छोटी बहना को रज़्ज़ी किया

मेरा असल नाम तो कुछ और हाय मगेर आप मुझे ज़ुहैब कह सकते हैं और मेरा तालुक कराची के मिडिल क्लास तबके से हाय . यह मेरी १स्त स्टोरी हाय और इस से पहले मैने कभी इस तेरह का नहीं लिखा इस लिये हो सकता हाय के आप को मेरा लिखने का अंदाज़ पसंद न आय . मगेर किओं के यह मेरी आप बीती हाय इस लिये आप को सुना रहा हूँ . कोई ग़लती हो तो माफ़ केर्दिजियाय गा वेसे तो सुब ही यहाँ यह कहते हैं के यह हमारी ट्रू स्टोरी हाय इस लिये मैं आप से ऐसा कुछ नहीं कहूं गा . आप खुद पढ़ केर ही फैसला कीजिये गा .

यह उन दिनों की बात हाय जब मैं ने अपने ग्रेजुएशन के पेपर दिये थे और रिजल्ट का इन्तिज़ार केर रहा था . मुझे २० दिनों क लिए अपनी नानो के घर रहना परर क्युनके में लाहौर घूमना फिरना चाहता था क्युनके में एग्जाम से नया नया फारिघ हुआ था . मेरी नानी माँ का घर काफी बर्रा है और उस में मेरी नानो के इलावः मेरे मॉमून और उनकी फॅमिली रहती है . मॉमून के यूँ तो ६ बचे(३ लार्र्के ३ लार्र्कियन) हैं मगर मेरी ये कहानी मर्रिं के गिर्द घूमती है जो मुझ से २ साल छोटी है . नानो के घर एंजोयमेंट के लिए सिर्फ टीवी था और इन्टरनेट नहीं था, इस लिये वक़्त गुज़री के लिये अन्तर नेट कनेक्शन भी लग वालिया . वेसे तो मैं पहले नेट कैफ़े जाया करता था मगेर वहां सिर्फ कभी कभी सेक्सी वेब ही देख लिया करता था, मगेर जब घेर का नेट हुआ तो बहुत कुछ देखने को मिला एक दिन मैं ने देसी पापा की साईट लगे तो उस मैं इरोटिक स्टोरीज का आप्शन देखा जब ओपन किया तो बहुत मज़ा आया . फिर तो मेरा यह मामूल बन गया के सोने से पहले या जब भी टाइम मिलता तो मैं उस पैर येही काम करता मुझे सुब से ज़ादा सिस्टर सेक्स की स्टोरीज पसंद थीं . यहाँ में आपको ये बताता चलूँ के में अपनी घर में अक्लोती औलाद हूँ और मेरा कोई भाई बेहें नहीं हैं . में मॉमून के बचों को भाई और बेहें कह केर बुलाया करता था और शुरू से उनको भाई और बेहें समझता था . और वोह भी मुझे भाई की नज़र से ही देखते थे . इवन के मर्रिं भी मुझे भाई ही कह केर बुलाती थी और मेरा भाई होने के नाते बोहत ख्याल रखती थी . अब ऐसी स्टोरीज पर्र्हें तो नजाने क्यूँ मैं भी अपनी छोटी सिस्टर यानी मर्रिं मैं दिलचस्पी लेने पैर मजबूर हुआ . मर्रिं की छोटी बेहें अभी काफी छोटी थी और फैज़ा बजी(मर्रिं की बर्री बेहें) इस्लामाबाद में जॉब करती थीं . इस लिए घर में ले दे केर एक मर्रिं ही मेरे साथ बातें करती और टाइम देती थी क्युनके मर्रिं के ३ भाईओं में से एक भाई तो मैरिड थे और अलुग रहते थे और बाकी के २नोन भाई काम पैर जाते थे और रात गए लेट लौट-तय थे . अरे में भी क्या फॅमिली हिस्ट्री