अम्मी और खाला को कुत्तों की तरह चोदा part 6

दोनो बहनो के मम्मे उनके बदन का नुमायाँ तरीन हिस्सा थे जिन पर हर एक की नज़र सब से पहले पड़ती थी. उनके मम्मे मोटे, भारी, तने हुए और बाक़ी बदन से गैर-मामूली तौर पर आगे निकले हुए थे. दोनो ने अपने बच्चों को ज़ियादा देर दूध नही पिलाया था और शायद इस लिये भी उनके मम्मे इतने मोटे और तने हुए थे. मैंने अम्मी के मम्मे उन्हे चोदते वक़्त बहुत चूसे थे जबके खाला अम्बरीन के मम्मों को पिंडी में खूब टटोला था. मुझे लगता था के अम्मी के मम्मे खाला अम्बरीन से एक आध इंच बड़े थे. लेकिन देखने में दोनो के मम्मे एक दूसरे से बड़ी हद तक मिलते थे. दोनो के सूजे हुए मम्मों के निप्पल काफ़ी बड़े साइज़ के थे. खाला अम्बरीन के निप्पल लंबाई में अम्मी के निपल्स से कुछ कम थे और उनके साथ वाला हिस्सा बहुत बड़ा था जबके अम्मी के निप्पल बहुत लंबे थे मगर उनके साथ का हिस्सा खाला अम्बरीन के मुक़ाबले में कुछ छोटा था.

अम्मी और खाला अम्बरीन के पेट भी नरम-ओ-गुन्दाज़ थे. खाला अम्बरीन का पेट मामूली सा निकला हुआ था लेकिन अम्मी का पेट तो था ही नही. हालंके अम्मी के तीन बचे थे और खाला अम्बरीन के दो. दोनो की चूतों में भी काफ़ी मुमासिलत थी. मैंने खाला अम्बरीन को नही चोदा था लेकिन अम्मी की चूत के हर अंग से वाक़िफ़ हो चुका था. दोनो की चूतें मोटी और सूजी हुई थीं और उन पर बाल भी थे. उनकी रानें भी बाक़ी बदन की मुनासीबत से मोटी और भारी थीं . मम्मों के बाद दोनो ही के बदन का बहुत ही ख़ास हिस्सा उनके मोटे और बड़े भारी चूतड़ थे जिनकी बनावट भी एक जैसी थी. औरतों के चूतड़ ज़रा भारी ही होते हैं लेकिन अम्मी और खाला अम्बरीन के चूतड़ गैर-मामूली मोटे और चौड़े थे.

में इन ख़यालों में डूबा हुआ था और अम्मी खाला अम्बरीन को बता रही थीं के उन्हे पिंडी वाले वक़िये का ईलम हो चुका है और ये के नज़ीर ने यहाँ फोन किया था. ये सुन कर खाला अम्बरीन के चेहरे का रंग अर गया. कहने लगीं बस यासमीन ये बे-इज़्ज़ती क़िस्मत में लिखी थी लेकिन उस कुत्ते को ये नंबर कैसे मिला? अम्मी ने उन्हे होटेल के रिजिस्टर के बारे में बताया और कहा के अब पुरानी बातें छोड़ो और ये सोचो के अगर नज़ीर के पास कोई नंगी फिल्म है तो वो उस से कैसे ली जाए. हम तीनो बातें कर रही थे के फोन की घंटी बाजी.

मैंने फोन उठाया तो दूसरी तरफ राशिद था. उस ने खाला अम्बरीन का पूछा. उन्होने उस से बात की और उनके चेहरे पर हवाइयाँ उररने लगीं. वो राशिद को डांट कर बोलीं के वो घर ही रुके वो वापस आ रही हैं. फोन रख कर उन्होने रो देने वाले अंदाज़ में बताया के नज़ीर ने उनके घर फोन कर के राशिद से बात की और उनके बारे में पूछा. जब राशिद ने कहा के तुम कौन हो तो वो बोला के में तुम्हारी माँ का यार हूँ उस से मेरी बात करवाओ. राशिद ने उससे गालियाँ दीं और अब मुझ से लड़ रहा था. ये ख़तरनाक बात थी. मैंने राशिद को फोन किया और उससे कहा के वो अपने घर के फोन की तार निकाल दे और फॉरन यहाँ आ जाए. इस सूरत-ए-हाल में राशिद को सारी बात बताय बिना कोई चारा नही था.

