछ बताया था. अब मुझे सिर्फ इस बात का इंतज़ार था कि क्या निधि ने ये सब मुझे ये contract दिलवाने कि लिए किया. मुझे idea था कि ऐसा नहीं है क्यों कि ध्रुव ने जिस style में निधि के बारे मैं बताया था कि वो दोनों 1 हफ्ता पहले ही मिले हैं और intimacy भी इन्ही दिनों बढ़ी है लेकिन मुझे भी तो contract मिले 1 हफ्ता ही हुआ था सो मैं अपने आपको assure करने के लिए उनके बीच होने वाले कांड को देखने के लिए तैयार होने लगा. इतने में निधि वापिस आई और ध्रुव ने उठ कर उसे अपनी बाहों में भर लिया और लगा निधि के होंठ चूसने. वे मुझ से करीब 25 फ़ुट कि दूरी पे थे पर साफ़ पता चल रहा था कि निधि भी पूरा साथ दे रही थी. अब ध्रुव ने अपने एक हाथ निधि के चूतड पे रखा और उसे दबाने लगा. फिर दूसरा हाथ भी दूसरे चूतड पे रख के दबाने लगा. निधि के होंठ ध्रुव के होंठों से चिपके हुए थे ओए वो उन्हें बिलकुल अलग नहीं कर रही थी. तभी ध्रुव ने एक उंगली निधि के चूतडों की दरार में घुसा दी और निधि थोडा सा उछल पड़ी. अब धीरे धीरे ध्रुव अपने हाथों से निधि की साड़ी उठाने लगा.

तभी निधि ने ध्रुव को कुछ कहा और वो उस से अलग हो गयी और switch board के पास जा कर लाइट बंद कर दी और मेरे केबिन में अँधेरा हो गया.
धत तेरे की, मैंने सोच की शायद वो शरमा रही है इसलिए लाइट बंद कर दी है. अब वो दोनों थोड़े थोड़े ही दिखाई दे रहे थे क्योंकि main हॉल में लाइट अभी भी जल रही थी और उसकी रोशनी मेरे केबिन में भी जा रही थी. लेकिन वो दोनों मेरे केबिन से निकल कर हॉल में आ गए और अब मुझे उस दोनों कि बातें सुने देने लगी. ध्रुव ने पूछा क्या हुआ, वहां क्यों नहीं.
निधि: वो जो विंडो है, वहां पे लाइट जलने से नीचे सडक पे पता लगता है कि computer center में अभी भी कोई है. और कोई आ न जाये इसलिए इस हॉल में ज्यादा ठीक रहेगा.
ध्रुव: लेकिन यहाँ करेंगे कैसे. सोफा तो अभिनव के केबिन में ही है.
निधि: अरे बाबा जब करना होगा तो वहां चल पड़ेंगे. लाइट ज्यादा ज़रूरी है क्या.
और इतना कहते ही ध्रुव ने निधि को फिर से अपने बाहों में जकड लिया और लगा चूमा चाटी करने. अब निधि भी ध्रुव को बेतहाशा हो कर चाट और चूम रही थी. एक दुसरे को चूसते चाटते हुए ही ध्रुव ने निधि के blouse के हुक खोलने शुरू कर दिए. और थोडा सा पीछे हो कर सामने से उसके खुले blouse को देखने लगा.
निधि: क्या देख रहे हो?
ध्रुव: देख रहा हूँ कि तुम कितनी sexy हो. ज़रा देखो अपने boobs को…कितनी सुंदर तरह से इस sexy bra में packed हैं.
निधि: तो ये gift pack खोल के अपना gift ले लो.
और ध्रुव् अपने दोनों हाथ निधि के पीछे ले गया और bra के hook खोलने लग गया. ब्रा के हुक खुलते ही निधि के मोम्मे हलके से नीचे की और लहराए. अब ध्रुव निधि से अलग हो गया और २-3 कदम पीछे हट कर देखने लगा.
निधि: क्या हुआ आपको अब?
ध्रुव: देख रहा हूँ तुम्हें के क्या लाजवाब लग रही हो. थोडा सा साड़ी का पल्लू हटाओ.