सुनने बेथ गया, अप बोर्ड हो रहे होंगे . तो चलें अब मैं आप को अपनी छोटी सिस्टर मर्रिं के बारे मैं बताता हूँ . वोह मुझ से कोई २ साल छोटी हाय और उस वक़्त १९ साल की थी . गोरी रंगत,स्लिम बॉडी अवरागे हाइट औरर सुब से अलग उस के स्माल राउंडेड बूब्स और छोटी सी गंद . जो उस के सेक्सी फिगर को और दिल काश बनाते थे . देसी पापा पढ़ने के बाद मैं ने उसकी आदतों पैर गोर करना शुरू किया . वोह ज़ादा तेर बघिर दुपट्टे के घेर मैं रहती और कपरे भी फिटिंग के ही उसे करती थी जिस से उस का फिगर नुमायाँ नज़र आता था . मगेर मैं चाहता था के वोह खुद मेरी तरफ पहेल कराय और येही मेरी फंतासी थी . में अक्सर सोचता के अगर वोह मुझे गुंडी नज़रों से देखे तो मुझे सेदुसे करने के लिए क्या क्या करेगी . ये सोच सोच केर और मर्रिं को देख देख केर में पागल होता रहता था

मेरा असल नाम तो कुछ और हाय मगेर आप मुझे ज़ुहैब कह सकते हैं और मेरा तालुक कराची के मिडिल क्लास तबके से हाय . यह मेरी १स्त स्टोरी हाय और इस से पहले मैने कभी इस तेरह का नहीं लिखा इस लिये हो सकता हाय के आप को मेरा लिखने का अंदाज़ पसंद न आय . मगेर किओं के यह मेरी आप बीती हाय इस लिये आप को सुना रहा हूँ . कोई ग़लती हो तो माफ़ केर्दिजियाय गा वेसे तो सुब ही यहाँ यह कहते हैं के यह हमारी ट्रू स्टोरी हाय इस लिये मैं आप से ऐसा कुछ नहीं कहूं गा . आप खुद पढ़ केर ही फैसला कीजिये गा .

यह उन दिनों की बात हाय जब मैं ने अपने ग्रेजुएशन के पेपर दिये थे और रिजल्ट का इन्तिज़ार केर रहा था . मुझे २० दिनों क लिए अपनी नानो के घर रहना परर क्युनके में लाहौर घूमना फिरना चाहता था क्युनके में एग्जाम से नया नया फारिघ हुआ था . मेरी नानी माँ का घर काफी बर्रा है और उस में मेरी नानो के इलावः मेरे मॉमून और उनकी फॅमिली रहती है . मॉमून के यूँ तो ६ बचे(३ लार्र्के ३ लार्र्कियन) हैं मगर मेरी ये कहानी मर्रिं के गिर्द घूमती है जो मुझ से २ साल छोटी है . नानो के घर एंजोयमेंट के लिए सिर्फ टीवी था और इन्टरनेट नहीं था, इस लिये वक़्त गुज़री के लिये अन्तर नेट कनेक्शन भी लग वालिया . वेसे तो मैं पहले नेट कैफ़े जाया करता था मगेर वहां सिर्फ कभी कभी सेक्सी वेब ही देख लिया करता था, मगेर जब घेर का नेट हुआ तो बहुत कुछ देखने को मिला एक दिन मैं ने देसी पापा की साईट लगे तो उस मैं इरोटिक स्टोरीज का आप्शन देखा जब ओपन किया तो बहुत मज़ा आया . फिर तो मेरा यह मामूल बन गया के सोने से पहले या जब भी टाइम मिलता तो मैं उस पैर येही काम करता मुझे सुब से ज़ादा सिस्टर सेक्स की स्टोरीज पसंद थीं . यहाँ में आपको ये बताता चलूँ के में अपनी घर में अक्लोती औलाद हूँ और मेरा कोई