जूबी

जूबी ने अपने फेस पर आते हुए बालो को हटाया और कंप्यूटर में रिपोर्ट तेयार करने में जुट गई| जूबी को 4 साल हो गये ‘रवि & देव कंपनी’ में काम करते हुए | ‘रवि & देव कंपनी’ देश की मानी हुई लॉ फर्म थी| जूबी को ये जॉब अपनी लगन और मेहनत से हासिल हुई थी| वो पूरी मेहनत काम कर रही थी और उसका एम अपनी मेहनत से फर्म की पार्ट्नर बनने का था|उसकी नीली आँखे पीसी पर गड़ी हुई थी कि उसकी सेक्टरी ने उसे आवाज़ दी, “जूबी मेम आपको रवि सर बुला रहे है”|

जूबी ने मुड़कर उसकी और देखा और पूछा “क्या तुम्हे पता है वो किस लिए मिलना चाह रहे है”?
‘नही मेम,मुझे सिर्फ़ इतना कहा है कि आपको बता दे कि वो आप से मिलना चाह रहे हैं’, उसने जवाब दिया|

“ओके रजनी, में उनसे मिल कर आती हूँ,तुम एक काम करना मेरे जाने के बाद कॅबिन बंद कर देना,”|
इतना कह कर वो कमरे में लगे मिरर के सामने अपना मेक-अप ठीक करने लगी| जूबी अपने पहनावे और दिखावे का पूरा ख्याल रखती थी| उसने अपने पतले ओर सुन्दर लिप्स को खोल कर उन पर हल्के गुलाबी रंग की लिपस्टिक लगाई| जूबी ने अपने सिल्क के टॉप को दुरुस्त किया जो उसकी भारी ओर गोल चुचियों को अपने में समटने का असफल प्रयास कर रही थी| 26 साल की उम्र में भी उसका बदन कॉलेज गोयिंग गर्ल की तरह था |

उसने अपनी हाई हील की सेंडल को अपने पी.सी. की टेबल के नीचे से उठाया ओर पहने लगी, जो उसने अपने पैरो को आराम देने के लिए कुछ देर पहले निकाल दी थी |वो अब अपने कॅबिन से निकल कर रवि सर के कॅबिन की ओर बढ़ गई|उसके मंन मे उधेड़बुन चल रही थी कि
“पता नही रवि सर को मुझसे क्या काम हो गया ओर मुझसे क्यों मिलना चाहते है, इस से पहले तो कभी एसा नही हुआ था कि मुझे अचानक बुला लिया हो?”

ऑफीस के पास से गुजरते हुए उसे पता था कि सभी मर्द उसे ही घूर रहे हैं| सब की निगाहे उसके पिछवाड़े पे गढ़ी रहती थी | ओर उसे इस बात का गर्व भी होता था कि सभी मर्द उसे देख कर आँहे बरते हैं | वो हमेशा चाहती थी कि उसकी लंबाई 5 फुट 5 इंच से कुछ ज़्यादा हो जाए, इसलिए 2.50 हिल की सेंडल पहना करती थी| पर आज उसे अपनी उधेड़बुन मे ना तो कुछ होश था ओर ना ही इधर उधर का ध्यान था |
जूबी रवि सर के कॅबिन के दरवाजे पर पहुँची ओर दस्तक देते हुए बोली:-“Sir may I come in room?”
अंदर से आवाज़ आइ :-“Yes you can come”
वो कॅबिन मे दाखिल हुई ओर रवि ने उसे कूर्सी की ओर इशारा करते हुए कहा :- “Seat down miss Jubi”
उसकी ओर देखते हुए वो बोला “मिस्टर. ऱाज को तो जानती ही होगी”|
जूबी ने हाँ भरी|
“उनका केस तुम्ही हॅंडल कर रही हो ना?” रवि ने उसकी ओर देखते हुए पूछा |
“जी सर”,जूबी ने जवाब दिया|
“जूबी ! मिस्टर राज के केस मे कुछ प्राब्लम क्रियेट हो गई है” रवि ने कहा|
जूबी रवि की बात सुनकर चोंक पड़ी | मिस्टर राज हज़ारो करोड़ो रुपयो की एक मीडीया कंपनी के मालिक थे| मिस्टर राज की कंपनी रवि की कंपनी के बड़े कस्टमर मे से थी, बल्कि उनकी कंपनी की सिफारसियों से भी उनकी कंपनी को बहुत ज़्यादा बिज़्नेस मिलता था |जूबी पिछले एक साल से मिस्टर राज की कंपनी के टीवी ओर रेडियो स्टेशन के ळायसएनस को सरकार से रनयू के काम मे लगी हुई थी|
” जूबी ! मुझे अभी अभी खबर मिली है सरकार उनकी रीयनू अप्लिकेशन को कॅन्सल करना चाहती है क्योंकि तुम्हारी बनाई हुई अप्लिकेशन मे बहुत सी बातो का खुलासा करना रह गया है”
जूबी गड़बड़ा गई,उसने पूरे साल भर मेहनत करके सब अप्लिकेशन रेडी की थी उसने | उसे याद नही आ रहा कि ग़लती कहा हुई थी उस से,पर रवि के गुस्से भरे चहरे से साफ पता चल रहा था की ग़लती कहीँ ना कहीँ हो चुकी है |
रवि ने उसे अब बड़े नरम शवर मे कहा, “देखो जूबी ! मुझे पता है की तुमने बहुत मेहनत ओर लगन से ये प्रॉजेक्ट हॅंडल किया था | मे हमेशा से तुम्हारी मेहनत ओर लगन का कायल रहा हूँ, पर ग़लतियाँ घर चल कर आ जाती हैं, घबरा मत, कभी कभी हो जाता है ये सब” |

