एक मज़बूर पति

मेरा नाम आलोक है और मेरी शादी, 3 साल पहले हुई थी।
मेरी बीवी बहुत सुंदर है, जिसका नाम रुचिका है.. उसकी फिगर – 34 28 36 है..
मेरे सभी दोस्त, मुझे बहुत लकी मानते हैं की मुझे इतनी सुंदर बीवी मिल गई।
लेकिन, मेरी एक समस्या है.. असल में, मेरा लण्ड केवल “4 इंच” का है और बहुत पतला है.. इसलिए, मैं शुरुआत में शादी नहीं करना चाहता था..
मेरी माँ ने बहुत सारे रिश्ते दिखाए.. लेकिन, अपनी कमज़ोरी के कारण मैंने सारे रिश्ते ठुकरा दिए.. पर, जब मैंने रुचिका की फोटो देखी तो मैं अपने आप को रोक नहीं पाया..
मुझे लगा की मैं बेकार मैं डर रहा हूँ, शादी के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा।
लेकिन, सुहागरात वाले दिन ही, मैं उसे संतुष्ट नहीं कर पाया।
मुझे बहुत बुरा लगा, लेकिन मेरी बीवी बहुत समझदार थी और उसने मुझसे कहा की अब आप ही मेरे पति हैं और मुझे कोई समस्या नहीं.. लेकिन, समस्या यहीं ख़तम नहीं हुई..
शादी के 2.5 साल बीतने पर भी जब बच्चा नहीं हुआ तो मेरी मां ने रुचिका को कोसना शुरू कर दिया.. जिससे, वो बहुत अपसेट रहने लगी..

मैं अपने घर में अकेला लड़का हूँ और घर से दूर, रुचिका के साथ इंदौर में रहता हूँ।
जब भी, मैं रुचिका के साथ घर जाता तो मेरी मां रुचिका को ही बुरा भला कहती.. जिससे, वो अक्सर उदास रहने लगी..
उसकी इस हालत से, मैं भी बहुत दुखी था क्यूंकी मुझे पता था की प्राब्लम मुझ में है, ना की मेरी रुचिका में।
एक दिन ऑफीस में, मेरे एक पुराने दोस्त वीरेंद्र ने मुझसे मेरी समस्या पूछी तो मैंने उससे कहा की मेरे स्पर्म में समस्या है.. !! इसलिए, हमारे बच्चे नहीं हो रहे.. !! (मैंने उसे शरम के कारण, अपने छोटे लिंग के बारे में नहीं बताया।)
वीरेंद्र ने मुझसे कहा की मैं चाहू तो टेस्ट ट्यूब बेबी कर सकता हूँ पर उसमें बहुत खर्चा आएगा.. !! लेकिन, उसके पास एक और सस्ता और आसान रास्ता है.. !!
मेरे पूछने पर, उसने बताया की वो एक ग्रूप को जानता है जो स्पर्म डोनेट करते हैं.. !! लेकिन, अगर कोई चाहे तो वो सेक्स करके भी प्रेग्नेंट कर सकते हैं.. !! इसमें, किसी डॉक्टर की कोई फीस भी नहीं लगेगी.. !!
मुझे उसकी बात सुनकर, बहुत गुस्सा आया पर उसने कहा की तुम्हारी मर्ज़ी है.. !! कोई ज़बरदस्ती, थोड़े ही है.. !! मैंने तो केवल सलाह दी है.. !! अगर, मंज़ूर हो तो हाँ बोल देना.. !!
मुझे उसकी बात अच्छी नहीं लगी.. लेकिन, मेरे पास कोई रास्ता भी नहीं था क्यूंकी मेरे पास टेस्ट ट्यूब करने के पैसे नहीं थे..
मैंने सोचा एक बार रुचिका से बात करके देखता हूँ.. लेकिन, जैसी मुझे उम्मीद थी, मेरी बीवी बहुत गुस्सा हुई..
उसने कहा की मैं “पतिव्रता नारी” हूँ.. !! किसी और के साथ सेक्स करने से पहले, अपनी जान दे दूँगी.. !!
मैं उसकी बात सुन कर, बहुत खुश हुआ की मुझे कितनी अच्छी बीवी मिली है..

पर, इधर घर से मां ने फोन कर कर के परेशान कर दिया था।
फिर, एक दिन रुचिका की मां का फोन आया.. उन्होंने, बताया की मेरी मां ने तलाक़ देने की धमकी दी है.. !! रुचिका की मां ने भी मेरी मां को उल्टा सीधा सुनाया की मेरी लड़की में तो कोई खराबी नहीं, ज़रूर तुम्हारा लड़का ही नामर्द होगा.. !!
उस दिन, रुचिका बहुत रोई..
आख़िर, मुझे लगा की वीरेंद्र का आइडिया मान लेने में ही समझदारी है। इसलिए, मैंने रुचिका को खूब समझाया उससे कहा की पुराने समय में जब राजा महाराजा के लड़के नहीं होते थे तो वो भी ऋषियो की मदद से बच्चे कर लिया करते थे और किसी को पता भी नहीं चलता था।
काफ़ी समझाने बुझाने के बाद, आख़िरकार रुचिका मान ही गई..
मैंने वीरेंद्र को भी बता दिया।
उसने एक नंबर दिया और कहा की मैं इस पर कॉल कर लूँ..
मैंने उस नंबर पर कॉल किया और अपने घर का पता दे दिया।
शाम को, एक खूबसूरत हटा कटा लड़का घर आया।
उसने कहा की पहले कुछ ओपचारिकता करनी होंगी, उसने मेरी बीवी की फोटो माँगी।
फोटो देख के, वो बहुत खुश हुआ। उसने रुचिका की खूबसूरती की तारीफ़ की।
उसके बाद, उसने कहा की आपकी बीवी का “एच आइ वी” टेस्ट करना होगा।
उसने अपने बैग में से, एक “एच आइ वी टेस्ट की कीट” निकाली और रुचिका को बुलाने को कहा।
मैंने रुचिका को बुलाया.. लेकिन, वो बहुत शरमा रही थी..
उसने नीले रंग की साड़ी पहनी हुई थी.. जिसमे, वो बहुत मस्त लग रही थी, एक दम अप्सरा जैसी..
वो लड़का तो थोड़ी देर, उसे देखता ही रह गया।
फिर, उसने मेरी बीवी की उंगली से थोड़ा ब्लड लिया और अपनी कीट में डाला..
थोड़ी ही देर में, वो खुश होते हुआ बोला की कोई समस्या नहीं है।
फिर उसने एक अग्रीमेंट पर साइन करने को कहा.. जिसपे, लिखा था की हम अपनी मर्ज़ी से सेक्स कर रहे हैं।
उसने कहा की हो सकता है की आप बाद में हम पर लीगल केस कर दें.. !!
मुझे उसकी बात काफ़ी प्रोफेशनल वाली लगी और मैंने और रुचिका ने उस पर साइन कर दिए।
फिर, उसने कुछ लड़कों के फोटो दिखाए की आप इसमें से किसी को भी पसंद कर लें.. !! यह सारे के सारे, बिना किसी रोग के लड़के हैं और अच्छे घरों से हैं.. !!
सारे फोटोस के आगे, उनका नाम, उम्र आदि लिखी थी।
मैंने रुचिका को, वो फोटो दिखानी चाही.. लेकिन.. ..
एक मज़बूर पति की ये एक अजीबो गरीब कहानी, जारी रहेगी अगले भाग में…

