कितनी मस्त थी रंजना

बात उस समय की है जब मैं बीकॉम के दूसरे साल की पढ़ाई कर रहा था। मेरी दोस्तों में रंजना भी थी जो मेरी ही क्लास में थी।
मैं आपको पहले रंजना के बारे में बता दूँ !
वह एक मस्त, गोरी और जबरदस्त लड़की थी। उसकी बदनाकृति 34-30-34 थी, इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कितनी मस्त थी रंजना।
मैं हमेशा रंजना को पटाने की सोचता था और उसके नाम की मुठ भी कभी-कभी मार लेता था।
कहते हैं ना कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं !
मुझे रंजना को पटाने का मौका भी जल्दी ही मिल गया।
बात 14 फरवरी मतलब वलेंटाइन डे की है, मैंने रंजना को प्रोपोज किया और रंजना ने हां करके मेरे दिल को हरा भरा कर दिया।
मैं बहुत खुश था उस दिन।
मैंने उस खुशी में अपने सारे दोस्तों को और रंजना को राज एम्पायर में मूवी की पार्टी दी और हम दोनों साथ में अलग सीट पर बैठे। यहाँ मैंने रंजना को खूब चूमा और उसके वक्ष पर भी खूब हाथ मारे पर हमें इतने में सकून कहाँ था !
25 फरवरी को हमने दुम्मास जो सूरत का प्रसिद्ध सी-प्लेस है वहाँ जाने की योजना बनाई और मैंने एक कमरा दो घंटे के लिए बुक करवा दिया।
कमरे में पहुँच कर हमने थोड़ी देर यहाँ वहाँ की बातें की फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाकर जबरदस्त चूमा-चाटी चालू कर दी। दस मिनट के इस दौर के बाद रंजना और मैं दोनों ही जोश में आ गए, मेरा पप्पू (लण्ड) जींस के अंदर ही सलामी देने लगा और मैंने अपनी जींस उतार दी।
मेरा 7′ का लण्ड खुशी से फूल गया था क्योंकि उसे आज एक मस्त चूत जो मिलने वाली थी।
आपको एक बात बता दूँ कि अगर आप किसी लड़की के पीठ पर चुम्बन करो तो वो तुरंत गर्म हो जाती है और मैंने वही किया।
फिर मैंने रंजना की कुर्ती उतार दी और ब्रा का हुक भी खोल दिया और सीधे कर उसकी ब्रा से उसके चूचों को आज़ाद कर दिया।
सच दोस्तो, उसके उरोज देखकर मैं तो पागल सा ही हो गया। मैंने तुरन्त उन्हें अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा। इस पर रंजना की आँखें बंद हो गई और मैंने अपनी शर्ट भी उतार फेंकी। लण्ड अंडरवियर को फाड़ कर बाहर आने को बेताब था तो मैंने अंडरवियर भी उतार कर एक तरफ़ फेंक दिया।
मैंने अपना कड़क और खड़ा लण्ड रंजना की चूत पर कपड़ों के ऊपर से रख दिया जिससे वो और गर्म हो गई और बोली- प्लीज़ रवि , अब मुझसे अपने ऊपर काबू नहीं हो रहा है।
मैंने तुरंत उसकी पजामी और चड्डी उतार दी, चूत पर थोड़े बाल थे, मैंने पूछा- तो उसने बोला कि अभी 14 तारीख को ही अपनी चूत साफ़ की थी।
मैंने झट से नीचे होकर चूत पर अपना मुँह रख दिया और चाटने लगा तो रंजना सिसकारियाँ भरने लगी।
पूरे कमरे में मादक सिसकारियाँ ही गूंज रही थी- आह्ह उम्म्म्म आह्ह ओह्ह्ह्ह !
मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था उसकी गुलाबी चूत चाटने में !
उसने कहा- मुझे भी कुछ दो ना प्लीज़ रवि ?
मैं तुरंत 69 की अवस्था में आ गया और अब मेरा लण्ड रंजना के मुँह में और उसकी चूत मेरे मुँह पर थी। लगभग 5 मिनट के बाद हम अलग हुए और मैंने देर ना करते हुए अपने लण्ड पर ढेर सारा थूक लगाया और उसकी चूत फैला कर अन्दर डालने लगा।
लण्ड जैसे ही उसकी चूत में गया, वो दर्द से चिल्लाने लगी- आआअह्ह्ह ह्ह्ह !
