चुदवा कर दीदी खुश part 2

ऋतू : “अगर ऐसी बात है तो मैं अभी जाकर पूछती हूँ ” और वो दरवाजे की तरफ चल पड़ी ” अगर तुम भी आना चाहो तो आ सकती हो या फिर छेद में से देख सकती हो”

पूजा : “ना बाबा ना..मुझे तो बड़ी शर्म आएगी इस सबमे…तुम ही जाओ”

ऋतू ने आकर मेरे रूम का दरवाजा खडकाया और अन्दर आ गयी, मैंने बड़ी हैरानी से उसे देखा…वो जल्दी से मेरे पास आई और मेरे मुंह पर ऊँगली रख कर मुझे चुप रहने के लिए कहा और फुसफुसाकर बात करने लगी, दुसरे रूम से पूजा बड़ी बेसब्री से ये सब देख रही थी, उसने देखा की ऋतू ने मुझसे कुछ कहा और १-२ मिनट बात करने के बाद ऋतू का भाई झटके से अलग हुआ और अपने हाथ हवा में उठाकर मना करने के स्टाइल में कुछ बोलने लगा…पूजा सांस रोके ये सब देख रही थी, फिर ऋतू दुबारा अपने भाई के पास गयी और उसे कुछ और बोला, फिर भाई ने भी आगे से कुछ कहा और ऋतू सोचने के अंदाज में सर खुजाने लगी, और फिर कुछ और बातें करने के बाद दोनों एक दुसरे के गले लग गए और ऋतू बाहर निकल गयी.

अन्दर आते ही पूजा ने ऋतू से बड़ी अधीरता से पूछा “तुमने उससे क्या कहा..कैसे पूछा ??”

ऋतू : “वोही जो हमने तय किया था..मैंने पूछा की क्या वो हमारे सामने masturbate कर सकता है क्योंकि हमने कभी भी असली में ऐसा नहीं देखा..”

पूजा : “और उसने क्या कहा?”

ऋतू : “वो तो यह सुनकर काफी भड़क गया था”

पूजा : “देखा…मैंने कहा था न”

ऋतू : “पर जब मैंने उससे कहा की हम इसके लिए उसे कुछ पैसे देंगे या फिर कुछ और भी जो वो चाहे तो बात आगे बड़ी”

पूजा : “तो उसने क्या कहा ” उसने excitement में आगे पूछा

ऋतू : “बोटम लाइन इस , वो तैयार है और वो इसके लिए २००० रूपए मांग रहा है.”

पूजा ने आश्चर्य के भाव दिए और बोली “क्या सच में…वो सब हमारे सामने करने को तैयार है और उसे सिर्फ २००० रूपए चाहियें”

ऋतू : “हाँ…और साथ ही साथ वो चाहता है की हमें भी उसके सामने नंगा होना पड़ेगा” उसने धीरे से कहा.

पूजा : “वाह बहुत बढ़िया…वो हमें नंगा देखना चाहता है तभी वो masturbate करेगा ” उसने कट्टाक्ष भरे स्वर में कहा.

ऋतू : “पर जरा सोचो…उसका लम्बा और खुबसूरत लंड तुम्हारी नाक से सिर्फ कुछ ही दुरी पर होगा” ऋतू ने उसे उकसाया

पूजा कुछ सोचते हुए “चलो वो तो ठीक है पर क्या तुम अपने भाई के सामने नंगी हो सकती हो ?”

ऋतू : “उसे अपने सामने मुठ मारता हुए देखने के लिए तो मैं ये सब कर ही सकती हूँ, ये कोई बड़ी बात नहीं है, और जब हम दोनों करेंगे तो मुझे इसमें ज्यादा शर्म भी नहीं आएगी”

पूजा : “हम दोनों से तुम्हारा क्या मतलब है…मैं तो अभी तक इसके लिए तैयार ही नहीं हुई”

ऋतू ने अपनी आवाज में थोड़ी कठोरता लाते हुए कहा “तुम मुझे ये बताओ तुम तैयार हो या नहीं…ये तुम्हारा लास्ट चांस है”

पूजा : ” ठीक है, जब तुम्हे अपने भाई के सामने नंगा होने में कोई परेशानी नहीं है तो मुझे क्या…वो ये सब कर करेगा”

ऋतू : “शायद आज रात को सबके सोने के बाद”

पूजा : “मुझे तो बड़ी घबराहट हो रही है…क्या सच में तुम ये सब करना चाहती हो”