थोड़ी ही देर में, वो खुश होते हुआ बोला की कोई समस्या नहीं है।
फिर उसने एक अग्रीमेंट पर साइन करने को कहा.. जिसपे, लिखा था की हम अपनी मर्ज़ी से सेक्स कर रहे हैं।
उसने कहा की हो सकता है की आप बाद में हम पर लीगल केस कर दें.. !!
मुझे उसकी बात काफ़ी प्रोफेशनल वाली लगी और मैंने और रुचिका ने उस पर साइन कर दिए।
फिर, उसने कुछ लड़कों के फोटो दिखाए की आप इसमें से किसी को भी पसंद कर लें.. !! यह सारे के सारे, बिना किसी रोग के लड़के हैं और अच्छे घरों से हैं.. !!
सारे फोटोस के आगे, उनका नाम, उम्र आदि लिखी थी।

मैंने रुचिका को, वो फोटो दिखानी चाही.. लेकिन, उसने शरमाते हुए मना कर दिया.. पर, जब में फोटोस देख रहा था तो मैंने ध्यान दिया की वो भी चोर निगाह से, फोटोस देख रही थी..
फिर, मैंने ही एक लड़के को पसंद कर लिया.. जिसका, नाम “राहुल” था..
अब उस लड़के ने पूछा की आप की बीवी के पीरियड्स, कितने दिन पहले हुए थे क्यूंकी उसके बीच के दिन ही कन्सीव करने के लिए अच्छे होते हैं.. !!
मेरी बीवी ने धीरे से, मुझे बताया की लगभग 10 दिन पहले.. !! इस पर, वो बोला तो ठीक समय है.. !! आप कभी भी आ सकती हैं.. !!
हमने अगले दिन, शाम का प्रोग्राम सेट कर लिया क्यूंकी अगले दिन शनिवार था..
उसने मुझे एक पता दिया, जो एक पोश कॉलोनी में किसी बंगले का था।
(हम अपने बिस्तर पर, यह सब नहीं करना चाहते थे।)
अगले दिन, मैंने अपनी बीवी को फुल बॉडी वैक्स करने की सलाह दी, जो उसने मान ली।
मुझे अहसास हुआ की मेरी बीवी को भी अब मज़ा आ रहा है.. लेकिन, मुझे उस पर पूरा भरोसा था..
शनिवार शाम को, हम दिए गये पते पर पहुँच गये..
वो, बहुत सुंदर बंगला था।
हम लोग, ड्रॉयिंग रूम में सोफे पर बैठ गये।
वहाँ, पहले से एक लेडी बैठी थी.. उसका नाम “पिंकी” था और वो 28-29 उम्र की होगी..
पिंकी, मेरी बीवी को पास ही पड़ी डाइनिंग टेबल पर ले गई।
वो दोनों, कुछ बातें करने लगीं।
पिंकी, रुचिका को कुछ समझा रही थी.. शायद, होसला रखने को बोल रही हो..
फिर, पिंकी उठ के मेरे पास चली आई।
पिंकी ने कहा की घबराने की बात नहीं है.. !! हम यह बात अपने तक रखेंगे और वैसे भी हम पहले नहीं हैं और भी कपल ऐसी ही प्राब्लम पर आते हैं.. !!
फिर पिंकी ने कहा की मैंने राहुल को बुलाया है.. !! तुम एक बार, उससे बात कर लो.. फिर, थोड़ी देर राहुल और रुचिका आपस में बातें कर लेंगें.. !! अगर, सब कुछ सही लगे तो ही आगे का प्रोग्राम करेंगे.. !!
थोड़ी देर में, राहुल भी आ गया।
वो फोटो से भी ज़्यादा सुंदर था..
उसने मुझसे हाथ मिलाया.. लेकिन, मुझे बड़ी शरम आ रही थी..
फिर, वो मेरी बीवी से बातें करने लगा।