और पल्लू हटाते ही ध्रुव के साथ साथ मैं भी अपनी पत्नी के सौंदर्य को निहारने लगा. blouse के खुले hook और उसमें से झांकती white bra जो की अब hook खुल जाने के कारण मुश्किल से निधि की चूचियों को धक पा रही थी. निधि के निप्पल अभी भी ब्रा के पीछे ही थे लेकिन उसके मोम्मो की गोलाइयाँ और shape साफ़ नज़र आ रही थी.
निधि: कार में तो बड़े उतावले होते हो इनको पकड़ने के लिए….और अब खोल के भी छोड़ दिए.
ध्रुव: निधि…!!! क्या तुम्हें कभी किसी ने बताया है की तुम कितनी sexy हो

निधि: क्या मतलब ?
ध्रुव: इधर आओ.
निधि ध्रुव के पास गयी और ध्रुव ने निधि की साड़ी के नीचे फिर से हाथ डाला और कुछ हलचल हुई. और निधि ने हलकी से smile के साथ हंसी की फुलझड़ी सी छोड़ी और कहा—अरे रुको तो.
और अब ध्रुव ने निधि की साड़ी और पेटीकोट ऊपर उठाना शुरू किया. घुटनों से साडी ऊपर उठे ही मैंने देखा की निधि के yellow color की पेंटी निधि के घुटनों में फंसी हुई थी. मैंने सोच की ओह्ह तो वो हलचल निधि की कच्छी को नीचे करने की थी. ध्रुव का एक हाथ निधि के चूचे को रगड़ रहा था और दूसरा हाथ साडी के अन्दर था.
क्योंकि निधि की कच्छी अब उसके घुटनों के आसपास थी इसलिए मुझे यकीं था की अब ध्रुव की उंगलिया मेरी पत्नी की चूत से खेल रही थी.
तभी निधि ने एक हलकी सी आह भर कर अपनी आँखे बंद कर ली….
ध्रुव: क्या हुआ …मज़ा आया…!!!
निधि ने हाँ में सर हिलाया…और अपना हाथ ध्रुव की गर्दन में लपेट लिया.
निधि थोड़ी से जोर से हिली और बोली- plz दो उँगलियाँ नहीं…एक से ही कर लो.
ohh my gawd……!!!!! ध्रुव मेरी पत्नी की चूत में उंगली डाल रहा था.

तभी ध्रुव ने वहां पड़ी एक revolving chair पे निधि को बिठाया और कहा निधि तुम्हारे husband कितने lucky हैं, अगर मैं तुम्हारा पति होता तो दिन रात तुम्हारी साड़ी में ही घुसा रहता.
निधि-तुम्हें क्या पता मेरी साड़ी में क्या है.
ध्रुव- मेरी इन उँगलियों ने देख लिया है की क्या है तुम्हारी साड़ी में और वो ये बता रही हैं कि साड़ी में जो छेज़ है वो उँगलियों से खेलने कि नहीं है.
निधि- तो फिर किस चीज़ से खेलने कि है.
ध्रुव ने अपनी जीभ की टिप निकली और कहा–इस से..
ये कह कर ध्रुव निधि की yellow color की कच्छी निकलने लगा.
तभी निधि बोली- प्लीज़ इसे मत निकालो न.
ध्रुव- क्यों…?
निधि- ऐसे ही कर लो.
ध्रुव-क्या कर लूं ऐसे ही.
निधि (हँसते हुए)- जो तुमने करना है
और इतना कहते ही निधि ने भी अपनी जीभ की tip निकाल कर ध्रुव को दिखाई, और दोनों हंस पड़े.
ध्रुव ने निधि को थोडा सा कुर्सी पर और लिटाया ताकि उसके चूतड़ थोड़े से chair से बाहर निकाल आयें और निधि की साड़ी को ऊपर उठा दिया. अब निधि की गोरी गोरी पिंडलियाँ और thighs ध्रुव को तो क्या मुझे भी साफ़ साफ़ नज़र आने लगी. ध्रुव ने निधि की thighs को थोडा सा खोला और अब निधि की फुद्दी, जिस पर छोटे छोटे बाल थे, नज़र आने लगी….
ध्रुव ने एक लम्बी सांस भरी और कहा- ohh my gawd ……!!!! निधि look at your cunt. मुझे नहीं पता था की तुम्हारी चूत इतनी सुंदर है.
निधि-ध्रुव….!!!! मुझे शर्म आ रही है. plz ऐसे मत बोलो.