ऋतू : “अरे हाँ …ये एक नया adventure होगा…मजा आएगा…और फिर हम बाद में……समझ गयी न”

पूजा : “ठीक है…पर सच में तुम बड़ी पागल हो”

ऋतू : “पागलपन करने में भी कभी -२ बड़ा मजा आता है…चलो अब अपना होमेवोर्क कर लेते है…फिर रात को तो कुछ और नहीं कर पायेंगे”

जब रात को सभी डिन्नर कर रहे थे तो ऋतू ने सारी बातें मेरे कान में बता दी, बीच – २ में जब मैं पूजा की तरफ देखता था तो वो शरमा कर अपना चेहरा नीचे कर लेती थी.जब खाना ख़त्म हुआ तो ऋतू और पूजा अपने रूम में चले गए बाकी का बचा हुआ homework करने के लिए.

और आखिरकार सारे घर में शांति छा गयी, ऋतू और पूजा अपने रूम में nightgown पहेनकर मेरा वेट कर रहे थे. पूजा ने सोचा की शायद आशु नहीं आएगा और कुछ बोलने के लिए अपना मुंह खोला ही था के उसे दरवाजे पर हलकी सी knok सुनाई दी,आवाज सुनते ही ऋतू उछल कर दरवाजे के पास गयी और मुझे अन्दर खींच लिया. मुझे खींचकर वो बेड के पास तक ले गयी और वहां बैठी पूजा के पास बैठ गयी, मैं उन दोनों के सामने नर्वस सा खड़ा हुआ था.

“अरे किस बात का वेट कर रहे हो…तुम ये करना भी चाहते हो या नहीं…” ऋतू ने पूछा.

मैं : “मुझे लगा तुम मुझे पहले पैसे दोगी..”

ऋतू : “बिलकुल देंगें, (पूजा की तरफ देखकर), हमने बोला है तो जरुर देंगे”

मैं : “तुमने बोला था की तुम मुझे २००० रूपए दोगे और नंगे भी होगे “

ऋतू : “क्या तब तुम masturbate करना शुरू करोगे ??”

मैं : (सकुचाते हुए…) ” ह्म्म्म हाँ sss “

ऋतू : “ok then …और पूजा की तरफ देखकर उसे कुछ इशारा करती है, पूजा झट से अपने purse में से २००० रूपए निकाल कर मुझे दे देती है”

पर मुझे कुछ न करते देखकर वो समझ जाती है की आगे क्या करना है.

ऋतू : “come on पूजा..चलो एक साथ करते हैं”

फिर धीरे-२ पूजा उठती है और दूसरी तरफ मुंह करके अपना gown खोल कर नीचे गिरा देती है..ऋतू भी उसके साथ – २ वही करती है, दोनों की गांड मेरी तरफ थी, मैं तो वो दृश्य देखकर पागल ही हो गया, एक गोरी और दूसरी सांवली,एकदम ताजा माल, भरी हुई जांघें और सुदोल पिंडलियाँ, फिर दोनों घूम कर वापिस मेरी तरफ मुंह करके बेड के किनारे पर बैठ गयी, पूजा के चुचे देखकर मेरे मुंह से आह निकल गयी और मैं अपने लंड को अपने पायजामे के ऊपर से ही मसलने लगा..ये देखकर ऋतू ने मुझे घूरकर गुस्से के लहजे में देखा और अगले ही पल हंसकर मुझे आँख मार दी, पूजा ये सब नहीं देख पायी, वो तो अपनी नजरें भी नहीं उठा रही थी.

मैंने देखा की उसके चुचे ऋतू से काफी बड़े हैं, थोड़े लटके हुए , शायद ज्यादा भार की वजह से, और उसके काले-२ निप्पलस इतने बड़े थे की शायद मेरे पैर की ऊँगली के बराबर…पेट बिलकुल गोल मटोल और सुदोल, मैं खड़ा हुआ उसकी चूत भी देख पा रहा था, वो बिलकुल काली थी, बालों से ढकी हुई, और बीच में जो चीरा था, उसमें से गुलाबी पंखुडियां अपनी बाहें फैला कर जैसे मुझे ही बुला रही थी. मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया. ऋतू की तरफ देखा, उसके चूचो का तो मैं वैसे ही दीवाना था, मुझे अपनी तरफ देखते पाकर उसकी ऑंखें बंद सी होने लगी और अपनी एक ऊँगली अपने मुंह में डालकर वो बोली.