थोड़ी देर में, मैंने देखा की रुचिका और राहुल दोनों काफ़ी खुल कर बातें कर रहे थे.. हालाँकि, मैं बातें सुन नहीं पा रहा था.. लेकिन, मुझे लगा की रुचिका एक सुंदर और स्मार्ट लड़के के साथ, काफ़ी खुश है..
मुझे अपनी मजबूरी पर रोना आने लगा.. तभी, पिंकी ने मेरा हाथ पकड़ कर कहा की परेशान ना हो, बस एक दिन की बात है.. !! फिर, सब कुछ भूल जाना और एक खुशनुमा शादीशुदा लाइफ बिताना.. !!
उसके बाद, पिंकी ने रुचिका को बुलाया और उससे पूछा की राहुल कैसा लगा.. !! ??
रुचिका ने, शरमाते हुए हाँ कर दी (मुझे अपनी शादी का टाइम, याद आने लगा।)
पिंकी ने खुश होते हुए, रुचिका को एक गोली दी और बोली की यह खा लो.. !! इससे स्पर्म कन्सीव करने की क्षमता बढ़ जाएगी.. !!
रुचिका ने फ़ौरन, वो गोली खा ली..
फिर, पिंकी रुचिका को एक रूम में ले गई पर उसने मुझे वही बैठने को कहा क्यूंकी फिर रुचिका को शरम आती रहती..
मैं भी उसकी बात मान कर वहीं बैठ गया पर मुझे बड़ा अजीब सा लग रहा था।
फिर, पिंकी रुचिका को रूम में छोड़ कर, वापस आकर मेरे पास बैठ गई और राहुल को अंदर जाने का इशारा कर दिया।
राहुल ने अंदर से रूम बंद कर लिया.. ..
थोड़ी ही देर बाद, मेरी बीवी की सिसकारियों की आवाज़ें बाहर तक आने लगीं.. जिन्हें सुन कर, मुझे पसीना आने लगा..
मैं बेचेनी से उठ कर, इधर उधर घूमने लगा।
मैं रुचिका के पास, अंदर जाना चाहता था.. लेकिन, रूम अंदर से बंद था..
फिर, पिंकी ने मुझे अपने पास बैठाया।
थोड़ी देर बाद, वो मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक ले आई।
मैंने वो पी ली पर मुझे वो बड़ी अजीब सी लगी।
मुझे लगा की मेरी हालत की वजह से, ऐसी लग रही है।
फिर थोड़ी देर बाद, मुझे नशा आने लगा।
पिंकी ने मेरा सिर अपने कंधे पर रख लिया, मुझे कुछ सुकून मिला और मैं गहरी नींद में सो गया.. ..
रात के 3 बजे, मेरी नींद खुली तो देखा की मैं वही सोफे पर पड़ा हुआ था और सामने वाला रूम, जिसमें रुचिका थी वो खुला हुआ था।
मुझे लगा की शायद काम पूरा हो गया हो.. इसलिए, मैं रुचिका को देखने के लिए अंदर चला गया.. पर, मेरा सिर घूम रहा था और पैर लड़खड़ा रहे थे..
मैं जैसे तैसे, रूम में घुसा पर वहाँ कोई नहीं था। सिर्फ़, एक डबल बेड पड़ा था जिसकी बेडशीट अस्त व्यस्त थी।
बेड शीट पर खून और वीर्य के धब्बे पड़े थे.. लेकिन, रुचिका का कुछ आता पता नहीं था।
मैं रूम से बाहर आ गया और इधर उधर घूमने लगा।
मैं रुचिका.. !! रुचिका.. !! चिल्लाना चाहता था.. लेकिन, सिर चकराने के कारण चिल्ला नहीं पा रहा था..
फिर, मुझे ऊपर से कुछ आवाज़ें आईं और मैं लड़खड़ाते हुए, सीडीयों से ऊपर चला गया जहाँ एक रूम था.. जिसका, दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था..
मैंने जैसे ही रूम का दरवाजा खोला तो मेरी गाण्ड फट गई..
एक मज़बूर पति की ये एक अजीबो गरीब कहानी,

रात के 3 बजे, मेरी नींद खुली तो देखा की मैं वही सोफे पर पड़ा हुआ था और सामने वाला रूम, जिसमें रुचिका थी वो खुला हुआ था।
मुझे लगा की शायद काम पूरा हो गया हो.. इसलिए, मैं रुचिका को देखने के लिए अंदर चला गया.. पर, मेरा सिर घूम रहा था और पैर लड़खड़ा रहे थे..
मैं जैसे तैसे, रूम में घुसा पर वहाँ कोई नहीं था। सिर्फ़, एक डबल बेड पड़ा था जिसकी बेडशीट अस्त व्यस्त थी।
बेड शीट पर खून और वीर्य के धब्बे पड़े थे.. लेकिन, रुचिका का कुछ आता पता नहीं था।
मैं रूम से बाहर आ गया और इधर उधर घूमने लगा।
मैं रुचिका.. !! रुचिका.. !! चिल्लाना चाहता था.. लेकिन, सिर चकराने के कारण चिल्ला नहीं पा रहा था..
फिर, मुझे ऊपर से कुछ आवाज़ें आईं और मैं लड़खड़ाते हुए, सीडीयों से ऊपर चला गया जहाँ एक रूम था.. जिसका, दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था..
मैंने जैसे ही रूम का दरवाजा खोला तो मेरी गाण्ड फट गई.. क्यूंकी, रूम में मेरी बीवी एक बेड पर थी और चार आदमी उसे चोद रहे थे.. ..
दूसरी तरफ, पिंकी भी सोफे पर एक लड़के से चुद रही थी.. जबकि, एक आदमी किनारे, एक सिंगल सोफे पर बैठा ड्रिंक कर रहा था..
मैंने पूरी ताक़त लगते हुए चीखा की यह क्या हो रहा है…