भाई बेहें नहीं हैं . में मॉमून के बचों को भाई और बेहें कह केर बुलाया करता था और शुरू से उनको भाई और बेहें समझता था . और वोह भी मुझे भाई की नज़र से ही देखते थे . इवन के मर्रिं भी मुझे भाई ही कह केर बुलाती थी और मेरा भाई होने के नाते बोहत ख्याल रखती थी . अब ऐसी स्टोरीज पर्र्हें तो नजाने क्यूँ मैं भी अपनी छोटी सिस्टर यानी मर्रिं मैं दिलचस्पी लेने पैर मजबूर हुआ . मर्रिं की छोटी बेहें अभी काफी छोटी थी और फैज़ा बजी(मर्रिं की बर्री बेहें) इस्लामाबाद में जॉब करती थीं . इस लिए घर में ले दे केर एक मर्रिं ही मेरे साथ बातें करती और टाइम देती थी क्युनके मर्रिं के ३ भाईओं में से एक भाई तो मैरिड थे और अलुग रहते थे और बाकी के २नोन भाई काम पैर जाते थे और रात गए लेट लौट-तय थे . अरे में भी क्या फॅमिली हिस्ट्री सुनने बेथ गया, अप बोर्ड हो रहे होंगे . तो चलें अब मैं आप को अपनी छोटी सिस्टर मर्रिं के बारे मैं बताता हूँ . वोह मुझ से कोई २ साल छोटी हाय और उस वक़्त १९ साल की थी . गोरी रंगत,स्लिम बॉडी अवरागे हाइट औरर सुब से अलग उस के स्माल राउंडेड बूब्स और छोटी सी गंद . जो उस के सेक्सी फिगर को और दिल काश बनाते थे . देसी पापा पढ़ने के बाद मैं ने उसकी आदतों पैर गोर करना शुरू किया . वोह ज़ादा तेर बघिर दुपट्टे के घेर मैं रहती और कपरे भी फिटिंग के ही उसे करती थी जिस से उस का फिगर नुमायाँ नज़र आता था . मगेर मैं चाहता था के वोह खुद मेरी तरफ पहेल कराय और येही मेरी फंतासी थी . में अक्सर सोचता के अगर वोह मुझे गुंडी नज़रों से देखे तो मुझे सेदुसे करने के लिए क्या क्या करेगी . ये सोच सोच केर और मर्रिं को देख देख केर में पागल होता रहता था

अब वोह पूरी तेरह से मेरे हाथ मैं थी और मुझे भी इस गेम मैं मज़ा आरहा था, मुझ को कोई जल्दी नहीं थी, एक दिन मैने उस को कहा के जब तुम घेर मैं झर्रू लगाओ तो अपनी कमीज़ के ऊपर वाले बटन ओपन केर लिया करो और यह ज़ाहिर करो के तुमको पता नहीं हाय जब भाई के सामने या उन के कमरे की सफाई करो . अगले दिन येही हुआ मैं अपने बीएड पैर लेता हुआ था के वोह सुबह ही सुबह सफाई के लिये आगे और उस ने ओपेर का एक बटन खोला हुआ था जिस से उस के ब्रैस्ट का ऊपरी उभर नज़र आरहा था . वोह मेरे सामने झुक केर झार्रू लगाने लगी जिस से उस के मम्मी साफ़ नज़र आरहे थे . छोटे छोटे राउंड गोरे मम्मी मेरे होश उर्र देने के लिए काफी थे . मैं ने भी अपनी निघेन वहीं पैर गाढ़ दीं उस को इस बात का यकीन दिलाने के लिए के मैं उस की ब्रैस्ट मैं दिलचस्पी ले रहा हूँ . उस ने एक बार मेरी तरफ देखा तो मैने नाज़रीन घुमा लीं यह, देख केर वोह मुस्कुराने लगी और अपना काम करके चली गई .