कुछ देर बाद राशिद हमारे घर आया तो में उससे सीधा अपने कमरे में ले गया और बिला-झीजक बताया के मुझे मालूम है के वो अम्मी को चोदता रहा है. ये सुन कर उस पर जैसे बिजली गिर पड़ी. मैंने कहा वो परेशां ना हो मैंने भी उस की माँ को चोदने की कोशिश की थी. वो फटी फटी आँखों से मुझे देखता रहा. मैंने उससे पिंडी वाला वक़ीया सुनाया और कहा के हमें सोच समझ कर नज़ीर से निमटना होगा. मेरी बातें सुन कर वो कुछ संभला और कहने लगा के शाकिर तुम मुझ से नाराज़ नही हो. उस वक़्त मेरे ज़हन में एक शैतानी ख़याल आया. मैंने कहा के राशिद अगर में खाला अम्बरीन की चूत एक दफ़ा मार लूं तो मेरा तुम्हारा हिसाब बराबर हो जाए गा लेकिन इस के बाद में और तुम एक दूसरे की माओं को नही चोदेंगे. वो खामोश रहा.

फिर हम अम्मी और खाला अम्बरीन के पास आए जहाँ ये फ़ैसला हुआ के नज़ीर से फिल्म ले कर देखी जा’य और इस के बाद आगे का सोचा जाए. कुछ देर बाद नज़ीर का फोन आया. मैंने उससे कहा के वो पहले मुझे फिल्म दिखाए फिर बात हो गी. वो बोला के में जहाँ कहूँ वो आ जाए गा. मै और राशिद उससे दाता दरबार के पास एक होटेल में मिले. उस के साथ एक दुबला पतला सा लंबा लड़का भी था जिस की उमर 20/22 साल हो गी. वो भी नज़ीर ही की तबक़े का लग रहा था. नज़ीर ने उस का नाम करामात बताया. उस ने मुझे एक DVD दी और कहा के इस को देख कर में उस से राबता करूँ वो बताय गा के वो किया चाहता है. उस ने मुझे एक मोबाइल फोन का नंबर भी दिया.

हम वापस घर आए और वो फिल्म देखी तो वाक़ई उस में में खाला अम्बरीन की क़मीज़ उतार कर उनके मम्मे पकड़ रहा था. पहले तो हम चारों एक दूसरे से नज़रें चुराते रहे मगर फिर ये झिझक भी ख़तम हो गई. अम्मी ने कहा के ये तो बहुत गड़बड़ है अगर नज़ीर ने ये फिल्म किसी को भेज दी तो किया होगा. खाला अम्बरीन बोलीं के इस का मतलब है नज़ीर ने जो मेरे साथ किया उस की भी फिल्म बनी हो गी. मैंने कहा के ऐसी फिल्म तो उससे भी फँसा दे गी वो ये नही कर सकता. राशिद ने मुझ से इतिफ़ाक़ किया. फिर मैंने नज़ीर के दिये हुए नंबर पर फोन किया और पूछा के वो किया चाहता है. उस ने हंस कर कहा के वो खाला अम्बरीन और अम्मी से मिलना चाहता है और उससे 50,000 रुपय भी चाहिए. मैंने कहा के वो खाला अम्बरीन और अम्मी की बात छोड़ दे पैसों का इंतज़ाम हो जाए गा. उस ने कहा के वो अम्मी और खाला अम्बरीन को चोदे बगैर नही माने गा.
मैंने सब को ये बात बताई. राशिद कहने लगा के वो खाला यासमीन को भी चोदना चाहता है. मैंने भी कहा के हाँ वो खाला अम्बरीन के साथ साथ अब अम्मी की चूत भी लेना चाहता है. ये कह कर मुझे एहसास हुआ के हमारे हालात कुछ ऐसे हो गए थे के हम अपनी माओं के सामने उनकी चूतों की ज़िक्र कर रहे थे और ना उन्हे कोई शरम महसूस हो रही थी और ना हमें. आसमान भी कैसे कैसे रंग बदलता है.