अचानक से, रूम में हड़बड़ाहट सी फैल गई और रुचिका के साथ लगे दो लड़के मेरे पास आ गये।
मैंने देखा की उनमें से एक “वीरेंद्र” ही था।
मैं समझ गया की मेरे साथ धोका हुआ है.. लेकिन, तब तक पिंकी को चोदने वाले और ड्रिंक पीने वाले लड़के ने भी मुझे घेर लिया..
फिर उन्होंने मेरे हाथ पाँव पकड़ लिए और फिर रस्सी से बाँध कर, वहीं सोफे पर पटक दिया।
अब मेरे हाथ-पावं बँधे थे और मुंह पर भी टेप चिपका दिया।
फिर, उन लोगों ने पिंकी को थप्पड़ मारा की साली, कैसी दवाई थी की जो 4 घंटो में ही जाग गया.. !!
मैं समझ गया की पिंकी ने कोल्ड ड्रिंक में कोई दवाई मिलाई थी.. जिससे, मुझे नशा हो गया था..
मैंने इधर उधर नज़र डाली तो देखा की रूम में कई कैमरे लगे हुए थे.. यानी, मेरी बीवी की चुदाई की पूरी शूटिंग हो रही थी..
पर सबसे हैरानी इस बात की थी, रुचिका चुदने में ऐसे व्यस्त थी जैसे कुछ हुआ ही ना हो।
अब वीरेंद्र मेरे पास आया और बोला की सॉरी भाई, तेरी बीवी इतनी मस्त थी की साली को पहले ही दिन से चोदने का प्लान बना रहा था.. !!
फिर उसमें से एक ने, मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और बोला की ज़रा इस चूतिए का लण्ड तो देखें की इतनी मस्त बीवी की चूत अभी तक इतनी टाइट कैसे है.. !!
फिर, जैसे ही उन्होंने मेरे लण्ड को देखा तो सब हँसने लगे।

अब वीरेंद्र बोला की साले, मुझे तो पहले से ही शक़ था.. !!
फिर सब के सब मुझे छोड़ कर, रुचिका के पास इकठ्ठा हो गये।
रुचिका, राहुल का लण्ड अपनी चूत में डाले हुए कूद रही थी..
वीरेंद्र जा के उसके पीछे बैठ गया और उसकी गाण्ड में, एक उंगली डालने लगा।
रुचिका को इस पर और मज़ा आने लगा, वो प्यार से घूमी और “वीरू, आई लव यू” कहने लगी।
अचानक से, उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी।
शायद, चुदाई के नशे में अभी तक उसे मेरे वहाँ होने का पता ही नहीं था.. वैसे भी जब मैं रूम में घुसा था तो रुचिका की पीठ मेरी तरफ थी..
मुझे देखते ही, वो सकपका गई पर वीरू ने उससे कहा की टेन्षन ना लो.. !! वो कुछ नहीं करेगा.. !! तुम बस, हमारे साथ मज़े करो.. !! और वीरू दुबारा उसकी गाण्ड में, ज़ोर से उंगली करने लगा।
जब वीरू ने, उंगली निकाली तो उसमें वीर्य लगा हुआ था.. यानी, मेरी रुचिका की गाण्ड पहले ही, चुद चुकी थी..
मुझे रोना आ रहा था पर मेरी बीवी चुदवाने में मस्त थी।
फिर, बाकी लड़के जिनका नाम लकी, विनोद, राजू और देव था, वो भी मेरी बीवी को इधर उधर से सहलाने लगे।
उनके बीच से, मुझे बस अपनी बीवी की चूत दिखाई दे रही थी.. जिसमें राहुल का बड़ा सा लण्ड, अंदर बाहर जा रहा था..
रूम में, मुझे छोड़ कर सब नंगे थे और मेरी पैंट भी जो उन्होंने उतार दी थी, उसमें से मेरा छोटा सा लण्ड मुरझाया सा लटका हुआ था..
अब राहुल ने रुचिका को कस के पकड़ लिया, शायद उसका होने वाला था वो ज़ोर से चिल्लाया – रु चि का का का का का आ आ आ आ आ आ आ.. !! मे रा रा रा, हो ने वा ला है ह ह ह ह ह ह ह ह ह.. !!
उसे देख कर, सब हंस रहे थे..
फिर उसने नीचे से ही रुचिका को कस कर, अपने सीने से चिपका लिया और ज़ोर ज़ोर धक्के मारने लगा।
वीरेंद्र ने, लकी को मेरे आगे से हटने को कहा.. वो चाहता था की मैं यह नज़ारा, अपनी आँखो से देखूं..
फिर राहुल ढेर सारा माल, रुचिका की चूत में ही छोड़ने लगा..
कम से कम, एक मिनट तक राहुल ने उसे ऐसे ही चिपकाए रखा आर फिर रुचिका की चूत में से, राहुल का माल बाहर आने लगा..
मुझे अहसास हुआ की रुचिका भी झड़ गई है और उसका भी पानी बाहर आ रहा है।
मैंने ऐसा नज़ारा, पहली बार देखा था.. ..
रुचिका के पूरे शरीर पर पसीना आ रहा था.. लेकिन, फिर थोड़ी देर में वो मस्ती से अपनी गाण्ड ऊपर नीचे करने लगी..
लकी और वीरू, दोनों मुझे ही देख रहे थे और ज़ोर ज़ोर से हंस रहे थे।
अब वीरू बोला की देख बे, मादार चोद.. !! लड़की को कैसे चोद्ते हैं.. !!
फिर, राहुल ने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और खिसक कर बेड के किनारे लेट गया.. उसकी जगह, देव रुचिका के नीचे आ गया..
उसने प्यार से, रुचिका को घुमाया और रुचिका बड़े प्यार से घूम गई.. जैसे साली, मेरी बीवी ना हो कर उनकी रखैल हो..

