शादी शुदा चचेरी बहन का अकेलापन

मैं अकेले अपने उच्च अध्ययन के लिए शहर में रह रहा था. मैं एक छोटे से फ्लैट में रह रहा था, एक ही इमारत में है जहाँ मेरी चचेरी बहन अपने पति और नवजात शिशु के साथ रहते थे. मैं उन्हें लगभग हर दिनउनसे मिलने चला जाता था हम बहुत करीब थे.मेरा बहनोई अमेरिका में एक नौकरी के लिएगए थे और अंत में वहाँ उसे नौकरी मिल गई और उसे तुरन्त जाना पड़ा , लेकिन मेरे चचेरी बहन बच्चे के साथ यहीँ रह गई अब वह केवल छह महीने के बाद जा सकती हैं. मैं ने अपने बह्नोई से वादा किया था कि उसकी अनुपस्थिति में उन का ख्याल रखूँगा कॉलेज प्रायः देर से से शुरू होता था और मैं सुबह खाली रहता था . मेरे चचेरी बहन ने मुझसे हर सुबह आने के लिए कहा कि मैं बच्चे को देख लूँ जब वह एक स्नान कर रही हो कुछ दिन सब ठीक ठाक चला फिर, एक दिन, जब बच्चे सो रहा था, उनके घर के बीच घूमते हुए मैंने देखा कि बाथरूम का दरवाजा लकड़ी में एक दरार है जिसके माध्यम से मैं अंदर देख सकता था. मैं करीब आया और खड़ा हो गयाऔर देखा कि उस द्रार से ,मैंने अपनी खूबसूरत और सेक्सी चचेरी बहन को पूरी तरह से नग्न देखा जो स्नान कर रही थी वह बहुत गोरी थी और उसके अंग -प्रत्यगों का अनुपात जानलेवा था उसके स्तन बहुत फर्म थे उनमें शिथिलता का का नामों -निशान तक न था उसके निपल्स सीधा और गुलाबी रंग में भूरे रंग के थे. और पेट बिल्कुल सपाट और उसकी योनी पर बाल की छोटी झाड़ी थी. उसके नितंब अच्छी तरह गोल फर्म किन्तु थोड़ा बड़े नितंब है, उसकी त्वचा मुकम्मल थी और उसके बालों की लंबाई कंधे तक थी और पूर्ण और गुलाबी होंठ थे बाथरूम बहुत छोटा था, वह दरवाजे के इतना पास थी कि मैं लगभग उसे छू सकताथा मैं उसे तब तक देखा किया जब तक कि उसने स्नान समाप्त न कर लिया और फिर चली गई यह मेरी आदत बन गई है और मैं सुबह हर रोज इंतजार करने लगा

उसे स्नान करते हुए देखने के,कुछ दिनों के बाद मुझे एहसास हुआ कि कि कुछ बदलाव हुआ था. वह बाथरूम में अधिक समय लगा रही थी . यह उसके हाव भाव से लग रहा था कि वह अपने नग्न शरीर पर पानी को महसूस करने का आनंद ले रही थी . वह अपने स्तन को अधिक रगड़ती थी और भी कभी कभी योनी को भी रगड़्ती थी जो कि वह पहले ऐसा कभी नहीं करती थी मुझे एहसास हुआ कि वह पति के बिना अपनी कमोत्तेजना क अनुभव कर रही थी मैंने सोचा था कि शायद यह सही समय है उसकी प्रतिक्रिया जानने के लिए मैं जानबूझ कर बाथरूम के दरवाजे पर कई बार टकराया. जिससे उसे अहसास हो जाए कि मैं उसे देख रहा था, घर में केवल वह ही अकेली थी किन्तु उसने कोई प्रतिक्रियानहीं दी , तो मैं यह मान लिया है कि वह इसे स्वीकार करने के लिए तैयार है तो मैंने एक योजना बनाई है. वह मेरे फ्लैट पर कभी कभी आती थी . एक बार उसे मेरी मेज पर अश्लील चित्रों का एक सेट मिला, जो मैंने जानबूझ कर लगाया थाजब वह उन्हे देख रही थी ,मैंने कहा, “आप उन्हें आप के साथ ले ज्जें और आराम से देखें है.””ठीक है!” उसने कहा और चली गई जब वह अपनी दिनचर्या से कुछ अवकाश क्षणों मे हो उस समय जाने का विचार किया और उस समय चला गया. और वहाँ वह मेज पर बैठीहुई चित्रों को देख रही थी. मैं उसके पीछे चला गया और उसके कंधे पकड़ कर पूछा कि ”कैसे लगे” ’