अब आज के बारे मैं साडी बात मैं ने कैफ़े से जा केर करनी थी . जब मैने यह देख लिया के वोह नेट पैर आ गई हाय तो मैं कैफ़े चला गया और उस से बात करने लगा . वोह आज के बारे मैं बताने के लिये बेताब थी, उस ने बताया के किस तेरह भाई मेरे ब्रैस्ट को देख रहे थे . एसा लग रहा था के वोह इन को पकर्रना चाहते हैं . तो मैं ने पुछा के तुम किया छह रही थीं उस वक़्त, तो कहने लगी के मेरे दिल में अजीब सी गुड गुडी हो रही थी और मैं तो यह छह रही थी के भाई उठें अपने बीएड से और मुझे उठा केर अपने बीएड पैर ले जैन और फिर जो वोह चाहते हैं वोह सुब कुछ करैं . तो मैं ने कहा के अब तुम को कोई एइत्राज़ तो नहीं होगा के अगेर तुम्हारे भाई तुम को फ़क करैं तो? कहने लगी के अब जो होगा देखा जय गा और मजीद तरकीबें सोचने लगी के भाई को कैसे अपना जिस्म और जवानी दिखाये .

यह सुब मेरे लिये हेरात अन्गेज़ था, यहाँ एक बात आप को बता ता चलूँ के हम दोनों के रूम बराबर बराबर हैं और बीच मैं एक विंडो हाय जो वेंटिलेशन के लिया हाय गर्मियों मैं उस मैं पर्दा परर रहता हाय और सर्दी मैं बंद केर्देतय हैं . खिअर आज मैं काफी मूड बना केर आया था जब मैं घेर आया तो वोह नेट चोर केर सोने की तय्यारी करने लगी थी . मैं ने बेथ तय ही कुछ सेक्सी साइट्स ओपन कीं और उन को देखने लगा . अचानक रूम में खर्राक हुआ और मिने पीछे मुर्र केर देखा तो मर्रिं खर्री थी हाथ में दूध का गिलास लिए . उस ने मुझे साइट्स मिनीमाइज करते है देख लिया और स्माइल केर दी . मिने हेइरान हो केर उसको देखा क्युनके उस ने उस वक़्त एक बारीक पिंक कलर का पजामा पेहें रखा था जिस में से उसकी खूबसूरत लम्बी गोरी टांगें साफ़ नज़र आरही थीं और उसके ऊपर उस ने एक फिटिंग वाली वाइट टी शर्ट पेहें राखी थी . उस ने मुझे इस तरह घूरते है पाया तो कहने लगी के भाई ये पजामा में अज ही बाज़ार से लाइ हूँ, कलर कितना प्यारा है है न . और मिने आँखें फार्र केर उसे देखते है सिर्फ सेर हिला दिया . मिने पुछा दूध क्यूँ लाइ हो, पहले तो कभी तुम दूध नहीं लाइ . तो उस ने शर्माते है अजीब अंदाज़ से मुझे घूरा और कहा मेरा तो ख्याल था के दूध सब लार्कों को पसंद होता है . मिने भी जवाबन उसे घोर्रा और कहा के मुझे भी दूध बोहत पसंद है, रोजाना पिलाओ गी न . और उस ने शर्माते है हाँ में सेर हिला दिया . खैर वोह अपने रूम में चली गई और में समझा के कल परसों तक मेरी बहना राज़ी हो ही जाएगी और में फिर से कंप्यूटर पैर डर्टी साइट्स देखने लगा और मर्रिं को फंतासिज़े करने लगा . कुछ देर बाद मुझे एहसास हुआ के कोई और भी मेरे साथ शामिल हाय देखने मैं क्युनके में पर्दे मैं हलकी सी आहात महसूस केर चूका था . मगेर मैने अपना काम जरी रखा और अहिस्ता अहिस्ता से अपने लूँ को अपनी शॉट्स के अंडर हाथ दाल केर मसलने लगा . मुझे