राहुल ढेर सारा माल, रुचिका की चूत में ही छोड़ने लगा..
कम से कम, एक मिनट तक राहुल ने उसे ऐसे ही चिपकाए रखा आर फिर रुचिका की चूत में से, राहुल का माल बाहर आने लगा..
मुझे अहसास हुआ की रुचिका भी झड़ गई है और उसका भी पानी बाहर आ रहा है।
मैंने ऐसा नज़ारा, पहली बार देखा था.. ..
रुचिका के पूरे शरीर पर पसीना आ रहा था.. लेकिन, फिर थोड़ी देर में वो मस्ती से अपनी गाण्ड ऊपर नीचे करने लगी..
लकी और वीरू, दोनों मुझे ही देख रहे थे और ज़ोर ज़ोर से हंस रहे थे।
अब वीरू बोला की देख बे, मादार चोद.. !! लड़की को कैसे चोद्ते हैं.. !!
फिर, राहुल ने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया और खिसक कर बेड के किनारे लेट गया.. उसकी जगह, देव रुचिका के नीचे आ गया..
उसने प्यार से, रुचिका को घुमाया और रुचिका बड़े प्यार से घूम गई.. जैसे साली, मेरी बीवी ना हो कर उनकी रखैल हो..

अब रुचिका की चूत सामने की तरफ थी और गाण्ड नीचे।
देव नीचे से ही, रुचिका की गाण्ड में उंगली करने लगा, तब तक वीरू ने मेरे सामने ही मेरी बीवी की चूत में अपना लण्ड डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा..
विनोद भी, रुचिका की चुचि मुंह में लेकर चूसने लगा.. जबकि, राजू ने अपना लण्ड रुचिका के हाथ में दे दिया.. जिसे, रुचिका प्यार से हिलाने लगी..
फिर उसके बाद देव ने वीरू को इशारा किया और अपना लण्ड रुचिका की गाण्ड में डालने लगा..
रुचिका की गाण्ड, पहले से वीर्य से भीगी थी.. लेकिन, फिर भी उसे देव का लण्ड अंदर लेने मैं थोड़ी दिक्कत थी पर एक बार भी, रुचिका ने देव से कुछ नहीं कहा और ना ही उसे रोका.. बल्कि, अपनी गाण्ड हिला हिला कर पूरा लण्ड अंदर घुसेडवा लिया.. बस, रुचिका के चेहरे पर थोड़ी देर के लिए थोड़ा तनाव सा दिखा पर लण्ड अंदर घुसते ही, वो नॉर्मल हो गई..
मैंने आज तक रुचिका की गाण्ड नहीं मारी थी.. वैसे गाण्ड तो क्या मैं तो उसकी चूत भी, ठीक से नहीं मार पाया था..
अब फिर वीरू ने अपना लण्ड रुचिका की चूत में डाल दिया और फिर देव और वीरू दोनों, धक्के लगाने लगे।
2 मिनट बाद, दोनों ने अपनी पूरी रफ़्तार बड़ा दी.. जिससे, लकी और राजू भी किनारे से हट गये..
बस थोड़ी थोड़ी देर में, वो मेरी बीवी की चुचि मसल देते और बीच बीच में मेरी बीवी उनके लण्ड पकड़ कर हिलाने लगती।
अब रुचिका को जबरदस्त मस्ती छा रही थी और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेनी लगी…
पूरा रूम, उसकी चीखों से गूंजने लगा.. ..
वो चिला रही थी – फाड़ दो, मेरी चूत.. !! मार लो, मेरी गाण्ड.. !! आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ…। ऊ ई ई ई ई ई ई माआ आअ.. !! मर गाइई ई ई ई ई ई ई ई ई.. !! मज़ा आ गय्आ आअ.. !! साले, एक रात में ही, रंडी बना दिया.. !! कुतिया बना के, चोद डाअला आा आ रे.. !! आ आआ.. !!
रुचिका के मुंह से “रंडी, कुतिया” जैसे शब्द सुन कर, मुझे भी जोश आने लगा।
रुचिका के चेहरे से पसीना टपक रहा था और लण्ड अंदर बाहर जाने की “पक पक” की आवाज़ें आ रही थीं।
फिर लगभग 15 मिनट बाद, देव उसके अंदर ही झड़ गया.. !!

थोड़ी देर के लिए, वीरू भी रुक गया और फिर वो दुबारा धक्के लगाने लगा..
थोड़ी देर बाद, वो भी झड़ गया.. !!
दोनों ने, अपने लण्ड बाहर निकाल लिए, रुचिका की गाण्ड और चूत दोनों से वीर्य टपक रहा था।
दोनों ने, उसे बेड पर ही ऐसे बैठा दिया जैसे लोग “संडास” करते वक़्त बैठते हैं.. जिससे, उसके अंदर से वीर्य बाहर आने लगे..
फिर वीरेंद्र ने रुचिका से कहा, जिसे सुनकर मेरी तो गाण्ड ही फट गई..
रूचि अपने पति को अपना माल नहीं चटाऔगी.. !! जाओ, अपने पति के मुंह पर अपनी यह अनोखी क्रीम लगा कर आओ.. !! जिसके लिए, इस चुतिए की मां की इतनी गालियाँ खाई थीं.. !!
फिर रुचिका उठ कर मेरे पास आई.. उसकी पूरी जाँघ से ले कर, उसके घुटने तक वीर्य चू रहा था..
वो, बिल्कुल मेरे पास आ कर खड़ी हो गई।
अब जा के, मैंने रुचिका को करीब से देखा.. उसके पूरे चेहरे, चुचि और जाँघो पर लव मार्क्स थे.. उसके बालों तक में, वीर्य सूखा सा चिपका हुआ था.. बल्कि, पूरा बदन, जैसे वीर्य से सना हुआ था..
फिर, वीरू ने रुचिका से मुझे अपनी गाण्ड दिखाने को कहा।
रुचिका, मेरी तरफ अपनी गाण्ड करके मूड गई..
वीरू के इशारे से, वो थोड़ा नीचे झुकी.. जिससे, उसकी गाण्ड बिल्कुल मेरे सामने आ गई..
उसकी गाण्ड, बिल्कुल खुल चुकी थी.. उसके चुतड़ पर थोड़े थोड़े नाख़ून के निशान भी नज़र आ रहे थे.. शायद, गाण्ड मारते हुए थोड़ी “छी छी” भी बाहर आ गई हो..
तभी पिंकी उठी और रुचिका की चूत और गाण्ड के नीचे, अपना हाथ लगा कर वीर्य पोछने लगी।
थोड़ी ही देर में, पिंकी की पूरी हथेली वीर्य से भर गई..
पिंकी ने पहले हथेली प्यार से खुद सूँघी, फिर रुचिका को भी सूँघाई और फिर मेरी नाक के पास लगा दी..
बहुत ही, “मादक महक” थी.. !! .. !!
आदमी का वीर्य और औरत का पानी मिलकर, जो निर्माण करते हैं, ज़रा सोचिए उसकी महक कैसी होगी और फिर उसमें औरत की छी छी और पेशाब की भी महक भरी हुई हो, तो कहने ही क्या..
फिर उसके बाद, पिंकी ने अपनी हथेली चाट ली..
अब रुचिका की गाण्ड में, अंदर तक उंगली घुसेड कर इधर उधर घूमने लगी.. जैसे लोग जैम की डिब्बी में से उंगली से जैम निकालते हैं..
फिर जब पिंकी ने उंगली निकाली तो उसमें थोड़ा थोड़ा वीर्य लगा हुआ था।
मुझे यह देख कर, घिन आने लगी..
पिंकी ने अपनी उंगली, मेरी नाक पर सूँघाई और फिर रुचिका के मुंह में डाल दी..
जिसे, रुचिका ऐसे चाट गई जैसे उंगली पर जैम लगा हुआ हो।
यह देख कर, सब हँसने लगे।