ध्रुव-निधि.. सच कह रहा हूँ, इतनी सुंदर चूत मैंने आज तक नहीं देखी.
सच में निधि की चूत के ऊपर वाले दोनों होंठ बहुत fluffy थे. बिलकुल अलग से नज़र आती थी निधि की चूत. चूत के अन्दर के दोनों होंठों को बाहर के होंठों ने ढक रखा था और उस पर थोड़े थोड़े बाल…मुझे याद है निधि ने शायद 20 दिन पहले अपनी चूत shave की थी.
ध्रुव ने निधि को चूत की दरार में अपनी जीभ फिरानी शुरू की. और जैसे ही ध्रुब की जीभ निधि की चूत पर नीचे से ऊपर गयी….निधि ने एक छोटी सी सिसकी ली. अब ध्रुब ने अपनी जीभ पूरी बाहर निकली और निधि की चूत पर सबसे नीचे रखी और पूरी जीभ से निधि की चूत को चाटता हुआ धीर धीर ऊपर ले जाने लगा.
निधि-आआ…ह्ह्ह्हह्ह…..dh ……ru ……..v …….ओह्ह्ह …..मर जा….उंगी……मैं…..अह्ह्ह…….उह्ह्ह बस….बस ध्रुव….!!!
इतना कहते ही निधि ने ध्रुव के बाल पकड़ किये और सारा शरीर अकड़ने लगा. और बोली….dh …….ruv ……!!!!….ohhh gawd ……ऑउच……….अह्ह्ह….i’m cumming ….ध्रुव ….!!!
और ये निधि का पहला orgasm था. निधि ने शायद 1 मिनट तक लम्बी लम्बी साँसे ली.
ध्रुव-अरे तुम तो पहले चख में ही निकल गयी…..इतनी जल्दी…और निधि ध्रुव को देख कर मुस्करा दी और कहा….plz do it again ….और अब ध्रुव ने निधि की चूत को जीभ से चाटने की रेल सी चला दी. लगा मेरी बीवी की फुद्दी को अच्छी तरह से चाटने…..अब ध्रुव मेरी पत्नी की चूत के अंदर जीभ घुसाने लगा और निधि की आहें तेज़ होती गयी. ध्रुव ने अपना चेहरा थोडा सा पीछे किया और अपने हाथो की दोनों उँगलियों से निधि की चूत के outer lips लगा kholne. और फिर अपनी पूरी लम्बी जीभ से अन्दर के lips को चाटने लगा.

ध्रुव-अरे तुम तो पहले चख में ही निकल गयी…..इतनी जल्दी…और निधि ध्रुव को देख कर मुस्करा दी और कहा….plz do it again ….और अब ध्रुव ने निधि की चूत को जीभ से चाटने की रेल सी चला दी. लगा मेरी बीवी की फुद्दी को अच्छी तरह से चाटने…..अब ध्रुव मेरी पत्नी की चूत के अंदर जीभ घुसाने लगा और निधि की आहें तेज़ होती गयी. ध्रुव ने अपना चेहरा थोडा सा पीछे किया और अपने हाथो की दोनों उँगलियों से निधि की चूत के outer lips लगा kholne. और फिर अपनी पूरी लम्बी जीभ से अन्दर के lips को चाटने लगा.

निधि: Lick my clit plz ….
शायद मैंने निधि के मुह से सुना के वो ध्रुव को अपना clit चाटने को कह रही थी. और मैंने ठीक सुना था.
ध्रुव: अभी चाटता हूँ निधि …तुम देखती जाओ आज तुम्हारी कैसे हर तमन्ना पूरी करूँगा…..और ये कह कर ध्रुव ने निधि कि चूत के inner lips के ऊपर जो clit था उसे अपनी जीभ के tip से चाटना शुरू किया…
निधि: अह्ह्ह्ह…..हाँ ……….धीरे थोडा धीरे ध्रुव……..ouch ……..अह्ह्ह…… अहह्म्म्म…..oh my god . ये क्या कर रहे हो …..और ध्रुव ने अब निधि का clit अपने लिप्स के बीच में पकड़ लिया और लगा चूसने

निधि: बस करो ध्रुव…!!!! मर जाउंगी मैं ……ऊह्ह्ह्ह …….फिर से होने वाली हूँ मैं …….आःह्ह…..ध्रुवव्वव्व…….आ रही हूँ मैं फिर से…….थोडा और……यहीं पे…बस यही पे…और करो …..आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह …..