खैर हम सोचते रहे के किया करें. आख़िर अम्मी ने कहा के हम कोई ख़तरा मोल नहीं ले सकते हमें हर सूरत वो फिल्म हासिल करनी है चाहे इस के लिये हमें अपनी इज़्ज़तों का सौदा ही क्यों ना करना पड़े. पैसों का तो हम बंदोबस्त कर लें गे लेकिन मसला ये है के उस कुत्ते को कहाँ मिला जाए. मैंने कहा के अम्मी नज़ीर गंदा आदमी है हमें उससे घर ही बुलाना चाहिये क्योंके हमारे लिये बाहर जाना ज़ियादा ख़तरनाक हो सकता है. सब ने इस बात से इतेफ़ाक़ किया. मैंने नज़ीर को फोन कर के अपने घर का पता बताया और कहा के वो कल सुबह दस बजे आ जाए. उस ने कहा के ज़िंदाबाद मैंने फिल्म अपने एक दोस्त को दी है जब में फ़ारिग़ हो कर तुम्हारे घर से निकलूं गा तो तुम मेरे साथ चलना और फिल्म ले लाना. हमारे पास उस की बात मान लेने के अलावा कोई रास्ता नही था. इस के बाद खाला अम्बरीन और राशिद अपने घर चले गए.

अगले दिन में, अम्मी, खाला अम्बरीन और राशिद घर पर मोजूद थे. अम्मी ने बच्चों को सुबह ही नाना के घर भेज दिया था. उन्होने 50,000 रुपय भी मेरे हवाले कर दिये थे. ठीक दस बजे दरवाज़े की घंटी बाजी. मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने नज़ीर और करामात खड़े थे. मै उन्हे ले कर ड्रॉयिंग रूम में आ गया. अम्मी और खाला अम्बरीन कुर्सियों पर बैठी थीं और बड़ी मुजतरीब लग रही थीं . अम्मी ने तो नज़ीर को गौर से देखा लेकिन खाला अम्बरीन उस से नज़रें चुरा रही थीं . नज़ीर ने दोनो बहनो को देखा तो उस की आँखों में चमक आ गई.

अम्मी को घूरते हुए कहने लगा के अच्छा तुम इस की बहन हो. तुम भी इसी की तरह मजेदार हो. इस की फुद्दी मैंने पिंडी में मारी थी और आज तक उस का सवाद नही भूला. रोज़ इस की चिकनी फुद्दी को याद कर के दूसरी औरतों को चोदता था और मूठ मारता था. अम्मी ने उस की बातों का जवाब नही दिया और कहा के तुम पैसे ले लो और यहाँ से चले जाओ. नज़ीर ने कहा के अब तो में तुम दोनो को चोद कर ही जाऊं गा. इस काम में मेरा ये दोस्त करामात मेरी मदद करे गा. फिर बोला के यहाँ मुझे मज़ा नही आए गा ऐसे कमरे में चलो जहाँ बेड हो. हम सब उठ कर अम्मी के बेडरूम में आ गए.

बेडरूम में नज़ीर ने फॉरन कपड़े उतार दिये और उस का अजीब-ओ-ग़रीब मोटा लंड सब के सामने आ गया. उस के मोटे मोटे टट्टे दूर ही से नज़र आ रहे थे. करामात खामोश एक तरफ खड़ा रहा. खाला अम्बरीन तो नज़ीर का लंड अपनी चूत में ले चुकी थीं मगर अम्मी उससे देख कर वाज़ेह तौर पर हैरान हुई थीं . अम्मी ने खाला अम्बरीन की तरफ मानी-खैीज़ नज़रों से देखा. शायद वो सोच रही थीं के खाला अम्बरीन ने इतना मोटा और बड़ा लंड कैसे अपनी चूत में लिया होगा. फिर नज़ीर के कहने पर करामात ने भी अपने कपड़े उतार दिये. उस का लंड भी कम जानदार नही था. उस का लंड नज़ीर से पतला था लेकिन बे-इंतहा लंबा था. मैंने सिरफ़ फिल्मों में ही इतना लंबा लंड देखा था. करामात का लंड देख कर समझ में आता था के वो और नज़ीर क्यों दोस्त थे. मैंने नज़ीर से कहा के में और राशिद दूसरे कमरे में चले जाते हैं कुछ देर बाद आ जायें गे. नज़ीर बोला के तुम हमें अपनी अपनी माओं को चोदते हुए देखो गे क्योंके मुझे इन को तुम्हारे सामने चोदने में ज़ियादा मज़ा आए गा. हम चुप रहे.