पिंकी ने अपनी उंगली, मेरी नाक पर सूँघाई और फिर रुचिका के मुंह में डाल दी..
जिसे, रुचिका ऐसे चाट गई जैसे उंगली पर जैम लगा हुआ हो।
यह देख कर, सब हँसने लगे।

मैं समझ गया की अब मेरी रुचिका आम लड़की नहीं रही, वो पूरी रंडी बन गई है..
फिर वीरू ने, उसे अपने पास बुला लिया और रुचिका बेड पर चढ़ गई.. अब दुबारा राजू और लकी आगे पीछे से, उसे चोदने लगे..
इतने में, वीरू ने रुचिका के मुंह में अपना लण्ड ठूंस दिया.. जिसे, वो प्यार से चूसने लगी..
विनोद ने, वीरू को इशारा किया और खुद अपना लण्ड रुचिका के मुंह में घुसा कर हिलाने लगा।
तभी वीरू को कुछ और शरारत सूझी और उसने राजू को हटाया, जो रुचिका की चूत मार रहा था और फिर वीरू ने रुचिका की चूत में उंगली करना शुरू कर दिया.. जबकि, लकी रुचिका की गाण्ड मार रहा था..
फिर वीरू ने अपनी रफ़्तार बड़ा दी, वो कुछ खास तरह से उंगली कर रहा था.. जिसका, नतीज़ा भी जल्दी ही आ गया..
अब विनोद भी, अपना लण्ड निकाल कर किनारे खड़ा हो गया। जिसके लण्ड को, एक हाथ से रुचिका ने पकड़ रखा था। जबकि, राजू के लण्ड को रुचिका ने दूसरे हाथ से हिला रही थी।
बीच-बीच में, रुचिका दोनों के लण्ड चूस भी लेती..
फिर थोड़ी ही देर में, रुचिका का जिस्म अकड़ने लगा और वो ज़ोर ज़ोर से मचलने लगी.. ..
अचानक से, उसकी चूत से ढेर सारा पानी निकलने लगा, जिसे पिंकी अपने मुंह में लेने की कोशिश करने लगी..
फिर, पिंकी ने अपनी हथेलियों से चुल्लू बनाकर, थोड़ा पानी मेरे पास ले आई और बोली की यह तुम्हारी “बीवी की मस्ती का पानी” है.. !! दुनिया में, बहुत कम औरतों को ही, यह सुख मिलता है.. !! वो भी वीरू जैसे अनुभवी चोदु के कारण, वरना ज़्यादातर औरतों को तो ज़िंदगी भर यह सुख मिल ही नहीं पाता.. !!
इसके बाद, दुबारा विनोद और राजू अपने अपने काम में लग गये.. वीरू भी, थक कर किनारे ही लेट गया..
वैसे भी, सुबह के 4:30 हो गये थे..