वो लगभग चीख ही पड़ी थी।
मैंने फिर लण्ड निकाल लिया और उसकी चूत में भी थूक लगाया और फिर से डाला। इस बार लण्ड उसकी चूत में अंदर जा रहा था। मैंने एक जोरदार झटका मारा और मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में था पर उसका खून नहीं निकला।
मैं समझ गया कि यह लड़की पहले से खेली-खाई है, पर मुझे इससे क्या !
मुझे तो चूत मिल रही थी चोदने के लिए ! मुझे और क्या चाहिए था !
जैसे मेरा पूरा लण्ड उसकी गर्म चूत में गया, मैंने जबरदस्त चुदाई चालू कर दी। वो भी अपनी कमर उठाकर चुदाई में मेरा साथ देने लगी। उसकी सिसकारियाँ मेरा जोश बढ़ा रही थी। इसी तरह मैंने उसे लगभग 15 मिनट चोदा और तब तक वो एक बार बीच में झड़ गई थी पर चुदाई चालू रहने के कारण उसका पानी बाहर निकल नहीं पाया और फच्च फच्च की आवाज़ करने आने लगी रंजना की चूत से ।
मेरा भी अब आने वाला था तो मैंने भी झटके तेज कर दिए। फिर हम दोनों ने एक साथ ही अपना माल निकाल दिया।
इसके बाद 5 मिनट तक मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में घुसा कर रखा, फ़िर निकाल लिया।
फिर हमने वहीं पर और तीन बार चुदाई की।

मैंने जब पहली बार रंजना को दुम्मास में चोदा, उसके बाद हम दोनों हमेशा, हमें जब भी मौका मिलता, तो चुदाई करते थे। जहाँगीरपुरा रोड में रंजना का एक फ़्लैट था जहाँ पर कोई नहीं रहता था, हमारा जब भी मन करता चुदाई का, हम कॉलेज का बंक मार कर वहीं पर जाकर चुदाई करते थे।

लगभग 15 दिन हो चुके थे और हमने कुछ नहीं किया था। कहते हैं लड़कियों को चुदाई के बाद तीसरे हफ्ते में सेक्स ज्यादा आता है और रंजना वैसे भी बड़ी चुदक्कड़ थी मेरी तरह, उसने मुझे शाम को कॉल किया कि कल हम मेरे फ़्लैट में चलेगे और प्यार करेंगे। कोई बेवकूफ ही होगा जो सामने से मिला निमंत्रण ठुकरा दे, मैंने तुरंत हाँ कर दी।
अगले दिन हम सुबह 7.30 आठवा गेट पर मिले, उसे अपनी बाइक पर बैठाया और हम उसके फ़्लैट के लिए निकल गए।
हम दोनों भीतर गए और दरवाजा बंद कर लिया, पूरे घर में सिर्फ हम दोनों ही थे, मुझे पता था कि जब आज रंजू ने खुद से कहा है तो पक्का आज की चुदाई में बड़ा मज़ा आएगा।
फ़्लैट खाली रहने के कारण वहाँ पर कोई बेड तो नहीं था, पर चद्दर और चटाई थे, रंजू ने बैग रखा और चटाई और चादर बिछाई।
मैंने कहा- क्या बात है, आज बड़ी जल्दी है क्या?
इस पर रंजू ने कहा- जल्दी नहीं है पर आज मुझे पूरे एक बजे तक जी भर कर चोदो, मेरी चूत बड़ी फुदक रही है।
मैं तुरंत उसके पास चटाई पर बैठा और जबरदस्त चुम्बन चालू कर दिया। लड़कियों को अगर चूमो तो उनकी आँखें तुरंत बंद हो जाती हैं।
आपको बता दूँ कि मुझे मुख सेक्स बहुत पसंद है, उसमें मुझे कुछ ज्यादा ही जोश आता है, मैंने उससे पूछा- क्या आज मुंह से करें?
तो उसने कहा- जो करना है, करो पर आज मेरी फुद्दी को बस मसल डालो।
मैंने उसे चूमते चूमते सबसे पहले उसकी टॉप उतार दी, उसके चूचे देखकर मेरी नीयत और ख़राब हो गई, उसने ब्रा नहीं पहनी थी।
मैंने कहा- साली, ब्रा क्यूँ नहीं पहनी?