और निधि एक बार फिर से झड़ने लगी….और १-२ मिनट तक अकड़ती रही और फिर निढाल हो कर कुर्सी पे अधलेटी सी हो गयी. ध्रुव एक विजयी मुस्कान के साथ उठा और कहा -“क्या हुआ निधि..? थक गयी हो क्या …अभी से…”
निधि ने एक थकी हुई मुस्कान के साथ कहा- अगर कहूँ कि थक गयी हूँ तो क्या आप मुझे छोड़ दोगे.
ध्रुव-अच्छा बाबा थोड़ी देर आराम कर लो.
निधि- जी नहीं अब तो एक बार ही आराम होगा और उँगली से ध्रुव को अपने पास आने का इशारा किया.
जैसे ही ध्रुव निधि कि लेफ्ट साइड पे आया निधि कुर्सी पे बैठ गयी. खुले हुए Blouse में फंसी हुई white color की unhooked ब्रा और उनमें से झांकते हुए 36″ के चूचे…पीली कच्छी जो अब निधि के सुंदर पैरों में फंसी हुई थी.
निधि ऊपर मुंह करके ध्रुव की और देखने लगी लेकिन उसके हाथ ध्रुव के पैंट खोलने लगे. मैं अपने मन में सोचने लगा कि नहीं……निधि सिर्फ चुदने के लिए ही ध्रुव कि पैंट खोल रही है लेकिन मन में एक शंका थी जिसे मैं जान कर भी सोचना नहीं चाह रहा था*.(बाद में पढ़े क्या शंका थी मेरी)*
बेल्ट और पैंट के हुक खोलने के बात निधि ने ध्रुव कि पैंट नीचे सरका दी ….और ध्रुव ने blue color का jockey का underwear पहना हुआ था. लेकिन ध्रुव का crotch area इतना भारी दिख रहा था माँनो फट जायेगा.
ध्रुव-क्या देख रही हो.
निधि- अभी तो कुछ नहीं दिखा
ध्रुव- क्या देखना चाहती हो.
निधि ने कुछ नहीं बोला और उंगली से ध्रुव के crotch की और इशारा किया और कहा -ये
ध्रुव- कौन रोक रहा है ..देख लो.
निधि नीचे मुंह करके बोली – मुझे शर्म आ रही है
ध्रुव-जब …”फिर से होने वाली हूँ मैं …….आःह्ह…..ध्रुवव्वव्व…….आ रही हूँ मैं फिर से…….थोडा और……यहीं पे…बस यही पे…और करो” कह रही थी तो शर्म नहीं आ रही थी क्या…मेरा लौड़ा देखने में शर्म आ रही है अब.
निधि- हाय राम कितने गंदे हो आप….!!! कैसे कैसे words use करते हो.
ध्रुव- अरे अगर लौडे को लौडा नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे.
निधि- अच्छा अब चुप भी करो.
ध्रुव- तो फिर निकालो इसे बाहर नहीं तो फिर से कहता हूँ लौ…
इतना कहता ही निधि ने ध्रुव के underwear ke waist band को उँगलियों में फंसाया और धीरे धीरे नीचे करने लगी.
निधि- मुझे सच में शर्म आ रही है.
ध्रुव ने कहा “रुको” ….और निधि का एक हाथ पकड़ के साइड से underwear के अंदर घुसा दिया.
निधि- ध्रुव…..ओह्ह्ह…..हाय राम….और फिर से अंडरवीयर उतारने लगी.
अंडरवीयर नीचे आते ही ध्रुव का लंबा सा लंड बाहर आ गया.
निधि- ohh god…!!! its huge..
अपनी जिंदगी में इतना बड़ा लौड़ा मैंने नही देखा था..blue films में तो बहुत देखा था लेकिन असल जिंदगी में पहली बार ही देख रहा था. कम से कम दस इंच का लंड था. लौड़े का टोपा मशरूम जैसा चिकना और मोटा.
निधि ने हाथ में ले कर लौड़ा थोड़ी देर तक मुठियाया….और फिर बिना कोई नोटिस दिए एक किस लंड के सुपाड़े पे दे दी.
जब से हमारी शादी हुई है निधि ने सिर्फ २ बार मेरे लंड पे किस की है. हाथ में ज़रूर पकड़ लेती है.