इधर, पिंकी भी मेरे पास ही बैठ गई और मेरे लण्ड को हाथ में ले कर हिलाने लगी।
अपनी बीवी की चुदाई देखकर, मेरा लण्ड भी खड़ा होने लगा था.. वैसे भी, अब वो मेरी बीवी नहीं, बल्कि “सड़क की रंडी”, बन चुकी थी..
उसकी सिसकारियाँ सुनकर, मेरे लण्ड में भी खून दौड़ने लगा..
अचानक, पिंकी ने मेरा छोटा सा लण्ड अपने मुंह में ले लिया..
वो लोलीपोप की तरह, मेरा लण्ड चूसने लगी।
पहली बार, कोई लड़की मेरा लण्ड चूस रही थी, क्यूंकी रुचिका ने मुझे हर बार मना कर दिया था।
आज मेरी बीवी, किसी और मर्द का लण्ड चूस रही थी और एक दूसरी लड़की, मेरा लण्ड चूस रही थी।
फिर पिंकी मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे लण्ड को अपनी चूत में ले लिया।
पिंकी की चुचियाँ, मेरे मुंह के पास थीं.. लेकिन, मेरे मुंह पर टेप लगा हुआ था इसलिए, मैं उसे चूस नहीं सकता था..
फिर, मेरे लण्ड पर उछलते हुए पिंकी ने कहा की तुम्हारी बीवी “हाइपर सेक्स” के नशे में है, जो मैंने उसे शुरुआत में खिलाई थी.. !!
इस के कारण, औरत इतनी चुदासी हो जाती है की वो अच्छा बुरा सब भूल जाती है.. लेकिन, तुम परेशान ना हो वो ठीक हो जाएगी और तुम्हारे अंदर भी कोई कमी नहीं है.. !! सिर्फ़ विश्वास की कमी है.. !! जिसके कारण, जल्दी झड़ जाते थे.. !! पर, मैं तुम्हे सब सीखा दूँगी.. !!
यह कह कर, उसने मुझे चूमा और अपनी रफ़्तार बड़ा दी।
असल में, मुझे उस रंडी पिंकी पर बहुत गुस्सा आ रहा था.. क्यूंकी, उसने मेरी सीधी साधी बीवी को रंडी बना दिया था..
सच कहूँ तो मैं उसकी चूत फाड़ डालना चाहता था.. इसीलिए, ताबड़ तोड़ धक्के मारने लगा.. अब रूम में, मेरी बीवी के साथ पिंकी भी चिल्ला रही थी – आ आ आ आ आ.. !! उू उउ.. !! और, चोदो और, चोदो.. !! मार लो, मेरी… फाड़ दो, मेरी चूत हा ई या आ आ उ आ या आ उंह.. !! क्या चो द र हा है.. !!
और, पिंकी ने चिल्लाते हुए, मेरे मुंह से टेप हटा दिया और अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसेड दी, जिसे मैं चाटने लगा।
अब मुझ पर भी सेक्स का नशा चढ़ गया था.. इस लिए, मैं भी मज़े लेने लगा..
तभी राहुल उठा, जो सबसे किनारे बैठा था।
वो हम दोनों के पास आया और पिंकी की गाण्ड पर अपनी थूक लगाने लगा।
फिर, थोड़ा थूक अपने लण्ड पर लगाया और पिंकी की गाण्ड में, अपना लण्ड पेल दिया।
अब पिंकी और मेरी बीवी, दोनों के दोनों छेदों में लण्ड थे..
तभी वीरू भी खड़ा हुआ और बोलने लगा की हाँ दोस्तो, ऐसे ही.. !! इन दोनों रंडियों को चोदो.. !!
फिर, वो मेरे सोफे के पीछे आ गया और अपना लण्ड पिंकी के मुंह में डाल दिया और बोला – जब रुचिका के तीनों छेद में लण्ड है तो अपनी पिंकी कैसे छूट जाए.. !!
फिर उसने मुझसे कहा – क्यूँ बे साले, मज़ा आ रहा है, असली चुदाई का.. !!
बात तो सच थी, मैं घर पर तो रुचिका की चूत में 2 मिनट में ही झड़ जाता था.. लेकिन, यहाँ मैं तबा तोड़ पिंकी की चूत चोद रहा था..
फिर वीरू ने, मेरे हाथ भी खोल दिए।
पहले, मैं सोच रहा था की हाथ खुलते ही वीरू की गर्दन दबा दूँगा.. लेकिन, अब मेरी बाहों में पिंकी का शरीर था.. जिसे, मैंने कस कर पकड़ लिया..
फिर वीरू का इशारा पा कर, राहुल ने मेरे पैरों को भी खोल दिया।
अब मैं आराम से, पिंकी की चूत में सही से लण्ड डाल सकता था…
दोनों के मुंह में, लण्ड ठुसने के कारण वो दोनों चिला नहीं पा रही थी.. सिर्फ़ गून गून की आवाज़ आ रही थी.. जिसे, हम लोग एंजाय कर रहे थे..
ऐसे ही, 10 मिनट के बाद, एक एक कर सबका वीर्य निकल गया.. !!
आज पहली बार, मुझे असली चुदाई का एहसास हुआ और मैं थक कर सोफे पर निढाल गिर गया, राहुल और वीरू भी सोफे पर ही पसर गये..
जबकि उधर विनोद, राजू, देव और लकी मेरी बीवी के साथ बेड पर पड़े थे और मेरी बीवी के शरीर को सहला रहे थे।
फिर पिंकी भी उठ कर, उनके बीच में चली गई और मेरी बीवी के ऊपर लेट गई।
अब दोनों, अपने में ही मज़े ले रही थी.. ना जाने, उनमें इतना सेक्स करने के बाद भी इतनी ताक़त, कहाँ से बची थी..
पिंकी, अपने गाण्ड और चूत में से लण्ड निकाल निकाल कर, कभी खुद चाटती तो कभी रुचिका को चटाती।
फिर पिंकी ने अपनी चूत में से वीर्य को निकाल कर, रुचिका के मुंह में डाला और बोली की इसे पूरा पी जा.. !! यह, तेरे असली पति की मलाई है.. !!
फिर पिंकी अपनी चूत ही रुचिका के मुंह पर ले के बैठ गई और रुचिका मस्ती से उसकी चूत चाटने लगी।
पिंकी के बैठने से मेरा वीर्य उसकी चूत से बाहर आने लगा, जो सीधा रुचिका के मुंह में जा रहा था।
दोनों, बहुत देर तक ऐसे ही खेलती रहीं.. फिर, दोनों थक के सो गईं..
मुझे भी नींद आ गई।