तो उसने कहा- क्या करूँ, चुदाई की ख़ुशी में सब भूल गई।
उसके गोरे गोरे मस्त चूचों को मैं दोनों हाथों से बराबर दबा रहा था और उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ चूस रहा था, मैंने उसकी गर्दन, मुँह, पीठ सब जगह बहुत चूमा और चाटा और हम दोनों कण्ट्रोल से बाहर हो गए।
मैंने खड़े होकर अपने सारे कपड़े उतार दिए और रंजना को भी पूरा नंगा कर दिया। हम दोनों नंगे थे।
आपको बता दूँ कि मुझे चूत चूसना और गाण्ड चाटना बहुत पसंद है और मैंने वही किया।
मुझे आज मुख-सेक्स करना था तो शुरुआत भी मुझे ही करनी थी, मैंने कहा- चल साली, अपनी चूत ला, मुझे पीनी है।
तो वो बोली- ले ना साले, घुस जा पूरा मेरे भोसड़े में !
फिर क्या था, मैंने उसकी मस्त गोरी चूत चाटना शुरू कर दिया, उसकी आवाजें निकलने लगी- आह्ह आआआ ह्ह्ह्हह आह्ह्ह ऊऊम्म्म उम्म्म ऊऊम्म्म्म !
मुझे कोई गाली देकर चुदवाए तो मुझे बड़ा मज़ा आता है, मैंने भी कहा- ला भोसड़ी की मादरचोद ! बड़ी मस्त चूत है तेरी !
मैं उसकी चूत के भीतर तक अपनी जीभ डालकर चाट रहा था और रंजना सिसिया रही थी- आःह्ह आआह्ह्ह ऊऊम्म्म
मैंने तुरंत उसे उल्टा लिटा दिया और उसकी गाण्ड चाटने लगा।
उसे इस झटके का एहसास नहीं था और वो जोर से सिसिया उठी, उसने कहा- भोसड़ी के, क्या-क्या चाटेगा और कहाँ-कहाँ घुसेगा?
मैंने कहा- मादरचोद, तेरे हर छेद में आज अपना लौड़ा डालूँगा !
तो वो बोली- जहाँ डालना हो वहाँ बाद में डालना पर पहले साले मेरे मुँह में अपना लौड़ा डाल पहले !
मैं तुरंत 69 में हो गया और फिर से उसकी चूत चाटने लगा और वो मेरा 8′ लम्बा और 2.5′ मोटा लौड़ा मुँह में लेकर चूसने लगी।
दो मिनट बाद रंजू बोली- रवि अब जल्दी से मेरी चूत में डालो, मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
मैंने कहा- साली पहले कुतिया बन ! फिर मैं पीछे से डालूँगा।
वो बोली- साले, मेरी चूत मारेगा या गाण्ड?
मैंने कहा- दोनों !
तो बोली- ठीक है, ये ले !
और इतना कहकर वो तुरंत कुतिया बन गई, मैंने अपने लण्ड पर थूक लगाया और उसकी बुर में भी थूक लगाया और पीछे से दोनों चूतड़ों को फैला कर अपना लण्ड उसकी गाण्ड में डाल दिया।
मेरा मोटा लण्ड जैसे ही उसकी बुर में गया उसकी सांस जैसे रुक गई, वो बोली- आःह्ह्ह साले मार डालेगा क्या? आराम से चोद ना !
मैंने कुछ नहीं कहा और हल्के-हल्के 3-4 झटकों के बाद एक बड़ी जोर से झटका मारा और वो चिल्ला पड़ी- आ आआ आआआ !
फिर क्या था मैं उसकी बुर में चोद रहा था और उसकी गाण्ड साफ़ दिखाई दे रही थी, मैंने चोदते-चोदते ही उसकी गाण्ड में उंगली डाली तो वो चिहुंक उठी, मैं समझ गया कि गाण्ड अभी कोरी है।
मैंने चुदाई की गति थोड़ी धीमी की और ढेर सारा थूक लेकर उसकी गाण्ड के ऊपर डाल कर उंगली करने लगा तो वो बोली- साले, क्या कर रहा है?