फिर खेल शुरू हो गया. नज़ीर ने अम्मी का हाथ पकड़ा और उन्हे खैंच कर सीने से लगा लिया. अम्मी उस से काफ़ी लंबी थीं . उस ने अपने हाथ उनकी मज़बूत कमर में डाले और उन्हे सख्ती से अपने साथ चिपटा लिया. फिर अम्मी का दुपट्टा उतार कर फ़रश पर फैंका और उनका चेहरा नीचे कर के उनके होठों पर अपने होंठ मज़बूती से जमा दिये. वो बड़े भरपूर तरीक़े से अम्मी के सुर्ख होठों को चूम रहा था. उस ने एक हाथ से अम्मी के मम्मे पकडे और उन्हे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा. अम्मी के मुँह के बोसे लेते हुए नज़ीर का एक हाथ मुसलसल उनके मम्मों से खेल रहा था. अम्मी उस के चुम्मियों का जवाब नही दे रही थीं . उस ने एक सेकेंड के लिये अम्मी के होठों से अपना मुँह हटाया और खाला अम्बरीन को अपने पास बुलाया.

खाला अम्बरीन ने कन-अखियों से राशिद को देखा और कुर्सी से उठ कर नज़ीर के पास चली गईं. उस ने एक हाथ से उन्हे भी खैंच कर अपने क़रीब कर लिया. अब वो अम्मी और खाला अम्बरीन दोनो के साथ चिपका हुआ था. दो गोरी, सेहतमंद और खूबसूरत औरतों के दरमियाँ वो बद-शकल बोना अपने मोटे तने हुए लंड के साथ एक अजूबा लग रहा था. उस ने अपना एक एक हाथ अम्मी और खाला अम्बरीन की गर्दनों में डाला और बारी बारी दोनो के मुँह चूमने लगा. वो दोनो उस के चुम्मियों का जवाब नही दे रही थीं . मैंने राशिद की तरफ देखा जिस का चेहरा लाल हो रहा था लेकिन इस लाली की वजह शरम नही थी बल्के वो अम्मी और खाला अम्बरीन को नंगा और इस हालत में देख कर गरम हो गया था. इस दफ़ा मेरी हालत भी पिंडी जैसी नही थी और मुझे अपने लंड में गुदगुदी होती महसूस हो रही थी.

नज़ीर अम्मी और खाला अम्बरीन को बेड के क़रीब ले आया और खुद उस पर लेट गया. उस ने अपना मोटा ताज़ा अकड़ा हुआ लंड हाथ में पकड़ लिया और करामात से कहा के इन दोनो गश्तियों के कपड़े उतार दो ताके इन के फुद्दे तो नज़र आयें. करामात ने आगे बढ़ कर अम्मी की क़मीज़ उनके चूतड़ों पर से उठाई और सर से उतार दी. फिर उनकी शलवार का नाड़ा हाथ आगे ले जा कर खोला और उनकी शलवार उनके पैरों में गिर पड़ी. करामात ने झुक कर उनकी शलवार उनके पैरों से निकाल ली. उस ने खाला अम्बरीन के गुन्दाज़ बदन को भी कपड़ों से इसी तरह आज़ाद कर दिया. अम्मी और खाला अम्बरीन अब सिरफ़ ब्रा पहने खड़ी थीं . बा-क़ॉल नज़ीर उनके फुद्दे तो उस ही की तरफ थे लेकिन मोटे मोटे चूतड़ राशिद और मेरी जानिब थे.

अम्मी और खाला अम्बरीन के चूतड़ों पर कई गहरे डिंपल नज़र आ रहे थे. मुझे उन दोनो के चूतड़ों के साइज़ में भी कोई फ़र्क़ महसूस नही हुआ. करामात ने अब बारी बारी अम्मी और खाला अम्बरीन के ब्रासियीस के हुक खोले और उनके मोटे मोटे मम्मों को नंगा कर दिया. फिर ना-जाने करामात को किया सूझी के उस ने अम्मी और खाला अम्बरीन के मोटे चूतड़ों पर अपना एक हाथ फेरा और उन्हे दबाने लगा जैसे चेक कर रहा हो. फिर वो अपना दूसरा हाथ आगे ले गया और शायद उनके मम्मों को मसला मगर ये हम देख नही सके.