“चलो अब तुम्हारी बारी है” ऋतू ने मुझसे कहा.

मैंने एक गहरी सांस लेकर अपना पायजामा और jocky नीचे गिरा दिया, और अपनी टी-शर्ट भी उतार दी, फिर मैंने अपना तना हुआ लंड हाथ में लिया और उसे आगे पीछे करने लगा.

“इतना दूर नहीं, यहाँ हमारे पास आकर खड़े हो जाओ और फिर हिलाओ” ऋतू ने आर्डर सा दिया.

मैं खिसककर आगे आ गया और अब मेरे पैर बेड से टकरा रहे थे, दोनों के नंगे जिस्म आपस में रगड़ खा रहे थे और उन दोनों का चहरा मेरे लंड से सिर्फ 4 -5 इंच की दुरी पर ही था, मैं उसे हिलाने लगा, पूजा ने ऋतू की तरफ देखा, वो मुस्कुरा दी, जवाब में पूजा भी मुस्कुरा दी और उसकी थोड़ी tention कम हुई, और वो अब अपने सामने के नज़ारे के मजे लेने लगी.

मेरा पूरा ध्यान अब पूजा की तरफ था, वो अपनी आँखें फाड़े मेरे लंड को देख रही थी, उसका मुंह खुला हुआ था, चुचे तन कर खड़े हो गए थे, लगता था वो अपनी सुध बुध खो चुकी है, मैंने ऋतू की तरफ देखा तो वो बड़े ही कामुक स्टाइल से मेरी ही तरफ देख रही थी, उसका एक हाथ अपनी चूत की मालिश कर रहा था, और वो अपने होंठो पर अपनी लाल जीभ फिर रही थी, जैसे वो मेरा लंड चुसना चाहती हो…पर क्या वो पूजा के सामने मेरा लंड चूस लेगी..शायद हाँ.

ये सोच-सोचकर मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी और मैं छुटने के बिलकुल करीब पहुँच गया.

ऋतू को शायद इस बात का अंदाजा हो गया था, वो थोड़ी और आगे खिसक आई…साली मेरे रस की भूखी..और मेरे लंड ने अपना रस उबालकर बाहर उडेलना शुरू कर दिया..मेरी पहली धार सीधे ऋतू के चेहरे से टकराई वो थोडा पीछे हटी तो दूसरी धार सीधे पूजा के खुले हुए मुंह के अन्दर और तीसरी और चोथी उसके गालों और माथे पर जा लगी, फिर मैंने थोडा लेफ्ट turn किया और बाकी की बची हुई पिचकारी अपनी बहन के चेहरे पर खाली कर दी.

पूजा तो अवाक रह गयी जब मैंने अपना वीर्य उसके मुंह में डाला पर जब उसने अपना मुंह बंद करके स्वाद चखा तो उसे साल्टी सा लगा और वो उसे निगल गयी, उसने सोचा,इसका स्वाद ऋतू के रस से थोडा अलग है पर tasty है, फिर उसने अपने चेहरे से बहते हुए रस को अपनी उँगलियों से समेटा और निगल गयी, उसने देखा की ऋतू बड़े मजे से अपना मुंह खोलकर मेरी धारें अपने चेहरे और मुंह पर मरवा रही है और बड़े मजे से पी भी रही है.

मेरा लंड धीरे से मुरझाने लगा और ऋतू ने पूजा की तरफ देखा और उसे गले से लगा लिया, और बोली “देखा..कितना मजा आया…कितना exciting था “और उसके चेहरे पर बचा हुआ रस चाटने लगी.

पूजा : “हाँ बड़ा ही exciting था, मुझे भी देखने में काफी अच्छा लगा”

ऋतू : “क्या तुम्हे इसके रस का स्वाद पसंद आया”

पूजा : (शर्माते हुए) “हाँ….ठीक था.”

ऋतू : “चलो फिर मेरे चेहरे से सारा रस चाट कर इसे साफ़ करदो…जल्दी”

‘ठीक है” और पूजा ने सकुचाते हुए अपनी लम्बी जीभ निकालकर ऋतू का चेहरा चाटना शुरू कर दिया, थोड़ी ही देर में वो बिलकुल साफ़ हो गया और पूजा चटखारे लेते हुए पीछे हो गयी.

“और इसका क्या होगा”, मैंने अपने मुरझाये हुए लंड को निचोड़ कर आगे किया और उसके सिरे पर बड़ी सी वीर्य की बूंद चमकने लगी

ऋतू : “पूजा तुम चाट लो इसे..”