मैंने कहा- मादरचोद, मुझे तेरी गाण्ड अभी मारनी है !
उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने तुरंत अपना लण्ड उसकी बुर से निकाला और उसकी गाण्ड में डालने लगा।
अभी लण्ड 1′ ही गया होगा कि वो चिल्लाने लगी, मैंने उसे कस कर पकड़ लिया और थोड़ी देर के लिए रुक गया। मुझे जैसे लगा कि दर्द कम हो रहा है मैंने फिर धक्का लगाया और 1 जोर का झटका मारा और आधा लण्ड उसकी गाण्ड में !
पर वो चिल्लाने लगी, मैंने रुकते हुए उतने में ही हल्का हल्का झटका मारना चालू कर दिया और जैसे उसका दर्द कम हुआ, जोर से झटका मारा और मेरा पप्पू राजा रंजना की गाण्ड में पूरा घुस गया।
मैंने तब झटके मारना चालू कर दिया, वो बोली- रवि , आज तो तूने सच में मुझे कुतिया बना कर मेरी गाण्ड फाड़ दी ! अब जल्दी कर और पानी मेरी बुर में डालना।
अब मुझे भी काफी देर हो चुकी थी सो मैंने 20-25 झटके मारे और एक झटके में अपना लण्ड उसकी गाण्ड से निकाल लिया, इसके पहले कि रंजना कुछ बोलती, मैंने तुरंत उसे सीधा करके उसकी चूत में डाल दिया और वो चिहुंक उठी।
अब रंजना भी मेरा चुदाई में बराबर साथ देने लगी क्योंकि अब उसका भी उफान आने वाला था, रंजना चिल्लाने लगी- साले और जोर से चोद, जल्दी जल्दी चोद !
और मेरे मुँह से भी गालियाँ निकलती जा रही थी- ले मादर चोद, साली बड़ी चुदक्कड़ बनती है बहन की लौड़ी !
और झटके बराबर मारता जा रहा था, यही कोई 5 मिनट जल्दी-जल्दी झटके मारे और दोनों का जिस्म अकड़ने लगा, वो बोली- आःह्ह अआः और तेज आदि ! और तेज आआह्ह्ह आआह्ह !
और मेरा भी आआह्ह आआह्ह्ह ऊम्म्म और धड़ाम …. दोनों का पानी निकल गया, मेरा पूरा पानी उसकी चूत में समां गया और उसके पानी से मेरा पूरा लण्ड भीग गया।
5 मिनट तक हम आँखें बंद करके एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे, उसके बाद अलग हुए और हमने दो बार और चुदाई की।

मैंने जब पहली बार रंजना को दुम्मास में चोदा, उसके बाद हम दोनों हमेशा, हमें जब भी मौका मिलता, तो चुदाई करते थे। जहाँगीरपुरा रोड में रंजना का एक फ़्लैट था जहाँ पर कोई नहीं रहता था, हमारा जब भी मन करता चुदाई का, हम कॉलेज का बंक मार कर वहीं पर जाकर चुदाई करते थे।

लगभग 15 दिन हो चुके थे और हमने कुछ नहीं किया था। कहते हैं लड़कियों को चुदाई के बाद तीसरे हफ्ते में सेक्स ज्यादा आता है और रंजना वैसे भी बड़ी चुदक्कड़ थी मेरी तरह, उसने मुझे शाम को कॉल किया कि कल हम मेरे फ़्लैट में चलेगे और प्यार करेंगे। कोई बेवकूफ ही होगा जो सामने से मिला निमंत्रण ठुकरा दे, मैंने तुरंत हाँ कर दी।
अगले दिन हम सुबह 7.30 आठवा गेट पर मिले, उसे अपनी बाइक पर बैठाया और हम उसके फ़्लैट के लिए निकल गए।
हम दोनों भीतर गए और दरवाजा बंद कर लिया, पूरे घर में सिर्फ हम दोनों ही थे, मुझे पता था कि जब आज रंजू ने खुद से कहा है तो पक्का आज की चुदाई में बड़ा मज़ा आएगा।
फ़्लैट खाली रहने के कारण वहाँ पर कोई बेड तो नहीं था, पर चद्दर और चटाई थे, रंजू ने बैग रखा और चटाई और चादर बिछाई।
मैंने कहा- क्या बात है, आज बड़ी जल्दी है क्या?