सुबह 11 बजे, जब मेरी नींद खुली तो देखा की पिंकी चाय बना लाई थी।
उसने प्यार से, मेरे लण्ड को मुंह से चूमा..
रूम में और कोई मर्द नहीं था, सिर्फ़ रुचिका बिस्तर पर पड़ी सो रही थी..
अब पिंकी ने मुझेसे कहा की देखो जो होना था हो गया.. !! अब इसे एंजाय करो.. !! वैसे भी, कल रात की पूरी रिकॉर्डिंग इन लोगों के पास है.. !! फिर तुम दोनों ने खुद साइन करके भी दिया है.. !! इसलिए, कोई बेवकूफी ना करना.. !! तुम्हारी बीवी की कोई ग़लती नहीं है.. !!
पिंकी ने मुझे एक गोली देते हुए बोला की यह अपनी बीवी को खिला देना, जिससे इसे बच्चा नहीं होगा और अब तुम आराम से अपनी बीवी को चोद कर, उससे अपना बच्चा कर सकते हो.. !! अब यह तुम्हारी ज़िम्मेदारी है की तुम अपनी बीवी का होसला बड़ाओ क्यूंकी वैसे भी तुम ही ज़िद करके अपनी बीवी को यहाँ लाए थे.. !! तुम मर्द से खुद तो कुछ होता नहीं, बस अपनी बीवियों को कोसते रहते हो.. !! इसलिए, उसे प्यार से समझना की इसमें उसकी कोई ग़लती नहीं.. !! वैसे भी, कल तुमने भी मेरी चूत मारी थी.. !! …याद है, ना.. !! …यह कह कर उसने मुझे आँख मार दी..
मैं भी इस पर मुस्कुरा दिया…
असल में, मुझे बहुत संतुष्टि थी की मैं “नामर्द” नहीं हूँ.. !! आगे पिंकी ने कहा की अगर, तुम चाहो तो यह सब कंटिन्यू कर सकते हो और रोज मेरी चूत भी मार सकते हो…
उसने मुझे बताया की वो असल में राहुल की बीवी है और तो और वीरू, लकी और देव की बीबी भी यह सब करती हैं और तो और राजू की तो सग़ी बहन और उसकी गर्लफ्रेंड भी यहाँ आती है.. !! तुम चाहो तो, उन सबको भी ऐसे ही चोद सकते हो.. !!
मैंने और किसी को तो नहीं देखा था, लेकिन वीरू की बीवी रश्मि से मिला था जो बहुत मस्त माल थी.. इसलिए, मुझे लगा की जब सब कुछ हो ही चुका है तो अब एंजाय ही किया जाए..
फिर पिंकी बाहर चली गई और मैंने रुचिका को प्यार से उठाया।
वो उठते ही, मुझसे चिपक कर रोने लगी..
उसके पूरे शरीर पर वीर्य चिपका हुआ था जो पपड़ी जैसा हो गया था,।
पूरा बेड भी वीर्य और पेशाब के धब्बो से, सना हुआ था।
रुचिका के बाल बिखरे हुए थे, जो वीर्य के कारण आपस में चिपक गये थे।
मैंने उसे प्यार से सहलाया और सारी बात समझाई.. फिर, प्रेग्नेन्सी रोकने वाली दवाई भी खिला दी..
अब हम दोनों नंगे ही नीचे चले गये, जहाँ डाइनिंग टेबल पर सब नंगे ही बैठे हुए थे और लकी की गोद में पिंकी बैठी थी, जिसके ऊपर मक्खन रख कर राजू ब्रेड में लगा लगा कर सबको खाने को दे रहा था।
हम दोनों को देख कर, वीरू चिल्ला कर बोला – आ जा, मेरे भाई.. !! बोलो, क्या फ़ैसला है तुम्हारा.. !! मैंने तेरी बीवी को चोदा चाहे तो मेरी बीवी को चोद के बदला ले ले.. !! वैसे भी, मेरी बीबी तेरी बड़ी तारीफ़ करती है की भाई साब कितने सीधे हैं.. !!
यह सुनकर, मेरे दिमाग़ में रश्मि को चोदने का मन होने लगा और मैंने ज़ोर से हाँ कह दी..
तब राहुल मेरे पास आया और बोला – आलोक भाई, कल तुमने मेरी पिंकी को मस्त चोदा.. !!
अपनी तारीफ़ सुन कर, मैं खुश होने लगा। तभी विनोद ने मेरी बीवी का हाथ पकड़ कर अपने पास बिठा लिया।
वैसे, मैं तो नंगा ही नीचे आ गया था लेकिन मेरी बीवी ने एक तोलिय लपेट लिया था क्यूंकी उसे शरम आ रही थी और उसके कपड़े नीचे वाले रूम में ही पड़े थे।
फिर, हम सबने नाश्ता किया।
अब तक रुचिका भी सब से खुल चुकी थी।
वीरू ने कहा – भाइयो, रुचिका जी को रात वाला पूरा टेप दिखाओ की कैसे हमने रूचि की पहली बार गाण्ड फाड़ डाली थी और रुचि कैसे दो-दो लण्ड ले के चूस रही थी.. !!
यह सब सुनकर रूचि भी शरमाने लगी और मुझे हँसी आने लगी।
फिर, मैंने वीरू से पूछा की तुम कल रश्मि को क्यूँ नहीं लाए.. !! तो उसने जावब दिया की भाई, अगर उन सबको ले आते तो सब लण्ड लेने के लिए आपस में ही लड़ने लगती और फिर पहली बार रुचिका की पूरी चुदास भी तो मिटानी थी.. !! क्यूँ, रुचिका अभी मिटी की नहीं तेरी चुदास.. !!
यह सुन कर रुचिका भी हंस दी। तब, पिंकी बोली की कल की चुदाई के बाद तो रूचि की चुदास और बढ़ गई होगी.. !! क्यूँ, है ना रूचि.. !!
अब रूचि ने भी पिंकी को जवाब दिया – हाँ, सो तो है.. !! कल जितना मज़ा आया, वो तो अब हर रात को चाहिए.. !!
यह सुनकर हम सब हँसने लगे और वीरू ने रश्मि को फोन कर वहीं बुला लिया और मुझे आँख मार कर कहा – ले भाई, ले ले मुझसे बदला.. !!
समाप्त.. .. ..

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