वह “ओह, वे दिलचस्प हैं” कहा.
*तब मैं ने कहा, “मैं हमेशा से जानना चाहता था कि कि हमारी भारतीय लड़कियों की तुलना मे विदेशियों की तरह फ़िगर होती है?”*”क्यों तुमने किसी भी लड़की को नहीं देखा है?”
उसने पूछा.*”मैंने कहा कि कभी मौका नहीं मिला ” मैं झूठ बोला था.*”झूठे! तुम कब से मुझे देख रहे हो जब मैं स्नान करती थी उसने शरारत से पूछा ,” तुम्हे, मैं कैसी लगी”
, “”ओह, यू आर ग्रेट !.” मैंने कुछ साहस एकत्र करते हुए जवाब दिया और पूछा,कि “अब मैं तुम्हें नग्न देख सकता हूँ ?”*उसने एक पल के लिए सोचा और कहा, “ठीक है, , “लेकिन तुम्हे अपने कपड़े भी निकालने होंगे “, जिससे मुझे शर्म महसूस नहीं हो .”*यह बात मैं चाहता था.*तोउसके बेडरूम में पहुँच गए. मैं एक पल में अपने कपड़ों को उतार दिया है और उसे देखने कि लिए खड़ा था. उसने मेरे शरीर पर एक नजर डाली और अपने कपड़े धीरे धीरे उतारने शुरू कर दिए. एक के बाद एक कपड़े दूर गिर रहे थे और अंत में वह वहाँ खड़ा था, पूरी तरह से नग्न और बहुत सेक्सी लग रही थी मैं इतने निकट से सुंदर शरीर को देख कर transfixed महसूस कर रहा था मैं stammered, “मैं आप को छू कर देखूँ ?”*उसने सिर्फ सिर हिलाया. मैं उसके पास गया और उसे स्तनों पर मेरे दोनों हाथ रख दिए उसकी त्वचा बहुत ही नरम और शीतल थी मैं धीरे धीरे सहलाने लगा. उन्होंने अपनी आँखें बंद कर दीं और आनंद लेना शुरू कर दिया. मैं अपनी उंगलियों में निपल्स kneaded, बहुत धीरे. वे puckered और सीधे खड़े हो गए . वह गर्म हो रही थी. मैं ने अपने मुंह में निपल्स लिया और उसे चूसा. तब मैंने मुंह में दूसरे को ले लिया. फिर मैं उसके स्तनों के नीचे चूमा.उसे यह बहुत पसंद आया और कराहना शुरू कर दिया. मैंने उसे हर जगह और पेट पर चूमा उसे जघन क्षेत्र को चूमा उसकी झाँटें छोटी लेकिन बड़े करीने से बाल की छंटनी की हुई झाड़ी की तरह थीं मैं अपनी नाक के साथ nuzzled और वह squirmed. मैं उसे वहाँ मेरे हाथ से सहलाया और धीरे धीरे अपनी उंगलियों डाला.*”ओह!” वह exclaimed और मुझे जगह देने के लिए अपने पैर खोल दिए . मैं उसे कुछ क्षणों के लिए fingerfucked कियाऔर वह वास्तव में उत्तेजित हो गई.*मैं उठ खड़ा हुआ और उसे बिस्तर परले गया. मैं उसे नीचे लिटा दियाऔर उसे उसके सिर से पैर की उंगलियों आदि हर जगह चूमना शुरू कर दिया.*वह पूरी तरह सेउत्तेजित थीऔर कहा, “अब बस मैं लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकती!* तब मैं ने उसे अपने ऊपर लिया और अपने लंड्को उसके प्या्रे छेद में धीरे धीरे डाला. एक बार जब मैं पूरी तरह से अंदर घुस गया तब, मैं्ने लयबद्ध रूप से पंप करना शुरू कर दिया और वह भी बेसब्री से जवाब दे रही थी. वह मेरी पीठ में अपने नाखूनगड़ा रही थी और उत्तेजना वश क्रन्दन कर रही थी , अब उसका नियन्त्रण स्वयं से खत्म हो रहा था और कुछ ही क्षणों में वह उत्तेजना के चरम शिख्र पर पहुँच गई और हम दोनों एक साथ झड़्ने लगे एक दूसरे को कस कर बाहुपाश मे जकड़ लिया शिथिल हो कर शाँति से सो .*वह बाद में उसने मुझे बताया कि मैंने उसे पूरी तरह एक लंबे अरसे के बाद पूसे संतुष्ट किया था . जब तक वह भारत में रही हमारे रिश्ते चलते रहे . आजकल, जब भी वह भारत आती है, हम एक दूसरे के लिए कुछ समय निकाल कर ,और पुराने दिनों की याद को ताजा कर लेते हैं

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