ये सब कुछ हो रहा था और मेरी और राशिद की हालत खराब हो रही थी. मैंने अपनी अम्मी को सिरफ़ एक दफ़ा चोदा था जबके राशिद ने पता नही उनकी चूत कितनी बार ली थी. मैंने महसूस किया के उस वक़्त राशिद की सारी तवजो अपनी अलिफ नंगी माँ की तरफ थी जिससे उस ने अभी तक नही चोदा था. मै जान गया के वो खाला अम्बरीन को चोदना चाहता है. मै भी अम्मी और खाला अम्बरीन को नंगा देख कर बहुत गरम हो गया था लेकिन राशिद का हाल तो बहुत ही पतला था. वो अम्मी और खाला अम्बरीन को नंगा देख कर अपने ऊपर क़ाबू नही कर पा रहा था और उस का मुँह टमाटर की तरह लाल हो चुका था. अम्मी और खाला अम्बरीन के गोल और तवाना चूतड़ देख कर मेरा लंड टन गया था और उस में अजीब सी सनसनाहट हो रही थी.

फिर नज़ीर ने अम्मी और खाला अम्बरीन दोनो को कहा के वो उस का लंड चूसें. अम्मी अपनी हथेली से अपने होंठ साफ़ करती हुई बेड पर चढ़ी और नीचे झुक कर नज़ीर का लंड अपने मुँह में ले कर उस के टोपे पर ज़बान फेरने लगीं. खाला अम्बरीन भी अपने भारी मम्मों और चूतड़ों को हरकत देती हुई बेड पर चढ़ गईं. अम्मी की चौड़ी गांड़ का रुख़ मेरे और राशिद की तरफ था. खाला अम्बरीन ने घुटनो के बल बैठ कर अपना मुँह नज़ीर के काले सियाह लंड के क़रीब कर लिया जिससे अम्मी अपने गोरे हाथ में पकड़ कर चूस रही थीं . खाला अम्बरीन ने जान बूझ कर अपना चेहरा हमारी तरफ नही किया था ताके राशिद से उनकी आँखें चार ना हूँ. लेकिन इस तरह करने से उनकी मोटी गांड़ हमारी तरफ हो गई थी.

दोनो बहनो के चूतड़ों को जिन के बीच में उनकी मोटी चूतें और गांड़ के सुराख नज़र आ रहे थे इस तरह हवा में उठा देख कर मेरे जिसम में खून की गर्दिश बढ़ गई. नज़ीर सही कहता था दोनो ही ज़बरदस्त माल थीं .

जब अम्मी नज़ीर का मोटा लंड चूसते चूसते तक गईं तो उन्होने उससे अपने मुँह से निकाल लिया. अब खाला अम्बरीन ने उस का लंड मुँह में ले कर चूसना शुरू कर दिया. नज़ीर ने अम्मी को बाज़ू से पकड़ कर अपने ऊपर गिरा लिया और उनके मुँह में मुँह दे कर उनकी ज़बान चूसने लगा. उस का एक हाथ बड़ी बे-दरदी से अम्मी के मम्मों के नरम उभारों को मसल रहा था. मैंने देखा के अब अम्मी अपनी ज़बान नज़ीर के मुँह में डाल रही थीं जिस से ज़ाहिर होता था के वो गरम हो गई थीं .

जब नज़ीर ने ज़ोर से अम्मी के नंगे मम्मे पर चुटकी काटी तो उनके मुँह से हल्की सी चीख निकल गई. अम्मी कुछ शर्मिंदा सी हो गईं और सख्ती से अपने होठों को बंद कर लिया. नज़ीर हँसने लगा. खाला अम्बरीन ने अब उस का मोटा लंड अपने मुँह से निकाला और उस की तरफ देखा. नज़ीर भी शायद अम्मी और खाला अम्बरीन से अपना लंड चुस्वा चुस्वा कर बहुत गरम हो गया था. उस ने करामात को ईशारा किया.

करामात किसी पालतू कुत्ते की तरह बेड के पास आ गया. चलते हुए उस का बहुत लंबा लंड हवा में हिचकोले ले रहा था. नज़ीर ने अम्मी और खाला अम्बरीन से कहा के देखो ज़रा मेरे यार का लौड़ा. किया तुम ने कभी ऐसा लौड़ा देखा है? अम्मी और खाला अम्बरीन ने मुड़ कर करामात को देखा और फॉरन नज़रें फेर लीं.