एक अजीब सा एहसास हुआ के में इस तरह गुंडी तसवीरें देख रहा हूँ और अपने लूँ को हाथ लगा केर मजे ले रहा हूँ और एक लार्र्की, वोह भी इतनी खूबसूरत जिस से में इतनी ढेर साडी गुंडी बातें केर चूका हूँ और जिसे में बेहें कह केर पुकारता हूँ पर्दे की औत से मुझे देख रही है . कुछ देर के बाद मिने कंप्यूटर ऑफ केर दिया . और फिर मिने पर्दे के पीछे देखा . थिस टाइम इस अमेजिंग फॉर में . मैं क्या देखता हूँ के मेरी सिस्टर सो रही हाय घेरी नींद और उस की टी शर्ट इस तेरह हो रही थी जेसे सोते मैं ऊपर चढ़ गई हो . जिस की वजह से उस का खूबसूरत पित गोरा सा प्यारा सा और उसकी सेक्सी सी नाफ साफ़ नज़र आरही थी . उस ने एक टांग सीढ़ी और एक टांग उसी टांग के ऊपर तेर्र्ही की हुई थी जिस की वजा से उस की बारीक पजामा में से उसकी गोरी राउंड अस नज़र आरही थी . उसकी बूंद इस तरह से देख में पागल हो गया . और इस ख्याल से भी के अभी तो ये जाग रही थी और अभी कैसे एक्टिंग केर रही है सोने की और ये पोसे इसने एस्पेसिअल्ली मेरे लिए बनाया हाय . मैं काफी देर इस नज़रे को देखता रहा, मगर मैं अभी इस खेल को और आगे बढ़ाना चाहता था . फिर मैं उठ केर उस के कमरे मैं गया और उस के पास बेथ केर घोर से उसे देखने लगा . मगेर उस ने कोई हरकत नहीं की कुछ देर बाद मैं उठ केर वापस आगया नेक्स्ट नाईट मैं फिर सेक्सी साइट्स लगा केर बेथ गया . के अचानक वोह मेरे रूम मैं आगे जेसे कुछ ढून्ढ रही हो, और आते ही अपनी नजरें मॉनिटर पैर गाढ़ दीं, मैं ने ठोर डरने की एक्टिंग की और जल्दी से सुब मिनीमाइज करने लगा . यह देख केर वोह मुस्कुराने लगी और कहने लगी के भाई आप यह किया केर रहे थे यह तो बुहत बुरी बात हाय और मैं अम्मी को बताऊँ गी के अप यह काम करते हो . मिने कहा मर्रिं अगर में तुम्हें बोहत भरी रिश्वत दूं तो तब भी बताओ गी क्या . उस ने कहा के हाँ अगर रिश्वत वाक़ई भरी हुई तो न बताने का सोचा जा सकता है . मिने कहा के तुम्हें रिश्वत में क्या चाहिय्याय . तो वोह कहने लगी के उम् मेरी समझ में नहीं अरह हाँ में सोच केर बताऊँ गी . मेरे मून से बे-इख्तियार निकल गया ओके तो ये बताओ के दूध पिलाने की क्या रिश्वत लो गी . कहने लगी आपको पिलाया तो था अज . मिने कहा के में तुम्हारे दूध की बात केर रहा हूँ . वोह एक दम से शर्मा गई और उस ने नीचे फ्लोर की तरफ देखना शुरू केर दिया . उस की नजरें नीची ही रहीं उस वक़्त मुझे उस पैर बुहत पियार आया और मैं ने ने हाथ बेर्र्हा केर अपनी बाँहों मैं बहर लिया और इस के साथ ही मैं ने अपने होंट उस के होंटों पैर गार्ढ़ दिये . इस से पहले मैने कभी किसी लार्र्की को हाथ नहीं लगाया था मगेर आज लगा रहा था इस लिये मेरे अंदर कुछ ज़ादा ही जोश था . और कुछ वैसे भी समाज की ये वाली दीवार गिरने में कुछ ज्यादा ही एक्स्सितेमेंट थी .