पूजा : “मैं…..नहीं मैं कैसे..” वो घबरा रही थी.

मैं : “जल्दी करो..नहीं तो मैं जा रहा हूँ”

ऋतू : “अरे चलो भी पूजा, अब क्यों शरमा रही हो…चूस लो”

पूजा : “नहीं मैं नहीं कर सकती”

ऋतू : “बिलकुल कर सकती हो..” और पूजा का चेहरा पकड़ कर आगे किया और दुसरे हाथ से मेरा लंड पकड़ कर उसके मुंह में दाल दिया.

मैंने महसूस किया की उसके होंठ मेरा लंड मुंह में लेते ही बंद हो गए और उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे को कुरेदने लगी, एक दो चूपे लेने के बाद उसने मेरे लंड को बाहर निकाल दिया.

“कैसा लगा ” ऋतू ने पूछा

“मजेदार…काफी नरम और गरम है ये तो..मुझे नहीं लगता ये जल्दी पहले जैसा कड़ा हो सकेगा.” पूजा बोली.

“थोडा और चुसो तब बोलना..” मैंने कहा.

“हाँ हाँ चलो थोडा और चुसो पूजा, देखते हैं क्या होता है ” ऋतू ने उसे उकसाया .

उसने अपना मुंह जल्दी से खोला और मैंने आगे बढकर उसका मुंह अपने लंड से भर दिया, वो उसे अब पहले से ज्यादा तेजी से चूसने लगी, अपनी जीभ का use भी कर रही थी अपने दुसरे हाथ से मेरे लंड को पकड़कर हलके से दबा भी रही थी, मेरे लंड ने विशाल रूप लेना शुरू कर दिया. मैंने पूजा को धक्का देकर बेड पर लिटा दिया, मेरा लंड अभी भी उसके मुंह में था, और मैं उसके सख्त और गद्देदार चूचो पर हलके भार से बैठ गया, पीछे से ऋतू ने बिना कोई वक़्त गवाएं झुक कर अपना चेहरा उसकी काली चूत पर टिका दिया और चूसने लगी.मैं अपने लंड से पूजा का मुंह चोद रहा था और ऋतू अपनी जीभ से उसकी चूत.

पूजा के लिए ये बहुत था, वो बेड पर लेटी हुई मचलने लगी, और अपने एक हाथ से मुझे और दुसरे से ऋतू को धक्का देने लगी. पर ऋतू ने उसकी दोनों टांगो को इस तरह से जकड रखा था की वो छुड़ा ही नहीं पायी और मैं तो उसके चेहरे पर बैठा था और मेरे वजन को हटा पाना उसके बस का नहीं था, वो सिस्कार उठी,उसके शरीर में तरंगें उठने लगी और फिर उसे ऐसा लगा की पुरे शरीर में करंट लग गया है वो अकड़ गयी और उसकी चूत हवा में उठ गयी, और वो झड़ने लगी, उसकी चूत में से रस दनादन बहकर बाहर आने लगा , ऋतू ने उसे फिर भी नहीं छोड़ा और उसके उठते हुए चूतडों के साथ वो भी उठ गयी और रसपान जारी रखा, ऋतू ने पीछे से एक हाथ आगे करके मेरी गांड में ऊँगली दाल दी, मेरे लिए ये काफी था, मेरा भी लंड अपना रस छोड़ने लगा, और पूजा ने भी कोई गलती नहीं की और सड़प-२ के मेरा सारा रस पी गयी, जब सब कुछ शांत हो गया तो मैं उसके ऊपर से हट गया, ऋतू ने भी उसकी चूत से अपना मुंह हटा लिया और खड़ी हो गयी, उसका पूरा चेहरा पूजा के रस से भीगा हुआ था, पूजा का चेहरा भी लाल सुर्ख हुआ पड़ा था, पर उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी.

“wow …ये तो बहुत ही मजेदार था, मुझे तो काफी अच्छा लगा” मैंने कहा.

“मुझे तो ये विश्वास ही नहीं हो रहा है की हमने ये सब किया”…पूजा ने खुश होते हुए कहा.

“it was wonderfull ” मैंने कहा और आगे बढकर पूजा के होंठों को चूम लिया.