नज़ीर ने अम्मी और खाला अम्बरीन को बेड पर सीधा लिटा दिया. फिर उस ने अम्मी की टांगें खोलीं और उनकी चूत चाटने लगा. उस की लंबी ज़बान चपा-चप मेरी अम्मी की मोटी और उभरी हुई चूत पर तेज़ी से चलने लगी. उस ने अपने दोनो हाथ अम्मी के चूतड़ों के नीचे रखे और उन्हे थोड़ा ऊपर उठा दिया. वो उनकी गांड़ के सुराख से ले कर उनकी चूत के ऊपरी हिस्से तक अपनी ज़बान फेर रहा था. अम्मी अपनी चूत और गांड़ के छेद पर नज़ीर की ज़बान बर्दाश्त ना कर सकीं और उनके मुँह से आवाजें निकलनी शुरू हो गईं. खाला अम्बरीन उनके साथ ही लेतीं रहीं. करामात शायद अम्मी की हालत देख कर बे-क़ाबू हो रहा था.

वो नज़ीर से पूछे बगैर बेड पर चढ़ा और खाला अम्बरीन के ऊपर लेट गया. उस ने खाला अम्बरीन के मुँह की ज़ोर ज़ोर से बहुत सी पपियाँ लीं और उनके मुलायम मम्मों को हाथों में ले कर बुरी तरह चूसने लगा. खाला अम्बरीन ने भी ऊऊं ऊऊओं शुरू कर दी और उनकी टांगें खुद-बा-खुद खुल गईं. करामात खाला अम्बरीन पर चढ़ा हुआ था और जब उनकी टांगें खुलीं तो वो अपने बदन के दरमियाने हिस्से को पूरी तरह उनकी चूत के ऊपर ले आया. उस का लंड खाला अम्बरीन की चूत और गांड़ के सुराख से टकराता हुआ बेड की चादर से थोड़ा ऊपर आ गया.

खाला अम्बरीन के मम्मे अच्छी तरह चूसने के बाद करामात नीचे की तरफ खिसका और उनकी चूत चाटने लगा. खाला अम्बरीन बेड पर कसमसाने लगीं और उनके मुँह से एक तावातूर के साथ आवाजें बरामद होने लगीं. करामात उनकी चूत के कुछ हिस्से को मुँह में लेता तो उनके जिसम में जैसे करेंट दौड़ जाता. दोनो बहनो के मुँह से निकलने वाली आवाजें एक दूसरे में मदगम हो रही थीं .

करामात ने फिर उठ कर खाला अम्बरीन के मुँह में अपना लंड दे दिया. वो उस का लंबा लंड पूरा अपने मुँह में नही ले सकती थीं लेकिन बहरहाल वो उस का टोपा और टोपे से नीचे का कुछ हिस्सा चूसती रहीं. करामात के टट्टे इस दोरान पेंडुलम की तरह हिलते रहे.

खाला अम्बरीन उस के लंड के टोपे को बड़ी अच्छी तरह चाट रही थीं और वो खूब मज़े ले रहा था. करामात ने ज़बरदस्ती अपने लंड को खाला अम्बरीन के मुँह के अंदर करने की कोशिश की. शायद उस के लंड का टोपा उनके हलक़ में लगा और वो बुर्री तरह खांसने लगीं. नज़ीर ने करामात से कहा के एहतियात करे. करामात मुस्कुरा दिया.

नज़ीर ने अब अम्मी को अपने लंड के ऊपर बैठने को कहा. अम्मी ने अपनी चढ़ी हुई साँसों को क़ाबू करने की कोशिश की और नज़ीर के पेट पर बैठ गईं. फिर उन्होने अपने मोटे चूतड़ ऊपर उठाये और नज़ीर के थूक में लिथड़ी हुई अपनी चूत उस के लंड के बिल्कुल ऊपर ले आ’ईं. नज़ीर ने अपना लंड हाथ में पकड़ा और उससे अम्मी की चूत के अंदर करने लगा. उस के लंड का टोपा अम्मी की चूत को खोलता हुआ उस के अंदर घुस गया. अम्मी के चेहरे पर तक़लीफ़ नज़र आने लगी.

