कमीने रिक्शेवाले part 2

लौड़े को साटते हुये वो लड़की की स्कर्ट उठाकर नीचे झाँकने लगा।
जैसे ही नीचे नजर पड़ी मानों उसको पागलपन का दौरा पड़ गया हो।
योनि पर रत्ती भर भी बाल नहीं था। एकदम सफ़ाचट चिकनी। मानो आज ही किसी नई ने उल्टा उस्तरा मारकर उसे मुन्डा किया हो।
“तेरी बुर तो एकदम चिकनी है……झाँट क्या इस पर तो एक रोवाँ भी नहीं है…..छूरे से साफ किया था या लौँडिया वाली बाल सफा क्रीम लगाई थी।….”
रिक्शेवान ने अपनी खुरदुरी उंगली से योनि की चिकनी फाँकों को छुआ।
लड़की को मानों करेन्ट लगा।
उसकी योनि के छेद से बूँद भर लासा चूँ पड़ा।
“सीSSSSSS……..क्रीम से”

“किसलिए चिकनी की थी…….चुदने के लिये…..”- वो जिस मूतने वाली पोजीशन में बैठी हुई थी उससे उसकी योनि की फाँकें एकदम भिंच गई थीं। रिक्शेवाले ने अपनी कठोर उंगलियों से योनि की मोटी-मोटी पुत्तियों को चीर कर देखा। कुँवारे पन का लाल रंग उसे दिखाई पड़ा। उसने नाक लगाकर जोर से सांस खींची। लौड़ियापन की एक अजीब सी बू से उसका शरीर मस्ता गया।
“बोल न….किसलिए चिकनी कि है…….चुदने के लिये…..”
“ऐसे ही……दो दिन बाद मेरी एम.सी आने वाली है इसलिये किया था…….”
“वाह…..तब तो मामला एकदम सेफ है..अगर मैं तेरी बुर भी चोद दूँ तब भी तुझे बच्चा नहीं आयेगा……”- रिक्शेवान नीचे लेट गया और अपनी जीभ घुसाकर बुर के छेद को जीभ से चोदने लगा।
लड़की पिघल गई। लौड़ियापन का मजा जैसे ही मिला वैसे ही उसकी योनि लिंग लेने के लिये सिसकने लगी।
5 मिनट योनि में जीभ की चुदाई से वो एकदम मस्ता गई थी।
रिक्शेवान ने जब देखा कि लौंडिया पूरी तरह से बहक गई है और चूत से लासा टपकने लगा है तो बस लौंडिया को लिटाकर उसकी कुँवारी चूची धर दबोची। जैसे ही चूची मसली गई की लौँडिया पूरी तरह से रिक्शेवान से लिपट गई।
मौका सही था।

लौड़ा तन्नाया हुआ था। चूत पूरी तरह से गीली थी। लड़की भी मस्ती में आकर पूरी तरह से चुदने के लिये तैयार थी।
फिर क्या था।
‘गुच्च’-रिक्शेवान ने अपने लौड़े का नुकीला सिरा लड़की की गीली लेकिन कसी बुर में घुसा दिया।
“आईSSS मम्मी…….”
एकदम सही मौका देखकर उसने लड़की के लाल-लाल होठों को चभुआ कर अपने होठों के बीच में भर लिया।
‘गुच्च’
इस बार पूरी ताकत से लौड़े को भोषड़ी के अंदर चाप दिया।
लड़की छटपटा न पाये इसलिये उसे कसकर अपने सीने से चिपका लिया। लड़की की दोनों मोटी-मोटी गोरी-गोरी चिकनी टांगों को अपने कंधे पर लादकर उसी पर पसरकर हुमकने लगा।
‘गुच्च….गुच्च….गुच्च…..’
“आईSSSS…..उईSSS…..मम्मी…….”

5 मिनट बाद जब लड़की नीचे से खुद ब खुद कमर उछालने लगी तब रिक्शेवान ने उसे कुतिया बना दिया और और गाँड़ के छेद में थोड़ा सा तेल लगाकर पहले तो उंगली से उसे चोक-चोक कर नरम बनाया फिर अपने पेल्हर को कस कर चाप दिया।
“आई मम्मीSSSSSS……..कल्ला रही है……..”
“बस मेरी मुर्गी…….हो गया तेरा काम…….अब देख तुझे कैसे चापता हूँ……जब तक तेरी गाँड़ पादेगी नहीं तब तक मेरा लौड़ा झड़ेगा नहीं…..”
उसके बाद तो मानों रिक्शेवान पिल पड़ा।
बस 20 ही धक्कों में गाँड़ ढोल की तरह बजने लगी।
पक्क-पक्क की आवाज ऐसे आ रही थी मानों किसी ने सुरंग खोद दी हो।
“अब बोल……पादती है कि नहीं…….”
“नहींSSSS आहSSSSS…..”
“जब तक नहीं बोलेगी तब तक चोदूंगा……बोल…..पादती है कि नहीं….”
लेकिन ठीक तभी जैसे ही रिक्शेवान ने कस कर चाँपा
‘पुर्रSSSSSSSSSS……’

लड़की की गाँड़ भी हवा छोड़ बैठी।
बस, मानों रिक्शेवाले को इसी का इंतजार था।
“ले गया मेरा माल तेरी गाँड़ में…..”
इधर जैसे ही उसका लौड़ा सिकुड़ कर बाहर आया वैसे ही वो लड़की बोली-
“प्लीज किसी से इस बारे में कुछ मत बताना…….”-लड़की अपना कपड़ा पहनते हुये बोली।
“चल एक शर्त पर नहीं बताउंगा……..”- रिक्शेवान भी अपना कुर्ता पैजामा पहनने लगा।-“वो जो दूसरा रिक्शेवान था……..वो भी तेरी गाँड़ मारेगा…..बस एक बार मरवा ले फिर किसी से कुछ भी नहीं बताउंगा…”
“तुम तो बोल रहे थे वो बहुत कमीना है……”- लड़की टांगों में अपनी कक्षी पहनते हुये बोली।
“है तो……..लेकिन मुझसे बड़ा नहीं।”-वो कुटिल भाव से आँख मार कर मुस्कुराया।
आखिर ये बात साबित हो गई थी कि रिक्शेवाले सब कमीने होते हैं।

………..THE END …………!

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