हम ने करीब कोई ५ मं से ज़ादा किस्सिंग की . एक दूसरे की ज़बान को मून मैं दाल केर चूसते रहे और साथ ही मेरा हाथ उस की टी शर्ट के अंदर चलता रहा चलता रहा उस के निप्पल मेरी उन्ग्लिओं मैं थे, फिर मैने उसको बाजू मैं बहर केर बीएड पैर लिटा दिया वोह बिलकुल हलकी फुल्की थी बचों की तेरह . लिटा केर भी मैं उस को किस करता रहा कभी लिप्स तो कभी चीन तो कभी नैक, मेरे होंट उस के पूरे चेहरे पैर थे और तो कभी गर्दन से होता हुआ उस के ब्रैस्ट को चूम रहा होता वोह अहिस्ता अहिस्ता आवाजें निकल रही थी आह ओह किस्म की मैने उस के ऊपरी हिस्से को उस के कपरों से आज़ाद किया और एक खूबसूरत नज़ारा देखने लगा, के किया चीज़ हाय . और फिर मैने दोनों ब्रैस्ट को हाथों मैं ले केर मसलना शुरू केर दिया कभी दबाता तो कभ चूसता तो कभी चाट-ता उस दिन जो मज़ा मुझे मिल रहा था वोह अल्फाज़ मैं बयान नहीं किया जा सकता, फिर मैने उस का बारीक पजामा नीचे किया तो उस की छूट नज़र आने लगी . पजामा उतेर्ने की वजह से वोह काफी शर्मा रही थी जिस पैर मुझे और भी पियार आने लगा और मैं ने उस को अपनी अघोष मैं भींच लिया और एक बार फिर किस्सिंग करने लगा इस तेरह उस की शर्म कुछ दूर हुई तो मैं उस की छूट से खेलने लगा . उस की छूट बहुत टाइट और छोटी सी थी और उसकी गोरी रंगत की वजा से बिलकुल पिंक थी और उस पैर हाफ इनचेस के करीब बाल भी थे जिस वजह से वोह और भी अची लग रही थी . . मैने अपनी फिन्गेर्स को उस पैर फिरना शुरू किया तो वोह मचलने लगी . फिर मैने उस की छूट लुब(लेबिया मजोर) को ऊँगली की मदद से खोला तो अंदर का सुर्ख हिस्सा नज़र आने लगा . तो मैने अपनी ऊँगली उस मैं दाल दी और उस को अहिस्ता से हरकत देने लगा, जिस पैर वोह और भी ज़ादा मचलने लगी . और बोली के भाई अब बर्दाश्त नहीं होता . मुझे उस के जिस्म से खेलने मैं मज़ा आरहा था और मैं छह रहा था के ज़ादा से ज़ादा उस को टाइम दे सकूं और आज की रात को यादगार रात बना दूं . फिर मैं अपना मून उस की छूट के पास ले गया तो मुझे एक अजीब सी स्मेल लगी मगेर उस स्मेल मैं भी मज़ा था और अपने होंट उस की छूट पैर रख दिये तो वोह तर्राप उठी और अपने हाथों से मेरा सर पाकर लिया . जब तक मैं अपनी ज़बान उस की छूट मैं दाल चूका था . मुझे एक अजीब तेरह का टेस्ट महसूस हुआ मगेर किओं के मैं जज्बात मैं था के में अपनी छोटी बेहें की छूट को देख, सूंघ और चाट रहा हूँ इस लिये वोह भी अच लगने लगा और मैं ने और तेजी से उस को चाटना शुरू करदिया . और उस की आवाज़ मैं अहिस्ता अहिस्ता से तेजी आती जा रही थी . तो मैंने कहा के बस गुरिया थोरा सा सबेर करो असल मज़ा तो अब आय गा तुम को जब मैं अपना लूँ तुम्हारी इस प्यारी सी छोटी छूट मैं डालूँ गा . तो कहने लगी के ज़ुहैब भाई जल्दी करो जो करना है मुझ से बर्दाश्त नहीं हो रहा . तो मैंने भी अपनी शॉर्ट्स उतर दिया . मेरा लूँ बिलकुल ताना हुआ खरा था जिस को देख केर उस ने अपनी आँखों पैर हाथ रख लिया तो मैने कहा के यह किया बात हुई तुम भी तो देखो वरना मज़ा केसी आएगा और मैंने उस का हाथ पकेर्र केर अपने लूँ पैर रख लिया तो उस ने भी अपनी ग्रिफ्ट मज़बूत केरली और घोर से लूँ को देखने लगी जैसे कोई बचा किसी नए खिलोने को देखता है हैरत और ख़ुशी और शर्म भरी निगाह से .