इस पर रंजू ने कहा- जल्दी नहीं है पर आज मुझे पूरे एक बजे तक जी भर कर चोदो, मेरी चूत बड़ी फुदक रही है।
मैं तुरंत उसके पास चटाई पर बैठा और जबरदस्त चुम्बन चालू कर दिया। लड़कियों को अगर चूमो तो उनकी आँखें तुरंत बंद हो जाती हैं।
आपको बता दूँ कि मुझे मुख सेक्स बहुत पसंद है, उसमें मुझे कुछ ज्यादा ही जोश आता है, मैंने उससे पूछा- क्या आज मुंह से करें?
तो उसने कहा- जो करना है, करो पर आज मेरी फुद्दी को बस मसल डालो।
मैंने उसे चूमते चूमते सबसे पहले उसकी टॉप उतार दी, उसके चूचे देखकर मेरी नीयत और ख़राब हो गई, उसने ब्रा नहीं पहनी थी।
मैंने कहा- साली, ब्रा क्यूँ नहीं पहनी?
तो उसने कहा- क्या करूँ, चुदाई की ख़ुशी में सब भूल गई।
उसके गोरे गोरे मस्त चूचों को मैं दोनों हाथों से बराबर दबा रहा था और उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ चूस रहा था, मैंने उसकी गर्दन, मुँह, पीठ सब जगह बहुत चूमा और चाटा और हम दोनों कण्ट्रोल से बाहर हो गए।
मैंने खड़े होकर अपने सारे कपड़े उतार दिए और रंजना को भी पूरा नंगा कर दिया। हम दोनों नंगे थे।
आपको बता दूँ कि मुझे चूत चूसना और गाण्ड चाटना बहुत पसंद है और मैंने वही किया।
मुझे आज मुख-सेक्स करना था तो शुरुआत भी मुझे ही करनी थी, मैंने कहा- चल साली, अपनी चूत ला, मुझे पीनी है।
तो वो बोली- ले ना साले, घुस जा पूरा मेरे भोसड़े में !
फिर क्या था, मैंने उसकी मस्त गोरी चूत चाटना शुरू कर दिया, उसकी आवाजें निकलने लगी- आह्ह आआआ ह्ह्ह्हह आह्ह्ह ऊऊम्म्म उम्म्म ऊऊम्म्म्म !
मुझे कोई गाली देकर चुदवाए तो मुझे बड़ा मज़ा आता है, मैंने भी कहा- ला भोसड़ी की मादरचोद ! बड़ी मस्त चूत है तेरी !
मैं उसकी चूत के भीतर तक अपनी जीभ डालकर चाट रहा था और रंजना सिसिया रही थी- आःह्ह आआह्ह्ह ऊऊम्म्म
मैंने तुरंत उसे उल्टा लिटा दिया और उसकी गाण्ड चाटने लगा।
उसे इस झटके का एहसास नहीं था और वो जोर से सिसिया उठी, उसने कहा- भोसड़ी के, क्या-क्या चाटेगा और कहाँ-कहाँ घुसेगा?
मैंने कहा- मादरचोद, तेरे हर छेद में आज अपना लौड़ा डालूँगा !
तो वो बोली- जहाँ डालना हो वहाँ बाद में डालना पर पहले साले मेरे मुँह में अपना लौड़ा डाल पहले !
मैं तुरंत 69 में हो गया और फिर से उसकी चूत चाटने लगा और वो मेरा 8′ लम्बा और 2.5′ मोटा लौड़ा मुँह में लेकर चूसने लगी।
दो मिनट बाद रंजू बोली- रवि अब जल्दी से मेरी चूत में डालो, मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
मैंने कहा- साली पहले कुतिया बन ! फिर मैं पीछे से डालूँगा।
वो बोली- साले, मेरी चूत मारेगा या गाण्ड?
मैंने कहा- दोनों !
तो बोली- ठीक है, ये ले !
और इतना कहकर वो तुरंत कुतिया बन गई, मैंने अपने लण्ड पर थूक लगाया और उसकी बुर में भी थूक लगाया और पीछे से दोनों चूतड़ों को फैला कर अपना लण्ड उसकी गाण्ड में डाल दिया।
मेरा मोटा लण्ड जैसे ही उसकी बुर में गया उसकी सांस जैसे रुक गई, वो बोली- आःह्ह्ह साले मार डालेगा क्या? आराम से चोद ना !