नज़ीर ने उनकी कमर को दोनो हाथों से पकड़ा और ज़ोर लगा कर उनके बदन को नीचे की तरफ दबाया. उस का लंड फँस फँस कर अम्मी की चूत में गायब हो गया. चंद सेकेंड रुक कर नज़ीर ने अम्मी की चूत में एक ज़बरदस्त घस्सा मारा. अम्मी के मुँह से ज़ोर की आवाज़ निकली. अब वो नज़ीर का पूरा लंड अपने अंदर ले चुकी थीं . नज़ीर ने अम्मी के मम्मे पकडे और उन्हे अपनी तरफ खैंचते हुए नीचे से उनकी चूत में घस्से मारने लगा. अम्मी उस के सीने पर झुक गईं और उस ने उनके होंठ अपने मुँह में ले लिये.

कुछ देर इस तरह अम्मी को चोदने के बाद नज़ीर ने अपने दोनो हाथ अम्मी के चूतड़ों के पीछे ला कर उन्हे मज़बूती से पकड़ लिया और उन्हे अपने लंड पर आगे पीछे करने लगा. अम्मी के गोरे चूतड़ों पर उस के काले हाथ ऐसे लग रहे थे जैसे दो सफ़ेद घर पर काले रंग से इंसानी हाथों के निशान बना दिये गए हूँ.

अम्मी भी मस्ती के आलम में नज़ीर के सीने पर हाथ रख कर अपने बदन को ऊपर उठा रही थीं ताके उस का लंड आसानी से उनकी चूत ले सके. नज़ीर के हर घस्से पर अम्मी का मुँह खुल जाता और वो ज़ोर ज़ोर से ऊऊं ऊऊं करने लगती थीं . नज़ीर ने कहा के तुम्हारी फुद्दी में भी बिल्कुल तुम्हारी बहन जैसा मज़ा है. अम्मी खामोशी से अपनी चूत मरवाती रहीं और कोई जवाब नही दिया. उनके लंबे और रेशमी बाल नज़ीर के एक कंधे पर पड़े हुए थे. कुछ ही देर में उस के लंड पर अम्मी के ताक़तवर चूतड़ों की उछल कूद तेज़ हो गई और वो अपने मोटे मम्मे हिला हिला कर ज़ोरदार आवाजें निकालते हुए खलास हो गईं. खलास होने की वजह से उनका सारा बदन थर्रा रहा था. रफ़्ता रफ़्ता नज़ीर के लंड पर उनके चूतड़ों की हरकत आहिस्ता होने लगी.

हमें अम्मी की गांड़ का सुराख साफ़ नज़र आ रहा था और उस से ज़रा नीचे नज़ीर का मोटा लंड भी जो आधा अम्मी की चूत के अंदर था. उस के लंड के ऊपर अम्मी की चूत से निकालने वाला पानी एक लकीर बनाता हुआ उस के टट्टों की तरफ आ रहा था. उस की बड़ी उंगली अम्मी की गांड़ के सुराख पर रखी हुई थी. कुछ देर अम्मी की चूत मारने के बाद नज़ीर ने रुक कर अपने लंड को एक हाथ में पकड़ा और दूसरे हाथ से अम्मी के चूतड़ों को हरकत देते हुए उससे उनकी चूत में सही जगह फिट कर के फिर घस्से मारने लगा. थोड़ी देर बाद उस ने अम्मी को सीधा लिटाया और अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया. अब उस का लंड फिर अम्मी की चूत को फाड़ रहा था. वो अम्मी को चोदते हुए उनके कान में कुछ कह भी रहा था लेकिन हम सुन नही सकते थे.

करामात ने इस आसन में खाला अम्बरीन के बदन को अच्छी तरह चूमने और चाटने के बाद उन्हे बेड पर लिटा दिया था. उस ने उनके ऊपर आ कर उनकी चूत के अंदर एक ऐसा घस्सा मारा के उस का पूरा लंड एक झटके से खाला अम्बरीन के अंदर चला गया. जुब उस का लंबा लंड खाला अम्बरीन की चूत में घुसा तो बे-साख्ता उनकी चीख निकल गई. अम्मी ने नज़ीर के नीचे लेते लेते खाला अम्बरीन की तरफ देखा और फिर अपनी आँखें बंद कर के उस के मोटे लंड का मज़ा लेने लगीं.

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