जब मैने उस को कहा के इस को अपने मून मैं लो तो उस ने मन करदिया के भाई यह मुझ से नहीं होगा लेकिन आप कह रहे हो तो बस मैं एक बार इस को किस केर लेती हूँ और फिर उस ने बहुत ही पियार से मेरे लूँ की टोपी को किस किया और साथ ही एक लम्हे के लिए अपनी जुबान ही उसे लगे . जिस से एक मुनफ़रिद सुरोर हासिल हुआ . एक बार फिर मैने उस के होंटों पैर अपने होंट गार्र दिये और मम्मों को मसलने लगा फिर मैं ने अपना लूँ उस की छूट पैर बहुत आराम से रखा के वोह मेरी अपनी बेहें हाय और जब मैंने थोरा सा अपना लूँ अंदर डाला तो वोह दर्द से कराहने लगी . और मेरा लूँ भी आगे नहीं जा रहा था . मिने अपना लूँ मर्रिं के मून के पास किया और उसे कहा के इस पैर बोहत सारा थूक लगाओ, उस ने हेइरत से मेरी तरफ देखा मगर कुछ न बोली और मून से ढेर थूक बनाया और मेरे लूँ पैर लगा केर अपने सॉफ्ट गोरे हाथों से सारे लूँ पैर मॉल दिया, ऐसा उस ने दो बार किया . जब अची तरह मेरे लूँ पैर थूक लूग चूका तो मैने कहा के अब में अंदर डालूँ गा तो तुम्हारी सील टूट जय गी और तुम को दर्द भी होगा और मैं तुम को तकलीफ मैं नहीं देख सकता क्या तुम इस के लिए तैयार हो . तो उस ने कहा के भाई जब यहाँ तक आय हैं तो फिर बाकी क्या बचा हाय अब जो होगा देखा जय गा आप अपना काम करो तो मैंने फिर एक झटके से अपना लुंड अंडर दाल दिया जी से वोह आधा अंदर चला गया और मेरी बेहें की चीख निकलते निकलते रह गई के मैने उस के मून पैर तकिया रख दिया था . एक और झटके के बाद मेरा लूँ पूरा अंदर जा चूका था मुझ को बहुत म्हणत करनी पेर्री किओं के उस की चोट एक दम टाइट थी अब मैं ने कुछ इस तेरह की सेटिंग बना ली थी के मेरा लूँ उस की छूट मैं था और उस की टांगें मेरे शोल्डर पैर और मैं उस के मम्म को दबाता हुआ उस केहोंत भी चूस रहा था इस तेरह मुझ को यिक साथ की मजे आ रहे थे और मेरी सेक्स की तस्कीन भी हो रही थी . अब मुझ को कुछ थकन महसूस हो रही थी तो मैं सीधा हो केर लेट गया और उस को अपने लूँ पैर बेथ केर ऊपर नीचे होने का कहा, अब उस की शर्म भी निकल चुकी थी और वोह किसी एक्सपर्ट की तेरह बेहवे केर रही थी, इतनी तसवीरें जो देख चुकी थी जो मिने उसे भेजी थीं . जब वोह ऊपर होती तो उस के मम्मी हल्के से सुकेर्तय और नीचे आते है जोर से हिलते, यह एक बेहतरीन नज़ारा था . फिर मैने अपना हाथ उस के मम्मो पैर रख दिया और उस ने अपनी गार्डन पीछे दाल