हॉस्टल में चुदाई : नामर्द पति की पत्नी की चुदाई कहानी

नमस्कार प्यारे दोस्तों, आज आपको नॉनवेज स्टोरी.कॉम पे देख के बहुत अच्छा लग रहा है, मैं भी इस वेबसाइट का रेगुलर पाठक हु, यहाँ पे लोगो की शेयर की हुयी कहानिया और गपशप पढ़कर काफी अच्छा लगता है, मैं भी आपकी तरह ही एक कहानी जो की मेरी हाल ही की है आपके सामने शेयर कर रहा हु. मेरा नाम नवीन है राजस्थान का रहने वाला हु बड़ा ही सेक्सी किस्म का लड़का हु, रंग गोरा लंबा तगड़ा और लंड मेरा करीब ९ इंच का मोटा है, ये कहानी आज से करीब ६ साल पहले की है, मैं जयपुर के एक बॉयज हॉस्टल में रहता है, चुदाई का मन करता था पर यहाँ कोई लडकियां नहीं आती थी सिर्फ एक काम वाली जो झाड़ू और पोछा लगाने आती थी बस फीमेल के नाम पे वही थी, पर मैं उसको भी पटाने की कोशिश करने लगा, पर करीब २ साल बीत जाने के बाद भी नाकामयाब रहा क्यों की मैं बहुत शर्मिला स्वभाव का था मन में तो चुदाई की इच्छा थी पर पटे तब तो? फिर वो भी चली गयी और उसकी जगह पे उसकी बहु आयी पहले दिन जब झाड़ू लगाने रूम में आयी तो देख के हैरान हो गया, क्या रूप भगबान ने दिया था, गजब की थी, कसा हुआ शरीर करीब ३४ की साइज की चूचियाँ, गहरा रंग, रबड़ की तरह लगती थी, मैंने सोच लिया की जो भी हो मैं इसको नहीं छोड़ने बाला.

दिवाली के दिन वो दिवाली मांगने आयी मैं उसे पांच हज़ार रुपया दे दिया, वो बोलने लगी नहीं नहीं भैया मैं इतने पैसे की क्या करुँगी, आप इतना मत दो, मैंने कहा कोई बाटी नहीं, रख लो तुम, मैंने पूछा की तुम्हारा नाम क्या है तो उसने बताया की मेरा नाम कोयल है, अभ मैं भी आया करुँगी क्यों की मेरी सास का पैर टूट गया है वो ३ महीने बाद ही आ पायेगी. मैंने कहा कोयल मुझसे कोई भी मदद की जरूरत हो तो बता देना, मैं तुम्हारे लिए हमेशा तैयार हु, वो बोली ठीक है भैया मुझे काफी ख़ुशी है की आप किसी गरीब की मदद करने का मन रखते ही, नहीं तो गरीबों को कौन देखता है, और वो चली गयी बोली भैया आपको भी मैं कभी किसी तरह की शिकायत का मौक़ा नहीं दूंगी आपने तो इतना पैसा आज दिया है जितना की मुझे कमाने में एक महीना लगा है.

दूसरे दिन मैं कॉलेज नहीं गया था क्यों की मेरा सर दर्द कर रहा था, दिन में हॉस्टल खाली ही रहता था क्यों की सब कॉलेज चले जाते थे, में उस दिन क्रोसिन खा कर आराम कर रहा था, तभी कोयल कमरे में आयी और झाड़ू लगाने लगी, वो आज बड़ी ही सुन्दर लग रही थी लाल रंग की साडी पहनी थी, और ब्लैक कलर का ब्लाउज वो आगे से कटा था इस वजह से दोनों चुचिया आपस में सटी हुयी दिख रही थी, झाड़ू लगाते लगाते कोयल बोली भैया आज आप सोये हो क्या बात है, मैं कहा आज सर में काफी दर्द हो रहा है, टेबलेट खाया अभी देखो अभी भी सर फटा जा रहा है, इतने में कोयल बोली मैं आपके बाल में तेल लग्गा दू? मैंने कहा देख लो अगर तुम्हे बुरा ना लगे तो, कही ये बात तुम्हारे पति को पता चल गया तो? तभी वो कहने लगी भैया मेरा पति तो साला हरामी है, वो काम धाम भी नहीं करता है सिर्फ दारु पी कर सो जाता है, दारु की वजह से उसे कई सारे वीमारी है, मैं क्या बताऊ आपको मैं तो बर्बाद हो गयी. और रोने लगी, मैंने उसको ढाढ़स बढ़ाते हुए कहा रो मत बताओ साफ़ साफ़ क्या वीमारी है, तो वो कहने लगी भैया शादी के आज करीब २ साल हो गए है कोई बच्चा नहीं हुआ है, क्यों की मेरा पति नामर्द है, वो कुछ भी नहीं कर सकता सोचती हु की कोई बच्चा हो जाए तो जीने का सहारा मिल जायेगा,