जूबी नही जानती थी कि ये सब बाते कहाँ जा के ख़त्म होगी|
“सर अगर इस ग़लती की सजा किसी को मिलनी चाईए तो में हूँ,मुझे मिलनी चाहिए,क्योंकि सही अप्लिकेशन त्यार करने में नाकाम रही हूँ|”
जूबी ने हिम्मत से कह तो दिया था,पर वो जानती थी इससे उसका करियर बर्बाद हो जाएगा|जो सपने उसने इस कंपनी के साथ रहते हुए देखे थे, वो उसे चूर चूर होते नज़र आ रहे हैं,ओर सबसे बड़ी बात उसे किसी अन्य कंपनी मे जॉब भी नही मिलती नज़र आ रही है|
तभी उस पर रवि ने दूसरी बिजली गिराई|
“जूबी तुम्हे पता होगा उस अप्लिकेशन पर तुम्हारे ओर मिस्टर राज के साइन है,गोर्वेमेंट डिपार्टमेंट वाले सोच रहे है कि ये सब बाते जानकर उनसे छूपाई गई हैं, ओर इसलिए तुम दोनो पर हिरासत मे लेकर केस चलाया जा सकता हैं|”

जूबी ये सुन कर दहल गई|उसकी आँखो में दहशत के भाव आ गये|उसकी बदनामी,गिरफ्तारी एवम् केस, सब सोच कर वो डर गई,कोई बात का खुलासा करना रह गया तो फ़ौर्ड़ कैसे हो गया |
“सर आप तो जानते हो मेने ये सब जानभुझकर नही किया,ग़लती से रह गया होगा,” वो रोने लगी “सर आप ही बताओ मुझे अब क्या करना चाहिए ?”

“मुझे पता है तुम एक मेहनती लड़की हो ओर ऑनेस्ट भी हो | परन्तु हम को पहले मिस्टर राज के बारे मे सोचना चाहिए,अगर सरकार ने हमारी फर्म ओर मिस्टर राज को ज़िमेदार माना तो हम सब बर्बाद हो जाएगें |”
रवि ने आपनी बात जारी रखते हुए कहा
“‘एक काम करो तुम शांति से अपने कॅबिन मे जाओ ओर हाँ एक काम करना इस बात का ज़िक्र भी किसी से भी नही करना,क्योंकि ये बहुत ही नाज़ुक मामला है,अगर बात लीक हो गई तो हम कहीं के नही रहेगे|”
जूबी ने सहमति मे अपनी गर्दन हिला दी |
“अपने कॅबिन मे जाओ ओर मेरे फोन का वेट करो,मे मिस्टर राज को कॉंटॅक्ट करता हूँ ओर उन्हे समझाने की कोशिश करता हूँ,फिर सोचते है हमे आगे क्या करना चाहिए|”रवि ने कहा |

जूबी वापस अपने कॅबिन में पहुँची | उसका दिमाग़ काम नही कर रहा था कि वो क्या करे | उसे पता नही था क़ि अगर वो गिरफ्तार हो गई तो उसका मंगेतेर आगे उस से रिस्ता रखेगा कि नही | वो अपनी कुर्सी पर सीट बैठ कर बाहर देखने लगी | उसे महसूस हुआ कि उसका शरीर डर के मारे काँपने लग रहा था|
करीब एक घंटे बाद रवि का फोन आया, “जूबी राज एक कॉन्फ्रेस के सिलसले में होटेल ताज के रूम नंबर 2048 मे हैं | उसने तुम्हे अप्लिकेशन की कॉपी लेकर होटेल बुलाया है | तुम तुरन्त उधर चली जाओ,में थोड़ी देर मे पहुँचता हूँ|”
“ok sir,में चली जाती हूँ|”
फोन पर थोड़ी देर खामोशी छाई रही |
“जूबी,तुम्हे पता है ना ये मीटिंग हमारी फर्म के लिए कितनी इंपॉर्टेंट है” थोड़ी देर बाद,”ओर तुम्हारे लिए भी|”
जूबी ने रवि को बताया क़ि उसे पता है |
काँपती हुई जूबी ने फाइल उठाई ओर होटेल चल दी|
करीब एक घंटे की बहस के बाद भी जूबी मिस्टर राज को ये नही समझा पाई कि उस से ग़लती केसे ओर कहाँ हुई |
आख़िर राज झल्लाते हुए बोला, “क्या तुम मुझे ये बताने की कोशिश कर रही हो कि तुम्हे ये नही पता क्या ओर कोन सी बाते उस अप्लिकेशन से छूट गई है | में ही बेवकूफ़ था जो इतने इंपॉर्टेंट काम पर तुम पर और तुम्हारी फर्म पर भरोसा किया | क्या तुम कुछ जवाब दे सकती हो ?”
जूबी की आखो मे आँसू आ गए | आज तक मिस्टर राज ने उस से बहुत इज़्ज़त ओर अच्छे व्यवहार से ट्रीट किया था| 38 साल का राज एक कसरती बदन का मालिक था | वो गुस्से मे जूबी को एसे घूर रहा था जैसे उसे कच्चा ही चबा जाएगा |

कुछ देर बाद वो उसे घूरते हुए सोचने लगा, “क्या बदन है इसका | भारी भारी चूंचियाँ ओर इतनी पतली कमर, पता नही बिस्तर पर केसी होगी?
जब जूबी काग़ज़ से भरी टेबल पर झुकी तो राज को उसकी लंबी टांगे ओर बड़े बड़े कुल्हो के दर्शन हुए|
“थोड़ी देर मे इसकी गाड़ ऐसे मारूगा कि याद रखेगी” |

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