ध्रुव-“निधि एक बात पूछूं”
निधि ने लंड पकडे हुए ध्रुव की और देखा और कहा “हाँ पूछिए”
ध्रुव-“तुम्हारे पति से बड़ा है क्या”
निधि-नहीं….मेरे पति से बड़ा नहीं बहुत बड़ा है…..
सच में मेरा लंड 5″ का है लेकिन मोटा है…
निधि अभी भी ध्रुव के लुंड को मुठिया रही थी और फिर ऐसा हुआ की एक दम से अपनी जीभ निकली और लंड की लम्बाई को जीभ से चाटने लगी. नीचे से ऊपर-ऊपर से नीचे….और फिर मुह खोल के पूरा सुपाड़ा अंदर ले कर चूसने लगी.
शादी के इतने सालों में निधि ने सिर्फ २ बार मेरे लौड़े को किस की थी…..और यहाँ मेरी बीवी किसी गैर मर्द के लैंड मुंह में दाल कर चूस रही थी. कितनी तम्मना थी मेरी की मेरी बीवी मेरा लंड चूसे. लेकिन वो आज किसी और की तम्मना पूरी कर रही थी.
निधि धुरव के लौड़े को ऐसे चूस रही थी मानो पता नहीं कितने सालों से लंड चूसने की प्रैक्टिस है.
ध्रुव: fuck u Nidhi…..!!!! ohh my god….लगी रहो…..बहुत अछ्छा लग रहा है. ५-७ मिनट चूसने के बाद निधि ने ध्रुव का लौड़ा मुंह से बहार निकला और ध्रुव के टट्टे चाटने लगी ….
निधि(ध्रुव के टट्टों की और इशारा करके बोली)-तुम्हारे तो ये भी कितने बड़े हैं.

ध्रुव: fuck u Nidhi…..!!!! ohh my god….लगी रहो…..बहुत अछ्छा लग रहा है. ५-७ मिनट चूसने के बाद निधि ने ध्रुव का लौड़ा मुंह से बहार निकला और ध्रुव के टट्टे चाटने लगी ….
निधि(ध्रुव के टट्टों की और इशारा करके बोली)-तुम्हारे तो ये भी कितने बड़े हैं.
सचमुच ध्रुव के टट्टे बहुत heavy थे. निधि अब एक हाथ से टट्टों को संभाल रही थी और दूसरा हाथ ध्रुव के लंड को मुठिया रहा था.

ध्रुव: बस यार…अब और नहीं…..!!!
निधि: क्या हुआ..
ध्रुव ने निधि को उठाया और कुर्सी पे बिठाया और कहा “चौड़ी करो अपनी टाँगे”
निधि: अरे रुको ….यहाँ नहीं……कंडोम नहीं है….प्लीज़ …बिना कंडोम के नहीं….
ध्रुव निधि के चेहरे के पास आया और होंठो से होंठ मिला कर बोला : “Nidhi I wannu fuck u rite now…fuck u bare back…just say u also want to feel my cock in this beautiful cunt of yours”
निधि: लेकिन बिना कंडोम के…..??? ये मेरे safe days भी नहीं हैं…..प्लीज़ ध्रुव मान जाओ…!!
ध्रुव: सिर्फ एक बार कह दो तुम्हारा मन नहीं है मैं कुछ नहीं करूँगा.
निधि ने शर्माते हुए कहा ..”मन तो बहुत है ध्रुव लेकिन बिना कंडोम के खतरा है…..कहीं कुछ गडबड न हो जाये”
ध्रुव: निधि चिंता मत करो….तुम्हारे अंदर नहीं छोडूंगा ….पक्का ….gentleman promise….और ये कह कर निधि के होंठ चूसने लगा .
निधि ने ध्रुव को पीछे किया और बोली……अगर मैं ये कहूँ की आज नहीं… फिर कभी.. तो क्या तुम मुझे छोड़ दोगे…
ध्रुव: ठीक है….जैसा तुम कहो….और निधि से पीछे हटने लगा …तभी निधि ने ध्रुव का लौड़ा (जो अब थोडा ढीला पड़ चूका था) पकड़ा और हँसते हुए कहा …..”अरे बाबा…!!! मैं कह रही हूँ आज तो कर लो पर फिर कभी कंडोम के बिना मत करना”
ध्रुव ने मुस्कुराते हुए कहा–बहुत शरारती हो तुम…चलो एक quick & final चूमा-चाटी कर लें.