मैंने उसे अपने बेड पे बैठाया और पीठ पर हाथ रखा बोला रोने से काम नहीं चलेगा मैंने तुम्हे पहले ही कहा था की कभी भी मेरी जरूरत हो तो बताना मैंने तुम्हारी मदद करूंगा, वो बोली सच आप मेरी मदद करोगे? मैंने उसे हां बोला और उसके माथे को चूम लिया. फिर वो नारियल तेल ले कर मेरे बाल में लगाने लगी और मालिश करने लगी, मैं लेटा था वो झुक कर तेल लगाने लगी, उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ मेरे मुह के ऊपर से भी ब्लूज़ में टाइट होके लटक रहा था मैं आँख फाड़ फाड़ के निहार रहा था, आज मुझे शर्म नहीं आ रही थी मैं कहा कोयल मेरे पीठ में भी लगा दो, और मैंने बनियान खोल दिया सिर्फ बरमुंडा पे ही था, वो परे पेट पीठ पे तेल मालिश करने लगी, मेरा लंड बड़ा होने लगा था और मेरे पेंट के ऊपर से साफ़ साफ़ दिख रहा था. कोयल भी बार बार निहार रही थी.

मैंने देखा की कोयल तेल लगाते लगाते अंगड़ाई ले रही थी और तिरछी नज़र से वासना भरी निगाह से देख रही थी, मैं समझ गया की आज इसका भी मन हो रहा है इस मोटे लंड से चुदवाने को, फिर वो अपना होठ अपने दातो में पीस रही थी वो तेल लगाते लगाते मेरे पेंट में हाथ दे दी और मेरा लंड पकड़ ली, और बहार खीच ली, मैंने भी कुछ नहीं कहा, वो लडखडाती हुई आवाज़ से बोली भैया आज मेरी कमी को पूरा कर दो, मैंने कहा मैंने तुमसे पहले ही वादा किया है की मैं तुम्हारी हरेक कमी को पूरा करूँगा,

वो कहने लगी भैया आप कितने अच्छे हो, मेरे ज़िंदगी में तो बहार आ गयी है और वो मेरे से लिपट गयी, मैंने भी कस के अपनी बाजुओ में समेटा और उसके पीठ को सहलाने लगा और थोड़ा अलग होके एक दूसरे की आँखों में देखने लगा और एक झटके से दोनों एक दूसरे को किश करने लगे, फिर मैंने उसको बेड पे लिटा दिया और उसके ब्लाउज के हुक को खोला तो टाइट चूच एक दम झटके से बाहर हो गया वो ब्रा नहीं पहनी थी, मैं उसके चूच को कस कस के दबाने लगा, फिर वो मेरे बाल में अपनी उंगलिया घुमाने लगी और आह आह आह की आवाज़ निकाल रही थी, मैंने उसके साडी को ऊपर उठा दिया और दोनों टांगो के बीच में बैठ कर उसके चूत को निहारने लगा और दोनों हाथ से थोड़ा चिर कर देखने की कोशिश करने लगा, उसके चूत पे बहुत काम बाल थम चूत फुला हुआ और अंदर से पिंक कलर का था, टाइट था उसका चूत, मैंने कहा ऐसा लगता है इसमें लंड नहीं गया है क्या कोयल, तो वो कहने लगी नहीं भैया मेरा पति तो नामर्द है, आज तक वो सिर्फ ऊँगली ही करता आया है,

कोयल कहने लगी भैया आज आप मुझे संतुस्ट कर दो, मुझे एक संतान भी दे दो, आज मेरे चूत की भूख को शांत कर दो, मैंने अपना मोटा लंड निकाला और उसके चूत पे सेट कर के एक धक्का लगाया वो चीख पड़ी, मेरा लंड अभी करीब ४ इंच ही गया था, वो मुझे कास के पकड़ ली और नाख़ून गड़ाने लगी, और उफ्फ्फ उफ्फ्फ उफ्फ्फ की आवाज़ करने लगी, उसका आँख लाल हो गया था और चुचिया टाइट होकर तन गया था, निप्पल खड़े हो गए थे, फिर मैंने दुसरा धक्का लगाया फिर मेरा लंड करीब २ इंच और गया वो फिर चिक्ख उठी और कहने लगी भैया धीरे अब तो आपका ही है ये सब, मुझे जोश आ गया और कास की तीसरे धक्के में पूरा लंड पेल दिया उसके चूत पे, और धक्के पे धक्के, वो भी अपना गांड उठा उठा के चुदवा रही थी, मैंने भी अपने लंड को दना दन पेले जा रहा था, करीब ३० मिनट में वो ३ बार झड़ चुकी थी, उसके बाद मैंने एक लम्बी आह भरा मेरा रोम रोम सिहर गया और मेरा पूरा वीर्य उसके चूत में समा गया, हम दोनों शांत हो गए और एक दूसरे को पकड़ के करीब पंद्रह मिनट तक सोये रहे फिर उठ कर कपडे पहने, उस दिन का पहली चुदाई का एहसास आज तक नहीं भुला हु, जब की मैंने करीब कोयल को ४० से ५० बार चोद चुका हु, मैं अब दूसरे शहर में रहता हु पर जब भी जयपुर जाता हु, उस रात को कोयल मेरे साथ होती है मेरे होटल के कमरे में क्यों की उसके घर में उसका पति ही है जो की शाम को पी कर सो जाता है, ख़ुशी की बात ये है की कोयल को १ बेटा है जो की मेरा ही खून है,

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