मेरे चुमते ही पूजा ने अपने हाथ मेरी गर्दन के चारों तरफ लपेट दिए और मुझे फ्रेंच किस करने लगी, उसके अधीर होठों ने मेरे होंठ पकड़ लिए और चूसने लगी, वो काफी गरम थे, उसकी जीभ मेरे मुंह के अन्दर जाकर डांस करने लगी. उसके कठोर चुचे मेरे नंगे सीने से टकरा कर चूर-२ हो गए, मेरा एक हाथ अपने आप उनपर चला गया, वो थोडा पीछे हुई और हम दोनों बेड पर गिर पड़े और उसका नाजुक सा शरीर मेरे अन्दर मचलने लगा.

ये सब देखकर ऋतू आगे आई और हमें अलग करते हुए कहा…”चलो चलो..बहुत हो गया, आज के लिए इतना ही काफी है, भैया तुम अपने रूम में जाओ अब”

मैंने अनमने मन से अपने कपडे पहने और अपने रूम में आ गया और छेद से देखने लगा, ऋतू ने एक छलांग लगाकर अपना चेहरा पूजा की चूत पर टिका दिया था और अपनी चूत उसके चेहरे पर, और फिर दोनों 69 की position में एक दुसरे को चूसने लगी, मैंने भी अपना लंड निकालकर हिलाना शुरू कर दिया और सोचने लगा, काश मैं भी वहीँ पर होता. जल्दी ही सभी झड गए और सोने चले गए.

अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने भाग कर अपनी आँख छेद पर लगा दी, मैंने देखा की वो दोनों उठ चुकी हैं और दोनों के मुंह एक दुसरे की चूत में चिपके हुए हैं . मैं अपने रूम से निकला और चुपके से उनके रूम में दाखिल हो गया, ऋतू का चेहरा दरवाजे की तरफ था और वो पूजा के ऊपर लेती हुई थी, पूजा का चेहरा ऋतू की मांसल जांघों के बीच पिस रहा था, ऋतू बड़ी बेरहमी से अपनी चूत पूजा के मुंह पर रगड़ रही थी,पूजा भी उसकी चूत चाटने में और अपनी चटवाने में busy थी.

मैं थोडा आगे आया और बेड के पास आकर खड़ा हो गया, ऋतू को मेरे आने का आभास हो गया और उसने चेहरा उठाकर मुझे देखा और मुस्कुरा दी, मैंने भी मुस्कुराते हुए अपना पायजामा नीचे गिरा दिया और अपना खड़ा हुआ लंड उसे दिखाया, मैं अपने घुटनों के बल बैठ गया और अपना मुंह पूजा की चूत पर टिका दिया, ऋतू अपने एक हाथ से पूजा की clit मसल रही थी और मैं पूजा की रसीली चूत को साफ़ करने में लग गया, अपनी चूत पर हुए अलग तरह के अटैक से पूजा सिहर उठी और उसने भी ऋतू की चूत पर दोगुने जोश से हमला बोल दिया, और फिर दोनों झड़ने लगी, मैंने अपने मुंह पर पूजा के रस का सैलाब महसूस किया और उसे पीने में जुट गया, पूजा भी ऋतू के रस से नहा चुकी थी और अपने मुंह से उसकी चूत को चाटने में लगी हुई थी. ऋतू झड कर साइड में हो गयी पर मैंने पूजा की चूत को नहीं छोड़ा, पूजा ने नोट किया की ऋतू तो उसके ऊपर से उतर चुकी है फिर भी उसकी चूत पर किसी का मुंह लगा हुआ है, वो झटके से उठी और मुझे देखकर उछल ही पड़ी,…”अरे…तुम….तुम्म कब आये., ये क्या कर रहे हो ?”

” breakfast !!” मैंने कहा.

“चलो इसका लंड चूसते हैं” ऋतू ने पूजा की तरफ देखकर कहा और मेरे सामने आकर बैठ गयी और अपना मुंह खोलकर मेरे फड़कते हुए लंड को अन्दर ले लिया और उसे तरह – २ से चूसने और चाटने लगी .

पूजा बड़ी हैरानी से ये सब देख रही थी, उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था की ऋतू अपने सगे भाई का लंड इतने मजे से अन्दर ले रही है, वो अपना मुंह फाड़े ये सब अनहोनी होते देख रही थी.

“अरे देख क्या रही हो, इधर आओ और मेरी मदद करो” ऋतू ने मेरे लंड के सिरे पर अपनी जीभ फिराते हुए कहा.