निधि-हे भगवान..!! कैसे कैसे words use करते हो.
और फिर ध्रुव ने अपना semi-erect लौड़ा एक बार फिर से निधि के मुंह में दे दिया और निधि फिर से उसे चूसने लगी और 1 मिनट के अंदर ही फिर से एक दम कड़क लंड बना दिया.
अब ध्रुव ने अपना लौड़ा निधि के मुंह छुडवाया और निधि को कुर्सी में घुसाया और और उसकी जांघे चौड़ी कर के निधि की फुद्दी को 7-8 बड़े बड़े चूसे दिए और निधि सिहरने वाली ही थी कि ध्रुव ने उसे छोड़ दिया.
ध्रुव जैसे ही निधि कि भोसड़ी पे अपना लौड़ा लगाने लगा तो निधि ने ध्रुव का लंड पकड़ा और कहा: पक्का मेरे अंदर नहीं करोगे न. ध्रुव मुस्कुराया और नहीं में सर हिला दिया और अपने लंड का सुपाडा निधि की सुंदर चूत के चीरे पर रख दिया. वो चूत का चीरा जिसे अभी तक सिर्फ मेरे 5″ लंड ने ही रगडा था..अब वो मेरे ही ऑफिस में किसी गैर मर्द के साथ चुदवाने के लिए तैयार थी. और मैं एक बेचारे की तरह छुप के देख रहा था.
निधि: ध्रुव …!! अगर मुझे तुमसे प्यार हो गया तो…और कह कर हंस दी.
ध्रुव: ओह्ह्ह…..!!! i love you nidhi …..और कह कर अपना लंड धीरे धीरे निधि की फुद्दी में उतारने लगा…
निधि: अह्ह्ह्ह्म्म्म्म ……आह…..धी..रे …धी….रे….अहह….हाँ करो अब पूरा अंदर…..आउच …..पलीज़ ध्रुव….थोडा धीरे ….
और ध्रुव ने धीरे धीरे अपना पूरा लौड़ा मेरी so called faithful wife की चूत में जड़ तक घुसा दिया…
निधि: आ गया पूरा…??
ध्रुव: हाँ…!!! कैसा लग रहा है …?
निधि: प्लीज़ ध्रुव अभी धक्के शुरू मत करना…..और निधि ने ध्रुव की बाहों को कस के पकड़ लिया और आँखे बंद कर ली…और थोड़ी तेज़ आवाज़ में फिर से कहा….ध्रुव अभी बाहर मत निकलना……!!! मैं अह्हह्ह…..फिर से……ओह्ह्ह्ह्ह्ह….हे भगवान…….यार क्या हो तुम……आः.. अह्ह्म्म…ध्रुव….ओह्ह god…i’m cumming dhruv…….yesss….. !!! Dhruv….. I’m cumming again…

निधि: प्लीज़ ध्रुव अभी धक्के शुरू मत करना…..और निधि ने ध्रुव की बाहों को कस के पकड़ लिया और आँखे बंद कर ली…और थोड़ी तेज़ आवाज़ में फिर से कहा….ध्रुव अभी बाहर मत निकलना……!!! मैं अह्हह्ह…..फिर से……ओह्ह्ह्ह्ह्ह….हे भगवान…….यार क्या हो तुम……आः.. अह्ह्म्म…ध्रुव….ओह्ह god…i’m cumming dhruv…….yesss….. !!! Dhruv….. I’m cumming again…

और निधि एक बार फिर से झड गयी.
इधर ध्रुव ने निधि के झड़ते ही चूत की चुदाई शुरू कर दी…जैसे ही ध्रुव ने अपना लौड़ा निधि की चूत से बाहर निकालता तो लौड़ा निधि की चूत के गीलेपन से चमकता हुआ दिखाई देता. धीरे धीर ध्रुव ने झटकों की स्पीड बढ़ा दी…और लगा चूत का चूरमा बनाने.
निधि: अहह..थो..डा …धीरे….अह्ह्ह..ध्रुव…..ओह्ह्ह…प्लीज़ थोड़ा रुक के…..!..