मैंने कुछ नहीं कहा और हल्के-हल्के 3-4 झटकों के बाद एक बड़ी जोर से झटका मारा और वो चिल्ला पड़ी- आ आआ आआआ !
फिर क्या था मैं उसकी बुर में चोद रहा था और उसकी गाण्ड साफ़ दिखाई दे रही थी, मैंने चोदते-चोदते ही उसकी गाण्ड में उंगली डाली तो वो चिहुंक उठी, मैं समझ गया कि गाण्ड अभी कोरी है।
मैंने चुदाई की गति थोड़ी धीमी की और ढेर सारा थूक लेकर उसकी गाण्ड के ऊपर डाल कर उंगली करने लगा तो वो बोली- साले, क्या कर रहा है?
मैंने कहा- मादरचोद, मुझे तेरी गाण्ड अभी मारनी है !
उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने तुरंत अपना लण्ड उसकी बुर से निकाला और उसकी गाण्ड में डालने लगा।
अभी लण्ड 1′ ही गया होगा कि वो चिल्लाने लगी, मैंने उसे कस कर पकड़ लिया और थोड़ी देर के लिए रुक गया। मुझे जैसे लगा कि दर्द कम हो रहा है मैंने फिर धक्का लगाया और 1 जोर का झटका मारा और आधा लण्ड उसकी गाण्ड में !
पर वो चिल्लाने लगी, मैंने रुकते हुए उतने में ही हल्का हल्का झटका मारना चालू कर दिया और जैसे उसका दर्द कम हुआ, जोर से झटका मारा और मेरा पप्पू राजा रंजना की गाण्ड में पूरा घुस गया।
मैंने तब झटके मारना चालू कर दिया, वो बोली- रवि , आज तो तूने सच में मुझे कुतिया बना कर मेरी गाण्ड फाड़ दी ! अब जल्दी कर और पानी मेरी बुर में डालना।
अब मुझे भी काफी देर हो चुकी थी सो मैंने 20-25 झटके मारे और एक झटके में अपना लण्ड उसकी गाण्ड से निकाल लिया, इसके पहले कि रंजना कुछ बोलती, मैंने तुरंत उसे सीधा करके उसकी चूत में डाल दिया और वो चिहुंक उठी।
अब रंजना भी मेरा चुदाई में बराबर साथ देने लगी क्योंकि अब उसका भी उफान आने वाला था, रंजना चिल्लाने लगी- साले और जोर से चोद, जल्दी जल्दी चोद !
और मेरे मुँह से भी गालियाँ निकलती जा रही थी- ले मादर चोद, साली बड़ी चुदक्कड़ बनती है बहन की लौड़ी !
और झटके बराबर मारता जा रहा था, यही कोई 5 मिनट जल्दी-जल्दी झटके मारे और दोनों का जिस्म अकड़ने लगा, वो बोली- आःह्ह अआः और तेज आदि ! और तेज आआह्ह्ह आआह्ह !
और मेरा भी आआह्ह आआह्ह्ह ऊम्म्म और धड़ाम …. दोनों का पानी निकल गया, मेरा पूरा पानी उसकी चूत में समां गया और उसके पानी से मेरा पूरा लण्ड भीग गया।
5 मिनट तक हम आँखें बंद करके एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे, उसके बाद अलग हुए और हमने दो बार और चुदाई की।

आपको तो पता ही है कि मैं और रंजना कितने चुदक्कड़ हो गए थे और हम दोनों चुदाई का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहते थे, दूसरे वर्ष के इन्टरनल ऐक्ज़ाम चालू थे तो हमें कहीं जाने का मौका नहीं मिल पा रहा था। मैंने रंजना से कहा- यार, अब तुम्हारी ठुकाई का बड़ा मन कर रहा है !

तो उसने कहा- ठुकने की इच्छा तो मेरी भी है पर टाइम की प्रॉब्लम है, क्या करूँ?
हमारा अगला पेपर ऐसा था कि बहुत जल्दी पूरा हो जाता है, मैंने उसे सुबह ही कहा- आज का पेपर जल्दी हो जाएगा तो जितनी जल्दी पूरा हो, सीधे नीचे आ जाना !