पूजा थोड़ी हिचकिचाई पर मेरे लम्बे लंड को देखकर उसके मुंह में भी पानी आ गया और वो भी नंगी उठ कर ऋतू के साथ ज़मीन पर घुटनों के बल बैठ गयी और दोनों ने एक साथ मेरे लंड को सताना शुरू कर दिया, दोनो बारी-२ से मेरे पप्पू को अपने मुंह में लेकर lolypop की तरह चूस रही थी, फिर उन्होंने ने दोनों तरफ से मेरे लंड के चारो तरफ अपने रसीले होंठ फिरने शुरू कर दिए, उनके गीले होंठो के बीच मेरा लंड पिस कर रह गया, वो दोनों उसे mouth organ की तरह बजा रहे थे, और मेरे लंड को अपने मुंह में रखकर दोनों ने फ्रेंच किस करना शुरू कर दिया, मेरी तो टांगे ही कांपने लगी, जिस तरह का treatment वो दोनों मेरे पप्पू को दे रहे थे वो उसे सेहन नहीं हुआ और उसने अपना गर्म लावा उगलना शुरू कर दिया, दोनो में होड़ लग गयी की कौन ज्यादा से ज्यादा मेरा रस पीता है और इस तरह मेरी एक-२ बूंद निचोड़ ली कमीनियों ने..मेरा लंड मुरझाकर उनके होंठों से निकल कर बाहर आ गया, पर फिर भी दोनों ने अपनी किस नहीं तोड़ी, वो शायद एक दुसरे के मुंह में मेरा रस ढूंड रहे थे.

“मैं चलता हूँ..” मैंने धीरे से कहा और अपना पायजामा ऊपर करके बाहर निकल गया, वो दोनों अभी भी एक दुसरे में busy थी.

नीचे breakfast टेबल पर दोनों बच्चो की तरह behave कर रही थी, बात -२ पर हंस रही थी पर कुछ भी ऐसा impression नहीं दे रही थी की हम सबके बीच रात को और सुबह में क्या-२ हुआ. मैं मन ही मन मुस्कुरा रहा था, की जैसा हमने सोचा था सब वैसा ही हुआ बल्कि उससे भी अच्छा हुआ क्योंकि पैसो के साथ – साथ पूजा ने उसका लंड भी चूसा और अपनी चूत भी चुस्वायी..मुझे आज अपने आप पर गर्व हो रहा था.

शाम को मैं और ऋतू अपने कमरे में बैठ कर आगे के बारे में बातें कर रहे थे की कैसे ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाए जाएँ, मैंने ऋतू से कहा की मैं अपने दोस्तों को तुम्हारा और पूजा का शो दिखने के ज्यादा पैसे चार्ज कर सकता हूँ, या फिर दूसरा आप्शन ये है की ऋतू अपनी चूत मेरे दोस्तों से चटवा ले.

ऋतू ने कहा की क्यों न वो अपनी दूसरी सहेलियों को भी मेरा masturbate करता हुआ शो दिखाए या फिर मैं उसकी सहेलियों की चूत चाटूं..

“मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है” मैंने कहा.

“या फिर मुझे लगता है की हमें दोनों काम करने चाहियें, हमें तो पैसो से मतलब है न, फिर जहाँ से मर्जी आयें…है न.” ऋतू बोली

“ह्म्म्म हाँ..” मैंने सोचते हुए कहा.

“पर क्या पूजा इन सबके लिए राजी होगी..?”. मैंने ऋतू से पूछा.

“अगर तुम उसकी चूत फ्री में चाट कर झाड दो तो जरूर राजी हो जाएगी..हा हा ” ऋतू ने हँसते हुए कहा.

रात को डिन्नर के टाइम पापा ने announce किया की इस बार वो दोनों हमें भी अपने साथ जंगल कैंप पर ले जायेंगे..क्योंकि पिछले साल भी कुछ लोग अपने teenagers बच्चों को लेकर आये थे तो वो भी अपने बच्चों को अपने साथ लेकर जाना चाहते हैं.

साथ ही उन्होंने बताया की उनका छोटा भाई अजय और उनकी पत्नी आरती अपनी बेटी नेहा को भी साथ ला रहे हैं.चाची के बारे में सुनकर मैं खुश हो गया, हम काफी समय से उनसे नहीं मिले थे, वो काफी आकर्षक थी, खासकर उनकी चूचियां, बड़ी-२ और उठी हुई. नेहा लगभग 15 -16 साल की थी, उसे भी काफी समय से नहीं देखा था. मजा आएगा, मैंने मन ही मन सोच

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