लेकिन अब चूत का नशा ध्रुव के दिमाग पर पूरी तरह छा गया था …और वो अपने भरपूर लौड़े से निधि की फुद्दी का फ्लोरिडा बना रहा था.
ध्रुव: क्यों …मज़ा नहीं आ रहा क्या …धीरे धीर करूँगा तो मैं सुबह तक नहीं निकलूंगा ..
निधि : बहुत मज़ा आ रहा है…..कभी ऐसा महसूस नहीं किया……मन करता है चुदते चुदते मर ही जाऊं …..
ध्रुव: हाँ….अब हुई हो मस्त…..निकल गयी न सारी शर्म…..तुम भी बोलने लग गयी ये सब….
इधर मुझे अपने कानो पर विश्वास नहीं हो रहा था ….”चुदते चुदते मर जाऊं”…..ये क्या बोल रही थी मेरी पत्नी……शायद ध्रुव का लंड निधि के फुद्दी में वहाँ पहुँच रहा था जहाँ मैं आज तक अपना लंड नहीं पहुंचा पाया था……निधि की एक टांग में अभी भी उसकी कच्छी लटक रही थी…..और वो खुद कुर्सी के अंदर धंसी हुई थी और ध्रुव के लौड़े की हर चोट के साथ निधि के सुंदर चूचे थिरक रहे थे.
फिर यका यक ध्रुव ने अपना लौड़ा निधि की चूत से बारह निकाला और निधि को कहा-“निकलो बाहर कुर्सी से”
निधि कुर्सी से बारह निकली और अपने कपडे सँभालते हुए बोली- “क्या हुआ”
ध्रुव कुर्सी पे बैठा और निधि को कहा “बैठो अब अपने यार पे”….!
निधि:”बेशरम …..क्या बोल रहे हो”
ध्रुव अपने लंड हो जड़ से पकड़ कर बोला “क्यों ये तुम्हारा यार नहीं है…अच्छा नहीं लगता ये”
निधि अपने चेहरे पे मुस्कान लाती हुई बोली “बहुत गंदे और बेशर्म हो” और ध्रुव के और से मुह फिरा के अपने चूतड़ पीछे की और बहार निकाल के दोनों जांघों के बीच से अपनी कलाई को ले जा कर ध्रुव का मदमस्त लौड़ा पकड़ लिया और अपनी भोसड़ी के मुहाने पे लगाने लगी …और जैसे ही लंड के टोपे ने निधि की चूत के होंठों को छुआ निधि ने अपने चूतड़ों को नीचे करना शुरू कियाऔर धीरे धीरे निधि की चिकनी चूत एक बार फिर से ध्रुव का पूरा लौड़ा खा गयी…निधि की कच्छी अब निधि के पैरों में पड़ी थी और वो दोनों हाथों से अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर के ध्रुव ले लौड़े पे ऊपर नीचे हो रही थी ….निधि के दोनों मोम्मे अब ध्रुव ने अपने हाथों में पकड़ रखे थे. मुश्किल से पांच मिनट चुदाई चली होगी के निधि ने ऊपर नीचे होना बंद कर दिया और एक झटके के साथ ध्रुव के लौड़े पे बैठ कर लंबी लंबी साँसे लेने लगी.
ध्रुव: फिर झड गयी
निधि: नहीं …….अबकी बार थक गयी हूँ.
ध्रुव : ओके उठो फिर
निधि ध्रुव के लौड़े पे से उठ गयी और फिर ध्रुव भी उठ गया. ध्रुव ने कहा निधि अपने कपडे उतर कर नंगी हो जाओ….
निधि : हाय राम बेशरम ……और कितनी होऊं…..सब कुछ तो देख लिया मेरा और क्या बाकी है अब….
ध्रुव: “बस निधि अब गाडी station पे ही आ के रुकेगी”
इसके बाद दोनों ने अपने कपडे निकलने शुरू किये और बिलकुल नंगे हो गए..
ध्रुव: तुम इस मेज़ पे दोनों हाथ टिका के कड़ी हो जाओ मैं पीछे से घुसाऊंगा
निधि : ओके
और निधि टेबल के ऊपर अपने दोनों हाथ टिका के खड़ी हो गयी. निधि की कमर और सुन्दर चूतड़ मेरी और थे. अब ध्रुव निधि के पीची आया और अपना लौड़ा निधि के चूत पे लगाया और एक ही झटके में अंदर कर दिया
निधि: आह्ह्ह…….हर बार…जान निकल देते हो…..और कहा ध्रुव make me cum again ….this time i wannu cum on ur cock and make sure u also cum wid me….लेकिन प्लीज़ मेरे अंदर मत करना.