दी एसा करने से उस के मम्मी ऊपर की तरफ खिंच गए तो मैंने निप्प्लेस को ऊँगली और अंगूठे से मसलना शुरू करदिया एसा करने से उस की हिलने की स्पीड और तेज़ हो गई और मुझे उस की छूट मैं से पानी निकलता हुआ महसूस हुआ तो मैं ने अपना लूँ बहार निकल लिया, अब मैं भी छूटने ही वाला था इस लिये मैं बीएड पैर खर्रा हो गया और उस को कहा के मेरी मुठ लगे तो उस ने बीएड पैर घुटनों के बल बेथ केर अपने दोनों नर्म प्यारे नाज़ुक हाथों से मुठ लगाना शुर्रो करदी और साथ ही लूँ को चाटना भी शुरू केर दिया शायद अब वोह झिझक महसूस नहीं केर रही थी के अचानक लूँ मैं से मोनी(सीमेन) निकल केर उस के चेहरे पैर पारी और कुछ ज़बान पैर भी गई जिस पैर उस ने बुरा सा मून बना केर उसे साफ़ किया तो मैने फ़ौरन अपने होंट उस के होंटों पैर गार्र दिये और इस तेरह उस का मूड भी अच हो गया . उस के बाद हम काफी देर एक साथ लेते रहे नंगी हालत मैं उस का सर मेरे सीने पैर था और उसका एक हाथ मेरे लूँ पैर अहिस्ता अहिस्ता मस्सगे केर रहा था . और मेरा हाथ उस के मम्मों पैर . इस तेरह हम ने पूरी रात मैं कई मर्तबा यह खेल खिला .

उस दिन के बाद से मेरी सिस्टर ने मेरी प्यास बुझाने मैं कोई कसार नहीं उठाई . और इस तरह मेरी सेक्स की प्यास का भी बहनों की तरह ख्याल रखा जैसे वोह मेरा दूसरे कामों में एहसास करती थी बिलकुल एक बेहें की तरह . एक बार उस ने अपनी एक सहेली को भी राज़ी किया और एक बार हम तीनों ने भी रंग रलियाँ मिल केर मनाएं

इस बात को २ साल हो चुके हैं . अब मेरी बेहें के मम्मी काफी बर्रे होगे हैं और उस की गंद भी कुछ भरी हो गई हाय जिस से उस की खूबसूरती और सेक्सी फिगर और भी अची हो गयी हाय . वोह मुझ से कहती हाय के भाई मेरे मम्मी आप ही की वजह से बर्रे है हैं . और अब हम बिलकुल एक जान की तेरह हैं . और में अब हेर समर में एक महीना के लिए लाहौर जाता हूँ और वोह हेर विंटर में २० डेज के लिए कराची आती है और हम फिर से ये बेहें भाई के प्यार का खेल कहल्तय हैं और बाकी के दिन इन्ही यादों को याद केर के अपनी प्यास खुद अपने हाथों से बुझाते हैं .

तो दोस्तों आप को मेरी आप बीती केसी लगी मुझ को मेल करके ज़रूर बतैये गा . मैं अगली बार आप को अपनी थ्रीसोमे की बात बातों गा के किस्तेर्हा मेरी प्लानिंग और सिस्टर के साथ की वजह से एसा मुमकिन हुआ .

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