उसने कहा- ठीक है।
मैंने चुदाई की चाह में जल्दी ही पेपर पूरा किया और नीचे आ गया। दस मिनट बाद रंजू भी आ गई।
मैंने कहा- चलो कहीं चलते हैं।
इस पर रंजना ने कहा- कहीं जायेंगे तो टाइम ज्यादा खराब जायेगा, यहीं पर कही जगह हो तो देख लो !
अचानक मेरी नजर बाथरूम तरफ गई तो मैंने उसे इशारा किया, इस पर उसने ना बोला, कहा- यहाँ पर कोई भी आ सकता है !
तो मैंने कहा- अभी कोई नहीं है, हम आज जल्दी काम निपटा लेंगे। फिर जब फ़ुर्सत होगी, तब कहीं दूसरी जगह चलेंगे।
इस बात पर रंजना मान गई और हम तुरंत कॉलेज के बाथरूम में चले गए और अन्दर जाते ही मैंने दरवाजा बंद कर लिया।
आप जानते ही हो कि बाथरूम के अन्दर लेडिज़ के लिए एक और अलग कमरा बना होता है हम तुरंत वहाँ पर चले गए।
कॉलेज था इसलिए हमारे अन्दर डर बना हुआ था कि कहीं कोई आ न जाये और हम पकड़े ना जाएँ। पर दोस्तो, जब सेक्स की भूख लगती है तो इन्सान को कुछ भी नहीं दीखता और उस वक़्त सिर्फ सेक्स और सिर्फ सेक्स ही हमारे दिमाग में चल रहा था, पर जल्दबाजी करना हमारी मज़बूरी थी।
मैंने तुरंत रंजना के चूचे दबाना चालू किए और उसका कुरता ऊपर उठाकर ब्रा के ऊपर से ही उसके चूचे मसलने चालू कर दिए, जिससे वो गर्म होने लगी और इधर मेरा 8′ का पप्पू भी कड़कने लगा, फिर मैंने तुरंत ब्रा ऊपर उठा दी और रंजना के बूब्स दबा दबा कर पीने लगा, रंजना मदहोश होने लगी और मैंने भी अपना आपा खो दिया, मैंने अपनी जींस का बेल्ट और हुक खोल कर अपना तनतनाता हुआ लण्ड निकाल लिया।
रंजना ने जैसे ही मेरे लंड को देखा, पता नहीं उसे क्या हो गया और वो तुरंत नीचे बैठ कर मेरा लंड लोलीपोप की तरह चूसने लगी और मुझे उस समय ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं जन्नत की सैर कर रहा हूँ।
उसने लगभग 5 मिनट मेरा लंड चूसा और मैंने तुरंत उसे खड़ा करके उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी पैंटी तुरंत उतार दी। उसकी योनि पर हल्के हल्के बाल थे।
मैंने आव देखा ना ताव और तुरंत उसकी मस्त गुलाबी चूत बैठ कर चाटने लगा। थोड़ी देर चूत चाटने के बाद जब हम दोनों आउट ऑफ़ कंट्रोल होने लगे तो रंजू ने कहा- आदी अब देर ना करो, जल्दी कुछ करो।
मैं भी वहाँ पर किसी के आने से डर रहा था तो मैं भी देर न करते हुए तुरंत अपने लंड को रंजना की चूत में डालने लगा, आपको पता ही है कि मैंने रंजना की इतनी चुदाई की थी कि उसकी चूत अब भोसड़ा बन चुकी थी और लंड खाने में अब उसे तकलीफ कम होती थी पर मेरा लण्ड भी मोटा और बड़ा है, उसे खाना इतना आसन नहीं होता था, डर के कारण और जगह कम होने के कारण हमने वहाँ ज्यादा टाइम और अलग अलग तरीके तो उपयोग नहीं किये पर फिर भी मैंने जबरदस्त 8-10 मिनट चुदाई की और अब हम दोनों का काम तमाम होने वाला था, और मैंने अपना पानी रंजना की चूत में ही डाल दिया !
अब हमने जल्दी से कपड़े पहने और पहले रंजना को निकाला और 5 मिनट बाद रंजना ने मेरे नंबर पर मिस कॉल किया तो मैं भी निकल गया।

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