और ध्रुव ने टाप लगनी शुरू की….एक दो तीन चार …..धक् धक् धक् धक्…..लौड़ा पूरा बहार जाता और फिर अंदर. मैं पीछे खड़ा ध्यान से यही देख रहा था….ध्रुव के लंड ने निधि की चूत चौड़ी कर रखी थी. अब ध्रुव ने स्पीड पकड़ी और तेज तेज चुदाई शुरू की
निधि…आआह्ह्ह्ह……ध्रुव…..रुकना मत………ह्ह्ह ह्ह्ह्ह……..हाय……उफ़…..म्म्म..मम..मम्म्म…..लगे रहो…बहुत म…जा …आह्ह्ह….आ रहा….आआऔऊउच…..है……
और कस के मेज़ पकड़ कर झुक गयी ……ध्रुव का लंड एक पिस्टन की तरह अंदर बहार होता दिख रहा था …..और तभी ध्रुव ने निधि के चूतड़ पकडे और कहा निधि….तैयार हो जाओ…….बस अब आने वाला हूँ…..बोलो कहा करु….
निधि: ओह्ह…….ध्रुव……ह्ह्ह……अंदर नहीं बस….जहाँ मर्ज़ी कर दो…….i’m cumming too….और ये कह कर शायद निधि भी झड़ने लगी.
तभी ध्रुव् ने अपना लौड़ा निकाला और निधि की गांड की दरार में रख दिया और मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया..और बस फिर मैंने देखा के निधि की गांड की दरार में से ध्रुव का गाढ़ा वीर्य निधि की मांसल जांघों की ओर बहना शुरू हुआ और एक के बाद एक वीर्य की लहर निधि की जांघों में से होती हुई निधि के टखनो तक पहुँच गयी….और ध्रुव की बाहों को देख कर लग रहा था की वो अभी भी अपने लंड को निधि की गांड पे मुठिया के अंतिम बूँद तक निधि के चूतडों की दरार में निकल देना चाहता था.
निधि: बस करो अब…और कितना निकलोगे…..!!!
ओर फिर ध्रुव निधि के पीछे से हटा तो निधि की खूबसूरत गांड…जांघे ….claves और टखने ध्रुव के पुष्ट वीर्य से चमक रहे थे और वीर्य अभी भी चूतडों से नीचे की और बह रहा था.
निधि: प्लीज़ मेरी अंडरवीयर दे दो.
ध्रुव अपने लुंड को मुठियाता हुआ निधि की अंडरवीयर तक गया और उठा कर सूंघने लगा और हँसते हुए निधि को दे दी. निधि अपनी पीली कच्छी से अपनी गांड साफ़ करने लगी और फिर धीरे धीरे अपनी जांघें और टाँगे साफ़ की.फिर अपनी पैंटी को मेज़ पे रख के अपने कपडे पहनने लगी.
ध्रुव: तुमने तो साफ़ कर लिया ….मेरा क्या होगा…?
निधि: तुम भी मेरी ही पैंटी से साफ़ कर लो …और कह कर हँसने लगी
ध्रुव ने निधि को कन्धों से पकड़ा और कुर्सी पे बिठा दिया.
निधि : क्या कर रहे हो…?
ध्रुव ने अपना लंड निधि की और किया और कहा: Suck it..and make it clean.
निधि: no way….i cant do this now.
ध्रुव ने ज़बरदस्ती निधि के होंठों पे अपना ढीला लंड लगाया और कहा- “Nidhi plz do it.” और ये कह कर निधि के मुंह में ज़बरदस्ती ठूंसने लगा और कहा “taste or juices”
निधि ने अनमने ढंग से 7-8 चूसे मार कर ध्रुव का लौड़ा छोड़ दिया और सीधी खड़ी हो कर ज़बरदस्ती ध्रुव के होंठो के साथ होंठ मिला कर उसे किस करने कगी और शायद सारा (saliva)जो उसने ध्रुव के लंड से लिया था ध्रुव के ही मुंह में दे दिया और फिर अलग हो कर हँसने लगी.
और कहने लगी “TIT FOR TAT”
THE END

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